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                <title>Indian Railways - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Indian Railways RSS Feed</description>
                
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                <title>रेल यात्रियों को बड़ी राहत: शालीमार-LTT एक्सप्रेस में बढ़ाया गया अतिरिक्त AC-3 कोच</title>
                                    <description><![CDATA[11 से 19 जुलाई तक चयनित फेरों में मिलेगी अतिरिक्त सुविधा, बढ़ती यात्री भीड़ के बीच कंफर्म बर्थ मिलने की बढ़ेगी संभावना।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/big-relief-to-railway-passengers-additional-ac-3-coach-extended-in/article-58390"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/shalimar-ltt-express.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल के शालीमार और मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) के बीच सफर करने वाले यात्रियों को अब कंफर्म बर्थ मिलने की संभावना पहले से अधिक रहेगी। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने शालीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी-3 कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। इस फैसले से विशेष रूप से छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। रेलवे के अनुसार, यह अतिरिक्त कोच सीमित अवधि के लिए लगाया जाएगा ताकि त्योहारों, छुट्टियों और बढ़ती यात्रा मांग के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। रेलवे का कहना है कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराना और यात्रा को अधिक आरामदायक बनाना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>रेल प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक:-</strong></h5>
<ul style="list-style-type:square;text-align:justify;">
<li>गाड़ी संख्या 18030 शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) एक्सप्रेस में अतिरिक्त एसी-3 कोच 11 जुलाई से 17 जुलाई तक लगाया जाएगा।</li>
<li>गाड़ी संख्या 18029 लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी)-शालीमार एक्सप्रेस में यह सुविधा 13 जुलाई से 19 जुलाई तक उपलब्ध रहेगी।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इस अवधि के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सीटों का लाभ मिलेगा और वेटिंग टिकट कंफर्म होने की संभावना भी बढ़ जाएगी। शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस पूर्वी भारत और पश्चिमी भारत को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों में शामिल है। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरती है। इसी वजह से पूरे वर्ष इस ट्रेन में यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है। गर्मी की छुट्टियों, त्योहारों और विशेष अवसरों पर इस ट्रेन में लंबी वेटिंग लिस्ट आम बात होती है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अतिरिक्त कोच लगाए जाते हैं। इससे न केवल अधिक यात्रियों को सीट मिलती है, बल्कि ट्रेन में यात्रा का दबाव भी कम होता है। इस बार भी बढ़ती मांग को देखते हुए एसी-3 श्रेणी में अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसी-3 कोच उन यात्रियों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय माने जाते हैं, जो किफायती किराए में आरामदायक यात्रा करना चाहते हैं। यही कारण है कि इस श्रेणी में अक्सर सबसे ज्यादा वेटिंग रहती है। अतिरिक्त कोच जुड़ने से बड़ी संख्या में यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। यात्रा मांग के अनुसार अतिरिक्त कोच लगाने की व्यवस्था यात्रियों के लिए काफी लाभदायक साबित होती है। इससे अचानक बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलता है। साथ ही रेलवे की परिचालन क्षमता का भी प्रभावी उपयोग हो पाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के यात्रियों के लिए यह निर्णय विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह ट्रेन राज्य के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरती है। मुंबई में रोजगार, शिक्षा, व्यापार और इलाज के लिए जाने वाले यात्रियों की संख्या बड़ी है। वहीं पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी यह ट्रेन महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में अतिरिक्त कोच जुड़ने से दोनों दिशाओं में यात्रा करने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने टिकट की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहें। अतिरिक्त कोच जोड़े जाने के बाद वेटिंग टिकटों के कंफर्म होने की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा यात्रियों को अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराने और यात्रा संबंधी जानकारी रेलवे के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से प्राप्त करने की सलाह भी दी गई है। भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठा रहा है। अलग-अलग रूटों पर यात्रियों की संख्या के अनुसार अतिरिक्त कोच, विशेष ट्रेनें और नई सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा उपलब्ध कराना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 13:13:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा से ग्वालियर के लिए नई ट्रेन शुरू, सांसद प्रतिनिधि ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन से विंध्य और ग्वालियर अंचल के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत, यात्रियों और व्यापारियों में खुशी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/new-train-started-from-rewa-to-gwalior-mp-representative-flagged/article-58263"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-gwalior-train.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रीवा के रेल यात्रियों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। लंबे समय से रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा की मांग कर रहे लोगों को आखिरकार नई ट्रेन की सौगात मिल गई। बुधवार रात करीब 9 बजे रीवा रेलवे स्टेशन से रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर रीवा सांसद प्रतिनिधि (रेलवे) राजीव खंडेलवाल ने ट्रेन को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। नई ट्रेन के संचालन को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे रीवा और ग्वालियर के बीच सीधी रेल सुविधा उपलब्ध हो गई है। ट्रेन रवाना होने के मौके पर स्टेशन परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रेलवे से जुड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मीडिया समिति के सदस्य योगेंद्र शुक्ला, महेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे कर्मचारी उपस्थित रहे। ट्रेन के रवाना होते ही यात्रियों ने खुशी जताई और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(1).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="896"></img></p>
