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                <title>ChhattisgarhNews - दैनिक जागरण</title>
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                <title>रायपुर में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, CM विष्णुदेव साय बोले- नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है उनका संघर्ष और त्याग</title>
                                    <description><![CDATA['आपातकाल के योद्धा' स्मारिका का हुआ विमोचन, इंद्रेश कुमार ने कहा- संस्कृति, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र प्रथम की भावना से मजबूत बनेगा भारत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/honoring-democracy-fighters-in-raipur-cm-vishnudev-sai-said/article-57669"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-democracy-fighters1.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">राजधानी रायपुर में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को देश की लोकतांत्रिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष और त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का ऐसा अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उस दौर में जिन लोगों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कठिनाइयों का सामना किया, उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका 'आपातकाल के योद्धा' का विमोचन किया। इसके साथ ही आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। समारोह में लोकतंत्र सेनानी, उनके परिजन, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान की व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के नागरिकों की स्वतंत्रता, अधिकारों और जिम्मेदारियों से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है ताकि युवा यह समझ सकें कि लोकतांत्रिक अधिकार कितने महत्वपूर्ण हैं और उनकी रक्षा के लिए कई लोगों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अपने परिवार से जुड़ी एक पुरानी स्मृति भी साझा की। उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय करीब 19 महीने तक जेल में रहे थे। उस समय परिवार को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस दौर में कई स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों तक राशन और अन्य आवश्यक सामान पहुंचाते थे, ताकि कोई परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिए गए त्याग की गवाही देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इतिहास के इन महत्वपूर्ण अध्यायों को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को देश के लोकतांत्रिक संघर्ष और उसके मूल्यों की जानकारी मिल सके। उन्होंने इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में लोकतंत्र के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">समारोह के मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि भारतीय समाज के जीवन मूल्यों का आधार है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर असर पड़ा था। ऐसे समय में लोकतंत्र सेनानियों ने जेल, यातनाएं और अनेक कठिनाइयां सहते हुए लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा की। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों से और अधिक मजबूत होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी आपातकाल के दौर को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि उस समय प्रेस सेंसरशिप लागू की गई, मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए और संविधान में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए। उन्होंने कहा कि इतिहास की इन घटनाओं से सीख लेते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमेशा सजग रहने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहें।</p>
<p style="text-align:justify;">समारोह में आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यालय वर्ग में रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम, कोरबा के सूरज तांडिया ने द्वितीय और दुर्ग के अंश देशमुख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं महाविद्यालय वर्ग में रायपुर की कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय और दुर्ग की खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और लोकतंत्र सेनानी मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:22:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>भिलाई में भव्य ताजिया जुलूस, 55 अखाड़ा कमेटियां शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश का सबसे बड़ा मुहर्रम जुलूस आज भिलाई में, सुरक्षा कड़ी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%82%E0%A4%B8--55-%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2/article-57044"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhilai-tazia-procession.