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                <title>Cyber Crime India - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Cyber Crime India RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>चाहे 'रील्स' (Reels) बनाने के लिए हो या वायरल होने की लत के कारण, लोग सारी मर्यादा भूल चुके हैं...</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr" style="text-align:justify;">आज के ज़माने में, लगभग हर किसी के पास एक स्मार्टफोन है। इन डिवाइसों की लत—या कंटेंट और "रील्स" के लिए उनकी कभी न मिटने वाली भूख—के चलते, लोग अब हर उस इंसान को, जिससे वे मिलते हैं, महज़ एक खिलौना समझने लगे हैं। जब भी उनका मन करता है, वे अपना मोबाइल फ़ोन निकालते हैं और वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर देते हैं। ऐसा लगता है कि वे पूरी तरह से भूल चुके हैं कि लोग अपने घरों से बाहर सिर्फ़ अपनी ज़िंदगी जीने के लिए निकलते हैं—चाहे वह परिवार के साथ समय बिताना हो, अपने पार्टनर के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/whether-it-is-for-the-sake-of-making-reels-or/article-55649"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/reels-culture.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr" style="text-align:justify;">आज के ज़माने में, लगभग हर किसी के पास एक स्मार्टफोन है। इन डिवाइसों की लत—या कंटेंट और "रील्स" के लिए उनकी कभी न मिटने वाली भूख—के चलते, लोग अब हर उस इंसान को, जिससे वे मिलते हैं, महज़ एक खिलौना समझने लगे हैं। जब भी उनका मन करता है, वे अपना मोबाइल फ़ोन निकालते हैं और वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर देते हैं। ऐसा लगता है कि वे पूरी तरह से भूल चुके हैं कि लोग अपने घरों से बाहर सिर्फ़ अपनी ज़िंदगी जीने के लिए निकलते हैं—चाहे वह परिवार के साथ समय बिताना हो, अपने पार्टनर के साथ रहना हो, या फिर काम के लंबे दिन के बाद बस आराम करना और अकेलेपन के कुछ पलों का आनंद लेना हो। फिर भी, लोग इस बात को नज़रअंदाज़ कर देते हैं कि दूसरे लोग अपने घरों से बाहर खास तौर पर कुछ सुखद पलों का अनुभव करने के लिए निकलते हैं।</p>
<h5 dir="ltr" style="text-align:justify;"><strong>निजता का उल्लंघन:</strong></h5>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">हाल के दिनों में, मैंने देखा है कि जगह चाहे कोई भी हो—बाज़ार, होटल, रेस्टोरेंट, पार्क, या यहाँ तक कि किसी के अपने घर या आँगन की निजता—लोग हर जगह को अपने मनोरंजन का एक ज़रिया मात्र समझने लगे हैं। अगर आप अपने आँगन में बैठे हैं या कोई काम कर रहे हैं, तो लोग उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लेंगे। अगर आप बाज़ार में किसी अजीब या मुश्किल स्थिति में फँस जाते हैं, तो लोग आपकी परेशानी का मज़ाक उड़ाएँगे, उसे रिकॉर्ड करेंगे और ऑनलाइन पोस्ट कर देंगे। अगर आप अपने परिवार या पार्टनर के साथ किसी रेस्टोरेंट में बैठे हैं—या कोई खास स्थिति पैदा होती है, जैसे कि कोई पारिवारिक मिलन, किसी जोड़े के बीच कोई निजी पल, या यहाँ तक कि कोई तीखी बहस—तो लोग हर मौके का फ़ायदा उठाते हैं। उनका एकमात्र मकसद शोहरत पाना होता है; वे न तो रुककर सोचते हैं और न ही इसके नतीजों को समझने की कोशिश करते हैं—वे बस एक 'रील' बनाते हैं और उसे पोस्ट कर देते हैं। नतीजतन, इससे लोगों की निजता का घोर उल्लंघन होता है, और किसी न किसी तरह से, इन हरकतों के कारण लोगों को बहुत ज़्यादा मानसिक कष्ट और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। </p>
<h5 dir="ltr" style="text-align:justify;"><strong>मनोवैज्ञानिक प्रभाव / गंभीर मानसिक कष्ट:</strong></h5>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">"रील" वीडियो बनाने और पोस्ट करने का काम तेज़ी से एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है, जिससे लोगों को कई तरह के मनोवैज्ञानिक कष्टों से गुज़रना पड़ रहा है। जब किसी का वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किया जाता है—अक्सर उनकी मर्ज़ी के बिना—और बाद में वह वायरल हो जाता है, तो लोग उसका मज़ाक उड़ाना और उसे लेकर ताने कसना शुरू कर देते हैं। उनके परिवारों को भी इसके बुरे नतीजों को भुगतना पड़ता है। मानसिक पीड़ा या गहरे अपमान से ग्रस्त होकर, पीड़ित अक्सर गंभीर मनोवैज्ञानिक तनाव से गुज़रते हैं; अत्यधिक गंभीर मामलों में, वे या तो अपना घर छोड़ देते हैं या कोई कठोर कदम उठा लेते हैं, जैसे कि अपनी जान दे देना।