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                <title>करूर हादसे पर भावुक हुए सीएम विजय, पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल, भीड़ प्रबंधन में लापरवाही का लगाया आरोप; हादसे में जान गंवाने वालों की याद में स्मारक बनाने का किया ऐलान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cm-vijay-became-emotional-over-karur-accident-and-raised-questions/article-58416"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cm-vijay.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने करूर भगदड़ हादसे के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से इस घटना पर विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी। करूर पहुंचकर आयोजित सभा में मुख्यमंत्री विजय ने हादसे को अपनी राजनीतिक यात्रा का सबसे बड़ा और सबसे गहरा घाव बताया। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने उन्हें व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गहरा आघात पहुंचाया है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते तो इतने बड़े हादसे से बचा जा सकता था। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कई तरह की चुनौतियां और कठिन परिस्थितियां सामने आती हैं, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जिन्हें जीवन भर भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि करूर की घटना उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम में हुई दुर्घटना नहीं, बल्कि ऐसा दर्द है जिसे वे हमेशा अपने साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि इस हादसे में जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनमें कई बच्चे भी शामिल थे, जिनकी याद उन्हें लगातार विचलित करती है। अपने संबोधन में विजय ने कहा कि उनकी राज्यव्यापी 'पीपल्स मीट' यात्रा का उद्देश्य प्रदेश के लोगों से सीधे संवाद करना, उनकी समस्याओं को समझना और जनसंपर्क मजबूत करना था। इसी क्रम में करूर में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में प्रशासन और पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाया गया था ताकि कार्यक्रम सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि करूर कार्यक्रम से पहले पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें किसी भी प्रकार की विशेष चेतावनी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को यह महसूस हो रहा था कि कार्यक्रम स्थल पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित होने वाली है या सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, तो कार्यक्रम को स्थगित करने या आवश्यक बदलाव करने का सुझाव दिया जा सकता था। उनके अनुसार पुलिस के पास ऐसा करने का अधिकार भी था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। विजय ने कहा कि उन्होंने पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा किया था और कार्यक्रम के दौरान भी अधिकारियों का धन्यवाद किया था। उन्हें विश्वास था कि सभी व्यवस्थाएं उचित ढंग से की गई हैं। लेकिन हादसे के बाद जब पूरे घटनाक्रम की जानकारी सामने आई तो उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा कि यदि भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम होते तो शायद इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी। सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद क्या पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों और अन्य लोगों को याद करते हुए भावुक शब्दों में कहा कि कई बच्चे उनसे मिलने और कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश वे इस दुनिया से चले गए। उन्होंने कहा कि यह क्षति उनके लिए बेहद व्यक्तिगत है और इसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने सभी दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। इस दौरान विजय ने यह भी कहा कि हादसे के बाद उन्हें कई तरह की आलोचनाओं और आरोपों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में भी उनके ऊपर विभिन्न प्रकार के सवाल उठाए गए, जबकि उनकी प्राथमिकता केवल प्रभावित परिवारों की सहायता और स्थिति को संभालना थी। उन्होंने कहा कि किसी भी त्रासदी को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए और ऐसे संवेदनशील मामलों में सभी पक्षों को जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में एक स्मारक बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि तमिलगा वेत्री कड़गम की ओर से करूर में स्मारक का निर्माण कराया जाएगा ताकि भविष्य की पीढ़ियां इस घटना को याद रख सकें और ऐसी त्रासदियों से सबक लिया जा सके। उन्होंने कहा कि स्मारक केवल श्रद्धांजलि का प्रतीक नहीं होगा बल्कि यह जनसुरक्षा और जिम्मेदारी के महत्व का संदेश भी देगा। सभा के दौरान विजय ने प्रशासनिक जवाबदेही, बेहतर भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़े आयोजनों में सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:11:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>काशी विश्वनाथ में पहुंचे सीएम मुख्यमंत्री मोहन यादव, बोले- एमपी-यूपी मिलकर लिखेंगे विकास की नई कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम का दौरा कर मंदिर प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और तीर्थयात्री सुविधाओं की जानकारी ली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cm-reached-kashi-vishwanath-chief-minister-mohan-yadav-said/article-49696"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/mohan-yadav-kashi-vishwanath.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मार्च को वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निरीक्षण किया और धार्मिक पर्यटन व लघु उद्योगों के विकास को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">काशी आगमन पर हुआ भव्य स्वागत</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वाराणसी पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी</span><span style="font-size:12pt;line-height:107%;">’</span><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान और खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश यादव सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया। यह दौरा मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित सम्मेलन का हिस्सा था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">काशी विश्वनाथ धाम का भ्रमण और अध्ययन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने पूरे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निरीक्षण करते हुए भीड़ प्रबंधन, क्राउड फ्लो डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर और तीर्थयात्री सुविधा प्रणाली का गहन अध्ययन किया। इस दौरान मंदिर प्रशासन की ओर से प्रस्तुत किए गए विभिन्न मॉडल और प्रबंधन तकनीकों को भी देखा गया। साथ ही उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर मंदिर प्रबंधन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक सहयोग पर जोर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लागू ओडीओपी (One District One Product) मॉडल काफी प्रभावी रहा है, जिससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश भी इसी तरह की नीति पर काम कर रहा है, जिसमें चंदेरी और महेश्वरी साड़ियों सहित पारंपरिक लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों राज्य धार्मिक पर्यटन और सूक्ष्म उद्योगों को जोड़कर आर्थिक विकास की नई राह तैयार कर सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भीड़ प्रबंधन और सिंहस्थ की तैयारी पर फोकस</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में जिस तरह भीड़ प्रबंधन किया जा रहा है, उसी मॉडल का अध्ययन मध्यप्रदेश के उज्जैन सिंहस्थ के लिए किया जा रहा है। उनका उद्देश्य है कि भविष्य में बड़े धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">महाकाल लोक और विकास मॉडल पर चर्चा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल लोक परियोजना के बाद उज्जैन क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। इसी तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर ने भी वाराणसी की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच इस तरह की परियोजनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा और इसके लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी काम चल रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रोजगार और गरीब कल्याण पर विशेष ध्यान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दोनों राज्यों का साझा लक्ष्य युवाओं को रोजगार देना, गरीबों के जीवन स्तर को सुधारना और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। इसके लिए लघु उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाने पर विशेष चर्चा की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बनाया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सांस्कृतिक कार्यक्रम और महानाट्य की योजना</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित शोध और फेलोशिप कार्यक्रम चल रहा है। इसी क्रम में काशी विश्वनाथ धाम में 3 से 5 अप्रैल तक एक भव्य महानाट्य का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लगभग 400 कलाकार भाग लेंगे। यह पहल भारतीय सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">एमपी-यूपी सहयोग से विकास की नई दिशा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि सहयोग का दौर है। केन-बेतवा लिंक परियोजना और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी दोनों राज्य मिलकर काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि साझा प्रयासों से देश के विकास को नई गति मिलेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">समाप्ति</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इस पूरे दौरे के दौरान धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक विकास का समन्वय स्पष्ट रूप से देखने को मिला। मुख्यमंत्री का यह दौरा एमपी और यूपी के बीच भविष्य में मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 16:47:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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