<p>रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन संख्या 04191 ने 8 जुलाई को ग्वालियर से अपनी पहली यात्रा शुरू की थी। यह ट्रेन सुबह 7:40 बजे ग्वालियर से रवाना होकर निर्धारित समय पर रीवा पहुंची। इसके बाद बुधवार रात इसे रीवा से वापस ग्वालियर के लिए रवाना किया गया। रेलवे का कहना है कि यह विशेष ट्रेन यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए शुरू की गई है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। नई स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। रेलवे ने इसमें कुल 22 एलएचबी कोच लगाए हैं। इनमें 7 स्लीपर क्लास कोच, 4 थर्ड एसी कोच, 3 इकोनॉमी थर्ड एसी कोच, 2 सेकंड एसी कोच, 4 जनरल कोच और 1 दिव्यांगजन के लिए विशेष कोच शामिल है। आधुनिक एलएचबी कोच होने के कारण यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न श्रेणियों के डिब्बे शामिल किए जाने से हर वर्ग के यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(2).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अब तक इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को कई बार दूसरे शहरों से ट्रेन बदलनी पड़ती थी या लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती थी। नई ट्रेन के संचालन से समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। इसका लाभ छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को भी मिलेगा, जो नियमित रूप से दोनों शहरों के बीच सफर करते हैं। व्यापारिक दृष्टि से भी इस नई रेल सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रीवा और ग्वालियर दोनों ही मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर हैं और इनके बीच व्यापारिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। सीधी रेल सुविधा मिलने से व्यापारियों के लिए आवागमन आसान होगा, जिससे कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापारियों ने रेलवे और केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(3).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस नई रेल सेवा को विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि रीवा अब मध्य प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों से सीधे रेल नेटवर्क के जरिए जुड़ता जा रहा है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी लोगों को फायदा मिलेगा। कई यात्रियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस ट्रेन का नियमित संचालन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसकी आवृत्ति भी बढ़ाई जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या और मांग के आधार पर इस ट्रेन के संचालन की समीक्षा की जाएगी। यदि यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो भविष्य में इस मार्ग पर स्थायी ट्रेन सेवा या अतिरिक्त फेरों पर भी विचार किया जा सकता है। रेलवे लगातार प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नए प्रयास कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:13:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंडीगढ़ दौरे की तैयारियां तेज, पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए ₹2 करोड़ का टेंट प्रस्तावित</title>
                                    <description><![CDATA[17 जुलाई के संभावित दौरे से पहले प्रशासन ने एक दिन में आठ टेंडर जारी किए, रेलवे और अन्य परियोजनाओं के उद्घाटन की तैयारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/preparations-for-chandigarh-tour-intensified-tent-worth-%E2%82%B9-2-crore/article-58051"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pm-modi-chandigarh-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम का आयोजन पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) परिसर में प्रस्तावित है और इसके लिए प्रशासन के विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों ने एक ही दिन में आठ अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं। इनमें सबसे बड़ा टेंडर करीब 2.02 करोड़ रुपये का है, जो कार्यक्रम स्थल पर टेंट और अस्थायी व्यवस्थाएं तैयार करने के लिए निकाला गया है। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम को लेकर सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से दौरे का अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन संभावित यात्रा को देखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम पहले से किए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम स्थल पर लगभग छह हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर लगाया जाएगा। जुलाई में बारिश की संभावना को देखते हुए इस विशेष टेंट की व्यवस्था की जा रही है ताकि मौसम का असर कार्यक्रम पर न पड़े। पूरे पंडाल को आरामदायक बनाए रखने के लिए 600 टन क्षमता का एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं आधुनिक मानकों के अनुरूप की जा रही हैं। आयोजन स्थल पर वीआईपी मेहमानों और प्रधानमंत्री के लिए अलग एयर कंडीशनड लाउंज, बैठक व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">टेंडर दस्तावेजों के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर करीब 2200 सोफे, 300 कुर्सियां, लगभग 70 हजार वर्ग फीट कारपेट, 65 हजार वर्ग फीट बैरिकेडिंग, 20 वाटर कूलर और 24 पोर्टेबल टॉयलेट लगाने की तैयारी की गई है। इसके अलावा मंच, फर्नीचर, प्रवेश और निकास मार्ग तथा अन्य अस्थायी ढांचों की भी व्यवस्था होगी। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम में आने वाले आमंत्रित अतिथियों, अधिकारियों और अन्य लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा जा रहा है। अधिकांश टेंडर शॉर्ट नोटिस पर जारी किए गए हैं ताकि चयनित एजेंसियां समय रहते काम शुरू कर सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुरक्षा और बिजली व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 125 केवीए क्षमता वाले 11 जनरेटर, 250 केवीए क्षमता वाले 28 जनरेटर और एक 500 केवीए डीजी सेट लगाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आठ हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा एलईडी लाइटिंग, फायर सेफ्टी उपकरण, बैरिकेडिंग और लगभग चार हजार रंग-बिरंगे गमलों से पूरे परिसर को सजाया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि कार्यक्रम में किसी तरह की बाधा न आए।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संभावित दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान पीजीआई और पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े अहम प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित कालका, मोहाली, अंब अंदौरा और आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशनों का भी वर्चुअल लोकार्पण किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन स्टेशनों का आधुनिकीकरण यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। स्टेशन परिसरों में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना केवल भवनों के नवीनीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस योजना के तहत देशभर में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अब तक 172 से अधिक स्टेशनों का निर्माण या पुनर्विकास कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक स्टेशनों से यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा और स्थानीय व्यापार, पर्यटन तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>रेलवे अधिकारियों ने सोमवार को प्रस्तावित लोकार्पण वाले सभी स्टेशनों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। संबंधित विभागों को अंतिम रूप से सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय कला, विरासत और वास्तुकला को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इन स्टेशनों को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास किया गया है। प्रशासन और रेलवे दोनों का कहना है कि जैसे ही प्रधानमंत्री कार्यालय से आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि होगी, तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:00:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल में लगेंगे एलएचबी कोच, 23 जुलाई से यात्रियों को मिलेगा अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम मध्य रेलवे ने रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल एक्सप्रेस में आईसीएफ कोचों की जगह आधुनिक एलएचबी कोच लगाने का फैसला किया है। नई रेक के साथ यात्रियों को बेहतर सुरक्षा, कम झटके और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a468fced6f05/article-57710"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rani-kamalapati-agartala-special.