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">हाल ही में मैंने एक ऐसा मामला देखा जिसमें एक व्यक्ति पर बस में बैठी एक महिला को अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगा था। महिला द्वारा उस व्यक्ति को थप्पड़ मारने का एक वीडियो वायरल हो गया; इसके बाद, भले ही वह व्यक्ति निर्दोष रहा हो, लेकिन अपनी प्रतिष्ठा को हुए अपूरणीय नुकसान और जनता द्वारा लगातार किए जा रहे उत्पीड़न के कारण उसने आत्महत्या कर ली। यह गहरे चिंतन का विषय है: क्या लोग प्रसिद्धि पाने के प्रति इतने जुनूनी—या जनता की सहानुभूति पाने के लिए इतने बेताब—हो गए हैं कि वे समाज के मूल स्वरूप को ही भूल गए हैं? ऐसा लगता है कि वे यह भूल गए हैं कि समाज आचरण और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के कुछ स्थापित मानदंडों पर चलता है। उन्हें यह याद रखना चाहिए कि दूसरों की खुशियाँ छीनकर कोई अपनी खुशी हासिल नहीं कर सकता।</p>
<h5 dir="ltr" style="text-align:justify;"><strong>हमारी ज़िम्मेदारी:</strong></h5>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">इस स्थिति में, अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, हमें पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन से मदद लेनी चाहिए। घबराने या डर के आगे झुकने के बजाय, इस समस्या का सामना मज़बूती और हिम्मत से करना कहीं ज़्यादा बेहतर है। अक्सर, डर की वजह से हम कोई ठोस कदम नहीं उठा पाते, जिसके बाद हमें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसलिए, हमें खुद को मज़बूत बनाना चाहिए और तुरंत पुलिस या साइबर सेल को जानकारी देनी चाहिए, ताकि हमें जल्द से जल्द मदद मिल सके।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">दूसरा कदम यह है कि उन खास तस्वीरों या वीडियो को—जिन्हें वायरल किया गया है और जिनका इस्तेमाल आपको डराने या परेशान करने के लिए किया जा रहा है—हटवाया जाए ("टेक-डाउन नोटिस" के ज़रिए)। उदाहरण के लिए, अगर आपके बारे में कोई भी कंटेंट Instagram, Facebook, YouTube वगैरह जैसे किसी प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया है, तो हम उस खास प्लेटफॉर्म पर (तय किए गए शिकायत अधिकारी को) शिकायत या रिपोर्ट दर्ज करके उस पोस्ट को हटाने की मांग कर सकते हैं।</p>
<h5 dir="ltr" style="text-align:justify;"><strong>कानूनी नोटिस –</strong></h5>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">यदि आपको उस व्यक्ति की पहचान पता है जिसने आपकी तस्वीरें या वीडियो पोस्ट किए हैं, तो आप किसी वकील की मदद से, उस व्यक्ति को आपकी निजता (privacy) का उल्लंघन करने के लिए मानहानि का नोटिस भेज सकते हैं। इसके अलावा, कानूनी नोटिस जारी करके, आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि अपराधी को उसके कृत्यों के लिए कड़ी सज़ा मिले।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">इन सभी पहलुओं पर विचार करते हुए, इन परेशानियों के कारण मानसिक पीड़ा सहने या खुद को नुकसान पहुँचाने के बजाय, इस समस्या को हल करने का कोई उपाय खोजना कहीं ज़्यादा बेहतर है। खुद को इतना कमज़ोर न पड़ने दें कि लोग आपकी और आपके परिवार की गरिमा का मज़ाक उड़ाएँ। मज़बूती से खड़े हों, डटकर मुकाबला करें, और यह सुनिश्चित करें कि अपराधी को सज़ा मिले—ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी गलती न दोहराए, और ऐसे लोगों में एक डर पैदा हो। इस तरह के लोगों को सबक सिखाना नितांत आवश्यक है। इस लेख के माध्यम से, मैं सभी महिलाओं को यह संदेश देना चाहती हूँ: यदि आप कभी ऐसी किसी मुश्किल में फँस जाएँ, तो डरें नहीं; स्थिति का सीधे और मज़बूती से सामना करें, और यह सुनिश्चित करें कि अपराधी को सज़ा मिले। ऐसा करके, आप अन्य महिलाओं में भी साहस जगाएँगी और उनके लिए अपनी लड़ाइयाँ लड़ना आसान बनाएँगी।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 16:40:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर युवक से ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[टेलीग्राम चैनल के जरिए महिला ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करवाकर 6 लाख रुपए हड़पे, टिकरापारा पुलिस और साइबर सेल जांच में जुटी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/young-man-cheated-by-promising-huge-profits-in-stock-market/article-54444"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/raipur-cyber-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रायपुर में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार ठगों ने एक युवक को शेयर बाजार में ज्यादा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब 6 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी महिला ने टेलीग्राम चैनल के जरिए युवक से संपर्क किया और खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताकर उसे निवेश के लिए तैयार किया। शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित युवक का नाम गिरधन लाल ओगरे बताया गया है। युवक ने मामले की शिकायत टिकरापारा थाना में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात महिला और उसके साथ जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की टीम भी तकनीकी जांच में जुटी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह नौकरी और कमाई के अवसर तलाश रहा था। इसी दौरान उसकी नजर एक टेलीग्राम चैनल पर पड़ी, जहां शेयर ट्रेडिंग और निवेश से कम समय में अधिक पैसा कमाने के दावे किए जा रहे थे। चैनल पर लगातार लोगों को भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और सफलता की कहानियां दिखाई जा रही थीं। इससे प्रभावित होकर वह उस चैनल से जुड़ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ दिनों बाद एक महिला ने उससे निजी तौर पर संपर्क किया। महिला ने खुद को शेयर बाजार की विशेषज्ञ बताया और कहा कि वह लोगों को कम समय में बेहतर रिटर्न दिलाती है। शुरुआत में महिला ने युवक को छोटे अमाउंट से निवेश करने की सलाह दी। युवक ने थोड़ी रकम निवेश की, जिस पर उसे कथित तौर पर अच्छा रिटर्न दिखाया गया। इससे युवक का भरोसा बढ़ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोप है कि इसके बाद महिला ने उसे ज्यादा मुनाफे का लालच देते हुए बड़ी रकम निवेश करने को कहा। उसने दावा किया कि शेयर ट्रेडिंग और विशेष निवेश योजनाओं के जरिए कुछ ही दिनों में रकम कई गुना हो जाएगी। युवक महिला की बातों में आ गया और अलग-अलग बैंक खातों में करीब 6 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ समय तक आरोपी महिला युवक को लगातार भरोसा दिलाती रही कि उसका पैसा सुरक्षित है और जल्द ही उसे बड़ा फायदा मिलेगा। लेकिन जब युवक ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो महिला टालमटोल करने लगी। बाद में उसका फोन बंद आने लगा और टेलीग्राम चैनल पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद युवक को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की शिकायत मिलने के बाद टिकरापारा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही है। साइबर सेल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस स्थान से इस गिरोह को संचालित कर रहे थे और क्या इसमें कोई संगठित नेटवर्क शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के महीनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, टेलीग्राम चैनल और ऑनलाइन ट्रेडिंग एप्स के जरिए साइबर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ठग पहले लोगों को छोटे निवेश पर नकली मुनाफा दिखाकर विश्वास में लेते हैं और फिर बड़ी रकम ठग लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अब निवेश और शेयर बाजार को नया हथियार बना रहे हैं। वे लोगों को जल्दी अमीर बनने के सपने दिखाते हैं और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या नकली एक्सपर्ट बनकर ठगी करते हैं। कई बार निवेशकों को फर्जी स्क्रीनशॉट और नकली लाभ रिपोर्ट भी भेजी जाती है ताकि उन्हें लगे कि उनका पैसा बढ़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन निवेश न करें। निवेश से पहले संबंधित कंपनी, प्लेटफॉर्म और व्यक्ति की पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। यदि कोई बहुत कम समय में ज्यादा मुनाफे का दावा करता है तो उससे सतर्क रहने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">केवल अधिकृत और विश्वसनीय निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना चाहिए। किसी भी सोशल मीडिया लिंक, टेलीग्राम ग्रुप या अनजान नंबर के जरिए निवेश करने से बचना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को ठगी का शक हो तो तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:10:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भिलाई में ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, क्रेटा कार समेत आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[भिलाई ऑनलाइन सट्टा मामले में छावनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लाखों की संपत्ति जब्त]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/online-betting-gang-busted-in-bhilai-accused-along-with-creta/article-52201"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/bhilai-online-betting-.jpg" alt=""></a><br /><p>दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए छावनी थाना पुलिस ने रविवार को एक बड़े आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से एक क्रेटा कार, लैपटॉप और महंगे मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान इरफान पाशा (उम्र लगभग 35 वर्ष), निवासी खुर्सीपार भिलाई के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक ऑनलाइन एप के माध्यम से सट्टा संचालन कर रहा था और लोगों को हार-जीत के दांव पर जोड़कर अवैध रूप से पैसे कमा रहा था। यह कार्रवाई दुर्ग-भिलाई में ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।</p>
