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                <title>PM Awas Yojana - दैनिक जागरण</title>
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                <description>PM Awas Yojana RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नकटी गांव में विधायक कॉलोनी के लिए 80 घरों पर चला बुलडोजर, ग्रामीणों का हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[सुबह से तैनात रही भारी पुलिस फोर्स, महिलाओं की पुलिस से धक्का-मुक्की, प्रशासन बोला- प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में मिलेगा आवास]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/ruckus-by-villagers-over-bulldozer-on-80-houses-for-mla/article-57300"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nakti-village-demolition.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रायपुर के माना इलाके स्थित नकटी गांव में सोमवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए प्रशासन ने करीब 80 मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। जैसे ही जेसीबी मशीनें गांव में पहुंचीं, ग्रामीण अपने घरों के सामने जमा हो गए और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और पुलिस व ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रशासन के अनुसार जिन मकानों को हटाया गया, उनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल हैं। कार्रवाई को देखते हुए रविवार देर रात से ही गांव और आसपास के इलाके में एक हजार से अधिक पुलिस जवान तैनात कर दिए गए थे। सुबह प्रशासनिक टीम ने सुरक्षा घेरे के बीच कार्रवाई शुरू की। कई लोगों ने जेसीबी मशीनों के सामने खड़े होकर विरोध जताया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाकर अभियान जारी रखा।<img alt="Z"></img></p>
<p class="isSelectedEnd"> </p>
<p class="isSelectedEnd">कार्रवाई के दौरान गांव का माहौल बेहद भावुक नजर आया। कई परिवार अपने घरों का सामान बाहर निकालते दिखाई दिए। महिलाएं रोती-बिलखती रहीं, जबकि बुजुर्ग और बच्चे मलबे के बीच खड़े होकर अपने टूटते घरों को देखते रहे। इस बीच एक छोटी बच्ची ने रोते हुए कहा कि उसने सुबह से कुछ नहीं खाया, क्योंकि घर में खाना बनाने का मौका ही नहीं मिला। बच्ची की यह बात सुनकर मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखें भी नम हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि फिलहाल उनके मकान नहीं तोड़े जाएंगे। उनका आरोप है कि दो दिन पहले ही क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान भरोसा दिलाया था कि बारिश के मौसम में किसी का घर नहीं हटाया जाएगा। इसी आश्वासन के कारण लोगों ने तत्काल किसी वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी भी नहीं की थी। ऐसे में सोमवार सुबह अचानक हुई कार्रवाई से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। कार्रवाई के दौरान कई जगह महिलाओं ने पुलिस के सामने बैठकर विरोध करने की कोशिश की। कुछ लोगों ने जेसीबी मशीनों को रोकने का भी प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की और सुरक्षा घेरे में कार्रवाई जारी रखी। हालांकि पूरे अभियान के दौरान कई बार तनावपूर्ण माहौल बना रहा और ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="isSelectedEnd">प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पहले से तय योजना के तहत की गई है। अधिकारियों के मुताबिक विधायक कॉलोनी परियोजना के लिए जमीन खाली कराई जा रही है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने दावा किया कि सभी पात्र परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों में बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवंटन की कार्रवाई भी जारी है और लोगों को नियमानुसार नए मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी होने से पहले मकान तोड़ना उचित नहीं था। उनका आरोप है कि कई परिवारों को अब भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि उन्हें नया मकान कब मिलेगा और वहां तक पहुंचने की व्यवस्था कैसे होगी। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में बेघर होने से उनके सामने रहने, खाने और बच्चों की पढ़ाई जैसी कई समस्याएं खड़ी हो गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार नकटी गांव में कई परिवार वर्षों से रह रहे थे और उन्होंने अपने घरों को धीरे-धीरे बनाकर तैयार किया था। अचानक हुई इस कार्रवाई से उनका सामान खुले में आ गया है। कई लोग अपने घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश करते नजर आए, जबकि कुछ परिवार मलबे के बीच ही बैठे रहे। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास नहीं मिल जाता, तब तक उन्हें हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पूरे घटनाक्रम के बाद नकटी गांव में माहौल अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है और इलाके में पुलिस बल की तैनाती जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:28:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम आवास सूची विवाद में महिला-बेटी ने आत्मदाह की कोशिश, हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[राजनांदगांव के ढीलापहरी गांव में ग्राम सभा के दौरान हंगामा, आवास सूची से नाम गायब होने पर मां-बेटी ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेला, पुलिस ने बचाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/woman-and-daughter-attempt-to-commit-suicide-in-pm-residence/article-57041"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pm-awas-yojana.