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत और सुविधा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पश्चिम मध्य रेलवे ने रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल एक्सप्रेस में पुराने आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) कोचों की जगह आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगाने का निर्णय लिया है। रेलवे के अनुसार यह बदलाव 23 जुलाई 2026 से लागू होगा। गाड़ी संख्या 01665 रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल का संचालन इस तारीख से एलएचबी रेक के साथ शुरू होगा, जबकि वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 01666 अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल में 26 जुलाई 2026 से नए कोच लगाए जाएंगे। रेलवे का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक रेल यात्रा उपलब्ध कराना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे अधिकारियों के मुताबिक एलएचबी कोच वर्तमान समय की आधुनिक तकनीक पर आधारित होते हैं और इन्हें पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। इन कोचों में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम होने के कारण सफर के दौरान झटके कम महसूस होते हैं। साथ ही इनमें अत्याधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे ट्रेन की रुकने की क्षमता बेहतर होती है। दुर्घटना की स्थिति में भी एलएचबी कोचों की संरचना इस प्रकार तैयार की जाती है कि कोच एक-दूसरे पर चढ़ने की संभावना काफी कम रहती है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से चरणबद्ध तरीके से लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों में एलएचबी कोच शामिल कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि रानी कमलापति और अगरतला के बीच चलने वाली यह ट्रेन मध्यप्रदेश को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल सेवाओं में शामिल है। इस ट्रेन में हर वर्ष बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में आधुनिक एलएचबी कोच लगाए जाने से यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा और सुरक्षा मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नई एलएचबी रेक में कुल 22 कोच होंगे। इनमें 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी के डिब्बे, 8 स्लीपर कोच, 5 एसी थर्ड एसी कोच, 1 एसी थर्ड इकोनॉमी कोच, 2 एसी सेकेंड टियर कोच, 1 गार्ड सह लगेज एवं ब्रेक वैन और 1 जनरेटर कार शामिल रहेगी। इस संरचना के जरिए विभिन्न श्रेणी के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है ताकि सामान्य श्रेणी से लेकर वातानुकूलित श्रेणी तक सभी यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिल सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">एलएचबी कोचों की एक और विशेषता उनकी अधिकतम गति क्षमता भी है। इन कोचों को उच्च गति पर भी अधिक स्थिरता के साथ चलने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि किसी ट्रेन की वास्तविक गति ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था और परिचालन नियमों पर निर्भर करती है, फिर भी एलएचबी कोचों की वजह से सफर पहले की तुलना में अधिक संतुलित और आरामदायक माना जाता है। इसके अलावा इन कोचों में शोर कम होता है और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान कंपन भी अपेक्षाकृत कम महसूस होता है। यही वजह है कि रेलवे लगातार अपनी प्रमुख ट्रेनों में पुराने आईसीएफ कोचों को हटाकर एलएचबी कोचों से बदल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल मध्यप्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण रेल सेवा है। इस ट्रेन का उपयोग नौकरी, शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले हजारों यात्री करते हैं। एलएचबी कोच लगने के बाद विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बेहतर सस्पेंशन, आधुनिक ब्रेकिंग प्रणाली और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं के कारण यात्रा का अनुभव पहले की तुलना में काफी बेहतर होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से अपने नेटवर्क का आधुनिकीकरण करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। रेलवे स्टेशनों के विकास, नई वंदे भारत ट्रेनों के संचालन, आधुनिक सिग्नल प्रणाली, ट्रैक अपग्रेडेशन और एलएचबी कोचों के विस्तार जैसे कदम इसी रणनीति का हिस्सा हैं। यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना भी रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने आईसीएफ कोचों की जगह एलएचबी कोचों का उपयोग बढ़ने से दुर्घटनाओं के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय ट्रेन के कोच संयोजन और अन्य परिचालन संबंधी जानकारी पर ध्यान दें। 23 जुलाई से रानी कमलापति से अगरतला जाने वाली ट्रेन और 26 जुलाई से वापसी दिशा की सेवा नए एलएचबी रेक के साथ संचालित होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:08:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रथयात्रा के लिए गोंदिया–पुरी स्पेशल ट्रेन चलेगी, रायपुर-दुर्ग के यात्रियों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[रथयात्रा के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने जुलाई में गोंदिया और पुरी के बीच विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/gondia-puri-special-train-will-run-for-rath-yatra-a-big/article-57419"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gondia-puri-special-train.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रथयात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं। इस दौरान ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहती है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने गोंदिया और पुरी के बीच रथयात्रा स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह विशेष ट्रेन जुलाई महीने में चार-चार फेरों के लिए संचालित की जाएगी। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और ओडिशा के हजारों यात्रियों को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा मिलेगी और नियमित ट्रेनों पर अतिरिक्त दबाव भी कम होगा। रेलवे के अनुसार ट्रेन संख्या 08801 गोंदिया–पुरी रथयात्रा स्पेशल का संचालन 2, 9, 16 और 29 जुलाई 2026 को किया जाएगा। यह ट्रेन दोपहर 1:30 बजे गोंदिया से रवाना होगी। इसके बाद शाम 3:58 बजे दुर्ग और शाम 5:10 बजे रायपुर पहुंचेगी। निर्धारित समय के अनुसार यह ट्रेन अगले दिन सुबह 10 बजे पुरी पहुंचेगी। इस विशेष सेवा से रायपुर, दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को सीधे पुरी जाने का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा, जिससे यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी। वापसी यात्रा के लिए भी रेलवे ने विशेष व्यवस्था की है। ट्रेन संख्या 08802 पुरी–गोंदिया रथयात्रा स्पेशल 3, 10, 17 और 30 जुलाई 2026 को पुरी से दोपहर 1 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन तड़के 3:10 बजे रायपुर पहुंचेगी। इसके बाद सुबह 4:28 बजे दुर्ग होते हुए सुबह 7 बजे गोंदिया पहुंचेगी। इस तरह आने और जाने दोनों दिशाओं में यात्रियों को अतिरिक्त रेल सेवा का लाभ मिलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे ने इस विशेष ट्रेन का ठहराव कई प्रमुख स्टेशनों पर रखा है, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को इसका लाभ मिल सके। गोंदिया से पुरी के बीच यह ट्रेन डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, खरियार रोड, कांटाबांजी, टिटलागढ़, बलांगीर, बरगढ़ रोड, संबलपुर, अंगुल, तालचेर रोड, ढेंकानाल, कटक, भुवनेश्वर और खुर्दा रोड जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। इससे इन शहरों और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु भी बिना अतिरिक्त परेशानी के यात्रा कर सकेंगे। हर वर्ष रथयात्रा के समय पुरी जाने वाली ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची देखने को मिलती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले से टिकट बुक कराने के बावजूद कन्फर्म सीट नहीं प्राप्त कर पाते। ऐसे में रेलवे द्वारा चलाई जा रही यह विशेष ट्रेन यात्रियों के लिए काफी राहत लेकर आई है। अतिरिक्त फेरे शुरू होने से टिकट उपलब्धता में सुधार होने की उम्मीद है और यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा सुविधा भी मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस स्पेशल ट्रेन में कुल 20 आईसीएफ कोच लगाए गए हैं। इनमें दिव्यांग यात्रियों के लिए अनुकूल सह गार्ड कोच, 10 शयनयान (स्लीपर), 3 थर्ड एसी और 2 सेकेंड एसी कोच शामिल हैं। इसके अलावा सामान्य श्रेणी के यात्रियों के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की गई है, ताकि सभी वर्गों के लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार यात्रा कर सकें। रेलवे का कहना है कि अतिरिक्त कोचों की वजह से अधिक संख्या में यात्रियों को सीट उपलब्ध कराना संभव होगा।रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक करें और समय रहते अग्रिम आरक्षण करा लें। त्योहार के दौरान भीड़ अधिक रहने की संभावना है, इसलिए अंतिम समय तक इंतजार करने के बजाय पहले से योजना बनाकर टिकट लेना अधिक सुविधाजनक रहेगा। रेलवे ने यह भी कहा है कि यात्रा के दौरान यात्रियों को अपने टिकट, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ रखने चाहिए ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।</p>
<p class="isSelectedEnd">रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक उत्सवों में भी गिनी जाती है। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचते हैं। इस दौरान रेलवे पर यात्रियों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। इसी कारण रेलवे समय-समय पर विशेष ट्रेनों का संचालन करता है ताकि यात्रियों की सुविधा बनी रहे और नियमित ट्रेनों में भीड़ कम हो सके। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की यह पहल छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रायपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों से सीधे जुड़ने वाली यह विशेष ट्रेन हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 15:41:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नर्मदा एक्सप्रेस में 90 हजार की चोरी, सो रही महिला का बैग और पर्स लेकर फरार हुआ चोर</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन से बिलासपुर के बीच हुई वारदात, बाथरूम में मिला खाली पर्स; रायगढ़ पहुंचकर महिला ने दर्ज कराई शिकायत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/90-thousand-rupees-stolen-in-narmada-express-the-thief-escaped/article-56098"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/narmada-express-theft.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायगढ़ की रहने वाली एक महिला नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में चोरी का शिकार हो गई। महिला अपने पति के साथ उज्जैन से बिलासपुर की यात्रा कर रही थी, तभी देर रात अज्ञात चोर ने उसका पर्स और बैग पार कर दिया। बैग में मोबाइल चार्जर, पावर बैंक, कॉस्मेटिक सामान, कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री रखी हुई थी। महिला के अनुसार चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 90 हजार रुपए है। घटना के बाद महिला ने रायगढ़ पहुंचकर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रायगढ़ के इंदिरा नगर क्षेत्र स्थित केशर परिसर कॉलोनी में रहने वाली 34 वर्षीय पद्मावती थवाईत अपने पति अरुण कुमार थवाईत के साथ शनिवार को उज्जैन से बिलासपुर आने के लिए नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुई थीं। दोनों बी-4 कोच में सीट नंबर 5 और 6 पर यात्रा कर रहे थे। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी और रात करीब 12 बजे के बाद दोनों अपनी सीट पर सो गए। बताया जा रहा है कि महिला ने अपना पर्स तकिए के पीछे रखा था, जबकि बैग सीट के नीचे रखा हुआ था। रात के समय ट्रेन में अधिकांश यात्री सो रहे थे और इसी दौरान अज्ञात चोर ने मौके का फायदा उठाकर चोरी की घटना को अंजाम दे दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 6 बजे जब उसकी आंख खुली, तब ट्रेन नीवार स्टेशन के आसपास पहुंच रही थी। नींद खुलने के बाद उसने सबसे पहले अपने सामान की ओर देखा तो पर्स और बैग दोनों गायब मिले। शुरुआत में उसे लगा कि शायद सामान कहीं खिसक गया होगा, लेकिन काफी तलाश करने के बाद भी कुछ पता नहीं चला। इससे महिला और उसके पति की चिंता बढ़ गई। दोनों ने आसपास मौजूद यात्रियों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी को घटना की जानकारी नहीं थी। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद ट्रेन के एक बाथरूम में महिला का पर्स मिला। हालांकि पर्स पूरी तरह खाली था। उसमें रखी नकदी और अन्य जरूरी सामान गायब था। बैग का भी कहीं कोई पता नहीं चला। महिला को तब यह स्पष्ट हो गया कि किसी अज्ञात चोर ने उसका सामान चोरी कर लिया है। चोरी की इस घटना से महिला और उसका परिवार परेशान हो गया, क्योंकि बैग में दैनिक उपयोग की कई जरूरी वस्तुएं रखी हुई थीं। यात्रा के दौरान इस तरह की घटना होने से वे काफी तनाव में आ गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद महिला और उसके पति बिलासपुर पहुंचे। वहां तत्काल रायगढ़ जाने वाली ट्रेन उपलब्ध होने के कारण उन्होंने उसी समय बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। बाद में रायगढ़ पहुंचने के बाद उन्होंने जीआरपी थाने जाकर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद जीआरपी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(सी) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और ट्रेन के रूट, यात्रियों की जानकारी तथा उपलब्ध अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। रेल यात्रियों के बीच इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में रात के समय चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खासकर स्लीपर और एसी कोच में सफर करने वाले यात्री भी अब सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। कई बार चोर रात के समय सो रहे यात्रियों को निशाना बनाते हैं और स्टेशन आने से पहले ही सामान लेकर फरार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में चोरी का पता सुबह होने पर चलता है, जिससे आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दरअसल यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ दिनों में ट्रेनों में चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। करीब एक सप्ताह पहले बिलासपुर-रायगढ़ मेमू ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला का सोने का मंगलसूत्र चोरी हो गया था। महिला अपनी बेटी के साथ अकलतरा जा रही थी, तभी भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने उसका मंगलसूत्र पार कर दिया। इसी तरह ओडिशा के सिंदरिया निवासी शेख इमामुद्दीन भी ट्रेन यात्रा के दौरान चोरी का शिकार हुए थे। वे बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस के बी-1 कोच में सफर कर रहे थे, जहां अज्ञात चोर उनका बैग लेकर फरार हो गया था। बैग में लैपटॉप, पर्स, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत करीब 45 हजार रुपए का सामान रखा हुआ था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाना चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को भी सफर के दौरान अपने सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 15:56:08 +0530</pubDate>
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                <title>इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन को मिली नई पहचान, आज से शुरू होगा संचालन</title>
                                    <description><![CDATA[आधुनिक सुविधाओं से लैस नई स्टेशन बिल्डिंग तैयार, चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी यात्री सेवाएं, भविष्य में दो नए प्लेटफॉर्म भी बनाए जाएंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indores-lakshmibai-nagar-railway-station-gets-new-identity-operations-will/article-55721"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/laxmibai-nagar-railway-station.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य के बाद स्टेशन की नई और आधुनिक भवन संरचना तैयार हो गई है। रेलवे प्रशासन शुक्रवार से इसका चरणबद्ध संचालन शुरू करने जा रहा है। शुरुआत में स्टेशन मास्टर सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय नई बिल्डिंग में स्थानांतरित किए जाएंगे, जबकि अगले कुछ दिनों में यात्रियों से जुड़ी सभी प्रमुख सुविधाएं भी नए परिसर से संचालित होने लगेंगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी बल्कि यात्रियों को पहले की तुलना में कहीं बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी। लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन इंदौर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है और पिछले कुछ वर्षों में यहां यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है। इसी को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन के आधुनिकीकरण का निर्णय लिया था। अब तैयार हुई नई बिल्डिंग पुराने भवन की तुलना में लगभग दोगुनी बड़ी बताई जा रही है। स्टेशन भवन को आधुनिक वास्तुशिल्प और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसकी लंबाई करीब 100 मीटर और चौड़ाई लगभग 40 मीटर है, जिससे स्टेशन परिसर पहले की तुलना में अधिक विस्तृत और सुविधाजनक हो गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई बिल्डिंग में यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। ग्राउंड फ्लोर पर विशाल वेटिंग हॉल बनाया गया है, जहां यात्रियों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, स्टेशन मास्टर कक्ष, हेल्थ यूनिट, आरपीएफ कार्यालय, पार्सल कार्यालय और अन्य आवश्यक सेवाएं भी इसी तल पर उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों को एक ही स्थान पर कई सुविधाएं मिलने से स्टेशन पर आने-जाने वालों को काफी राहत मिलेगी। पहली मंजिल को प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों के लिए तैयार किया गया है। यहां रेलवे के विभिन्न विभागों के कार्यालय संचालित होंगे। इलेक्ट्रिकल, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं को एक ही परिसर में स्थान दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और स्टेशन संचालन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई बिल्डिंग शुरू होने के साथ ही स्टेशन के विस्तार की अगली योजना पर भी काम तेज होने की संभावना है। रेलवे प्रशासन लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए पुरानी स्टेशन बिल्डिंग को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनने से ट्रेनों की आवाजाही बढ़ाने में मदद मिलेगी और भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालना आसान होगा। रेलवे के लिए यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण तक सीमित नहीं है बल्कि इंदौर के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वर्तमान में इंदौर जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन का विस्तार होने के बाद कुछ ट्रेनों का संचालन यहां से भी किया जा सकेगा। इससे मुख्य रेलवे स्टेशन पर भीड़ और परिचालन दबाव कम होने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने भी नई स्टेशन बिल्डिंग को लेकर उत्साह जताया है। कई यात्रियों का कहना है कि पुराने भवन में जगह की कमी और सीमित सुविधाओं के कारण असुविधा होती थी। अब नए स्टेशन भवन से सफर का अनुभव बेहतर होने की उम्मीद है। विशेष रूप से प्रतीक्षालय, टिकट व्यवस्था और अन्य यात्री सेवाओं में सुधार लोगों के लिए राहत लेकर आएगा। रेलवे अधिकारियों ने निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान संबंधित एजेंसियों को शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि आगामी 15 दिनों के भीतर टिकट काउंटर, वेटिंग हॉल और अन्य यात्री सुविधाओं का संचालन भी पूरी तरह नई बिल्डिंग से शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद स्टेशन का अधिकांश कामकाज आधुनिक परिसर से संचालित होने लगेगा। इंदौर शहर तेजी से विकसित हो रहा है और रेलवे ढांचे को भी उसी गति से मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन का यह नया स्वरूप इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले समय में स्टेशन विस्तार, नए प्लेटफॉर्म और बढ़ती ट्रेन सेवाओं के साथ यह रेलवे स्टेशन इंदौर के प्रमुख परिवहन केंद्रों में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indores-lakshmibai-nagar-railway-station-gets-new-identity-operations-will/article-55721</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 13:57:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा-हैदराबाद के बीच समर स्पेशल ट्रेन शुरू, 8 जून से यात्रियों को मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे का फैसला, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/summer-special-train-between-rewa-hyderabad-will-start-from-june-8/article-55102"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-hyderabad-special-train.