<p>पुलिस को सूचना मिली थी कि कैम्प-2 बैकुंठ धाम वाटिका गेट के पास एक व्यक्ति “गुरु 777” नामक एप के जरिए सट्टा संचालन कर रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने तुरंत इलाके में घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन को रोका।</p>
<h5><strong><span>गाड़ी में चल रहा था सट्टा ऑपरेशन</span></strong></h5>
<p>पुलिस जांच में यह सामने आया कि आरोपी अपनी क्रेटा कार को ही मोबाइल ऑफिस की तरह इस्तेमाल कर रहा था। कार में बैठकर वह लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क को संचालित कर रहा था। पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली तो आरोपी को लाइव सट्टा ऑपरेशन करते हुए पकड़ लिया गया।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह तरीका इसलिए अपनाया जा रहा था ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके और लगातार स्थान बदलकर अवैध गतिविधियां चलाई जा सकें।</p>
<h5><strong><span>लाखों की संपत्ति जब्त</span></strong></h5>
<p>छावनी थाना पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपी से एक क्रेटा कार, डेल इंस्पिरॉन लैपटॉप, आईफोन 16 प्रो मैक्स और एक अन्य स्मार्टफोन जब्त किया है। जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।पुलिस का मानना है कि इन डिवाइसों का उपयोग केवल सट्टा एप के संचालन और पैसों के लेन-देन के लिए किया जा रहा था।</p>
<h5><strong><span>ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की जांच</span></strong></h5>
<p>पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी “गुरु 777” एप के जरिए कई लोगों को जोड़कर सट्टा नेटवर्क चला रहा था। यह नेटवर्क पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा था, जिसमें हार-जीत के आधार पर पैसों का लेन-देन होता था।बताया जा रहा है कि इस तरह के एप्स के जरिए युवाओं को भी तेजी से इस अवैध कारोबार में फंसाया जा रहा है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।</p>
<p>छावनी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुआ अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका दायरा कितना बड़ा है।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस तरह की ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 13:03:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायगढ़ में मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड, 7,693 लोग ठगे गए, 26 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[लोक सेवा केंद्र की आड़ में देशभर में चल रहा था फर्जीवाड़ा, रजिस्ट्रेशन और मीटिंग फीस के नाम पर 1.11 करोड़ की ठगी का खुलासा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-cyber-fraud-in-the-name-of-matrimonial-site-in/article-51235"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cg---2026-04-15t150528.833.jpg" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हजारों लोगों को निशाना बनाकर करीब 1.11 करोड़ रुपये की ठगी की। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क कोतवाली थाना क्षेत्र के दरोगा पारा इलाके में संचालित लोक सेवा केंद्र ‘निधि परिवहन सुविधा केंद्र’ की आड़ में चल रहा था। बाहर से यह केंद्र सरकारी कामकाज और दस्तावेज निर्माण का वैध कार्यालय प्रतीत होता था, लेकिन अंदर से एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क सक्रिय था।</p>
<p>जांच में सामने आया कि गिरोह यूट्यूब चैनलों, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और कॉल सेंटर के माध्यम से देशभर के लोगों को शादी के नाम पर संपर्क करता था। इसके बाद उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल मैचिंग फीस और मीटिंग चार्ज के नाम पर यूपीआई के जरिए पैसे वसूले जाते थे। पैसे लेने के बाद पीड़ितों को कोई वास्तविक प्रोफाइल या सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती थी।</p>
<p>पुलिस की छापेमारी के दौरान मौके से कई लैपटॉप, मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इनमें फोटोशॉप के जरिए तैयार किए गए नकली दस्तावेज, सरकारी मुहरें और सील भी शामिल हैं। जांच टीम को यह भी पता चला कि अलग-अलग कमरों में कॉल सेंटर और एडिटिंग यूनिट चल रही थी, जहां से ठगी को अंजाम दिया जा रहा था।</p>
