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                <title>State Government - दैनिक जागरण</title>
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                <description>State Government RSS Feed</description>
                
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                <title>स्कूलों में मंत्रोच्चार पर याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सबूत के साथ दोबारा आने को कहा</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने फिलहाल हस्तक्षेप से इनकार किया, कहा- आदेश लागू होने के ठोस प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/chhattisgarh-high-court-rejects-petition-on-chanting-in-schools-asks/article-57670"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-high-court-(7).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने संबंधी राज्य शासन के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका फिलहाल खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड पर ऐसे कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए गए हैं, जिनसे यह साबित हो सके कि संबंधित आदेश का वास्तव में स्कूलों में पालन शुरू हो चुका है। ऐसे में न्यायालय ने इस स्तर पर किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यदि भविष्य में आदेश के अमल से जुड़े ठोस प्रमाण सामने आते हैं तो याचिकाकर्ता नई याचिका दाखिल कर सकते हैं। इस फैसले के बाद फिलहाल इस मुद्दे पर कानूनी राहत नहीं मिली है, लेकिन अदालत ने भविष्य के लिए कानूनी रास्ता खुला रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह याचिका छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलमान रिज़वी की ओर से दायर की गई थी। याचिका में राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने का प्रावधान बताया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि यह आदेश संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि इस आदेश को असंवैधानिक घोषित करते हुए निरस्त किया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डॉ. अमीर खान ने पक्ष रखा और कहा कि इस आदेश से संविधान के मूल प्रावधान प्रभावित होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सबसे पहले इस बात पर जोर दिया कि अदालत किसी भी प्रशासनिक आदेश में तभी हस्तक्षेप करती है, जब उसके लागू होने या उससे प्रभावित होने के स्पष्ट और ठोस प्रमाण उपलब्ध हों। अदालत ने कहा कि मौजूदा याचिका में ऐसे दस्तावेज, वीडियो या अन्य सामग्री प्रस्तुत नहीं की गई, जिससे यह साबित हो सके कि राज्य सरकार का आदेश वास्तव में स्कूलों में लागू किया जा चुका है। केवल आशंका या संभावना के आधार पर न्यायिक हस्तक्षेप का आधार नहीं बनता। इसी कारण अदालत ने फिलहाल याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता डॉ. अमीर खान के अनुसार, सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूल में इस आदेश का पालन कराए जाने के प्रमाण सामने आते हैं, तो याचिकाकर्ता उन साक्ष्यों को रिकॉर्ड पर रखकर दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि वीडियो, फोटो, आधिकारिक दस्तावेज या अन्य विश्वसनीय सामग्री उपलब्ध होती है, तो उसके आधार पर नई याचिका पर विचार किया जा सकता है। इस टिप्पणी को मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अदालत ने कानूनी चुनौती का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस फैसले के बाद फिलहाल राज्य सरकार के आदेश पर कोई न्यायिक रोक नहीं लगी है। हालांकि अदालत ने आदेश की वैधता पर कोई अंतिम टिप्पणी भी नहीं की है। न्यायालय का पूरा फोकस इस बात पर रहा कि याचिका में प्रस्तुत तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं बनती। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत ने इस मामले में प्रक्रिया संबंधी सिद्धांतों का पालन करते हुए फैसला दिया है। किसी भी नीति या प्रशासनिक आदेश को चुनौती देने के लिए उसके प्रभाव या क्रियान्वयन के पर्याप्त प्रमाण होना आवश्यक माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था और धार्मिक गतिविधियों को लेकर एक नई बहस भी छेड़ दी है। एक पक्ष का मानना है कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम स्कूलों में कराए जा सकते हैं, जबकि दूसरा पक्ष इसे संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के संदर्भ में देख रहा है। हालांकि इन सभी मुद्दों पर हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की और केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर केवल याचिका की स्वीकार्यता पर विचार कर रही थी, न कि आदेश की संवैधानिक वैधता पर। भविष्य में यदि किसी स्कूल में आदेश के पालन के प्रमाण सामने आते हैं और उसके आधार पर नई याचिका दायर होती है, तो अदालत उस समय मामले के संवैधानिक पहलुओं पर भी विस्तार से विचार कर सकती है। फिलहाल इस फैसले से यह संदेश गया है कि न्यायालय केवल अनुमान या आशंका के आधार पर हस्तक्षेप नहीं करेगा, बल्कि ठोस तथ्यों और साक्ष्यों को प्राथमिकता देगा। यही वजह है कि याचिकाकर्ता को दोबारा याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता भी दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:22:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एमपी तबादला नीति में छूट से 17 हजार से अधिक ट्रांसफर हुए</title>