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दुर्ग-भिलाई में आज मुहर्रम के मौके पर शहर की सड़कों पर आस्था और परंपरा का सबसे बड़ा नजारा देखने को मिलेगा। दोपहर करीब 3 बजे के बाद 40 से ज्यादा ताजिए अलग-अलग इलाकों से निकलकर भिलाई के मुख्य मार्गों की ओर बढ़ेंगे। बताया जा रहा है कि प्रदेश का सबसे बड़ा ताजिया जुलूस इसी शहर में निकलता है, जिसमें इस बार भी भारी भीड़ जुटने की संभावना है। ताजिया जुलूस को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। भिलाई-दुर्ग क्षेत्र की करीब 40 ताजिया कमेटियां अपने-अपने इलाकों से ताजिया लेकर सेक्टर-1 स्थित मुर्गा चौक पहुंचेंगी। यहां से सभी ताजिए निर्धारित रूट से जीई रोड की ओर बढ़ेंगे और अंत में कर्बला पहुंचकर रस्म अदायगी की जाएगी। रास्ते भर जगह-जगह लोगों के जुटने की संभावना है और प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। हर ताजिया के साथ पुलिस जवान मौजूद रहेंगे ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ सके। शहर में इस बार जुलूस दो प्रमुख मार्गों से निकाला जा रहा है। करीब 23 ताजिए पावर हाउस और सेंट्रल एवेन्यू के रास्ते सेक्टर-5 चौक तक पहुंचेंगे, जबकि लगभग 7 ताजिए सेक्टर-7 मार्ग से होकर इसी स्थान पर मिलेंगे। इसके बाद सभी ताजिए एक साथ सेक्टर-6 स्थित जामा मस्जिद पहुंचेंगे और वहां से आगे बढ़ते हुए जीई रोड स्थित कर्बला की ओर रवाना होंगे। यहां पर ताजियों को फूलों के साथ दफ्न करने की पारंपरिक रस्म निभाई जाएगी। इस दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन और भावनात्मक रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जुलूस से पहले गुरुवार देर रात भी शहर में हलचल देखने को मिली। करीब 2 बजे सभी ताजिए पावर हाउस क्षेत्र में इकट्ठा हुए थे, जहां ताजिया मिलन कार्यक्रम हुआ। इसके बाद सुबह 4 बजे के आसपास सभी ताजिए अपने-अपने स्थानों पर लौट गए। आज दोपहर नमाज के बाद एक बार फिर ताजिए जुलूस के लिए तैयार किए गए हैं। पूरे शहर में इस समय मुहर्रम की तैयारियां और धार्मिक माहौल साफ नजर आ रहा है। मुहर्रम के इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुलूस में शामिल हो रहे हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ताजियों का स्वागत करने की भी परंपरा है, जहां लोग श्रद्धा के साथ इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हैं। जगह-जगह लोग पानी, शरबत और अन्य व्यवस्था के जरिए सेवा भी करते नजर आएंगे। पूरा माहौल आस्था, गम और एकजुटता का संदेश देता दिखाई दे रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार जुलूस के साथ करीब 55 अखाड़ा कमेटियां भी हिस्सा ले रही हैं, जो पारंपरिक शौर्य प्रदर्शन करेंगी। तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक करतब देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। यह प्रदर्शन मुहर्रम की पुरानी परंपराओं का हिस्सा है, जो हर साल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। अखाड़ा कमेटियों की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी और आज इसका प्रदर्शन पूरे शहर में दिखाई देगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रत्येक अखाड़ा कमेटी के साथ दो-दो पुलिस जवान तैनात किए गए हैं और पूरे रूट पर पुलिस की पेट्रोलिंग लगातार जारी रहेगी। प्रमुख चौक-चौराहों पर वरिष्ठ अधिकारी निगरानी रखेंगे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने साफ कहा है कि जुलूस की शांति और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थानीय स्तर पर मुस्लिम समाज के लोग भी व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं ताकि जुलूस बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्लान तैयार किया गया है। शहर में शाम तक कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए पुलिस ने वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की है। भिलाई का यह ताजिया जुलूस धार्मिक आस्था और परंपरा का बड़ा प्रतीक बनकर आज फिर सड़कों पर दिखाई देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:19:01 +0530</pubDate>
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                <title>महिला को कुचलने के बाद फिर बेकाबू हुआ लोनर हाथी, दो मकान तोड़े, ग्रामीणों में दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[कटघोरा वनमंडल में लगातार उत्पात मचा रहा झुंड से बिछड़ा हाथी, वन विभाग ड्रोन से कर रहा निगरानी; 27 हाथियों का दल भी बढ़ा रहा चिंता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/loner-elephant-again-went-out-of-control-after-crushing-woman/article-56923"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/korba-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में एक लोनर हाथी की गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। सरगुजा वनमंडल से भटककर आए इस हाथी ने बीते कुछ दिनों में लगातार कई घटनाओं को अंजाम दिया है। मंगलवार को एक बुजुर्ग महिला की जान लेने के बाद अब हाथी ने बुधवार रात दो मकानों को नुकसान पहुंचाकर इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। वन विभाग लगातार उसकी निगरानी कर रहा है, लेकिन हाथी की अनिश्चित गतिविधियों के कारण आसपास के गांवों के लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं। यह लोनर हाथी सरगुजा वनमंडल से निकलकर केंदई रेंज के जंगलों में पहुंचा था। वन अधिकारियों के मुताबिक, झुंड से अलग होने के बाद हाथी का व्यवहार आक्रामक हो गया है। क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद से ही वह लगातार आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रहा है और मकानों तथा फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। शुरुआती दिनों में उसने एक ग्रामीण के मकान को क्षतिग्रस्त किया था, लेकिन बाद की घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया।मंगलवार को पतुरियाडांड क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना हुई थी। जंगल की ओर गई एक वृद्ध महिला अचानक हाथी के सामने आ गई। बताया जा रहा है कि हाथी ने महिला पर हमला कर दिया और उसे पैरों तले कुचल दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया था। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला की मौत के अगले ही दिन हाथी ने फिर उत्पात मचाया। बुधवार देर रात वह मदनपुर गांव के आश्रित मोहल्ला करैहापारा पहुंच गया। रात के सन्नाटे में हाथी के गांव में प्रवेश करने से लोगों में हड़कंप मच गया। हाथी ने सबसे पहले तुलेश्वर सिंह गोंड़ के मकान को निशाना बनाया और घर के बाहरी हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद वह शांति बाई के घर की ओर बढ़ा और वहां भी तोड़फोड़ की। मकानों को नुकसान पहुंचने से परिवारों को आर्थिक क्षति हुई है, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी व्यक्ति को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी की चिंघाड़ और घर टूटने की आवाज सुनकर परिवारों की नींद खुल गई। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए घर के सदस्य तुरंत एक सुरक्षित कमरे में छिप गए। यदि वे समय रहते सतर्क नहीं होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। कई ग्रामीण पूरी रात जागते रहे और हाथी के गांव से बाहर जाने का इंतजार करते रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करते हुए पटाखे फोड़े और शोर मचाकर हाथी को गांव से बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि हाथी फिलहाल पुटा जंगल क्षेत्र में मौजूद है, लेकिन उसकी गतिविधियां लगातार बदल रही हैं, इसलिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। वन विभाग ने हाथी की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया है। अधिकारियों के अनुसार मैदानी अमले के साथ ड्रोन कैमरों की मदद से हाथी की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। ड्रोन के जरिए उसके मूवमेंट की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि समय रहते आसपास के गांवों को अलर्ट किया जा सके। विभाग का मानना है कि इससे किसी भी संभावित खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाथी की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने गांव-गांव मुनादी कराई है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाएं और विशेष रूप से रात के समय घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरतें। अधिकारियों ने लोगों को अकेले जंगल या खेतों में जाने से भी मना किया है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। इधर, क्षेत्र में पहले से मौजूद 27 हाथियों का एक बड़ा दल भी वन विभाग की चिंता बढ़ा रहा है। जटगा रेंज के मेढ़उड़ पहाड़ क्षेत्र में डेरा डाले इस दल में से करीब आधा दर्जन हाथी हाल ही में पहाड़ से नीचे उतर आए थे। हालांकि इन हाथियों ने अभी किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं दी है, लेकिन उनकी मौजूदगी के कारण वन विभाग लगातार अलर्ट मोड पर काम कर रहा है। जंगलों के सिकुड़ते दायरे और भोजन की तलाश में हाथियों का आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आना अब सामान्य होता जा रहा है। ऐसे मामलों में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने के साथ-साथ वन विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए ताकि किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:14:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>IPS बद्रीनारायण मीणा बने बस्तर रेंज के नए IG, आदेश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[2004 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की पुलिस मुख्यालय से बस्तर रेंज में नियुक्ति, कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर रहेगा फोकस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a3cf5083093e/article-56926"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ips-badri-narayan-meena.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी बद्रीनारायण मीणा को बस्तर रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया है। 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी मीणा को पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से स्थानांतरित कर यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। उनकी नियुक्ति को बस्तर जैसे संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार, बद्रीनारायण मीणा अब बस्तर रेंज में बतौर आईजी अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे। इससे पहले वे पुलिस मुख्यालय में आईजी के पद पर कार्यरत थे, जहां वे विभिन्न प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी कार्यों का संचालन कर रहे थे। बस्तर रेंज में उनकी तैनाती को राज्य सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बस्तर रेंज छत्तीसगढ़ का वह क्षेत्र है जो भौगोलिक रूप से विशाल होने के साथ-साथ सुरक्षा चुनौतियों के लिए भी जाना जाता है। यहां वन क्षेत्रों की अधिकता और दुर्गम इलाकों के कारण पुलिसिंग एक जटिल कार्य माना जाता है। ऐसे में अनुभवी और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति से प्रशासन को उम्मीद है कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। अधिकारियों का मानना है कि नए आईजी के अनुभव का लाभ जमीनी स्तर पर कानून व्यवस्था सुधारने में मिलेगा। बद्रीनारायण मीणा लंबे समय से पुलिस सेवा में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उनकी कार्यशैली को लेकर विभागीय स्तर पर उन्हें एक सख्त और अनुशासित अधिकारी के रूप में जाना जाता है। पुलिस मुख्यालय में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों और रणनीतिक योजनाओं पर कार्य किया है। अब बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में उनकी नियुक्ति को एक जिम्मेदार प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के बाद पुलिस विभाग में इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि बस्तर रेंज में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस की पहुंच बढ़ाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। ऐसे में नए आईजी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। बस्तर रेंज में तैनाती के दौरान आईजी का मुख्य फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सुरक्षा अभियानों को प्रभावी बनाना होगा। इसके अलावा स्थानीय पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने, समन्वय सुधारने और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। बस्तर क्षेत्र में पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राज्य पुलिस मुख्यालय में उनकी पूर्व भूमिका को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि वे अपने अनुभव का उपयोग बस्तर रेंज में भी प्रभावी रूप से करेंगे। पुलिस विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक मजबूत होती है और जमीनी स्तर पर परिणाम बेहतर दिखाई देते हैं। बस्तर रेंज में तैनाती को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग दोनों ही सतर्क नजर आ रहे हैं। यह क्षेत्र अपनी भौगोलिक स्थिति और सामाजिक संरचना के कारण विशेष रणनीति की मांग करता है। पुलिस प्रशासन यहां न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम करता है, बल्कि विकास कार्यों में भी सुरक्षा सहयोग प्रदान करता है। ऐसे में आईजी की भूमिका बहुआयामी हो जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई नियुक्ति के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बद्रीनारायण मीणा किस तरह से बस्तर रेंज में अपनी कार्यशैली को लागू करते हैं। विभागीय स्तर पर उम्मीद की जा रही है कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र में पुलिसिंग और अधिक प्रभावी होगी और सुरक्षा से जुड़े अभियानों को नई दिशा मिलेगी। प्रशासन ने भी संकेत दिए हैं कि बस्तर क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:14:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बेटे के जन्मदिन की रात मातम में बदली, AC कंप्रेसर ब्लास्ट से पिता की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[रायगढ़ की ITI कॉलोनी में देर रात विंडो AC का कंप्रेसर फटने से घर में भर गया धुआं, दम घुटने से पिता की जान गई जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/sons-birthday-night-turns-into-mourning-father-dies-due-to/article-56914"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/_ac-compressor-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायगढ़ जिले की अंबेडकर आवास ITI कॉलोनी में बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिस घर में कुछ घंटे पहले बेटे का जन्मदिन मनाया गया था, उसी घर में देर रात ऐसा हादसा हुआ कि खुशियां मातम में बदल गईं। घर में लगे विंडो एसी का कंप्रेसर अचानक फट गया, जिसके बाद उठे धुएं और आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में 45 वर्षीय पुरुषोत्तम पटेल की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि उनका 19 वर्षीय बेटा आर्यन पटेल गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना चक्रधर नगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुरुषोत्तम पटेल अपने बेटे आर्यन के साथ ITI कॉलोनी स्थित घर में रहते थे। बुधवार को आर्यन का 19वां जन्मदिन था। परिवार ने सामान्य तरीके से जन्मदिन मनाया था और रात में खाना खाने के बाद दोनों अपने कमरे में सो गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद एक बड़ा हादसा उनका इंतजार कर रहा है। तड़के करीब तीन बजे अचानक घर में लगे विंडो एसी के कंप्रेसर में तेज धमाका हुआ। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों की नींद खुल गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कंप्रेसर फटने के बाद आग की चिंगारियां बाहर तक पहुंचीं और घर के सामने खड़ी दो मोटरसाइकिलों में भी आग लग गई। देखते ही देखते दोनों बाइक आग की लपटों में घिर गईं। दूसरी ओर घर के भीतर धुआं तेजी से फैलने लगा। जिस कमरे में पिता और बेटा सो रहे थे, वह अपेक्षाकृत छोटा था। ऐसे में कुछ ही मिनटों में पूरा कमरा धुएं से भर गया। घर के मुख्य दरवाजे के आसपास भी आग और धुआं फैलने के कारण दोनों बाहर निकलने में असमर्थ हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के सन्नाटे में तेज धमाके की आवाज सुनकर कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। जब उन्होंने देखा कि एक घर के बाहर बाइकें जल रही हैं और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही, तो स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगा। तत्काल डायल-112 और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। आसपास के लोगों ने भी बिना समय गंवाए मदद शुरू कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय निवासियों ने मिलकर घर का दरवाजा तोड़ा और अंदर फंसे पिता-पुत्र को बाहर निकाला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद पुरुषोत्तम पटेल को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि उनकी मौत दम घुटने के कारण हुई। वहीं आर्यन पटेल गंभीर रूप से घायल पाए गए। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार आर्यन की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार शांत स्वभाव का था और किसी ने नहीं सोचा था कि जन्मदिन की रात इतनी दुखद घटना में बदल जाएगी। कई लोगों ने बताया कि देर रात अचानक उठी चीख-पुकार और आग की लपटों ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया। सुबह होते-होते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हादसे की सूचना मिलते ही चक्रधर नगर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने एसी यूनिट, कमरे की स्थिति और आग से प्रभावित हिस्सों का बारीकी से परीक्षण किया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में विंडो एसी के कंप्रेसर ब्लास्ट होने की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने बताया कि कमरे में धुआं तेजी से भरने के कारण स्थिति गंभीर हो गई थी। उन्होंने कहा कि आग अपेक्षाकृत सीमित थी, लेकिन धुएं की मात्रा अधिक होने से दम घुटने की स्थिति बनी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि एसी में तकनीकी खराबी कैसे हुई। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि उपकरण का रखरखाव और स्थिति कैसी थी। गर्मी और लगातार उपयोग के दौरान एयर कंडीशनर जैसे उपकरणों की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है। बिजली के उपकरणों में तकनीकी खराबी या वायरिंग की समस्या कई बार गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में समय-समय पर सर्विसिंग और सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:14:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लखनऊ अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ में कार्रवाई तेज, 67 कोचिंग सेंटरों को नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्ग में 62 और बिलासपुर में 5 संस्थानों में मिली सुरक्षा खामियां, एक कोचिंग सेंटर सील; फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट पर विशेष फोकस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-intensified-in-chhattisgarh-after-lucknow-fire-notice-to-67/article-56912"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/chhattisgarh-coaching-centers.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुई भीषण आग की घटना के बाद देशभर में शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बिलासपुर जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे कोचिंग सेंटर सामने आए हैं, जहां बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों ने इसे गंभीर मानते हुए कई संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि एक संस्थान को सील भी कर दिया गया है। दुर्ग जिले में बुधवार रात पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने अचानक निरीक्षण अभियान चलाया। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान में शहर और आसपास के प्रमुख कोचिंग सेंटरों की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान अधिकांश संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। कहीं फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता समाप्त हो चुकी थी तो कहीं उपकरण मौजूद होने के बावजूद उनका उपयोग योग्य तरीके से रखरखाव नहीं किया गया था। सबसे बड़ी चिंता इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था को लेकर सामने आई। जांच में पाया गया कि अधिकांश कोचिंग संस्थानों में वैकल्पिक निकासी मार्ग नहीं थे। कई भवनों में केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार था। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में ऐसी व्यवस्था छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। यही कारण है कि फायर सेफ्टी विभाग ने 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी करते हुए कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुर्ग जिले में बड़ी संख्या में निजी कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं। अनुमान के अनुसार यहां 150 से 200 के बीच प्रमुख कोचिंग सेंटर और ट्यूटोरियल संस्थान चल रहे हैं। इनमें से सबसे अधिक संस्थान भिलाई के न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में स्थित हैं। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई कोचिंग सेंटरों में छात्रों की संख्या के मुकाबले जगह काफी कम थी। कुछ भवनों में इतनी संकरी सीढ़ियां थीं कि एक समय में केवल एक व्यक्ति ही ऊपर या नीचे जा सकता था। ऐसी स्थिति में किसी दुर्घटना के दौरान छात्रों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो सकता है। निरीक्षण टीम ने छात्रों और संस्थान संचालकों से भी बातचीत की। अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली और यह समझने का प्रयास किया कि संस्थानों में आपातकालीन स्थिति से निपटने की क्या व्यवस्था है। कई जगह संचालक जांच शुरू होते ही फायर सेफ्टी उपकरणों की व्यवस्था करते दिखाई दिए। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक रूप से उपलब्ध होना भी जरूरी है। दूसरी ओर बिलासपुर में भी नगर निगम, पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। शहर के छह प्रमुख संस्थानों की जांच के दौरान पांच में सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं। इनमें फायर सेफ्टी सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, भवन अनुमति और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी खामियां शामिल थीं। अधिकारियों ने सभी संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर जवाब देने और कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिलासपुर में निरीक्षण के दौरान एक कोचिंग सेंटर में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। जांच में पाया गया कि भवन में प्रवेश और निकास के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा छात्रों की संख्या के अनुपात में भवन की क्षमता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। फायर सेफ्टी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मानकों का पालन नहीं होने के कारण प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई संस्थानों के पास आवश्यक लाइसेंस और भवन संबंधी स्वीकृतियां पूरी तरह उपलब्ध नहीं थीं। कुछ जगहों पर सुरक्षा उपकरणों की संख्या कम थी, जबकि कुछ संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था केवल औपचारिक रूप से दिखाई गई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्र सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। हाल के वर्षों में कोचिंग संस्थानों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन कई जगह सुरक्षा मानकों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। बड़ी संख्या में छात्र रोजाना इन संस्थानों में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आग, भूकंप या अन्य आपात स्थिति से निपटने की तैयारी बेहद आवश्यक हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट से ऐसी संभावित घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा जांच की जाएगी। जिन संस्थानों में कमियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संस्था को सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:41:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>नारायणपुर में 26 ईसाई परिवारों को गांव से बाहर निकाला, तनाव बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[धर्मांतरण विवाद में ग्रामीणों का आरोप- मूल परंपरा अपनाओ तभी लौट सकते हो, पुलिस ने गांव में तैनात किया भारी बल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/tension-increased-in-narayanpur-after-26-christian-families-were-thrown/article-56810"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/chhattisgarh-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरेंडा गांव में धर्मांतरण को लेकर उपजा विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। मंगलवार को गांव में उस समय तनाव फैल गया जब ईसाई धर्म मानने वाले 26 परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया गया है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि कुछ ग्रामीण अचानक उनके घरों पर पहुंचे और उन्हें गांव छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद सभी परिवार गांव के बाहर खुले आसमान के नीचे और पेड़ों की छांव में रहने को मजबूर हो गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया है और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि यह कार्रवाई बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के की गई और उन्हें केवल उनके धार्मिक विश्वास के कारण निशाना बनाया गया है। उनका कहना है कि वे वर्षों से इस गांव में रह रहे हैं और उनकी सामाजिक और पारिवारिक जड़ें यहीं जुड़ी हुई हैं। अचानक इस तरह गांव से बाहर निकाल दिया जाना उनके लिए बेहद कठिन स्थिति है। कुछ परिवारों ने बताया कि उन्हें सामान तक समेटने का समय नहीं दिया गया और उन्हें मजबूरी में गांव छोड़ना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रभावित लोग अस्थायी रूप से सड़क किनारे और खुले स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का पक्ष भी सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है, जिससे उनकी पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था पर असर पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार यह बदलाव गांव की परंपराओं के खिलाफ है और इसी कारण विवाद लगातार बढ़ रहा था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार समझाने के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि यदि ये परिवार अपने मूल रीति-रिवाजों को स्वीकार करते हैं तो उन्हें वापस गांव में रहने दिया जा सकता है। घटना के बाद स्थिति और बिगड़ गई जब पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार सुबह कुछ ग्रामीण, जिनमें गयता और पटेल जैसे पदधारी भी शामिल बताए जा रहे हैं, कई घरों में पहुंचे और एक-एक कर 26 परिवारों को गांव छोड़ने की चेतावनी दी। इसके बाद कथित तौर पर कुछ स्थानों पर रास्तों को लकड़ियों से अवरुद्ध भी किया गया, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई। अचानक हुई इस घटना से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग डर के कारण अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईसाई धर्म मानने वाले परिवारों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ लंबे समय से भेदभाव किया जा रहा था, लेकिन मंगलवार की घटना ने स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। प्रभावित लोगों में संत राम दुग्गा, चैतू कुमेटी और मनायकु वट्टी समेत कई ग्रामीण शामिल हैं, जिन्होंने कहा कि वे किसी भी अवैध दबाव के बिना शांतिपूर्वक जीवन जीना चाहते हैं। उनका कहना है कि धार्मिक आधार पर किसी को उसके घर और गांव से बाहर करना न केवल गलत है बल्कि यह उनके मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग की है। दूसरी ओर ग्रामीणों का दावा है कि गांव में बढ़ते धार्मिक परिवर्तन से सामाजिक संतुलन