<p>इस गिरोह का संचालन कपिल गर्ग और हिमांशु मेहर कर रहे थे, जिन्हें मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इनके अलावा कई अन्य लोग भी इस नेटवर्क में सक्रिय थे, जिन्हें युवतियों और अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर लोगों को फंसाने और उनसे पैसे वसूलने की जिम्मेदारी दी गई थी।</p>
<p>पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2022 से अब तक इस नेटवर्क के जरिए करीब 7,693 लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया। कुल मिलाकर 1 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की अवैध वसूली की गई। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 55 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और बैंक खातों को भी जब्त किया है।</p>
<p>सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।</p>
<p>फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य राज्यों में फैले लिंक और डिजिटल लेनदेन की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए थे और कितने लोग अभी भी इसके निशाने पर हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 15:06:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देशभर में 1100 से ज्यादा बम धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, बड़ा खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मैसूर से एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जिसने 1100 से अधिक फर्जी ईमेल भेजकर देशभर के सरकारी और निजी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी दी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/accused-who-made-more-than-1100-bomb-threats-across-the/article-49727"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/delhi-crime-branch-arrested-bomb-threat-accused-.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कर्नाटक के मैसूर से दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर देशभर के विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां भेजकर दहशत फैलाने का गंभीर आरोप है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पिछले कुछ महीनों के दौरान 1100 से अधिक फर्जी ईमेल भेजकर कई राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रहने के लिए मजबूर कर दिया था। इस मामले में मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गिरफ्तार आरोपी का नाम श्रीनिवास उर्फ लुईस बताया जा रहा है, जो मूल रूप से बेंगलुरु का रहने वाला है। वह वर्तमान में अपनी मां के साथ किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है, लेकिन फिलहाल बेरोजगार था। पुलिस के अनुसार, मानसिक तनाव और बेरोजगारी के कारण उसने डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर यह गतिविधियां शुरू कीं। उसके पास से कई सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग वह अलग-अलग ईमेल और पहचान बनाकर करता था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर फैलाई गई दहशत</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जांच में पता चला है कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से अलग-अलग ईमेल आईडी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर धमकी भरे संदेश भेजता था। इन संदेशों में देश के प्रमुख संस्थानों, एयरपोर्ट, विश्वविद्यालयों और सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाने की बात कही जाती थी। इन धमकियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों को कई बार इमरजेंसी जांच करनी पड़ी और कई जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात करना पड़ा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मध्य प्रदेश के प्रमुख संस्थान भी निशाने पर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आरोपी ने सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण संस्थानों को भी निशाना बनाया था। इनमें भोपाल कमिश्नर ऑफिस, नापतोल विभाग, पीपल्स यूनिवर्सिटी, एम्स भोपाल, जेके यूनिवर्सिटी, अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय, मंत्रालय भवन, साथ ही सतना, बड़वानी, बालाघाट और मैहर की जिला अदालतें शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल और इंदौर एयरपोर्ट को भी बम धमकी वाले ईमेल भेजे गए थे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">एसआईटी का गठन और पुलिस की कार्रवाई</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">लगातार बढ़ती धमकियों के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इसकी जिम्मेदारी भोपाल रेलवे एसपी राहुल लोढ़ा को सौंपी गई थी। दूसरी ओर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर आरोपी को कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है और संभावना है कि मध्य प्रदेश एसआईटी भी जल्द उससे पूछताछ करेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पूछताछ में हुए अहम खुलासे</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर फर्जी ईमेल भेजकर दहशत फैलाने की कोशिश की। उसका उद्देश्य लोगों और सुरक्षा एजेंसियों में भ्रम और डर पैदा करना था। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति या नेटवर्क शामिल है या यह पूरी तरह अकेले की गई गतिविधि थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">समापन जांच जारी</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है। आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सिम कार्ड्स की फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:16:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्ग में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 111 म्यूल खातों में 86 लाख का अवैध ट्रांजेक्शन, 10 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्ग में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जहां 111 म्यूल बैंक खातों के जरिए 86 लाख रुपए से अधिक का अवैध लेन-देन किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-revelation-of-cyber-fraud-in-durg-illegal-transaction-of/article-49675"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/durg-mule-account-scam-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक अहम कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो अपने बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम के लेन-देन में शामिल थे। यह कार्रवाई मोहन नगर थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस को लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">I4C की सूचना से खुला बड़ा नेटवर्क</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की ओर से कुछ संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी दुर्ग पुलिस को दी गई। इन इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने दुर्ग स्टेशन रोड स्थित एक बैंक शाखा में संचालित 111 खातों की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान यह सामने आया कि ये खाते अलग-अलग राज्यों में हो रही साइबर ठगी से जुड़े हुए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">111 खातों के जरिए लाखों का अवैध लेन-देन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पुलिस जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इन 111 बैंक खातों के माध्यम से अब तक 86,33,247 रुपए का अवैध ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। इन खातों का इस्तेमाल ठगी से प्राप्त धन को जमा करने और बाद में निकालने के लिए किया जा रहा था, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">क्या होते हैं म्यूल अकाउंट</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">साइबर अपराध की दुनिया में म्यूल अकाउंट एक आम तरीका बन चुका है। इसमें ठग ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं जो थोड़े पैसे के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या पासबुक दूसरों को दे देते हैं। इन खातों का उपयोग अवैध पैसों को घुमाने के लिए किया जाता है। दुर्ग में गिरफ्तार आरोपी भी इसी तरह के लालच में आकर इस नेटवर्क का हिस्सा बने थे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गिरफ्तार आरोपियों में युवा से बुजुर्ग तक शामिल</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की उम्र 24 से 56 वर्ष के बीच है। इनमें मधु साहू, ज्योति गौतम, फरहद खान, भूपेश गोहिल, अजय कुमार उर्फ मोनू, मसीर आलम, नवीन भागवत, भूपेंद्र कुमार टंडन, संतोष बिसाई और हीरा सिंह शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से बैंक दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कोर्ट में पेशी के बाद न्यायिक रिमांड</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गिरफ्तार सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में जुटी हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पुलिस की अपील और चेतावनी</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना बैंक खाता, ओटीपी या अन्य वित्तीय जानकारी किसी अजनबी के साथ साझा न करें। थोड़े से लाभ के लालच में उठाया गया यह कदम गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में खाताधारक को भी उतना ही जिम्मेदार माना जाता है जितना कि ठगी करने वाला।