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                <title>Datia - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Datia RSS Feed</description>
                
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                <title>दतिया में धारा-163 लागू, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक; प्रशासन अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[टिकट विवाद के बाद हुए बवाल और हाईवे जाम की घटना के बाद प्रशासन ने पूरे दतिया अनुभाग में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। बिना अनुमति प्रदर्शन, रैली और पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/section-163-imposed-in-datia-ban-on-meetings-and-processions/article-58471"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/datia-163.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे दतिया अनुभाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 लागू कर दी है। यह आदेश 10 जुलाई की रात 9 बजे से प्रभावी हो गया है और अगले आदेश तक लागू रहेगा। प्रशासन का कहना है कि हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे चक्का जाम और हिंसक घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार उपचुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश लागू होने के बाद अब बिना प्रशासन की अनुमति कोई भी सभा, जुलूस, रैली, धरना या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, तलवार, भाला, फरसा, चाकू या अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही एक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्र या अन्य सार्वजनिक प्रसारण उपकरणों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, नारे, भाषण या अन्य माध्यमों से ऐसी किसी भी सामग्री के प्रचार-प्रसार पर भी रोक रहेगी, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के पालन के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी आवश्यक है। इसलिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं से भी चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपेक्षा जताई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने अपने आदेश में हाल ही में झांसी-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए चक्का जाम का भी उल्लेख किया है। अधिकारियों के अनुसार 10 जुलाई की रात हुए प्रदर्शन के दौरान लगभग 15 से 20 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कुछ स्थानों पर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसलिए एहतियात के तौर पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। आदेश के तहत भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके अलावा मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994, मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों को भी प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। हालांकि यह आदेश पुलिस, होमगार्ड, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, सीआरपीएफ और अन्य प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों पर उनके शासकीय दायित्वों के निर्वहन के दौरान लागू नहीं होगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। धारा-163 लागू होने के बाद जिले में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दतिया में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों का बवाल, NH-44 जाम; पुलिस पर पथराव, एसपी-एएसपी समेत 6 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा की ओर से विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद दतिया में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। एनएच-44 पर लंबा जाम लगा और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/narottam-mishra-supporters-create-ruckus-in-datia-stone-pelting-at/article-58468"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/datia-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दतिया में आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शुक्रवार शाम से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देर रात और शनिवार तड़के हिंसक रूप ले बैठा। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। हालात उस समय और बिगड़ गए जब पुलिस ने हाईवे खाली कराने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि पुलिस ने हालात पर नियंत्रण पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त बल तैनात किया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार शाम करीब छह बजे से बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र होने लगे थे। प्रशासन का कहना है कि तीन हजार से अधिक लोगों की भीड़ ने पहले बाजार बंद कराने का प्रयास किया और फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे दतिया के साथ-साथ आसपास के जिलों की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने कई बार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम समाप्त करने की अपील की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। अधिकारियों के मुताबिक तड़के करीब चार बजे स्थिति अचानक बिगड़ गई और पुलिस टीम पर पत्थर फेंके जाने लगे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले आंसू गैस का इस्तेमाल किया, लेकिन पथराव जारी रहने पर अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">विरोध प्रदर्शन की वजह भारतीय जनता पार्टी द्वारा दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया जाना बताया जा रहा है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को उम्मीद थी कि पार्टी एक बार फिर उन्हें टिकट देगी। बताया जा रहा है कि उन्होंने नामांकन की तैयारी भी शुरू कर दी थी। जैसे ही पार्टी ने आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा की, समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई और वे सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान कुछ समर्थकों ने सड़क पर लेटकर विरोध जताया और पार्टी नेतृत्व से फैसला बदलने की मांग की। दूसरी ओर भाजपा के जिला मंत्री भानु सिंह ने दावा किया कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे और पूरी रात रामधुन गाकर पार्टी नेतृत्व से टिकट पर पुनर्विचार करने की अपील कर रहे थे। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई, जिससे हालात बिगड़ गए। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और भीड़ द्वारा पहले हिंसक व्यवहार किया गया। इस बीच भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा उनके वरिष्ठ नेता और अभिभावक हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और डॉ. मिश्रा का मार्गदर्शन उन्हें मिलता रहेगा। हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य कराया जा रहा है, जबकि पुलिस संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दतिया उपचुनाव में BJP का बड़ा सरप्राइज, आशुतोष तिवारी को मिला टिकट; नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा ने उम्मीदवार घोषित किया, चुनावी तैयारियों में जुटे पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को नहीं मिला मौका; कांग्रेस और अन्य दल भी तेज कर रहे प्रचार अभियान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/election/bjps-big-surprise-ashutosh-tiwari-got-ticket-in-datia-by-election/article-58439"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bjp-candidate.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने लंबे इंतजार के बाद अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारने का फैसला किया है। इस घोषणा के साथ ही दतिया की राजनीति में कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। खास बात यह रही कि पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा था। उन्होंने चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं, कई जनसभाएं कर चुके थे और नामांकन पत्र भी खरीद लिया था, लेकिन अंतिम समय में पार्टी नेतृत्व ने आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया। भाजपा ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब दतिया उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ चुकी हैं। उम्मीदवार घोषित होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया और पार्टी ने चुनाव प्रचार को नई गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। संगठन अब आशुतोष तिवारी को लेकर क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति बना रहा है। आशुतोष तिवारी भाजपा संगठन के पुराने और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने वर्षों तक संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्हें मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया गया था, जहां उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। संगठन और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण उपचुनाव के लिए उपयुक्त उम्मीदवार माना है। हालांकि, इस फैसले ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को जरूर चौंकाया है। चुनाव की घोषणा के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा लगातार दतिया क्षेत्र में सक्रिय थे। उन्होंने कई सार्वजनिक सभाओं को संबोधित किया और लोगों से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। उनकी सभाओं में बड़ी संख्या में समर्थक भी पहुंचे थे, जिससे यह माना जा रहा था कि पार्टी एक बार फिर उन पर भरोसा जता सकती है।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bjp-candidate.jpg" alt="BJP Candidate" width="1366" height="1556"></img></p>
<p>चुनावी अभियान के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने अपने संबोधनों में जनता से भावनात्मक अपील भी की थी। उन्होंने कहा था कि यदि उनसे पूर्व में कोई गलती हुई हो तो लोग उन्हें क्षमा करें। उन्होंने अपने व्यवहार में बदलाव लाने की बात भी कही थी और भरोसा दिलाया था कि भविष्य में जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनकी यह अपील राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बनी रही। इसके अलावा एक अन्य जनसभा में उन्होंने कांग्रेस के आरोपों का भी जवाब दिया था। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए गए खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि भाजपा सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है और बेबुनियाद आरोपों का कोई आधार नहीं है। इन बयानों के जरिए वे चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे थे। भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है। कांग्रेस भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। दूसरी ओर अन्य राजनीतिक दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समीकरणों पर नजर बनाए हुए हैं। दतिया सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की कानूनी लड़ाई भी चर्चा में रही। उनकी ओर से दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। इसके बाद कांग्रेस के सामने भी उम्मीदवार चयन को लेकर नई परिस्थितियां बनीं। राजेंद्र भारती ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि पार्टी चाहे तो उनके परिवार के बजाय किसी अन्य नेता को उम्मीदवार बनाया जा सकता है और वे पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का समर्थन करेंगे। दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया भी जारी है। अब तक कई उम्मीदवार नामांकन पत्र खरीद चुके हैं और कुछ ने अपने नामांकन दाखिल भी कर दिए हैं। चुनाव आयोग की तय समय-सीमा के अनुसार आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दल प्रचार अभियान को और तेज करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 18:53:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव प्रक्रिया शुरू, नामांकन दाखिल होना प्रारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[निर्वाचन आयोग ने तीन राज्यों की रिक्त विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी की। 