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                <title>Aam Aadmi Party - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Aam Aadmi Party RSS Feed</description>
                
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                <title>जनता के हक के लिए जेल भी जाना पड़े तो पीछे मत हटना: संजय सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर कार्यकर्ता सम्मेलन में आप सांसद का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला, कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर संघर्ष का आह्वान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/even-if-you-have-to-go-to-jail-for-public/article-55290"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sanjay-singh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">राजधानी रायपुर में आयोजित आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में रविवार को पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कार्यकर्ताओं को संघर्ष और संगठन का संदेश दिया। शहीद स्मारक भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को उठाना और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करना होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि जनता के हितों की लड़ाई लड़ते हुए जेल भी जाना पड़े तो उससे घबराना नहीं चाहिए। उनके इस बयान पर सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार समर्थन जताया और पूरे सभागार में नारेबाजी का माहौल बन गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन में संजय सिंह ने केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार दोनों पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। उनका आरोप था कि आम लोग महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सरकारें अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच रहा है। इसके बजाय संसाधनों का उपयोग कुछ चुनिंदा लोगों के हित में किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">संजय सिंह ने अपने संबोधन के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रदेश की राजनीति इन दोनों दलों के बीच घूमती रही है, लेकिन जनता की मूल समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। किसानों की स्थिति को लेकर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि कृषि आधारित राज्य होने के बावजूद किसान आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं और बड़ी संख्या में पढ़े-लिखे युवक नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। उनका कहना था कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास का आधार होती है और यदि स्कूलों की संख्या घटेगी तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति इससे अलग दिखाई देती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने भाषण में उन्होंने दिल्ली सरकार के कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया और स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों की चर्चा देशभर में होती है और यही मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों तक पार्टी की नीतियों और योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन में संगठन विस्तार को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। संजय सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले समय में पार्टी को गांव-गांव और बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसका संगठन होता है और मजबूत संगठन के बिना जनता तक पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लगातार जनसंपर्क करने, लोगों की समस्याएं सुनने और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब पारंपरिक राजनीतिक विकल्पों से निराश होती जा रही है और एक नए विकल्प की तलाश कर रही है। उनके अनुसार आम आदमी पार्टी इस भूमिका को निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में पार्टी संगठन और जनाधार दोनों को मजबूत करने पर ध्यान देगी। उनका मानना है कि यदि कार्यकर्ता ईमानदारी से लोगों के बीच काम करेंगे तो पार्टी को प्रदेश में बेहतर राजनीतिक अवसर मिल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद संजय सिंह माना-तूता क्षेत्र स्थित उस धरना स्थल पर भी पहुंचे, जहां लंबे समय से डीएड अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वहां उन्होंने अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। अभ्यर्थियों ने उन्हें अपनी मांगों और लंबे समय से चल रहे आंदोलन की जानकारी दी। संजय सिंह ने कहा कि कठिन मौसम और परिस्थितियों के बावजूद आंदोलन कर रहे युवाओं की बात सरकार को गंभीरता से सुननी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आंदोलनरत अभ्यर्थियों को सुझाव दिया कि वे अपनी ओर से एक प्रतिनिधिमंडल तैयार करें और सरकार के साथ बातचीत का प्रयास करें। साथ ही उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर वह इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास करेंगे। उनके इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों में कुछ उम्मीद दिखाई दी। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदेश प्रभारी मुकेश अहलावत, सह-प्रभारी सौरभ झा, समर कुमार, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल, अभिषेक मिश्रा, देवलाल नरेटी, प्रदेश महासचिव वदूद आलम और प्रमुख प्रवक्ता सूरज उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 14:32:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>100 करोड़ रुपये GST घोटाले में फंसे पंजाब कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, ED ने किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED की बड़ी कार्रवाई। 100 करोड़ फर्जी GST मामले में रेड के बाद गिरफ्तारी की खबर से राजनीति गरमाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/69ff1ac65e30b/article-53005"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-09t171131.952.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">पंजाब की राजनीति में शनिवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब प्रवर्तन निदेशालय (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">ED) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक रेड के दौरान अरोड़ा चंडीगढ़ स्थित अपनी सरकारी कोठी में मौजूद थे और वहीं से उन्हें हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि देर शाम तक </span>ED <span lang="hi" xml:lang="hi">की तरफ से गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। सुबह अचानक चंडीगढ़ के सेक्टर-</span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> इलाके में </span>ED <span lang="hi" xml:lang="hi">की गाड़ियों का काफिला पहुंचा तो आसपास के इलाके में हलचल बढ़ गई। बताया जा रहा है कि करीब </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> गाड़ियां एक साथ मंत्री के घर पहुंचीं और कुछ ही देर में </span>CRPF <span lang="hi" xml:lang="hi">जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया। किसी को अंदर जाने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">जांच एजेंसी के अनुसार मामला </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">100<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए से ज्यादा के फर्जी </span>GST <span lang="hi" xml:lang="hi">इनपुट टैक्स क्रेडिट और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संजीव अरोड़ा की कंपनी पर मोबाइल फोन की फर्जी खरीद दिखाकर टैक्स लाभ लेने का आरोप है। कहा जा रहा है कि बाद में इन्हीं लेनदेन के जरिए विदेशों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर दुबई से पैसों की राउंड-ट्रिपिंग की गई। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली की कई ऐसी फर्मों से खरीद के बिल लिए गए जो कागजों में मौजूद थीं लेकिन जमीन पर उनका कोई अस्तित्व नहीं मिला। </span>ED <span lang="hi" xml:lang="hi">का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए </span>GST <span lang="hi" xml:lang="hi">रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक का गलत फायदा उठाया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचा। चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुरुग्राम और कंपनी से जुड़े दूसरे ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हैंपटन स्काई रियलिटी लिमिटेड के दफ्तर को भी जांच के दायरे में लिया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">रेड के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">ED <span lang="hi" xml:lang="hi">को मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के बजाय विपक्षी पार्टियों को तोड़ने में लगाया गया है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पंजाब को डराने की कोशिश की जा रही है और भाजपा विपक्षी नेताओं पर एजेंसियों के जरिए दबाव बना रही है। मान ने दावा किया कि इससे पहले भी कई नेताओं पर रेड के बाद राजनीतिक दबाव बनाया गया। इधर विपक्ष इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रहा है। संजीव अरोड़ा पर पिछले महीने भी </span>ED <span lang="hi" xml:lang="hi">ने दबिश दी थी। उस दौरान अवैध सट्टेबाजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फर्जी निर्यात बिल और हवाला जैसे मामलों में जांच की बात सामने आई थी। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पंजाब की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 17:22:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा की सुरक्षा हटाई, AAP ने केंद्र पर उठाए सवाल, राजनीतिक विवाद तेज</title>
                                    <description><![CDATA[सिक्योरिटी विवाद को लेकर आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार आमने-सामने, केंद्र से Z+ सुरक्षा की चर्चा भी गर्म]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/punjab-government-removed-raghav-chadhas-security-aap-raised-questions-on/article-51231"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/raghav-chadha-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>पंजाब की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब सरकार ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सुरक्षा वापस ले ली है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब आम आदमी पार्टी (AAP) और राघव चड्ढा के बीच पहले से ही राजनीतिक मतभेद की चर्चाएं तेज हैं।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, राघव चड्ढा को पंजाब पुलिस की ओर से जो सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी, वह उनके पार्टी पद और राजनीतिक भूमिका के आधार पर दी गई थी। अब इसे वापस लिए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह प्रशासनिक निर्णय है या पार्टी के भीतर चल रहे तनाव का असर।</p>