प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि आदिवासी परंपराएं और सामुदायिक व्यवस्था लंबे समय से चली आ रही हैं और उनमें अचानक बदलाव से सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार यही कारण है कि तनाव लगातार बढ़ता गया और आखिरकार हालात इस स्तर तक पहुंच गए। हालांकि इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के बीच संवाद की कमी भी साफ दिखाई दे रही है, जिससे विवाद और गहरा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गांव में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की है ताकि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की हिंसा या अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यह विवाद नया नहीं है। बताया जा रहा है कि दिसंबर 2025 से ही गांव में धार्मिक मतभेद को लेकर तनाव बना हुआ था। समय-समय पर छोटे-छोटे विवाद सामने आते रहे, लेकिन 9 जून 2026 को स्थिति अचानक बिगड़ गई थी जब दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए थे। उस समय प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला शांत तो हो गया था, लेकिन विवाद की जड़ें पूरी तरह खत्म नहीं हुई थीं और अब फिर से यह मुद्दा उभरकर सामने आ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 14:17:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायपुर ड्रग्स केस में ED की एंट्री, मनी ट्रेल और नेटवर्क की होगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[नाव्या मलिक से जुड़े चर्चित ड्रग्स मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच शुरू की। एजेंसी ने पुलिस से चार्जशीट और जांच से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/eds-entry-in-raipur-drugs-case-money-trail-and-network/article-56712"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-drugs-.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रायपुर के बहुचर्चित ड्रग्स मामले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी का फोकस अब इस मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संभावित मनी लॉन्ड्रिंग और कथित अवैध कमाई के स्रोतों पर रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने मामले की जांच कर रही पुलिस से चार्जशीट, केस डायरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रतियां मांगी हैं। इस घटनाक्रम के बाद मामले से जुड़े कई पहलुओं की दोबारा पड़ताल होने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस पहले ही इस मामले में चार्जशीट अदालत में पेश कर चुकी है और ट्रायल की प्रक्रिया जारी है। अब ईडी यह जांच करेगी कि कथित ड्रग्स कारोबार से जुड़े पैसों का प्रवाह किस प्रकार हुआ और क्या किसी प्रकार के अवैध वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों के अनुसार, जांच में बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजेक्शन और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का विश्लेषण किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह मामला अगस्त 2025 में उस समय चर्चा में आया था, जब पुलिस ने एमडीएमए के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ी और बाद में मुंबई से नाव्या मलिक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में दावा किया गया था कि वह कथित तौर पर ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी हुई थी। हालांकि मामले की सुनवाई अभी न्यायालय में लंबित है।</p>
<h2>मनी ट्रेल पर फोकस</h2>
<p class="isSelectedEnd">ईडी की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि कथित अवैध कारोबार से प्राप्त धन का उपयोग कहां और कैसे किया गया। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग या संस्थाएं आर्थिक रूप से लाभान्वित हुईं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और वित्तीय दस्तावेजों का अध्ययन कर सकती है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है। हालांकि फिलहाल ईडी की ओर से किसी नए आरोपी या कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।</p>
<h2>चार्जशीट के खुलासे</h2>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस द्वारा अदालत में प्रस्तुत चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण दावों का उल्लेख किया गया है। दस्तावेजों के अनुसार, जांच के दौरान एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका सामने आई थी, जिसने कथित तौर पर ड्रग्स की खेप से संबंधित जानकारी पुलिस तक पहुंचाई। चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले से जुड़े कुछ आरोपियों के बीच व्यक्तिगत विवाद के बाद जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिले।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि जब्त डिजिटल उपकरणों से बड़ी संख्या में संपर्क और नेटवर्क संबंधी जानकारियां प्राप्त हुई थीं। हालांकि चार्जशीट में केवल नामजद आरोपियों के खिलाफ ही आरोप प्रस्तुत किए गए हैं और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में अब तक नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में सभी आरोपियों को अदालत से जमानत मिल चुकी है।</p>