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ढीलापहरी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर अचानक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। घटना उस समय हुई जब गांव में ग्राम सभा की बैठक चल रही थी और पंचायत भवन में सरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान एक महिला और उसकी बेटी ने सूची में अपना नाम नहीं देखे जाने पर गुस्से में आकर आत्मदाह का प्रयास कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पूरा पंचायत भवन हंगामे में बदल गया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन मामला तेजी से बिगड़ गया। महिला का आरोप है कि वह लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर रही है और उसके पास सभी जरूरी रसीदें भी मौजूद हैं। उसका कहना है कि जनपद पंचायत से जो स्वीकृत सूची आई थी, उसमें उसका नाम शामिल था, लेकिन बाद में सरपंच और सचिव ने उसे सूची से हटा दिया। इसी बात को लेकर महिला और उसकी बेटी नाराज हो गईं और ग्राम सभा के दौरान ही विरोध दर्ज कराने लगीं। बहस बढ़ती गई और फिर दोनों ने यह खतरनाक कदम उठा लिया। सूचना मिलते ही सुकुलदेहान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। एएसआई चंपेश ठाकुर और पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और जिला अस्पताल भेजा। डॉक्टरों के अनुसार दोनों को समय रहते इलाज मिल गया, जिससे कोई गंभीर चोट नहीं आई है और फिलहाल उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने महिला का बयान भी दर्ज किया है। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल देखा गया और पंचायत भवन में हुई इस घटना की चर्चा दिनभर बनी रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान महिला ने सूची में नाम नहीं मिलने पर आपत्ति जताई और सरपंच से सवाल-जवाब शुरू कर दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि महिला का नाम कथित तौर पर पहले स्वीकृत सूची में था, लेकिन अंतिम सूची में बदलाव हुआ है। इस बदलाव के पीछे क्या कारण रहे, इसकी जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों से भी जानकारी ली जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि महिला और उसके परिवार के पास गांव में दो मकान होने की बात कही जा रही है। हालांकि ये मकान किसके नाम पर दर्ज हैं और महिला वास्तव में किस स्थिति में रह रही है, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है। प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हीं लोगों को दिया जाता है जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। इसी वजह से मामले की जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है। घटना के बाद पुलिस ने ग्राम सभा की कार्यवाही और सूची से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत निर्णय की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है, क्योंकि ग्राम सभा जैसे लोकतांत्रिक मंच पर इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई थी। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता महिला और उसकी बेटी की स्थिति सामान्य बनाए रखना और मामले की जांच पूरी करना है। पुलिस यह भी देख रही है कि घटना के पीछे केवल आवास सूची का विवाद था या इसके पीछे कोई अन्य सामाजिक या व्यक्तिगत कारण भी जुड़े हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:19:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा में नामांतरण अटकाने वाला बाबू हुआ सस्पेंड, PM आवास में घूस मांगने पर CEO को भेजा नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा में नामांतरण प्रकरण अटकाने पर बाबू सस्पेंड हुआ। पीएम आवास योजना में 20 हजार रिश्वत मांगने की शिकायत पर गंगेव CEO को नोटिस मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/babu-who-stalled-transfer-in-rewa-suspended-notice-sent-to/article-52781"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(71).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा में नामांतरण और पीएम आवास योजना से जुड़ी दो शिकायतों पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बुधवार को सख्त कार्रवाई की। सेमरिया तहसील में वारसाना नामांतरण प्रकरण को पैसे के लिए लंबे समय तक अटकाने के आरोप में सहायक वर्ग-3 प्रशांत तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में 20 हजार रुपए रिश्वत मांगने की शिकायत पर जनपद पंचायत गंगेव की सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। रीवा में नामांतरण गड़बड़ी और पीएम आवास में घूसखोरी की इन शिकायतों के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि सेमरिया तहसील में पदस्थ बाबू प्रशांत तिवारी के खिलाफ कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं। आवेदक मान सिंह</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">केबिल सिंह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उमेश सिंह और बबली सिंह ने आरोप लगाया था कि वारसाना नामांतरण का उनका प्रकरण जानबूझकर लंबा खींचा गया। आरोप है कि पैसे की मांग पूरी नहीं होने पर फाइल आगे नहीं बढ़ाई गई और मामला लंबे समय तक अटका रहा। शिकायत कलेक्टर तक पहुंची तो इस बार मामला दबा नहीं। प्रारंभिक दस्तावेजों की जांच के बाद ही कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया। अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया लापरवाही और संदिग्ध आचरण सामने आने पर यह कार्रवाई की गई। खास बात यह रही कि इस मामले में लंबी विभागीय प्रक्रिया का इंतजार नहीं किया गया। कलेक्टर के आदेश के बाद तहसील कार्यालय में पूरे दिन इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। उधर आरोपी कर्मचारी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरा मामला सिरमौर तहसील के ग्राम बड़ोखर से सामने आया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां रामलखन नामदेव ने कलेक्टर से शिकायत कर बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में ग्राम रोजगार सहायक ने उनसे 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर उनका नाम योजना से बाहर कर दिया गया और उन्हें लाभ से वंचित कर दिया गया। शिकायत को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने गंगेव जनपद पंचायत की सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। अधिकारियों के मुताबिक जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो आगे जिम्मेदारी तय की जाएगी। दोनों मामलों में जिस तेजी से कार्रवाई हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे साफ संकेत गया है कि राजस्व और पंचायत स्तर पर लंबित शिकायतों को अब सीधे प्रशासनिक कार्रवाई से जोड़ा जाएगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 16:50:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Awas Yojana 2.0: अच्छी खबर! पीएम आवास योजना 2.0 सर्वे हुआ शुरू, आबादी भूमि वालों को मिलेगा पक्का मकान</title>
                                    <description><![CDATA[PM Awas Yojana 2.0 के तहत बालोद में सर्वे शुरू, पात्र परिवारों को 2.5 लाख रुपये तक सहायता से पक्का मकान बनाने का अवसर मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/pm-awas-yojana-20-good-news-pm-awas-yojana-20/article-49950"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/pm-awas-yojana-2.0.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;"><strong>PM Awas Yojana 2.0:</strong> छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही नगर पंचायत क्षेत्र में पीएम आवास योजना 2.0 (PM Awas Yojana 2.0) के तहत पात्र हितग्राहियों की पहचान के लिए सर्वे प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत लंबे समय से आबादी भूमि पर रह रहे और कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहे परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आवासहीन और कमजोर वर्ग के परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पीएम आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 2.5 लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। नगर पंचायत प्रशासन ने सर्वे के साथ-साथ आवेदन प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। प्राथमिकता उन परिवारों को दी जा रही है जो नियमित रूप से नगरीय करों का भुगतान कर रहे हैं और लंबे समय से एक ही स्थान पर निवास कर रहे हैं। योजना के लागू होने से स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इससे शहरी झुग्गी और कच्चे मकानों की समस्या में कमी आएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सर्वे और आवेदन प्रक्रिया तेज</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नगर पंचायत गुंडरदेही में PM Awas Yojana 2.0 के लिए विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किया गया है, जहां पात्र नागरिक अपने दस्तावेजों के साथ पंजीकरण करा सकते हैं। आने वाले दिनों में वार्ड स्तर पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग योजना से जुड़ सकें। अधिकारियों के अनुसार, सर्वे टीम घर-घर जाकर पात्रता की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक जरूरतमंद परिवार योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पृष्ठभूमि और उद्देश्य</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">PM Awas Yojana केंद्र सरकार की एक प्रमुख आवास योजना है, जिसका लक्ष्य देश के हर नागरिक को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। शहरी क्षेत्रों में इस योजना के दूसरे चरण यानी PM Awas Yojana 2.0 के तहत उन परिवारों पर विशेष फोकस किया जा रहा है, जो अब तक किसी भी आवास योजना से वंचित रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी राज्य सरकार के सहयोग से इस योजना का विस्तार किया जा रहा है, जिससे गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को आवासीय सुरक्षा मिल सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आधिकारिक बयान और शर्तें</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने बताया कि PM Awas Yojana 2.0 के तहत सभी पात्र नागरिक समय पर आवेदन करें। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास आबादी भूमि पर काबिज होने का प्रमाण या पुराने कर भुगतान की रसीदें हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिकारियों के अनुसार, योजना के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज अनिवार्य हैं। बैंक खाता आधार से लिंक होना आवश्यक है, ताकि सहायता राशि सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जनता पर असर और आगे की प्रक्रिया</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">स्थानीय स्तर पर PM Awas Yojana को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। वर्षों से कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों को अब पक्का घर मिलने की उम्मीद जगी है। यह योजना न केवल आवास की समस्या को हल करेगी, बल्कि शहरी जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि सर्वे पूरा होने के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी और पात्र लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से सहायता राशि जारी की जाएगी। आने वाले महीनों में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आगे क्या होगा</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आने वाले समय में PM Awas Yojana 2.0 के तहत चयनित परिवारों को स्वीकृति पत्र जारी किए जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़कर आवास समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:43:21 +0530</pubDate>
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