<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/digital-india/tag-7330" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Digital India - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/7330/rss</link>
                <description>Digital India RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अब घर बैठे Aadhaar में जोड़ें या बदलें Email ID, UIDAI ने शुरू की मुफ्त ऑनलाइन सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[1 जुलाई 2026 से छह महीने तक बिना किसी शुल्क के मिलेगी सेवा, Aadhaar App के जरिए मिनटों में होगा ईमेल अपडेट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-add-or-change-email-id-in-aadhaar-sitting-at/article-57785"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/uidai.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार से जुड़ी डिजिटल सेवाओं का विस्तार करते हुए अब <strong>Aadhaar App</strong> के माध्यम से ईमेल आईडी जोड़ने और अपडेट करने की नई सुविधा शुरू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब नागरिकों को आधार में ईमेल आईडी लिंक कराने या पुरानी ईमेल बदलवाने के लिए आधार सेवा केंद्र जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और मोबाइल ऐप के माध्यम से पूरी की जा सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">UIDAI ने इस सुविधा को 1 जुलाई 2026 से लागू कर दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह सेवा अगले छह महीने तक पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध रहेगी। यानी 1 जुलाई से लेकर दिसंबर 2026 के अंत तक आधार कार्ड धारक बिना किसी शुल्क के अपनी ईमेल आईडी अपडेट या नई ईमेल जोड़ सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य आधार सेवाओं को अधिक डिजिटल, आसान और नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">देशभर में करोड़ों आधार धारकों ने अब तक अपने मोबाइल नंबर तो आधार से लिंक करा लिए हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों की ईमेल आईडी अभी भी आधार रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। ऐसे में कई ऑनलाइन सेवाओं, दस्तावेजों की डिजिटल पुष्टि और महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त करने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई सुविधा शुरू होने के बाद उपयोगकर्ता अब घर बैठे ही यह काम कुछ मिनटों में पूरा कर सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">UIDAI के अनुसार, आधार में ईमेल आईडी लिंक होने से कई डिजिटल सेवाओं का उपयोग और अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो जाएगा। भविष्य में आधार से संबंधित नोटिफिकेशन, अपडेट, सुरक्षा अलर्ट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी सीधे पंजीकृत ईमेल पर भेजी जा सकेगी। इससे उपयोगकर्ताओं को अपने आधार रिकॉर्ड की निगरानी करने और किसी भी अनधिकृत गतिविधि की जानकारी समय पर मिलने में मदद मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">नई सुविधा का लाभ लेने के लिए सबसे पहले उपयोगकर्ता को अपने स्मार्टफोन में Aadhaar App इंस्टॉल करना होगा। ऐप में आधार संख्या और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रोफाइल सेक्शन में ईमेल आईडी जोड़ने या अपडेट करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। यहां नई ईमेल आईडी दर्ज करने के बाद ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सफल सत्यापन के बाद ईमेल आईडी आधार रिकॉर्ड में अपडेट हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि किसी व्यक्ति की पुरानी ईमेल आईडी बदल चुकी है या वह अब उसका उपयोग नहीं करता है, तो वह भी इसी प्रक्रिया के माध्यम से नई ईमेल आईडी दर्ज कर सकता है। इससे भविष्य में आधार से जुड़ी सभी डिजिटल सूचनाएं सही ईमेल पते पर प्राप्त होंगी। UIDAI ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल अपनी सक्रिय और व्यक्तिगत ईमेल आईडी ही आधार रिकॉर्ड में दर्ज करें।</p>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल इंडिया अभियान के तहत यह सुविधा नागरिकों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। पहले आधार में ईमेल अपडेट कराने के लिए लोगों को आधार सेवा केंद्र जाकर आवेदन देना पड़ता था, जिससे समय और अतिरिक्त खर्च दोनों लगते थे। अब यह पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे पूरी की जा सकेगी, जिससे डिजिटल सेवाओं को और बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आधार से ईमेल लिंक होने पर उपयोगकर्ता को किसी भी अपडेट या बदलाव की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। यदि किसी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा आधार संबंधी कोई गतिविधि की जाती है, तो उसका अलर्ट भी ईमेल के माध्यम से प्राप्त हो सकता है। इससे पहचान संबंधी धोखाधड़ी को रोकने में भी सहायता मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">UIDAI ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा सीमित अवधि के लिए मुफ्त रखी गई है। अगले छह महीनों तक नागरिक बिना किसी शुल्क के इसका लाभ उठा सकते हैं। इसके बाद यदि शुल्क लागू किया जाता है, तो उसकी जानकारी अलग से जारी की जाएगी। इसलिए जिन लोगों ने अब तक आधार में ईमेल लिंक नहीं कराया है या पुरानी ईमेल बदलनी है, उनके लिए यह उचित समय माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार लगातार आधार सेवाओं को अधिक डिजिटल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में आधार से जुड़ी कई सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें पता अपडेट, दस्तावेज अपलोड, पहचान सत्यापन और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। अब