<p>इस मामले पर आम आदमी पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया गया है कि केंद्र सरकार की ओर से राघव चड्ढा को Z+ श्रेणी की सुरक्षा देने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, पार्टी के ही कुछ सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल केंद्र से किसी नई सुरक्षा व्यवस्था की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p>राघव चड्ढा ने पहले भी अपनी राजनीतिक भूमिका और संसद में सक्रियता को लेकर उठे सवालों के बीच यह कहा था कि उनके खिलाफ एक “संगठित अभियान” चलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, हालांकि उन्होंने इसे सीधे तौर पर किसी संस्था से नहीं जोड़ा।</p>
<p>AAP नेताओं की ओर से भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी का कहना है कि सुरक्षा हटाने का फैसला राजनीतिक प्रभाव में लिया गया प्रतीत होता है, जबकि दूसरी ओर कुछ नेताओं ने यह भी सवाल उठाया है कि केंद्र सरकार इस मामले में कथित रूप से अधिक सक्रिय क्यों दिख रही है।</p>
<p>राघव चड्ढा लंबे समय से आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं और राज्यसभा में पंजाब से प्रतिनिधित्व करते हैं। हाल के महीनों में पार्टी के भीतर उनके राजनीतिक रोल और बयानबाजी को लेकर भी मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं।</p>
<p>फिलहाल, न तो पंजाब सरकार और न ही केंद्र सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया गया है। स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मुद्दा और राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 14:41:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया, अशोक मित्तल को सौंपी जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[पार्टी का बड़ा फैसला; सदन में प्रतिनिधित्व सीमित करने का निर्देश, कारणों पर चुप्पी बरकरार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/aap-removed-raghav-chadha-from-the-post-of-rajya-sabha/article-49967"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/raghav-chadha.jpg" alt=""></a><br /><p>आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को राज्यसभा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया। उनकी जगह पार्टी ने पंजाब से ही राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इस संबंध में पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेजकर जानकारी दी है।</p>
<p>पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब सदन में पार्टी की ओर से बोलने के लिए राघव चड्ढा को समय न दिया जाए। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब उनके पार्टी से दूरी बनाए रखने की चर्चा पहले से चल रही थी।</p>
<p>राघव चड्ढा वर्ष 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है। हालांकि, हाल के महीनों में वे पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग नजर आए। प्रमुख राजनीतिक घटनाओं पर उनकी चुप्पी ने भी सवाल खड़े किए, जिससे उनके पद में बदलाव की अटकलें तेज हो गई थीं।</p>
<h5><strong>पार्टी ने कारण नहीं बताए, लेकिन संकेत साफ</strong></h5>
<p>AAP ने इस फैसले के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर संवाद की कमी और सक्रिय भूमिका में कमी इसकी वजह हो सकती है।</p>
<p>पिछले कुछ समय में राघव चड्ढा ने पार्टी के प्रमुख मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से कम प्रतिक्रिया दी। इसके बावजूद उन्होंने संसद में कई जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए, जिनमें गिग वर्कर्स के अधिकार, मोबाइल रीचार्ज अवधि, बैंक पेनल्टी, खाद्य मिलावट और एयरपोर्ट पर सस्ते भोजन की मांग जैसे विषय शामिल रहे।</p>
<h5><strong>नए उपनेता का प्रोफाइल</strong></h5>
<p>अशोक मित्तल भी पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और शिक्षा व उद्योग जगत से जुड़े रहे हैं। राजनीति में आने से पहले वे एक सफल व्यवसायी के रूप में पहचाने जाते थे। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता की जिम्मेदारी देकर संगठन में नई भूमिका दी है।</p>
<h5><strong>संसद में सक्रिय रहे थे चड्ढा</strong></h5>
<p>संसद के पिछले दो सत्रों में राघव चड्ढा ने कई अहम मुद्दे उठाए थे। इनमें डिलीवरी सेक्टर में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति, डिजिटल कंटेंट से जुड़े कानूनों में बदलाव, स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच और कर प्रणाली से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे।</p>
<p>राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला पार्टी के भीतर अनुशासन और नेतृत्व संरचना को मजबूत करने के संकेत देता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि राघव चड्ढा की भूमिका पार्टी और संसद में किस तरह बदलती है।</p>
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                                                            <category>देश विदेश</category>
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 16:38:00 +0530</pubDate>
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