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                <title>Auspicious Muhurat - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Auspicious Muhurat RSS Feed</description>
                
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                <title>18 जून 2026 का पंचांग: गुरुवार को शुभ योगों का संयोग, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल दिन</title>
                                    <description><![CDATA[आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि, धार्मिक कार्यों और आध्यात्मिक साधना के लिए दिन रहेगा विशेष]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/almanac-of-june-18-2026-coincidence-of-auspicious-yogas-on/article-56237"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/18-june-2026-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">18 जून 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के अंतर्गत आता है। गुरुवार होने के कारण यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है। आज का दिन आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ, दान-पुण्य और पारिवारिक मंगल कार्यों के लिए अनुकूल रह सकता है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है और कई लोग व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग ले सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत शुभ ऊर्जा के साथ मानी जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करना, भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करना और जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करना शुभ फलदायी माना जाता है। कई परिवार इस दिन विशेष पूजा का आयोजन करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक गुरुवार को धार्मिक गतिविधियों का अलग महत्व देखा जाता है। मंदिरों में विष्णु सहस्रनाम, श्रीमद्भगवद्गीता पाठ और भजन-कीर्तन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा जीवन में सकारात्मकता और स्थिरता लेकर आती है। आज कुछ शुभ योग भी बन रहे हैं, जिनका प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। धार्मिक कार्यों के अलावा शिक्षा, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति से जुड़े प्रयासों के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है। कई लोग नए कार्यों की योजना बनाने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले पंचांग और शुभ मुहूर्त का सहारा लेते हैं। इसी कारण पंचांग का महत्व आज भी भारतीय समाज में बना हुआ है। विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय की जानकारी लेने वालों की संख्या ऐसे दिनों में बढ़ जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग केवल तिथि और नक्षत्र की जानकारी भर नहीं देता, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज के दिन चंद्रमा की स्थिति और ग्रहों की चाल को ध्यान में रखते हुए कई धार्मिक गतिविधियां की जा सकती हैं। हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में पंचांग की गणना में कुछ अंतर देखने को मिलता है, लेकिन इसके मूल सिद्धांत समान रहते हैं। यही वजह है कि देश के विभिन्न हिस्सों में लोग स्थानीय पंचांग के आधार पर अपने दैनिक और धार्मिक कार्यों की योजना बनाते हैं। गुरुवार को देवगुरु बृहस्पति का दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा भी इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। कई लोग अपने गुरुजनों का सम्मान करते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में भी गुरुवार को सदाचार, संयम और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज के पंचांग के अनुसार दिनभर कई शुभ समय ऐसे रहेंगे जिनमें पूजा, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जा सकते हैं। सुबह का समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। हालांकि राहुकाल और अन्य अशुभ कालखंडों का ध्यान रखने की भी सलाह दी जाती है। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों के सफल होने की संभावना अधिक मानी जाती है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग पंचांग देखकर अपने महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करते हैं। पंचांग का उद्देश्य केवल भविष्य बताना नहीं बल्कि व्यक्ति को समय के महत्व और प्रकृति के साथ तालमेल का संदेश देना भी है। 18 जून 2026 का यह दिन श्रद्धा, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है। जो लोग आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह दिन विशेष महत्व रख सकता है। धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और दान-पुण्य के माध्यम से लोग अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 00:00:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आज का पंचांग 24 मई 2026: रविवार को सप्तमी तिथि, जानें राहुकाल और शुभ समय</title>
                                    <description><![CDATA[24 मई 2026 रविवार का पंचांग, जानें सप्तमी तिथि, मघा नक्षत्र, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और सूर्य पूजा का महत्व।