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:33:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से मिली पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आयुर्वेद ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करते हुए यह साबित किया है कि इसकी प्राकृतिक उपचार पद्धति प्रभावी होने के साथ-साथ लगभग बिना दुष्प्रभावों के भी है। Dr. Mukesh Sharda, जो Dr. Sharda Ayurveda की सीईओ और संस्थापक हैं, ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया और उन्हें Guinness World Records द्वारा सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। लगभग 5000 वर्ष पुरानी यह चिकित्सा प्रणाली प्राकृतिक है, जो दीर्घकालिक राहत प्रदान करती है और अस्पताल में हजारों मरीजों को लाभ पहुँचा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/dr-mukesh-sharda-gets-recognition-from-guinness-world-records-on/article-48225"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/mp---2026-03-16t112054.084.jpg" alt=""></a><br /><p>आयुर्वेद ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करते हुए यह साबित किया है कि इसकी प्राकृतिक उपचार पद्धति प्रभावी होने के साथ-साथ लगभग बिना दुष्प्रभावों के भी है। Dr. Mukesh Sharda, जो Dr. Sharda Ayurveda की सीईओ और संस्थापक हैं, ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया और उन्हें Guinness World Records द्वारा सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। लगभग 5000 वर्ष पुरानी यह चिकित्सा प्रणाली प्राकृतिक है, जो दीर्घकालिक राहत प्रदान करती है और अस्पताल में हजारों मरीजों को लाभ पहुँचा चुकी है। आयुर्वेद और इसके निवारक स्वास्थ्य उपायों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।</p>
<p>8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लुधियाना के किंग्सविल रिज़ॉर्ट में डॉ. शारदा आयुर्वेद द्वारा सबसे बड़ा आयुर्वेदिक लेसन आयोजित किया गया। इस सत्र में 1200 से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिनमें मरीजों के साथ-साथ वे लोग भी शामिल थे जो आयुर्वेद की शक्ति में विश्वास रखते हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक लाइव सत्र में भाग लिया, जिसमें बताया गया कि आयुर्वेद किस प्रकार लोगों के जीवन को बेहतर बनाता है और कई दीर्घकालिक रोगों में दीर्घकालिक राहत प्रदान करता है।</p>
<p>इस विशाल आयुर्वेदिक सत्र का मुख्य उद्देश्य आधुनिक समय में महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और उनके आयुर्वेदिक समाधान पर प्रकाश डालना था। मंच पर संस्थापक डॉ. मुकेश शारदा सहित 5 आयुर्वेदिक चिकित्सकों के पैनल ने महिलाओं से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की और बताया कि आयुर्वेदिक ग्रंथों में महिला स्वास्थ्य के बारे में क्या कहा गया है। कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा की जाने वाली आम गलतियाँ, संतुलित आहार और व्यायाम का महत्व, महिला रोग, हार्मोनल संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में आयुर्वेद की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>इस अवसर पर कई प्रसिद्ध हस्तियाँ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। लुधियाना के मेयर, कई सर्जन, डॉक्टर और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई। डॉ. मुकेश शारदा ने सभी अतिथियों को सम्मानित किया और उपस्थित सभी लोगों ने उनके वर्षों के परिश्रम और आयुर्वेदिक विज्ञान के प्रति समर्पण की सराहना की। कार्यक्रम सुबह लगभग 11 बजे शुरू होकर दोपहर 3 बजे तक चला, जिसने आयुर्वेद की प्रामाणिकता और समाज पर उसके सकारात्मक प्रभाव को दर्शाया।<br />डॉ. मुकेश शारदा – गठिया की विशेषज्ञ</p>
<p>डॉ. मुकेश शारदा आयुर्वेद के माध्यम से गठिया, अस्थमा, त्वचा रोग, जोड़ों के दर्द और अन्य कई पुरानी बीमारियों के उपचार के लिए जानी जाती हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि आयुर्वेद एक प्राकृतिक और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, जो ऐसी दीर्घकालिक बीमारियों को जड़ से नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य के महत्व को भी रेखांकित किया और समाज में महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाने के लिए उनके स्वास्थ्य की देखभाल को अत्यंत आवश्यक बताया।</p>