ईमेल अपडेट की सुविधा भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-add-or-change-email-id-in-aadhaar-sitting-at/article-57785</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-add-or-change-email-id-in-aadhaar-sitting-at/article-57785</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 18:25:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/uidai.jpg"                         length="154605"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वॉट्सएप यूजरनेम फीचर पर सरकार की नजर, साइबर फ्रॉड की आशंका के बीच होगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[मोबाइल नंबर छिपाकर चैट की सुविधा पर केंद्र सतर्क, फर्जी प्रोफाइल और ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की होगी समीक्षा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/government-eyes-investigation-on-whatsapp-username-feature-amid-fear-of/article-57554"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/gaurav-khanna-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारत में करोड़ों लोग रोजमर्रा की बातचीत के लिए वॉट्सएप का इस्तेमाल करते हैं और अब इस लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का नया यूजरनेम फीचर लॉन्च होने से पहले ही चर्चा में आ गया है। केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस नए फीचर की विस्तार से जांच की जाएगी। सरकार की चिंता यह है कि यदि यूजर्स मोबाइल नंबर छिपाकर केवल यूजरनेम के जरिए बातचीत कर सकेंगे, तो इसका गलत इस्तेमाल भी बढ़ सकता है। विशेष रूप से साइबर अपराध, फर्जी पहचान बनाकर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे मामलों में इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है। वॉट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा ने हाल ही में ऐसा फीचर पेश किया है, जिसके जरिए यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए दूसरे लोगों से बातचीत कर सकेंगे। इस सुविधा में हर यूजर अपना एक अलग और यूनिक यूजरनेम बना सकेगा। भविष्य में कोई नया व्यक्ति मोबाइल नंबर की बजाय इसी यूजरनेम के माध्यम से संपर्क कर सकेगा। कंपनी का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य यूजर्स की निजता को पहले से अधिक मजबूत बनाना है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इस फीचर के संभावित दुरुपयोग को लेकर सतर्क हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अधिकारियों के अनुसार, भारत में वॉट्सएप के 50 करोड़ से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं। इतने बड़े डिजिटल नेटवर्क में यदि फर्जी यूजरनेम बनाकर लोगों से संपर्क करना आसान हो गया, तो साइबर अपराधियों के लिए नई संभावनाएं खुल सकती हैं। इसी कारण सरकार इस फीचर के सुरक्षा मानकों, पहचान सत्यापन प्रक्रिया और फर्जी खातों को रोकने की व्यवस्था की समीक्षा करेगी। अधिकारियों का मानना है कि किसी भी नई डिजिटल सुविधा को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसका उपयोग सुरक्षित तरीके से हो और आम नागरिक किसी तरह की ऑनलाइन ठगी का शिकार न बनें। मेटा ने 29 जून से दुनिया के अलग-अलग देशों में यूजरनेम बुकिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। आने वाले महीनों में इसे चरणबद्ध तरीके से रोलआउट किया जाएगा। जैसे ही किसी क्षेत्र में यह सुविधा शुरू होगी, संबंधित यूजर्स को वॉट्सएप के भीतर नोटिफिकेशन मिलेगा और वे अपनी पसंद का यूजरनेम सुरक्षित कर सकेंगे। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि लोकप्रिय और छोटे यूजरनेम पहले बुक होने की संभावना ज्यादा रहती है, इसलिए कई लोग इस फीचर का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वॉट्सएप का कहना है कि यह फीचर खास तौर पर उन परिस्थितियों के लिए उपयोगी होगा, जहां लोग किसी नए व्यक्ति से बातचीत करना चाहते हैं लेकिन अपना मोबाइल नंबर साझा नहीं करना चाहते। उदाहरण के तौर पर किसी बिजनेस नेटवर्किंग कार्यक्रम, स्कूल के पैरेंट्स ग्रुप, नए सहकर्मी या किसी सामुदायिक कार्यक्रम में मिले व्यक्ति से संपर्क करते समय यूजर सिर्फ अपना यूजरनेम साझा कर सकेगा। इससे मोबाइल नंबर निजी रहेगा और यूजर की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित बनी रहेगी। कंपनी ने यूजरनेम बनाने के लिए कुछ नियम भी तय किए हैं। यूजरनेम की लंबाई तीन से 35 कैरेक्टर के बीच होगी। इसमें केवल छोटे अंग्रेजी अक्षर, अंक, डॉट और अंडरस्कोर का इस्तेमाल किया जा सकेगा। हर यूजरनेम पूरी तरह यूनिक होगा और जरूरत पड़ने पर उसे बदला या हटाया भी जा सकेगा। हालांकि वॉट्सएप अकाउंट बनाने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह अनिवार्य रहेगा। जिन लोगों के पास पहले से किसी यूजर का मोबाइल नंबर सेव है या जिनसे पहले बातचीत हो चुकी है, उनके लिए चैटिंग का तरीका नहीं बदलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए कंपनी यूजरनेम की नाम का एक वैकल्पिक सुरक्षा फीचर भी ला रही है। यह एक अतिरिक्त सुरक्षा कोड की तरह काम करेगा। यदि कोई यूजर इस सुविधा को सक्रिय करता है, तो सिर्फ यूजरनेम जान लेने से कोई भी व्यक्ति उसे मैसेज नहीं भेज पाएगा। पहली बार संपर्क करने वाले व्यक्ति को पहले यह सुरक्षा की दर्ज करनी होगी, तभी बातचीत शुरू हो सकेगी। कंपनी का दावा है कि इससे स्पैम मैसेज और अनचाहे संपर्कों को काफी हद तक रोका जा सकेगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी और सुरक्षा दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। जहां एक ओर यूजरनेम फीचर लोगों की व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने में मदद करेगा, वहीं दूसरी ओर इसकी आड़ में फर्जी पहचान बनाकर अपराध