                                    <description><![CDATA[मोहन सरकार की एक दिन की छूट में विभागों में ताबड़तोड़ तबादले, 16 दिन में बड़ी प्रशासनिक हलचल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/more-than-17-thousand-transfers-took-place-due-to-relaxation/article-56267"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/madhya-pradesh-transfer.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मोहन यादव सरकार द्वारा तबादलों पर दी गई अस्थायी छूट के बाद मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर जबरदस्त हलचल देखने को मिली है। मध्य प्रदेश तबादला नीति के तहत 16 दिन के भीतर 17 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। खास बात यह रही कि केवल एक दिन की विशेष छूट के दौरान ही करीब ढाई हजार तबादले महज़ कुछ घंटों में पूरे कर दिए गए। यह पूरा घटनाक्रम सोमवार और मंगलवार की रात के बीच अधिक सक्रिय रूप में देखा गया, जब विभागों ने देर रात तक आदेश जारी किए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 15 जून को तबादला अवधि समाप्त होने के बाद मंत्रियों की मांग पर एक दिन की विशेष रियायत दी गई थी, जो मंगलवार रात 12 बजे तक प्रभावी रही। इस अवधि में कई विभागों ने तेजी से अपने स्तर पर तबादला आदेश जारी किए। स्कूल शिक्षा विभाग में प्रक्रिया अभी ऑनलाइन आवेदन स्तर पर होने के कारण आदेश पूरी तरह जारी नहीं हुए हैं, लेकिन बाकी विभागों में बड़े पैमाने पर स्थानांतरण हुए हैं। आबकारी विभाग, जेल विभाग, वन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग और पर्यावरण विभाग जैसे अहम विभागों में तबादलों की लंबी सूची तैयार हुई है। इसके अलावा राजस्व, भू-संसाधन, पीएचई, जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास, आयुष, किसान कल्याण, कृषि विकास, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और सहकारिता विभागों में भी व्यापक स्तर पर अधिकारियों का फेरबदल किया गया है। कई जगहों पर फाइलें देर रात तक चलती रहीं और आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य स्तर पर विभागवार आंकड़ों की बात करें तो प्रशासनिक स्तर पर जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार राजस्व विभाग में लगभग 400, नगरीय विकास एवं आवास में करीब 900, पंचायत एवं ग्रामीण विकास में 1100 और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में लगभग 1700 तबादले हुए हैं। जनजातीय कार्य विभाग में करीब 1200, लोक निर्माण विभाग में 500 और वन विभाग में 200 से अधिक स्थानांतरण दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग में 200 से ज्यादा, आबकारी विभाग में 75, परिवहन विभाग में 50, वाणिज्यिक कर विभाग में लगभग 150 और जल संसाधन विभाग में 300 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। जिला स्तर पर भी हजारों की संख्या में आदेश जारी होने से प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि कई जिलों में एक ही दिन में बड़ी संख्या में फाइलें निपटाई गईं, जिससे विभागीय कामकाज की गति भी प्रभावित हुई। अधिकारियों के अनुसार तबादलों का आधिकारिक रिकॉर्ड सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नीति स्तर पर तैयार किया जाता है, लेकिन हर विभाग में वास्तविक संख्या का अलग-अलग संकलन होता है। यही वजह है कि कुल आंकड़े को जोड़ने में भी प्रशासनिक स्तर पर थोड़ा अंतर देखा जाता है। बावजूद इसके, एक दिन की छूट के भीतर हुई यह तेज़ी इस बात की ओर इशारा करती है कि सरकार की रियायत के बाद विभागों में लंबित तबादलों को तेजी से निपटाया गया। अब आने वाले दिनों में स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश भी जारी होने की संभावना है, जिसके बाद कुल आंकड़ा और बढ़ सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:37:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हेल्पलाइन नंबर पर खुद कॉल सुनने बैठे सीएम साय, शिकायत मिलते ही दिए कार्रवाई के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शुरुआत, लोगों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को त्वरित समाधान के आदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a293492ab844/article-55524"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/cm-helpline.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत की गई। इस दौरान एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद हेल्पलाइन सेंटर पहुंचे और औपचारिक निरीक्षण के बीच अचानक हेडफोन लगाकर कॉल रिसीव करने लगे। हेल्पलाइन नंबर पर आई एक शिकायत को उन्होंने सीधे सुना और संबंधित अधिकारियों को समाधान के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री का यह कदम पूरे कार्यक्रम का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर में स्थापित हेल्पलाइन सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने शिकायतों के पंजीयन, निगरानी और उनके निराकरण की प्रक्रिया को करीब से देखा। अधिकारियों से जानकारी लेने के दौरान मुख्यमंत्री ने यह समझने की कोशिश की कि शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके समाधान तक की पूरी प्रक्रिया किस तरह काम