13 जुलाई तक नामांकन, 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी। मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश और शराबबंदी के निर्देश भी जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/election/by-election-process-begins-on-three-assembly-seats-of-madhya-pradesh/article-58095"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/election-commission-of-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">देश के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार में विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग ने तीनों राज्यों की रिक्त विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी कर नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इन उपचुनावों के परिणाम संबंधित राज्यों की राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ स्थानीय समीकरणों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मध्य प्रदेश की 22-दतिया विधानसभा सीट, गुजरात की 145-मंजलपुर विधानसभा सीट और बिहार की 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराए जाएंगे। इन तीनों सीटों के लिए 6 जुलाई 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 13 जुलाई 2026 तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 14 जुलाई को सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। यदि कोई उम्मीदवार चुनाव मैदान से हटना चाहता है तो वह 16 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकता है। नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद चुनाव मैदान में अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी और इसके बाद चुनाव प्रचार पूरी तरह गति पकड़ लेगा। निर्वाचन आयोग ने बताया है कि यदि आवश्यक हुआ तो इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 30 जुलाई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान संपन्न होने के बाद सभी मतों की गणना 3 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। आयोग का लक्ष्य है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरी कर ली जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावी हो गई है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने चुनाव वाले क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को कहा है कि मतदान के दिन सभी पात्र कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश दिया जाए ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। यह व्यवस्था जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के तहत लागू होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यवसाय, औद्योगिक इकाई, व्यापारिक प्रतिष्ठान या अन्य संस्थान में कार्यरत ऐसे कर्मचारी, जो संबंधित विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं, उन्हें मतदान के दिन वेतन सहित अवकाश दिया जाएगा। यदि कोई नियोक्ता इस प्रावधान का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। यह सुविधा केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक श्रमिक भी इसके दायरे में आएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">निर्वाचन आयोग ने उन मतदाताओं के लिए भी विशेष व्यवस्था का उल्लेख किया है जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किसी अन्य शहर या जिले में कार्यरत हैं। यदि उनका नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज है तो वे भी मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश पाने के अधिकारी होंगे, जिससे वे अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में जाकर मतदान कर सकें। आयोग का मानना है कि इससे अधिक से अधिक मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए आयोग ने शराबबंदी को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135सी के तहत मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि में होटल, बार, रेस्तरां, शराब की दुकानों और अन्य सार्वजनिक या निजी स्थानों पर मादक पेय पदार्थों की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि मतदान से पहले निर्धारित अवधि के लिए 'ड्राई डे' घोषित किया जाए। इसके अलावा मतगणना वाले दिन यानी 3 अगस्त 2026 को भी संबंधित क्षेत्रों में शराबबंदी लागू रहेगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:47:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'फिल्म रिलीज नहीं रोकी तो जान से मार देंगे': 'काला हिरण' के प्रोड्यूसर अमित जानी को पाकिस्तान नंबर से धमकी, पुलिस और एजेंसियां अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[दतिया में दर्शन के दौरान फिल्म निर्माता अमित जानी को व्हाट्सएप पर ऑडियो, वीडियो और कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/if-the-release-of-the-film-is-not-stopped-we/article-58102"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/amit-jani.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दतिया में फिल्म<strong> </strong>'काला हिरण' के निर्माता अमित जानी को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। आरोप है कि पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल, ऑडियो और वीडियो भेजकर फिल्म की रिलीज रोकने की चेतावनी दी गई। शिकायत मिलने के बाद दतिया कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर साइबर विशेषज्ञों की मदद से कॉल और मैसेज की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वाले की वास्तविक पहचान और उसके नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">नोएडा निवासी फिल्म निर्माता अमित जानी धार्मिक यात्रा के सिलसिले में दतिया पहुंचे थे। वे यहां स्थित प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में दर्शन करने आए थे और एक निजी होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर विदेशी नंबरों से लगातार