करने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए सरकार इस फीचर के तकनीकी पहलुओं, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित जोखिमों का मूल्यांकन करने के बाद ही आगे की रणनीति तय करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/government-eyes-investigation-on-whatsapp-username-feature-amid-fear-of/article-57554</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/government-eyes-investigation-on-whatsapp-username-feature-amid-fear-of/article-57554</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 17:45:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/gaurav-khanna-%283%29.jpg"                         length="105547"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत बना दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल इकॉनोमी, एआई प्रदर्शन में भी चौथा स्थान</title>
                                    <description><![CDATA[डिजिटल कनेक्टिविटी, फिनटेक और नवाचार के दम पर भारत ने कई विकसित देशों को पीछे छोड़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-becomes-the-worlds-fifth-largest-digital-economy-and-also/article-54581"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/india-digital-economy.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल इकॉनोमी बन गया है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने डिजिटल प्रदर्शन के मामले में जर्मनी, फ्रांस, जापान और कनाडा जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब देश में डिजिटल सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है और करोड़ों लोग रोजमर्रा के कामों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस की ओर से जारी ‘इंडियाज डिजिटल इकोनॉमी 2026’ रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में भारत डिजिटलाइजेशन के मामले में आठवें स्थान पर था, लेकिन एक वर्ष के भीतर तीन स्थान की छलांग लगाकर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भुगतान, इंटरनेट पहुंच, मोबाइल कनेक्टिविटी और तकनीकी नवाचार ने इस प्रगति में अहम भूमिका निभाई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रिपोर्ट में दुनिया की जीडीपी के लगभग 96 प्रतिशत हिस्से को कवर करने वाले 71 देशों का अध्ययन किया गया। इस अध्ययन में पाया गया कि भारत की डिजिटल क्षमता और तकनीकी विस्तार कई स्थापित अर्थव्यवस्थाओं से अधिक तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल क्षेत्र में देश की मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत ने डिजिटल माध्यमों से करीब 31 लाख करोड़ रुपये का व्यापार किया है। यह आंकड़ा देश में बढ़ते डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन आर्थिक गतिविधियों की ओर इशारा करता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के क्षेत्र में भी भारत ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। चिप्स-एआई इंडेक्स में भारत अमेरिका, चीन और सिंगापुर के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गया है। यह रैंकिंग देश की तकनीकी क्षमता, प्रतिभा और एआई अपनाने की गति को दर्शाती है। पिछले कुछ वर्षों में एआई आधारित स्टार्टअप, अनुसंधान परियोजनाएं और डिजिटल सेवाओं में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसका असर अब वैश्विक स्तर पर दिखाई देने लगा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह भी है कि दुनिया के अधिकांश एआई उपयोगकर्ता अब विकासशील देशों में मौजूद हैं। आंकड़ों के अनुसार वैश्विक स्तर पर लगभग 72 प्रतिशत एआई उपयोगकर्ता विकासशील देशों से आते हैं। भारत और चीन मिलकर दुनिया के करीब 40 प्रतिशत एआई उपयोगकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें भारत अकेले लगभग 26 प्रतिशत वैश्विक एआई उपयोगकर्ताओं का हिस्सा रखता है। यह दर्शाता है कि देश में नई तकनीकों को अपनाने की गति काफी तेज है और आम लोगों के बीच भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एआई टैलेंट हब भी माना जा रहा है। बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और तकनीकी विशेषज्ञ वैश्विक कंपनियों और स्टार्टअप्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। देश के विभिन्न तकनीकी संस्थान और विश्वविद्यालय भी एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े पाठ्यक्रमों पर लगातार जोर दे रहे हैं। इसके कारण आने वाले वर्षों में भारत की तकनीकी क्षमता और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि रिपोर्ट में कुछ चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। एआई उपयोग और प्रतिभा के मामले में भारत मजबूत स्थिति में है, लेकिन निवेश के क्षेत्र में अभी भी काफी अंतर दिखाई देता है। वैश्विक निजी एआई निवेश का केवल लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा ही भारत को प्राप्त हो रहा है। यह आंकड़ा बताता है कि तकनीकी क्षमता होने के बावजूद निवेश आकर्षित करने के लिए अभी काफी काम करने की जरूरत है। एडवांस सेमीकंडक्टर चिप्स, उच्च क्षमता वाले कंप्यूटिंग संसाधन और बड़े एआई मॉडल अभी भी दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों तक सीमित हैं। ऐसे में भारत को अपने डिजिटल विस्तार को मजबूत करने के लिए अनुसंधान, नवाचार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक निवेश करना होगा। साथ ही स्टार्टअप, उद्योग और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ाने की भी आवश्यकता है ताकि नई तकनीकों का विकास देश के भीतर ही हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल इंडिया अभियान, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), तेज इंटरनेट विस्तार और सरकारी डिजिटल सेवाओं ने भारत को वैश्विक डिजिटल मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाई है। ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट और डिजिटल भुगतान की पहुंच बढ़ने से भी डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। यही वजह है कि भारत अब केवल उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि डिजिटल नवाचार और तकनीकी विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-becomes-the-worlds-fifth-largest-digital-economy-and-also/article-54581</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-becomes-the-worlds-fifth-largest-digital-economy-and-also/article-54581</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 16:00:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/india-digital-economy.jpg"                         length="260626"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>EPFO में बड़ा बदलाव: UPI से मिलेगा PF का पैसा, WhatsApp पर भी सुविधा शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[EPFO जल्द UPI आधारित PF निकासी, WhatsApp सेवा और 5 लाख तक ऑटो सेटलमेंट सुविधा शुरू करने जा रहा है। जानिए पूरी डिटेल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-change-in-epfo-pf-money-will-be-available-from/article-54000"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/epfo-update.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देशभर के लाखों नौकरीपेशा लोगों के लिए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">से एक अच्छी खबर आई है। आने वाले समय में प्रोविडेंट फंड (</span>PF) <span lang="hi" xml:lang="hi">निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है। सरकार </span>EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टम में बड़े डिजिटल बदलाव करने जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके तहत अब </span>UPI <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए </span>PF <span lang="hi" xml:lang="hi">का पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसके साथ ही </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">पर 24 घंटे सेवा और 5 लाख रुपये तक ऑटो सेटलमेंट जैसी सुविधाएं भी शुरू की जा रही हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय श्रम मंत्री </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Mansukh Mandaviya <span lang="hi" xml:lang="hi">ने बताया कि </span>UPI <span lang="hi" xml:lang="hi">आधारित </span>PF <span lang="hi" xml:lang="hi">निकासी सुविधा की टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। इसके जल्द ही लागू होने की संभावना है। इस बदलाव का लाभ देश के 7 करोड़ से ज्यादा </span>EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">सदस्यों को मिलेगा। वर्तमान में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों को </span>PF <span lang="hi" xml:lang="hi">निकालने के लिए </span>EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">पोर्टल पर क्लेम करना पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके लिए कभी-कभी पैसे आने में काफी समय लग सकता है। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी तेज हो सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई सुविधा के तहत सदस्य अपने खाते में उपलब्ध निकासी योग्य राशि को सीधे देख सकेंगे। इसके बाद लिंक्ड </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UPI <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए पैसे का ट्रांसफर किया जा सकेगा। रकम सीधे बैंक खाते में पहुंच जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कर्मचारी उसे </span>ATM, UPI <span lang="hi" xml:lang="hi">या ऑनलाइन पेमेंट के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इससे कर्मचारियों को इमरजेंसी में तुरंत मदद मिलेगी और दफ्तर के चक्कर भी कम लगाने होंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार ने ऑटो सेटलमेंट सुविधा की सीमा भी बढ़ा दी है। अब यह सुविधा पहले 1 लाख रुपये तक के क्लेम्स पर लागू थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। बीमारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शादी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पढ़ाई या घर बनाने जैसे जरूरी कामों के लिए किए गए क्लेम अब बिना मैनुअल प्रक्रिया के तेजी से निपटाए जा सकेंगे। बताया जा रहा है कि ऐसे मामलों में सिर्फ तीन दिन के भीतर पैसा ट्रांसफर करने की योजना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">अब </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">पर एक नई सेवा भी शुरू करने जा रहा है। सदस्य सिर्फ "</span>Hello" <span lang="hi" xml:lang="hi">लिखकर </span>EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">की वेरिफाइड </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा से जुड़ सकेंगे। इससे उन्हें </span>PF <span lang="hi" xml:lang="hi">बैलेंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछली ट्रांजैक्शन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्लेम स्टेटस और अन्य जरूरी जानकारियाँ अपने मोबाइल पर ही मिल जाएंगी। खास बात यह है कि ये सुविधाएं हिंदी समेत कई स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी सहूलियत मिलेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार आधार और </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">DBT <span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़ी समस्याओं को भी कम करने की कोशिश में है। जिन सदस्यों का आधार ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं हुआ है या </span>DBT <span lang="hi" xml:lang="hi">में दिक्कत आ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए सहायता और गाइडेंस मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद यह है कि लोगों को छोटी समस्याओं के लिए </span>EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यालय नहीं जाना पड़े।