<p>डॉ. शारदा आयुर्वेद को मिला यह Guinness World Record वर्षों की कड़ी मेहनत, प्रेरणा, विश्वास और विशेषज्ञों के उस संकल्प का परिणाम है, जिसका उद्देश्य लोगों का उपचार कर दुनिया को स्वस्थ बनाना है। इस उपलब्धि पर देश और विदेश में रहने वाले लोग गर्व महसूस कर रहे हैं कि एक आयुर्वेदिक चिकित्सक ने वैश्विक स्तर पर भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को नई पहचान दिलाई है।</p>
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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 11:25:20 +0530</pubDate>
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                <title>हमीदिया अस्पताल ठगी मामला: मरीजों की जानकारी लीक करने वाला कर्मचारी लापता, जांच में उलझी पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[डॉक्टर बनकर परिजनों से वसूली का खुलासा, आउटसोर्स स्टाफ पर शक; पर्चों पर चेतावनी छापने की तैयारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/hamidia-hospital-fraud-case-employee-who-leaked-patients-information-missing/article-45693"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-02/mp-(16)1.jpg" alt=""></a><br /><p>राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से ठगी के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। जनवरी 2026 से अब तक सामने आए इस संगठित ठगी के पैटर्न में पुलिस और अस्पताल प्रबंधन की जांच आगे बढ़ने के बजाय उलझती दिख रही है। सबसे अहम सवाल यह है कि ठग को मरीजों की गोपनीय जानकारी देने वाला अस्पताल कर्मचारी अब तक सामने क्यों नहीं आया।</p>
<p>अब तक कम से कम 10 से अधिक परिवार इस ठगी का शिकार हो चुके हैं। कोहेफिजा थाने में दर्ज तीन मामलों में 30 हजार रुपये से अधिक की ठगी की पुष्टि हुई है। पुलिस जांच में यह साफ हो चुका है कि ठग जितेंद्र खागरे को मरीजों की स्थिति, वार्ड और परिजनों के मोबाइल नंबर अस्पताल के भीतर से ही उपलब्ध कराए जा रहे थे।</p>
<p><strong>कैसे होता था ठगी का खेल</strong><br />जांच में सामने आया है कि मरीज की हालत बिगड़ते ही 10 मिनट के भीतर परिजनों को कॉल आ जाता था। कॉल करने वाला खुद को हमीदिया अस्पताल का डॉक्टर बताता और तत्काल इलाज या इंजेक्शन के नाम पर 5 से 10 हजार रुपये की मांग करता था। इसके बाद यूपीआई या क्यूआर कोड भेजकर रकम वसूली जाती थी।</p>
<p>क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी बैतूल निवासी जितेंद्र खागरे को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसके नेटवर्क से जुड़े अस्पताल कर्मचारियों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।</p>
<p><strong>जांच के घेरे में सिर्फ आउटसोर्स स्टाफ</strong><br />इस मामले में जांच को लेकर विवाद भी गहराता जा रहा है। पुलिस को करीब 1400 आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी सौंपी गई है, जिनके कॉल डिटेल और मोबाइल नंबर खंगाले जा रहे हैं। वहीं, नियमित कर्मचारियों की जानकारी पुलिस को अब तक नहीं दी गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मांग किए जाने पर विवरण उपलब्ध कराया जाएगा। इस स्थिति से आउटसोर्स कर्मचारी खुद को निशाना बनाए जाने का आरोप लगा रहे हैं।</p>
<p><strong>20% कमीशन का खुलासा</strong><br />सिक्योरिटी एजेंसी और प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मरीजों की जानकारी देने के बदले कर्मचारियों को 20 प्रतिशत तक कमीशन दिया जा रहा था। नेटवर्क की जड़ें स्त्री रोग, पीडियाट्रिक और इमरजेंसी मेडिसिन विभाग तक फैली होने की आशंका है। करीब सात कर्मचारियों की संलिप्तता की संभावना जताई गई है।</p>
<p><strong>अस्पताल प्रबंधन की तैयारी</strong><br />हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन ने बताया कि ठगी रोकने के लिए पर्चों और एडमिशन फॉर्म पर स्पष्ट चेतावनी छापी जाएगी। अस्पताल परिसर में सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनमें लिखा होगा कि कोई भी डॉक्टर या कर्मचारी इलाज के बदले अतिरिक्त पैसे नहीं मांगता।</p>
<p>उन्होंने मरीजों और परिजनों से अपील की है कि यदि कोई खुद को अस्पताल से जुड़ा बताकर पैसे मांगे, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या अस्पताल सुरक्षा को सूचना दें।</p>
<p>फिलहाल, पुलिस आरोपी के संपर्कों और अस्पताल के भीतर की कड़ी को जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में जांच का दायरा बढ़ने और ठगी नेटवर्क के पूरे खुलासे की उम्मीद है।</p>
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                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 12:13:52 +0530</pubDate>
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