करती है। इसी बीच उन्होंने खुद एक ऑपरेटर की सीट पर बैठकर कॉल लेने की इच्छा जताई और हेडफोन पहनकर सीधे नागरिकों से संवाद किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा रिसीव की गई पहली कॉल रायपुर निवासी पूना राम ठाकरे की थी। कॉलर ने आय प्रमाण पत्र से जुड़ी अपनी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान पहले उनका नाम और निवास स्थान पूछा, फिर पूरी शिकायत को ध्यान से सुना। शिकायत सुनने के बाद उन्होंने कॉलर को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या दर्ज कर ली गई है और संबंधित विभाग को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम बनकर न रह जाए, बल्कि लोगों को वास्तविक समाधान भी मिलना चाहिए। उन्होंने शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता, जवाबदेही और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर हेल्पलाइन तक पहुंचता है तो उसे यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जाएगी और उस पर कार्रवाई भी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के विभिन्न विभागों को एक साझा मंच पर जोड़ने वाली व्यवस्था है। इस प्रणाली में 1200 से अधिक शिकायत श्रेणियां शामिल की गई हैं। वहीं लगभग 8000 अधिकारियों को चार अलग-अलग प्रशासनिक स्तरों पर जोड़ा गया है ताकि शिकायतों का निपटारा प्रभावी ढंग से किया जा सके। व्यवस्था को इस तरह तैयार किया गया है कि ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक किसी भी शिकायत की लगातार निगरानी की जा सके। यदि किसी स्तर पर समाधान नहीं होता तो मामला स्वतः अगले स्तर पर पहुंच जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में काम कर रहे कर्मचारियों और युवाओं से भी बातचीत की। उन्होंने उनके अनुभव और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि हेल्पलाइन संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। इससे एक ओर जहां तकनीकी और प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आया है, वहीं दूसरी ओर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के जरिए सरकार नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना चाहती है। कई बार लोगों की शिकायतें विभागों तक पहुंचने के बाद भी लंबे समय तक लंबित रहती थीं, लेकिन हेल्पलाइन के माध्यम से अब हर शिकायत का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और उसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार जनता की समस्याओं का समाधान है। सरकार चाहती है कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। नई हेल्पलाइन व्यवस्था इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि शिकायतों के निपटारे में संवेदनशीलता दिखाई जाए और नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>
<p>मुख्यमंत्री द्वारा खुद फोन उठाकर शिकायत सुनने की घटना को लेकर दिनभर चर्चा होती रही। कई लोगों ने इसे जनता और सरकार के बीच सीधे संवाद की सकारात्मक पहल बताया। अब देखना होगा कि नई हेल्पलाइन व्यवस्था आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर कितनी खरी उतरती है और शिकायतों के त्वरित समाधान में कितनी प्रभावी साबित होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:29:59 +0530</pubDate>
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                <title>छत्तीसगढ़ में 9 जून से शुरू होगी CM हेल्पलाइन 1076, एक कॉल पर दर्ज होगी शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे शुभारंभ, कॉल, व्हाट्सएप, मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए नागरिक दर्ज करा सकेंगे शिकायत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/cm-helpline-1076-will-start-in-chhattisgarh-from-june-9/article-54827"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/cm-helpline-1076.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ की जनता के लिए प्रशासनिक सेवाओं और शिकायत निवारण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य सरकार 9 जून से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था के जरिए आम नागरिक अपनी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे और उनके समाधान की प्रक्रिया की निगरानी भी की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस हेल्पलाइन सेवा का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करेगी तथा शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निराकरण में मदद करेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">राज्य शासन के अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से नागरिकों को विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार शिकायतों के निपटारे में देरी होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई हेल्पलाइन व्यवस्था का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाना है। हेल्पलाइन के संचालन को लेकर मंत्रालय स्थित महानदी भवन में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों को शिकायतों के पंजीकरण, निगरानी और समाधान की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। साथ ही तकनीकी प्लेटफॉर्म के संचालन और जवाबदेही से जुड़े पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने की। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल एक शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने का माध्यम भी बनेगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना सभी विभागों की जिम्मेदारी होगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार द्वारा विकसित नई शिकायत प्रबंधन प्रणाली को इस तरह तैयार किया गया है कि यदि किसी अधिकारी या विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायत का समाधान नहीं किया जाता है तो वह स्वतः अगले स्तर पर पहुंच जाएगी। यह प्रक्रिया एल-1 से एल-4 स्तर तक लागू होगी। इससे शिकायतों की लगातार निगरानी संभव होगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से शिकायतों के लंबित रहने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नई प्रणाली की एक और महत्वपूर्ण विशेषता शिकायतकर्ता का फीडबैक है। शिकायत के निराकरण के बाद संबंधित व्यक्ति से प्रतिक्रिया ली जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि शिकायत का समाधान वास्तव में हुआ है या नहीं। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता है तो मामले की पुनः समीक्षा की जा सकेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायत बंद करना नहीं बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना है। संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू होने के बाद नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को आसानी होगी और वे अपनी सुविधा के अनुसार माध्यम का चयन कर सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। नागरिक अपनी शिकायत की स्थिति को भी ट्रैक कर सकेंगे। इससे उन्हें बार-बार कार्यालयों में जाकर जानकारी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायतों के डेटा का विश्लेषण कर उन क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी जहां सबसे अधिक समस्याएं सामने आ रही हैं। यदि इस हेल्पलाइन का प्रभावी संचालन किया गया तो यह शासन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। कई राज्यों में इसी तरह की हेल्पलाइन सेवाओं ने नागरिकों को त्वरित राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी मॉडल को अपनाकर प्रशासनिक सेवाओं को और अधिक जनहितैषी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह पहल विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकती है। अक्सर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को अपनी समस्याएं संबंधित विभागों तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अब वे एक फोन कॉल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और उसके समाधान की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के शुभारंभ को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह व्यवस्था जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करेगी। साथ ही नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के जरिए सुशासन की अवधारणा को और मजबूत करेगी। 9 जून से शुरू होने वाली यह सेवा आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए राहत का माध्यम बन सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:47:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में सरकारी खर्च पर सख्ती, CM-मंत्रियों के काफिले होंगे छोटे, जारी हुई नई गाइडलाइन</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ सरकार ने खर्च घटाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। CM-मंत्रियों के काफिले छोटे होंगे, विदेश यात्रा पर भी सख्ती रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/strictness-on-government-expenditure-in-chhattisgarh-cm-convoys-of-ministers-will/article-53547"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-government.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खर्चों पर नियंत्रण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग की तरफ से नई गाइडलाइन जारी की गई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें कहा गया है कि अब सिर्फ जरूरी कामों पर ही सरकारी धन खर्च होगा। सभी विभागों को अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके तहत मुख्यमंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रियों और निगम-मंडलों के अधिकारियों की गाड़ियों की संख्या भी कम की जाएगी। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अधिकारी सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा करेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें पहले मुख्यमंत्री की अनुमति लेनी होगी। जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना गंभीर कारण के विदेश यात्रा की मंजूरी नहीं मिलेगी। ये सभी निर्देश 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई गाइडलाइन में वाहन पूलिंग सिस्टम को अनिवार्य भी किया गया है। इसका मतलब है कि एक ही दिशा या ऑफिस की ओर जाने वाले अधिकारी अलग-अलग गाड़ियों के बजाय एक साथ यात्रा करेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे पेट्रोल और डीजल की बचत होगी और सरकारी खर्च कम होगा। रायपुर समेत कई जिलों में इस व्यवस्था को जल्दी लागू करने की तैयारी चल रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विभागों