व्हाट्सएप संदेश और कॉल आने लगे। शुरुआत में उन्हें ऑडियो और वीडियो क्लिप भेजी गईं, जिसके बाद सीधे कॉल कर फिल्म रिलीज नहीं करने की चेतावनी दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित जानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 जुलाई की देर रात करीब एक बजे पाकिस्तान के कंट्री कोड (+92) वाले नंबर से एक ऑडियो और वीडियो क्लिप प्राप्त हुई। इसके बाद अगले दिन सुबह फिर दूसरे पाकिस्तानी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। शिकायत के मुताबिक, कॉल करने वाले ने खुद को पाकिस्तान से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए फिल्म की रिलीज रोकने की धमकी दी। उसने कहा कि यदि फिल्म निर्धारित समय पर रिलीज हुई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और जान से मार दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि धमकी देने वाले ने वीडियो में आधुनिक हथियार दिखाने का दावा किया। वीडियो में कथित रूप से ग्रेनेड, रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) और अन्य हथियार दिखाई देने की बात कही गई है। हालांकि पुलिस फिलहाल वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो वास्तविक है या किसी अन्य स्रोत से तैयार कर भेजा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">धमकी मिलने के बाद अमित जानी सीधे दतिया कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नंबरों की तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है और साइबर सेल के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कॉल वास्तव में विदेश से की गई थी या इंटरनेट आधारित किसी अन्य माध्यम का इस्तेमाल किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आजकल इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबरों का उपयोग कर कई बार विदेशी नंबरों का इस्तेमाल दिखाया जाता है। इसलिए केवल नंबर देखकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में विदेश में था या किसी अन्य स्थान से इंटरनेट आधारित तकनीक का उपयोग कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी भेज दी है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर सभी डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच टीम व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, वीडियो फाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डाटा की भी जांच करेगी ताकि धमकी देने वाले तक पहुंचा जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि यदि जांच में विदेशी कनेक्शन सामने आता है तो संबंधित केंद्रीय एजेंसियों से भी आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और तकनीकी आधार पर जांच होगी। घटना के बाद दतिया में सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्म निर्माता अमित जानी ने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि उन्हें मिली धमकी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने जांच एजेंसियों को अपने मोबाइल में मौजूद सभी ऑडियो, वीडियो और कॉल संबंधी जानकारी उपलब्ध करा दी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल फोरेंसिक जांच के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विशेषज्ञ यह भी जांच करेंगे कि भेजे गए वीडियो और ऑडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग या मॉर्फिंग तो नहीं की गई। इसके अलावा कॉल की लोकेशन, इंटरनेट सर्वर और उपयोग किए गए प्लेटफॉर्म की जानकारी भी जुटाई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:44:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दतिया विधानसभा उपचुनाव 30 जुलाई को, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे</title>
                                    <description><![CDATA[6 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई सीट पर सियासी मुकाबला तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/datia-assembly-by-election-will-be-held-on-30th-july-results/article-57714"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/datia-by-election.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए बताया कि उपचुनाव के लिए अधिसूचना 6 जुलाई को जारी की जाएगी। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जबकि 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 16 जुलाई तय की गई है। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा और 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनावी प्रक्रिया 4 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत तय है। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पार्टी उम्मीदवार बनाएगी, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी उचित समय पर उम्मीदवार की घोषणा करेगी और चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ा जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की नौबत कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद आई। विधानसभा सचिवालय ने उनकी सीट रिक्त घोषित कर निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना भेजी थी। दरअसल राजेंद्र भारती को एक पुराने आपराधिक मामले में दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के लिली थॉमस बनाम भारत संघ मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले और संविधान के प्रावधानों के अनुरूप की गई। यह मामला वर्ष 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में सामने आए कथित फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) घोटाले से जुड़ा है। आरोप था कि बैंक के रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर कर एक एफडी की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पंद्रह वर्ष कर दी गई थी। इसके आधार पर वर्ष 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी बताए गए थे। मामले की जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया गया और लंबी कानूनी प्रक्रिया चली।