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">गर्मी की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट से परेशान यात्रियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दक्षिण मध्य रेलवे ने रीवा और चारलपल्ली (हैदराबाद) के बीच समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि जून महीने में बड़ी संख्या में लोग छुट्टियों, पारिवारिक कार्यक्रमों, शिक्षा और नौकरी से जुड़े कारणों से यात्रा करते हैं। ऐसे में नियमित ट्रेनों पर दबाव काफी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए यह विशेष ट्रेन शुरू की जा रही है, जिससे हजारों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह सेवा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी। रीवा-हैदराबाद के बीच यात्रा करने वाले लोगों को अब अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा और कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन संख्या 02158 रीवा-चारलपल्ली समर स्पेशल 8 जून 2026 से 28 जून 2026 तक प्रत्येक रविवार को संचालित की जाएगी। यह ट्रेन रीवा स्टेशन से दोपहर 12:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:45 बजे चारलपल्ली पहुंचेगी। निर्धारित अवधि के दौरान यह विशेष ट्रेन कुल चार फेरे लगाएगी। बताया जा रहा है कि इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी और कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग की स्थिति बनी हुई थी। रेलवे ने यात्रियों की मांग और उपलब्ध आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद इस विशेष सेवा को मंजूरी दी है। इससे उन लोगों को विशेष राहत मिलेगी जो हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा या पारिवारिक कारणों से नियमित रूप से यात्रा करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">चारलपल्ली से रीवा लौटने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। ट्रेन संख्या 02157 चारलपल्ली-रीवा समर स्पेशल 7 जून से 29 जून 2026 तक संचालित होगी। यह ट्रेन प्रत्येक शनिवार को शाम 5 बजे चारलपल्ली से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। वापसी दिशा में भी यह सेवा कुल चार ट्रिप के लिए उपलब्ध रहेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोनों दिशाओं में समान रूप से यात्री दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे उन यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी जो छुट्टियां बिताने के बाद अपने कार्यस्थल या घर वापस लौटना चाहते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">रीवा, सतना और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में छात्र और नौकरीपेशा लोग हैदराबाद, सिकंदराबाद और तेलंगाना के अन्य शहरों की ओर यात्रा करते हैं। आईटी सेक्टर, शिक्षा संस्थानों और निजी कंपनियों में कार्यरत लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। ऐसे में रीवा-हैदराबाद रेल संपर्क को मजबूत बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। गर्मी के मौसम में यह मांग और बढ़ जाती है क्योंकि परिवारों के साथ यात्रा करने वालों की संख्या भी काफी अधिक रहती है। कई यात्रियों को वेटिंग टिकट के कारण अंतिम समय में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेलवे को उम्मीद है कि विशेष ट्रेन के संचालन से ऐसी समस्याओं में कमी आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस ट्रेन में विभिन्न श्रेणियों के कोच उपलब्ध रहेंगे, जिससे यात्रियों को अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिल सकेगा। हालांकि सीटों की उपलब्धता और बुकिंग की स्थिति पर नजर रखने की सलाह भी दी गई है क्योंकि विशेष ट्रेनों में भी छुट्टियों के दौरान मांग तेजी से बढ़ जाती है। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को समय पर टिकट आरक्षित कराने का प्रयास करना चाहिए ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए भारतीय रेलवे अलग-अलग जोनों में विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है। रीवा-चारलपल्ली समर स्पेशल भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि यात्रियों की संख्या और मांग अपेक्षा से अधिक रहती है तो भविष्य में ऐसे रूटों पर अतिरिक्त सेवाओं पर भी विचार किया जा सकता है। इस घोषणा के बाद रीवा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है। यात्रियों का मानना है कि हैदराबाद जैसे बड़े शहर के लिए अतिरिक्त ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रा का दबाव कम होगा और सफर पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनेगा।  यह विशेष सेवा यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगी और छुट्टियों के दौरान यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 15:00:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लुधियाना रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, वैष्णो देवी जा रही ट्रेन का कपलर टूटा, यात्रियों में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन में तेज आवाज के बाद अफरा-तफरी मच गई, जांच में कपलर टूटने की बात सामने आई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/major-accident-averted-at-ludhiana-railway-station-coupler-of-train/article-55063"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ludhiana-railway-station.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही एक स्पेशल ट्रेन में अचानक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी जोरदार थी कि यात्रियों को पहले पहल किसी धमाके या बड़ी अनहोनी का अंदेशा हो गया। कुछ ही पलों में ट्रेन के भीतर बैठे यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई और कई लोग अपनी सीटों से उठकर कोच के दरवाजों की तरफ बढ़ने लगे। घटना उस समय हुई जब ट्रेन लुधियाना स्टेशन से आगे बढ़ने की तैयारी में थी। शुरुआती सूचना सामने आते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। चूंकि पंजाब में इन दिनों ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, इसलिए प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल ट्रेन शनिवार तड़के नई दिल्ली से रवाना हुई थी और निर्धारित समय के अनुसार सुबह करीब 8:47 बजे लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन जब स्टेशन से आगे बढ़ने लगी तो अचानक एक जोरदार आवाज सुनाई दी। आवाज के साथ ही झटका महसूस हुआ, जिससे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। कई लोगों ने इसे धमाके जैसी आवाज बताया। ट्रेन के एक हिस्से में मौजूद यात्रियों ने घबराकर बाहर निकलने की कोशिश की। इस दौरान कुछ समय के लिए स्टेशन पर भी तनावपूर्ण माहौल बन गया। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को संभालने का प्रयास किया और यात्रियों को शांत रहने की अपील की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रेन के दो डिब्बों को जोड़ने वाला कपलर टूट गया था। कपलर टूटने के कारण कोचों के बीच अचानक दबाव और झटका पैदा हुआ, जिससे एक स्लीपर कोच का शौचालय हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों के अनुसार हादसा गंभीर हो सकता था, लेकिन समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली गई। रेलवे की तकनीकी टीम ने तुरंत प्रभावित हिस्से का निरीक्षण शुरू कर दिया और ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और रेलवे प्रशासन दोनों सक्रिय नजर आए। लुधियाना के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समीर वर्मा ने जांच के बाद बताया कि यह किसी प्रकार का विस्फोट नहीं था। उनके अनुसार ट्रेन चलने के दौरान दो कोचों को जोड़ने वाला कपलर टूट गया, जिसके कारण तेज आवाज आई और यात्रियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा खतरे के संकेत नहीं मिले हैं। इसके बावजूद सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर फिरोजपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने कहा कि जिस डिब्बे में यह समस्या सामने आई, उसकी उम्र अभी निर्धारित सीमा से काफी कम है। रेलवे के अनुसार एक कोच की सामान्य सेवा अवधि लगभग 25 वर्ष होती है, जबकि संबंधित कोच करीब 15 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। ऐसे में तकनीकी खराबी की सटीक वजह जानने के लिए विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी यांत्रिक हिस्से के टूटने पर तेज आवाज आना स्वाभाविक है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद कुछ यात्रियों ने दावा किया कि उन्होंने कपलर टूटने से पहले धमाके जैसी आवाज सुनी थी। इसी कारण शुरुआती स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों ने सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू की। हालांकि रेलवे अधिकारियों का मानना है कि ट्रेन के आगे बढ़ने के दौरान कपलिंग सिस्टम पर अचानक दबाव बढ़ने से यह घटना हुई हो सकती है। तकनीकी विशेषज्ञ अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या कपलर में पहले से कोई खामी थी या फिर परिचालन के दौरान किसी वजह से उस पर अत्यधिक तनाव पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शनिवार सुबह हुई इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाती है और इस मामले में भी सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। रेलवे प्रशासन का दावा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और घटना से जुड़े हर तथ्य की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।</p>
<p style="text-align:justify;">राहत की बात यह है कि समय रहते स्थिति नियंत्रण में आ गई और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। रेलवे और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना केवल तकनीकी खराबी का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी मौजूद था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:00:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उज्जैन में वंदे भारत ट्रेन पर पथराव, 5 कोचों के शीशे टूटे</title>
                                    <description><![CDATA[गदा पुलिया के पास वारदात, CCTV में संदिग्ध दिखे; RPF ने केस दर्ज कर जांच शुरू की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/stone-pelting-on-vande-bharat-train-in-ujjain-glass-of/article-54306"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/vande-bharat-train-stone-pelting.jpg" alt=""></a><br /><p>उज्जैन में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब सुपरफास्ट वंदे भारत ट्रेन पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। उज्जैन रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर गदा पुलिया और नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच यह घटना हुई, जिसमें ट्रेन के पांच से अधिक कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>घटना शाम करीब 7:30 बजे की है, जब वंदे भारत ट्रेन तेज गति से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि कई कोचों के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास टूट गए, जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों में दहशत फैल गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस घटना में ट्रेन के कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन अचानक हुए हमले से कुछ देर के लिए कोचों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।</p>
<h5><strong>CCTV में दिखे संदिग्ध</strong></h5>
<p>घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक रेलवे ट्रैक के आसपास ट्रेन के आने से पहले घूमते हुए नजर आ रहे हैं। फुटेज में यह भी दिखता है कि जैसे ही ट्रेन नजदीक पहुंचती है, युवक पथराव शुरू कर देते हैं और मौके से भाग जाते हैं। रेलवे सुरक्षा बल ने CCTV फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह सुनियोजित नहीं बल्कि मौके पर किया गया हमला हो सकता है, हालांकि सभी एंगल से जांच की जा रही है।</p>
<h5><strong>यात्रियों में फैली दहशत</strong></h5>
<p>पथराव के दौरान ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अचानक जोरदार आवाजें सुनाई दीं और कांच टूटने से कोचों में डर का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने तुरंत अपने मोबाइल से घटना की जानकारी रेलवे हेल्पलाइन और अधिकारियों को दी। कुछ यात्रियों के अनुसार पत्थर इतनी तेजी से आ रहे थे कि कुछ समय तक समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है। हालांकि ट्रेन को रोकने की जरूरत नहीं पड़ी और यह अपने निर्धारित समय पर आगे रवाना हो गई।</p>
<h5><strong>RPF की जांच तेज</strong></h5>
<p>घटना की सूचना मिलते ही उप निरीक्षक जयवीर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। रेलवे पुलिस ने प्रभावित कोचों का निरीक्षण कर यात्रियों से बयान दर्ज किए हैं। इसके साथ ही आसपास के इलाके में लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।</p>
<h5><strong>सुरक्षा पर उठे सवाल</strong></h5>
<p>वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड और हाई-सिक्योरिटी ट्रेन पर पथराव की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि ट्रैक के आसपास निगरानी और बढ़ाई जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:05:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में लगी आग, 68 यात्रियों को बचाया गया, दिल्ली-मुंबई रूट ठप</title>