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-24-may-2026-saptami-tithi-on-sunday-know/article-54085"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/aaj-ka-panchang-24-may-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Aaj Ka Panchang 24 May 2026:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">24 मई 2026 रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है और यह दिन सूर्य देव की उपासना के लिए शुभ बताया गया है। पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा और मघा नक्षत्र का प्रभाव दिनभर बना रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक रविवार को बनने वाला हर्षण योग कई लोगों के लिए सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आ सकता है। सुबह से ही मंदिरों में सूर्य अर्घ्य और पूजा-पाठ का सिलसिला देखने को मिल सकता है। माना जाता है कि सप्तमी तिथि पर सूर्य उपासना करने से स्वास्थ्य और मानसिक शक्ति में बढ़ोतरी होती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पंचांग गणना के अनुसार आज सूर्योदय सुबह करीब 5 बजकर 29 मिनट पर होगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 27 मिनट के आसपास माना गया है। आज का नक्षत्र मघा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सम्मान और नेतृत्व क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। चंद्रमा सिंह राशि में रहने की वजह से कई लोगों में आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता बढ़ने के संकेत बताए जा रहे हैं। वहीं हर्षण योग के प्रभाव से नए कामों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है। करण की बात करें तो आज वणिज और विष्टि करण का संयोग बन रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज के शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अमृत काल सुबह 8 बजे से 9 बजकर 35 मिनट तक माना गया है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान पूजा-पाठ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना लाभकारी हो सकता है। हालांकि राहुकाल शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में इस समय कोई नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी गई है। गुलिक काल दोपहर 3 बजे से 4:30 बजे तक और यमगण्ड काल दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार को सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। कई लोग आज </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">ॐ सूर्याय नमः</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्र का जाप भी करेंगे। गेहूं और गुड़ का दान करने की भी परंपरा है। ऐसा कहा जाता है कि इससे आत्मबल बढ़ता है और नकारात्मकता कम होती है। ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी को लेकर धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा और अनुष्ठान की तैयारियां भी देखी जा सकती हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 00:02:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>सोम प्रदोष व्रत पर शिव उपासना का विशेष संयोग, जानें आज का पंचांग और शुभ समय</title>
                                    <description><![CDATA[चैत्र शुक्ल त्रयोदशी पर प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व, राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त पर रखें ध्यान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/know-the-special-coincidence-of-shiva-worship-on-som-pradosh/article-49500"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/panchang6.jpg" alt=""></a><br /><div class="flex flex-col text-sm pb-25">

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
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<p>चैत्र शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर सोमवार को सोम प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। आज प्रदोष काल में शाम 6:38 बजे से रात 8:57 बजे तक पूजा का शुभ समय निर्धारित है, जिसे व्रत और अनुष्ठान के लिए सर्वोत्तम माना गया है।</p>
<p>पंचांग के अनुसार, आज तिथि प्रातः 7:09 बजे तक द्वादशी रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी प्रारंभ होगी। यह त्रयोदशी तिथि अगले दिन सुबह तक प्रभावी रहेगी। सुबह 6:14 बजे सूर्योदय और शाम 6:38 बजे सूर्यास्त होगा, जो प्रदोष व्रत के लिए अनुकूल समय बनाता है।</p>
<p>ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन भी महत्वपूर्ण है। चंद्रमा दोपहर 2:38 बजे तक कर्क राशि में रहेगा और इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा। मघा नक्षत्र का प्रभाव दिनभर बना रहेगा, जो साहस, नेतृत्व और उदारता से जुड़ा माना जाता है। हालांकि, शूल योग के कारण व्यवहार में संयम और वाणी में मधुरता बनाए रखने की सलाह दी गई है।</p>
<p>आज के शुभ और अशुभ समय भी दैनिक कार्यों के लिए अहम हैं। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 बजे से 12:51 बजे तक रहेगा, जिसे नए कार्यों की शुरुआत के लिए उपयुक्त माना जाता है। वहीं राहुकाल सुबह 7:47 बजे से 9:20 बजे तक रहेगा, इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा यमगण्ड और गुलिकाल भी दिन के मध्य समय में प्रभावी रहेंगे।</p>
<p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत विशेष रूप से मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने वाला माना जाता है। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर विधिपूर्वक पूजा करने से चंद्रमा से जुड़े दोषों में कमी आती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के व्रत केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह मानसिक संतुलन और आत्मनियंत्रण को भी मजबूत करते हैं। वर्तमान समय में, जब तनाव और अस्थिरता बढ़ रही है, ऐसे अवसर लोगों को आंतरिक शांति की ओर प्रेरित करते हैं।</p>
<p>आगे भी चैत्र माह में कई महत्वपूर्ण व्रत और पर्व आने वाले हैं, जिन्हें लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। आज का दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में भी लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का संदेश देता है।</p>
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                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 07:50:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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