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">साथ ही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">पुराने मामलों और शिकायतों को तेजी से निपटाने में भी जुटा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले एक साल में उपभोक्ता अदालतों और लंबित मामलों की संख्या में कमी आई है। 10 साल से ज्यादा पुराने मामलों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">निधि आपके निकट</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">अभियान के जरिए लोगों की शिकायतों का समाधान तेजी से किया जा रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार इसे डिजिटल </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">की दिशा में एक बड़ा कदम मानती है। आने वाले समय में </span>PF <span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़ी अधिकांश सेवाएं मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने की उम्मीद है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कर्मचारियों का समय भी बचेगा और प्रक्रियाएं और भी सरल हो जाएंगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-change-in-epfo-pf-money-will-be-available-from/article-54000</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-change-in-epfo-pf-money-will-be-available-from/article-54000</guid>
                <pubDate>Sat, 23 May 2026 00:00:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/epfo-update.jpg"                         length="110024"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मीटर बिल रिचार्ज करने की टेंशन जल्द होगी खत्म, जून से ऐसे मिलेगा पोस्टपेड बिल</title>
                                    <description><![CDATA[UPPCL ने प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू की। जून से SMS, WhatsApp और ऐप्स पर मिलेगा बिजली बिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/the-tension-of-recharging-meter-bill-will-end-soon-postpaid/article-53056"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t145201.216.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Prepaid Meter Bill <span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टम को लेकर </span>UPPCL <span lang="hi" xml:lang="hi">ने नया अपडेट जारी किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद अब प्रीपेड बिजली मीटर को पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग की तरफ से साफ कहा गया है कि मई 2026 का बिल अब जून 2026 से उपभोक्ताओं को सीधे फोन पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए रिचार्ज की टेंशन लगभग खत्म मानी जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि बिल अब पहले की तरह तय तारीखों पर भेजा जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UPPCL <span lang="hi" xml:lang="hi">ने अपने आधिकारिक पोस्ट में यह भी बताया है कि उपभोक्ताओं को बिल पाने के लिए अलग-अलग डिजिटल विकल्प दिए जाएंगे। पहले जहां मीटर रीडिंग के बाद घर-घर बिल पहुंचाया जाता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं अब सिस्टम डिजिटल हो गया है। प्रीपेड मीटर के बढ़ते इस्तेमाल के बाद यह बदलाव जरूरी माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 1 जून से 10 जून के बीच उपभोक्ताओं को उनका बिल मोबाइल पर </span>SMS <span lang="hi" xml:lang="hi">या </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए भेज दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और लोगों को समय पर जानकारी मिलती रहेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब बात करते हैं कि आखिर उपभोक्ता अपना बिजली बिल कैसे प्राप्त कर सकेंगे। सबसे आसान तरीका </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">SMS <span lang="hi" xml:lang="hi">बताया गया है। इसके तहत डिस्कॉम की तरफ से सीधे उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जाएगा। अगर किसी को कई मैसेज के बीच अपना बिल ढूंढने में परेशानी हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वह अपने मोबाइल के </span>SMS <span lang="hi" xml:lang="hi">सर्च में कस्टमर आईडी डालकर संबंधित बिल मैसेज आसानी से खोज सकता है। यह तरीका उन लोगों के लिए काफी उपयोगी रहेगा जो स्मार्टफोन या ऐप्स का इस्तेमाल कम करते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरा तरीका </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">का है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे </span>UPPCL <span lang="hi" xml:lang="hi">ने काफी आसान बताया है। इसके लिए अलग-अलग डिस्कॉम के आधिकारिक नंबर जारी किए गए हैं। पूर्वांचल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्यांचल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिमांचल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षिणांचल और केस्को के लिए अलग-अलग नंबर दिए गए हैं। उपभोक्ता को बस अपने डिस्कॉम के नंबर पर </span>“Hi” <span lang="hi" xml:lang="hi">भेजना होता है। इसके बाद आगे दिए गए विकल्पों में से </span>Electricity Bill <span lang="hi" xml:lang="hi">चुनना होता है और फिर अपनी कस्टमर