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">करीब 28 वर्ष पुराने इस मामले में 1 अप्रैल 2026 को विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने राजेंद्र भारती को दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजते हुए अगले दिन 2 अप्रैल को तीन वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए सजा के क्रियान्वयन पर 60 दिन की मोहलत भी दी गई। हालांकि दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगने के कारण विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की कानूनी प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से लागू हो गई।  वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई थी। इससे पहले जनप्रतिनिधियों को अपील दाखिल करने तक राहत मिल जाती थी, लेकिन अब यदि किसी सांसद या विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है। केवल अपील दायर करना पर्याप्त नहीं माना जाता। सदस्यता तभी बहाल हो सकती है जब उच्च न्यायालय दोषसिद्धि या अयोग्यता पर रोक लगाए। निर्वाचन आयोग ने प्रशासन को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की तैयारी और चुनावी नियमों के पालन को लेकर भी आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:07:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा, एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत मिली, एफडी हेराफेरी केस में दोषी</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एफडी हेराफेरी मामले में तीन साल की सजा मिली, एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले से विधायकी पर संकट गहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/congress-mla-rajendra-bharti-sentenced-to-3-years-gets-bail/article-49954"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-mla-rajendra-bharti-court-verdict.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई और जमानत भी प्रदान की। यह मामला दतिया जिले के सहकारी ग्रामीण विकास बैंक से जुड़ा है। फैसले के बाद उनकी विधायकी पर संकट गहरा गया है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अदालत ने उन्हें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में दोषी माना है। सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी समान रूप से दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में 3-3 साल और 2 साल की सजा सुनाई है। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, दो साल या उससे अधिक की सजा पर विधायकी स्वतः समाप्त हो सकती है। हालांकि, कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को हाईकोर्ट में अपील का अवसर मिलेगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">एफडी हेराफेरी मामला</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">यह पूरा मामला वर्ष 1998 से 2001 के बीच का बताया जा रहा है। आरोप है कि श्याम सुंदर संस्थान की ओर से दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट कराई गई थी। उसी दौरान राजेंद्र भारती बैंक के संचालक मंडल से जुड़े हुए थे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आरोपों के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड में कूटरचना कर एफडी की अवधि को 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया। इसके बाद सालाना 13.5 प्रतिशत की दर से ब्याज निकालकर लगभग 1.35 लाख रुपये की राशि कई वर्षों तक प्राप्त की गई। जांच में इसे वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी माना गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जांच और कानूनी प्रक्रिया</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2011 में तत्कालीन बैंक अध्यक्ष ने इस मामले को उजागर किया था। इसके बाद सहकारिता विभाग ने जांच कराई, जिसमें ऑडिट आपत्तियां सामने आईं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">2015 में तत्कालीन कलेक्टर की पहल पर आपराधिक मामला दर्ज हुआ और IPC की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया। मामला बाद में एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित किया गया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने अब अपना फैसला सुनाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अदालत का निर्णय और प्रभाव</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अदालत ने धोखाधड़ी (धारा 420), जालसाजी (धारा 467, 468, 471) और आपराधिक साजिश (धारा 120B) में दोष सिद्ध किया है। राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई गई है, हालांकि उन्हें जमानत भी मिल गई है ताकि वे उच्च न्यायालय में अपील कर सकें।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिकारियों के अनुसार, यदि सजा पर स्टे नहीं मिलता है, तो उनकी विधायकी स्वतः समाप्त हो सकती है। इससे संबंधित क्षेत्र में उपचुनाव की संभावना भी बन सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आगे क्या होगा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती अब इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में हैं। उनके परिवार के अनुसार, वे कानूनी विकल्पों का उपयोग करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण रहेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">यदि उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलती है, तो उनकी विधानसभा सीट रिक्त घोषित की जा सकती है और चुनाव आयोग उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।</span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कुल मिलाकर यह मामला न केवल कानूनी दृष्टि से बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम हो गया है, जहां कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी पर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।</span></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 16:08:11 +0530</pubDate>
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