                                    <description><![CDATA[रतलाम के पास राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लगने से हड़कंप मच गया। 68 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, दिल्ली-मुंबई रूट प्रभावित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/fire-in-ac-coach-of-delhi-going-rajdhani-express-68/article-53564"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/massive-fire-breaks-out-on-rajdhani-express.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। त्रिवेंद्रम से हजरत निजामुद्दीन जा रही इस ट्रेन के एसी कोच में रतलाम जिले के आलोट के पास अचानक आग लग गई। यह घटना सुबह लगभग 5:15 बजे लूणी रीछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आग सबसे पहले बी-1 एसी कोच में दिखाई दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उस समय 68 यात्री मौजूद थे। ट्रेन स्टाफ और रेलवे कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की और करीब 15 मिनट के भीतर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं आई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालाँकि कोच पूरी तरह जल गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कहा जा रहा है कि राजधानी एक्सप्रेस रात करीब 3:45 बजे रतलाम जंक्शन से निकली थी और इसका अगला स्टॉप कोटा जंक्शन था। राजस्थान में प्रवेश करने से पहले ही यात्रियों ने कोच से धुआं उठता देखा। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और यह बी-1 कोच के पीछे लगी सेकंड लगेज कम गार्ड वैन तक पहुंच गई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई यात्री घबराकर ट्रेन से नीचे उतर आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि दूर से ही धुएं का गुबार नजर आने लगा था। आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि रेलवे स्टाफ यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर ले जाने की कोशिश कर रहा था। आग बढ़ने के बाद ट्रेन का बिजली कनेक्शन काट दिया गया और प्रभावित कोच को अलग कर दिया गया। स्थानीय फायर ब्रिगेड और रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन काफी देर तक कोच से धुआं और लपटें निकलती रहीं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी घटना के बाद दिल्ली-मुंबई रेल रूट पर ट्रैफिक रोक दिया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कई ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों तरफ की 5 से 6 ट्रेनों के शेड्यूल प्रभावित हुए हैं और कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया। घटना स्थल तकनीकी तौर पर कोटा रेल मंडल क्षेत्र में आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन रतलाम मंडल का मुख्यालय पास होने के कारण रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार भी मौके पर पहुंच गए। रेलवे ने राहत और बचाव के लिए दुर्घटना राहत ट्रेन और टावर वैगन भेजी है। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे अधिकारी अभी कुछ भी स्पष्ट बताने से बच रहे हैं। यात्रियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि ट्रेन की स्थिति और समय की जानकारी मिल सके।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 10:43:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेन में अब हर टिकट चेकिंग होगी रिकॉर्ड, नए पहनावे के साथ दिखेंगे TTE</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रेलवे अब TTE को बॉडी कैमरा देगा। टिकट चेकिंग की पूरी रिकॉर्डिंग होगी, जिससे विवाद और फर्जी शिकायतों पर रोक लगेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-every-ticket-will-be-checked-in-the-train-records/article-53468"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/indian-railways-new-rule-tte-ticket-checking.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारतीय रेलवे एक नई व्यवस्था पर काम कर रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका उद्देश्य ट्रेनों में टिकट चेकिंग को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। इसके लिए रेलवे ने ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर या </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए बॉडी कैमरा सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया है। शुरुआत में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ मंडलों में इसका पायलट प्रोजेक्ट भी चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट जांच के समय होने वाली सभी गतिविधियां कैमरे में कैद होंगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों और </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए उठाया गया है। कई बार ट्रेन में टिकट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीट या जुर्माने को लेकर बहस होने लगती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो विवाद में बदल सकती है। ऐसे मामलों में अब वीडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर काम आ सकेगी। रेलवे को लंबे समय से टिकट चेकिंग के दौरान अभद्र व्यवहार और झूठी शिकायतों की शिकायते मिल रही थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रेलवे द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बॉडी कैमरों में कई आधुनिक फीचर्स हैं। अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये कैमरे </span>HD <span lang="hi" xml:lang="hi">वीडियो के साथ-साथ ऑडियो भी रिकॉर्ड कर सकेंगे। रात के समय के लिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन कैमरों में नाइट विजन फीचर दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कम रोशनी में भी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड किया जा सकेगा। इनकी बैटरी क्षमता भी काफी महत्वपूर्ण है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे का कहना है कि एक बार चार्ज करने पर ये करीब 20 घंटे तक काम कर सकते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये फीचर्स खास महत्व रखते हैं। कैमरों को टैंपर-प्रूफ भी बनाया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ ना हो सके। खबर है कि मुंबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वॉल्टेयर और रायपुर मंडल में इस सिस्टम का ट्रायल चल रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कुछ </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">को विशेष प्रशिक्षण देकर कैमरों के इस्तेमाल की जिम्मेदारी दी गई है। प्रारंभिक फीडबैक सकारात्मक रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगर अच्छे परिणाम सामने आए तो इसे दूसरे मंडलों में भी लागू किया जा सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बॉडी कैमरा सिस्टम लागू होने से ट्रेनों में अनुशासन में वृद्धि होगी। कई बार यात्रियों और टिकट जांच कर्मचारियों के बीच कहासुनी होती है। कुछ मामलों में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया पर आधी जानकारी के साथ वीडियो वायरल होने से विवाद और बढ़ जाता है। अब जब सभी रिकॉर्डिंग उपलब्ध होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो घटनाओं की सही तस्वीर सामने आ सकेगी। रेलवे का मानना है कि यह सिस्टम ईमानदारी से काम करने वाले </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए भी फायदेमंद साबित होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अगर उन पर गलत आरोप लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो रिकॉर्डिंग उनके पक्ष में साबित हो सकती है। यात्रियों को भी उम्मीद है कि कैमरों की मौजूदगी से टिकट जांच के दौरान व्यवहार में सुधार आएगा। पिछले कुछ वर्षों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय रेलवे लगातार तकनीक पर आधारित बदलावों पर जोर दे रहा है। ऑनलाइन टिकटिंग</span>, AI <span lang="hi" xml:lang="hi">निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्मार्ट स्टेशन और फेस रिकग्निशन जैसी सुविधाओं के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब बॉडी कैमरा सिस्टम को भी उसी श्रृंखला में शामिल किया जा रहा है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसे देशभर में कब तक लागू किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन रेलवे की इस पहल को बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:05:54 +0530</pubDate>
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