आईडी डालनी होती है। इसके बाद पूरा बिल </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">चैट में ही मिल जाता है। यह तरीका खासकर उन लोगों के लिए सुविधाजनक है जो मोबाइल ऐप्स की बजाय मैसेजिंग ऐप ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तीसरा विकल्प पेमेंट ऐप्स का है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें </span>PhonePe <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>Google Pay <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन ऐप्स पर </span>Electricity Bill <span lang="hi" xml:lang="hi">सेक्शन में जाकर राज्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिस्कॉम और कस्टमर आईडी डालकर बिल देखा जा सकता है। यहां से उपभोक्ता सीधे </span>UPI <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए भुगतान भी कर सकते हैं। यह तरीका सबसे तेज माना जा रहा है क्योंकि इसमें बिल देखने और भुगतान दोनों की सुविधा एक ही जगह मिल जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर किसी उपभोक्ता को इन सभी तरीकों में दिक्कत आती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो चौथा विकल्प 1912 हेल्पलाइन नंबर है। इस नंबर पर कॉल करके ग्राहक सेवा अधिकारी से सीधे बात की जा सकती है। कॉल कनेक्ट होने के बाद उपभोक्ता को अपनी कस्टमर आईडी बतानी होती है और फिर बिल की पूरी जानकारी मिल जाती है। </span>UPPCL <span lang="hi" xml:lang="hi">का कहना है कि यह हेल्पलाइन उन लोगों के लिए काफी मददगार होगी जो डिजिटल माध्यमों से सहज नहीं हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कुल मिलाकर यह बदलाव बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा सिस्टम अपडेट माना जा रहा है। प्रीपेड मीटर बिल व्यवस्था से पोस्टपेड सिस्टम की तरफ यह शिफ्टिंग आने वाले समय में उपभोक्ताओं के अनुभव को काफी बदल सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/the-tension-of-recharging-meter-bill-will-end-soon-postpaid/article-53056</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/the-tension-of-recharging-meter-bill-will-end-soon-postpaid/article-53056</guid>
                <pubDate>Sun, 10 May 2026 15:10:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-10t145201.216.jpg"                         length="110479"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल जनगणना से बदलेगा पता सिस्टम, हर घर को मिलेगी यूनिक लोकेशन आईडी</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर में डिजिटल जनगणना के तहत हर घर को यूनिक लोकेशन आईडी मिलेगी। इससे एंबुलेंस, डिलीवरी और ड्रोन सेवाएं तेज और आसान होंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/address-system-will-change-due-to-digital-census-every-house/article-52774"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(70).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बिलासपुर में इस बार होने वाली डिजिटल जनगणना सिर्फ आबादी गिनने तक सीमित नहीं रहने वाली। इस प्रक्रिया के साथ शहर के एड्रेस सिस्टम में बड़ा बदलाव शुरू हो रहा है। पहली बार हर घर को यूनिक लोकेशन आईडी दी जाएगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे हर मकान की अलग डिजिटल पहचान बनेगी। अधिकारियों के मुताबिक जनगणना के दौरान प्रगणक विशेष मोबाइल एप के जरिए घर-घर पहुंचकर मकानों की लोकेशन अक्षांश और देशांतर के आधार पर दर्ज कर रहे हैं। यानी अब सिर्फ मोहल्ला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गली और मकान नंबर के भरोसे पता नहीं चलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि हर घर का सटीक डिजिटल एड्रेस तैयार होगा। नगर निगम क्षेत्र के हजारों मकान और संपत्तियां इस दायरे में लाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा लोकेशन डेटा ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी पते की सटीक पहचान तुरंत हो सके।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डिजिटल जनगणना का सबसे सीधा असर इमरजेंसी सेवाओं पर दिखेगा। अभी एंबुलेंस</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फायर ब्रिगेड या पुलिस को कई बार सही पता ढूंढने में वक्त लग जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर नई कॉलोनियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपार्टमेंट और बिना स्पष्ट पते वाले इलाकों में। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कंट्रोल रूम से सीधे सटीक लोकेशन भेजी जा सकेगी और टीम बिना भटके मौके तक पहुंच सकेगी। इससे रिस्पॉन्स टाइम कम होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो इमरजेंसी हालात में सबसे अहम माना जाता है। यही सिस्टम ऑनलाइन डिलीवरी नेटवर्क के लिए भी राहत देगा। अभी डिलीवरी एजेंट को कई बार ग्राहक को फोन कर रास्ता पूछना पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन यूनिक लोकेशन आईडी और अपडेटेड जीपीएस मैपिंग के बाद यह झंझट काफी हद तक खत्म हो सकता है। भविष्य में ड्रोन डिलीवरी जैसी सेवाओं के लिए भी यही डिजिटल एड्रेस बेस काम करेगा। माना जा रहा है कि शहरों में लॉजिस्टिक नेटवर्क को इससे सीधा फायदा मिलेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रशासनिक स्तर पर भी इस डिजिटल जनगणना को काफी अहम माना जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इससे सिर्फ जनसंख्या का आंकड़ा नहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि संपत्तियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किरायेदारों और शहरी ढांचे का व्यवस्थित रिकॉर्ड भी तैयार होगा। किस वार्ड में कितने मकान हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहां किरायेदार ज्यादा हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किन इलाकों में सड़क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीवरेज या दूसरी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत ज्यादा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका डेटा पहले से ज्यादा साफ तरीके से सामने आएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे शहरी प्लानिंग और संसाधनों के वितरण में आसानी होगी। साथ ही संपत्ति रिकॉर्ड व्यवस्थित होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और कई छोटे विवाद भी कम हो सकते हैं। बिलासपुर में शुरू हो रही यह व्यवस्था आने वाले समय में दूसरे शहरों के लिए भी मॉडल बन सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि डिजिटल जनगणना अब सिर्फ लोगों की गिनती नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शहर की डिजिटल मैपिंग का आधार बनती दिख रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/address-system-will-change-due-to-digital-census-every-house/article-52774</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/address-system-will-change-due-to-digital-census-every-house/article-52774</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:54:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD-%2870%29.jpg"                         length="226892"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग बढ़ी, 80,000+ सेगमेंट में 37% ग्रोथ</title>
                                    <description><![CDATA[प्रीमियम स्मार्टफोन पर बढ़ा फोकस, ओप्पो ने AI और कैमरा इनोवेशन को बताया भविष्य की कुंजी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/demand-for-premium-smartphones-increases-in-india-37-growth-in/article-52059"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/premium-smartphone-india.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत में स्मार्टफोन बाजार एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां ग्राहकों की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। ओप्पो इंडिया के कम्युनिकेशन हेड के अनुसार, अब यूजर्स सस्ते स्मार्टफोन के बजाय प्रीमियम और फीचर-समृद्ध डिवाइस को प्राथमिकता दे रहे हैं। ₹80,000 से अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में 37% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस बदलाव का संकेत है। कंपनी का कहना है कि बीते 11 वर्षों में 10 करोड़ से अधिक यूजर्स का भरोसा हासिल करने के बाद अब रणनीति को प्रीमियम सेगमेंट, AI टेक्नोलॉजी और कैमरा इनोवेशन पर केंद्रित किया जा रहा है। बदलती लाइफस्टाइल, 5G और डिजिटल उपयोग में वृद्धि ने स्मार्टफोन को केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि जीवन का अहम हिस्सा बना दिया है।</p>
<h5><strong><span>कैसे बदली यूजर्स की पसंद</span></strong></h5>
<p>कंपनी के मुताबिक, पांच साल पहले तक बाजार में सस्ते और ज्यादा बिक्री वाले फोन पर जोर था।अब ग्राहक कीमत के बजाय वैल्यू, डिजाइन और परफॉर्मेंस पर ध्यान दे रहे हैं। स्मार्टफोन अब केवल कॉलिंग या मैसेजिंग का साधन नहीं, बल्कि पर्सनल एक्सप्रेशन का जरिया बन गया है।</p>
<h5><strong><span>AI और कैमरा पर फोकस</span></strong></h5>
<p>ओप्पो ने अपनी भविष्य की रणनीति में AI और कैमरा टेक्नोलॉजी को अहम बताया है।अधिकारियों के अनुसार, Find X और Reno सीरीज में पोर्ट्रेट फोटोग्राफी और इमेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। LUMO इमेज इंजन और अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप से कैमरा क्वालिटी को बेहतर बनाया जा रहा है।</p>
<h5><span><strong>बाजार में प्रतिस्पर्धा</strong></span></h5>
<p>सैमसंग और एप्पल जैसे बड़े ब्रांड्स के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद प्रीमियम सेगमेंट तेजी से विस्तार कर रहा हैIDC के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में प्रीमियम सेगमेंट में 37% और मिड-प्रीमियम सेगमेंट में 23% की वृद्धि दर्ज की गई। EMI और एक्सचेंज ऑफर्स ने भी महंगे स्मार्टफोन खरीदना आसान बनाया है।</p>
<h5><span><strong>प्राइवेसी और कीमत पर संतुलन</strong></span></h5>
<p>कंपनी का कहना है कि AI अब केवल फीचर नहीं, बल्कि डिजाइन का हिस्सा बन चुका है।यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए ‘प्राइवेट कंप्यूटिंग क्लाउड’ जैसे सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं, जिससे डेटा सुरक्षित रहे। वहीं, कीमतों को लेकर कंपनी का फोकस बेहतर वैल्यू देने पर है, न कि केवल लागत कम करने पर।</p>
<p>स्मार्टफोन बाजार में यह बदलाव दिखाता है कि भारतीय ग्राहक अब अधिक जागरूक और तकनीक-प्रेमी हो गए हैं।आने वाले समय में AI-ड्रिवन स्मार्टफोन और बेहतर कैमरा टेक्नोलॉजी बाजार का मुख्य आकर्षण बन सकते हैं।कंपनियां अब केवल कीमत के आधार पर नहीं, बल्कि यूजर एक्सपीरियंस और टेक्नोलॉजी के आधार पर प्रतिस्पर्धा करेंगी। </p>
<hr />
<h2> </h2>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/demand-for-premium-smartphones-increases-in-india-37-growth-in/article-52059</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/demand-for-premium-smartphones-increases-in-india-37-growth-in/article-52059</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:49:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/premium-smartphone-india.jpg"                         length="153380"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PAN Card New Rules: अब पैन कार्ड बनवाना हुआ कठिन, अब लगेंगे कई तरह के डॉक्यूमेंट, देखें डिटेल</title>