से सरकारी वाहनों का डेटा भी मांग लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। वहीं कुछ अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से ट्रैफिक और फिजूल खर्च पर भी असर पड़ेगा। लेकिन इस फैसले को लेकर अंदरखाने में विभिन्न प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/chhattisgarh-government.webp" alt="Chhattisgarh Government" width="512" height="653"></img></span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार ने ऑनलाइन ट्रेनिंग और डिजिटल सिस्टम के उपयोग पर भी जोर दिया है। इसके लिए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">IGOT <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मयोगी पोर्टल का अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है। यह एक केंद्र सरकार का ऑनलाइन ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को नई तकनीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक कार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल गवर्नेंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और फाइल वर्क से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार चाहती है कि ट्रेनिंग और बैठकों में होने वाले फिजिकल खर्च कम हों और ज्यादा काम डिजिटल तरीके से किया जाए। कई विभागों को मीटिंग और सेमिनार पर होने वाले खर्चों की समीक्षा करने के लिए भी कहा गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/chhattisgarh-government-(2).webp" alt="Chhattisgarh Government (2)" width="512" height="646"></img></span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्य सरकार फिलहाल वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर दे रही है। इसी कारण विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नए वाहनों की खरीद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनावश्यक यात्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और गैरजरूरी आयोजनों से बचना चाहिए। वित्त विभाग का मानना है कि सीमित संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल सरकारी व्यवस्था को और मजबूत करेगा। आने वाले महीनों में इन निर्देशों का असली असर क्या दिखता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये देखना दिलचस्प होगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:42:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में 43 IAS अफसरों का बड़ा तबादला, कई कलेक्टर बदले</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में 43 IAS अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के कलेक्टर बदले गए। निहारिका बारिक को गृह-जेल विभाग की जिम्मेदारी मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/major-transfer-of-43-ias-officers-in-chhattisgarh-many-collectors/article-52799"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(83).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">IAS <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रांसफर के तहत 43 भारतीय प्रशासनिक सेवा (</span>IAS) <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में कई सीनियर अफसरों की जिम्मेदारियां बदल दी गई हैं और कुछ को नए विभागों की कमान सौंपी गई है। इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा निहारिका बारिक को लेकर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें गृह और जेल विभाग की अहम जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही कई जिलों के कलेक्टर भी बदल दिए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार के इस फैसले में ऊर्जा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पंचायत एवं ग्रामीण विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिला एवं बाल विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्त</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोक निर्माण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गृह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समाज कल्याण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य और सहकारिता जैसे कई अहम विभाग शामिल हैं। इन विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। बताया जा रहा है कि यह पूरी कवायद प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने और कामकाज में तेजी लाने के उद्देश्य से की गई है। कुछ अधिकारियों को प्रमोशन के बाद नई जिम्मेदारियां दी गई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ का स्थानांतरण सामान्य प्रशासनिक रोटेशन के तहत किया गया है। सूत्रों के मुताबिक यह बदलाव लंबे समय से प्रस्तावित था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर अब अंतिम मुहर लगाई गई है। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिलों के स्तर पर हुए बदलावों ने भी स्थानीय प्रशासन को प्रभावित किया है। कई प्रमुख जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति की गई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे आने वाले दिनों में विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था पर असर देखने को मिल सकता है। जिन अफसरों को नई जिम्मेदारी मिली है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनसे जल्द ही कार्यभार संभालने की उम्मीद की जा रही है। वहीं जिन अधिकारियों का तबादला हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें नए स्थान पर तुरंत जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं और माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसका असर योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय कार्यशैली पर साफ दिखाई देगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:34:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15वें वित्त आयोग से छत्तीसगढ़ को 404 करोड़ का फंड जारी, नगरीय विकास और सुविधाओं को मिलेगी नई रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[CG 15th Finance Commission fund के तहत छत्तीसगढ़ को 404 करोड़ रुपये मिले, जिससे नगरीय विकास और बुनियादी सुविधाओं को नई गति मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/fund-of-rs-404-crore-released-to-chhattisgarh-from-15th/article-49938"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mdf.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;"><strong>CG 15th Finance Commission Fund:</strong> छत्तीसगढ़ को 15वें वित्त आयोग के तहत कुल 404.66 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है, जिससे राज्य के नगरीय निकायों में विकास कार्यों को तेज गति मिलने की उम्मीद है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम चरण में जारी की गई, जिसे नगरीय प्रशासन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तुरंत जिलों और नगर निकायों को हस्तांतरित कर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासनिक दक्षता और केंद्र-राज्य समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पहली किश्त के रूप में 202.33 करोड़ रुपये 30 मार्च 2026 को प्राप्त हुए, जिसके बाद तय समय सीमा के भीतर ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट (GTC) जमा कर दूसरी किश्त भी सुनिश्चित की गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने महज 24 घंटे के भीतर राशि के आवंटन और वितरण की प्रक्रिया पूरी कर दी, जिसे एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि माना जा रहा है। इसके बाद केंद्र सरकार ने दूसरी किश्त भी तुरंत जारी कर दी, जिससे कुल राशि 404.66 करोड़ रुपये हो गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">तेजी से जारी प्रक्रिया</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नगरीय प्रशासन विभाग ने वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में मिशन मोड में काम करते हुए पूरी प्रक्रिया को गति दी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कोषालय से राशि निकासी, निकायों को ट्रांसफर और दस्तावेजी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">CG 15th Finance Commission fund के तहत मिली इस राशि के लिए विभाग ने लगातार केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के साथ समन्वय बनाए रखा। इस तेज प्रक्रिया के कारण राज्य को दूसरी किश्त प्राप्त करने में भी सफलता मिली।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शहरी विकास पर असर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इस फंड का सीधा लाभ राज्य के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को मिलेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था, सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं में इस राशि से सुधार होने की संभावना है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही, नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह फंड शहरी क्षेत्रों में चल रही योजनाओं को गति देने के साथ-साथ नई परियोजनाओं की शुरुआत में भी मदद करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पृष्ठभूमि और समन्वय</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">15वें वित्त आयोग के तहत केंद्र सरकार राज्यों को समय-समय पर अनुदान जारी करती है, जिसका उद्देश्य स्थानीय निकायों को मजबूत करना है। छत्तीसगढ़ ने इस बार समय पर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर केंद्र से फंड प्राप्त किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय के कारण यह प्रक्रिया बिना किसी देरी के पूरी हो सकी। यही कारण है कि राज्य को निर्धारित समय में दोनों किश्तें प्राप्त हुईं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आगे की योजना</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">राज्य सरकार अब इस राशि को योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न नगरीय निकायों में उपयोग करेगी। प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जाएगी जहां पेयजल और स्वच्छता की स्थिति कमजोर है।</span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">CG 15th Finance Commission fund से मिलने वाला यह सहयोग आने वाले महीनों में शहरी विकास परियोजनाओं को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। सरकार का फोकस इस फंड के प्रभावी उपयोग पर रहेगा ताकि नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 14:36:14 +0530</pubDate>
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