                                    <description><![CDATA[PAN Card New Rules के तहत पैन कार्ड बनाने की प्रक्रिया सख्त हुई, आधार के साथ अतिरिक्त दस्तावेज जरूरी किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/pan-card-new-rules-now-making-pan-card-has-become/article-49941"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/pan-card-new-rules.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पैन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। आयकर विभाग ने PAN Card New Rules लागू करते हुए दस्तावेज सत्यापन को पहले से अधिक सख्त कर दिया है। अब केवल आधार और ओटीपी के आधार पर पैन जारी नहीं होगा, बल्कि अतिरिक्त पहचान और पते के प्रमाण भी मांगे जा सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नई व्यवस्था में बदलाव</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आयकर विभाग द्वारा लागू PAN Card New Rules के अनुसार अब पैन कार्ड आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है। पहले जहां आधार और मोबाइल ओटीपी के जरिए तुरंत पैन जारी हो जाता था, वहीं अब कई मामलों में विस्तृत दस्तावेज जांच अनिवार्य कर दी गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव फर्जी या डुप्लीकेट पैन कार्ड की समस्या को रोकने के उद्देश्य से किया गया है। इसके तहत अब हर आवेदन का बहु-स्तरीय सत्यापन किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दस्तावेज प्रक्रिया सख्त</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नए PAN Card New Rules में दस्तावेजों की सूची को भी स्पष्ट और विस्तृत किया गया है। अब आवेदन के समय निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:107%;">—</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पहचान प्रमाण के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस मान्य होंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जन्मतिथि प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या पासपोर्ट स्वीकार किए जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पते के प्रमाण के रूप में आधार, वोटर आईडी, बिजली या पानी का बिल उपयोग किया जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">यदि किसी व्यक्ति के नाम में बदलाव हुआ है, जैसे विवाह के बाद नाम परिवर्तन, तो उसके लिए मैरिज सर्टिफिकेट या सरकारी गजट नोटिफिकेशन अनिवार्य होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">फर्जीवाड़े पर रोक</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">PAN Card New Rules का मुख्य उद्देश्य सिस्टम में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकना है। पहले कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक पैन कार्ड बनाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आयकर विशेषज्ञों के मुताबिक, आधार आधारित सिस्टम के बावजूद कई स्तरों पर गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए अब अतिरिक्त दस्तावेज सत्यापन जोड़ा गया है, जिससे पहचान की पुष्टि और मजबूत हो सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इसके अलावा आवेदन प्रक्रिया को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा ताकि डिजिटल फ्रॉड और पहचान चोरी जैसी समस्याओं पर नियंत्रण रखा जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पैन-आधार लिंक अनिवार्य</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सरकार ने PAN Card New Rules के तहत पैन और आधार लिंकिंग को पहले की तरह अनिवार्य रखा है। यदि दोनों दस्तावेज लिंक नहीं होते हैं, तो पैन निष्क्रिय हो सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ऐसी स्थिति में व्यक्ति आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएगा और बैंकिंग, निवेश तथा वित्तीय लेनदेन में भी परेशानी आ सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विशेषज्ञों का कहना है कि नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण दोनों दस्तावेजों में समान होना जरूरी है, अन्यथा लिंकिंग में बाधा आ सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विशेषज्ञों की राय</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आयकर विशेषज्ञ सुरेश कोठारी के अनुसार PAN Card New Rules का उद्देश्य पूरी प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। उनके मुताबिक अब दस्तावेजों की जांच पहले की तुलना में अधिक गहराई से की जाएगी, जिससे गलत पहचान के आधार पर पैन जारी होने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आगे क्या होगा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आने वाले समय में पैन कार्ड आवेदन प्रक्रिया और अधिक डिजिटल और सुरक्षित की जा सकती है। सरकार लगातार ऐसे बदलाव कर रही है जिससे कर प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और पहचान से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।</span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">PAN Card New Rules लागू होने के बाद उम्मीद है कि पैन जारी करने की प्रक्रिया भले ही थोड़ी लंबी हो जाए, लेकिन इसकी विश्वसनीयता और सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/pan-card-new-rules-now-making-pan-card-has-become/article-49941</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/pan-card-new-rules-now-making-pan-card-has-become/article-49941</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:43:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/pan-card-new-rules.jpg"                         length="126262"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        