<p>ईडी की जांच शुरू होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में एजेंसी की पड़ताल से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ड्रग्स नेटवर्क के वित्तीय पहलू कितने व्यापक थे और क्या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े किसी अपराध के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार, भारत समाचार अपडेट और ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया में यह मामला कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई और संगठित अपराध की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:41:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>23 जून को साय कैबिनेट की अहम बैठक, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[नवा रायपुर मंत्रालय में होगी मंत्रिपरिषद की बैठक, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्तावों पर होगी चर्चा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/important-cabinet-meeting-on-june-23-many-major-decisions-may/article-56390"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/chhattisgarh-cabinet-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 23 जून को होने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली यह बैठक नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में सुबह 11:30 बजे शुरू होगी। राज्य सरकार की इस बैठक को प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई ऐसे प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है जिनका सीधा असर प्रदेश के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर पड़ सकता है। बैठक को लेकर विभिन्न विभागों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और प्रस्तावों को अंतिम रूप देने का काम लगभग पूरा हो चुका है। मंत्रिपरिषद की इस बैठक में वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय एजेंडे में शामिल किए जा सकते हैं। प्रदेश में चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ नए प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता उन योजनाओं पर अधिक रहने की संभावना है जिनका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, युवाओं और जरूरतमंद वर्गों को मिलता है। ऐसे में बैठक से कई महत्वपूर्ण घोषणाओं और निर्णयों की उम्मीद की जा रही है। बताया जा रहा है कि वित्तीय मामलों से जुड़े कुछ प्रस्तावों पर भी मंत्रिपरिषद की मंजूरी ली जा सकती है। विभिन्न विभागों द्वारा अतिरिक्त बजट और संसाधनों की मांग को लेकर तैयारियां की गई हैं। राज्य सरकार आगामी महीनों के विकास कार्यों और योजनाओं की गति को बनाए रखने के लिए वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी रणनीति तैयार कर सकती है। यही वजह है कि वित्त विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर विशेष नजर बनी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य क्षेत्र भी इस बैठक का प्रमुख विषय माना जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने, अस्पतालों में संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हाल के महीनों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर सरकार लगातार सक्रिय रही है और माना जा रहा है कि कुछ नई पहल या संशोधित योजनाओं को भी मंजूरी मिल सकती है। कृषि क्षेत्र से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में अहम स्थान रख सकते हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है, इसलिए किसानों के हित से जुड़े फैसलों पर सरकार का विशेष फोकस रहने की उम्मीद है। कृषि उत्पादन बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल प्रोत्साहन और कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा किसानों को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं और योजनाओं की समीक्षा भी की जा सकती है। बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर भी सरकार कई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। सड़क, पुल, शहरी विकास और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार होने की संभावना है। राज्य सरकार लगातार अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देती रही है और आगामी वर्षों की विकास रणनीति में भी इस क्षेत्र को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट बैठक में कुछ नई परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रशासनिक सुधारों से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा का विषय बन सकते हैं। विभिन्न विभागों में कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार समय-समय पर सुधारात्मक कदम उठाती रही है। माना जा रहा है कि इस दिशा में भी कुछ अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर आवश्यक बदलावों पर विचार किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सरकार की आगामी प्राथमिकताओं और कार्ययोजना की दिशा तय करने वाली बैठकों में से एक है। कई विभागों की ओर से लंबे समय से लंबित प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं कुछ नई योजनाओं की घोषणा या पहले से चल रही योजनाओं में संशोधन जैसे फैसले भी सामने आ सकते हैं। अब सभी की नजर 23 जून को होने वाली इस बैठक पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली यह कैबिनेट बैठक प्रदेश के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों का आधार बन सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:40:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया विमान से टकराया पक्षी, उड़ानें हुईं प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली से रायपुर पहुंची फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान हुआ बर्ड हिट, दो घंटे तक प्रभावित रहा उड़ान संचालन, सभी यात्री सुरक्षित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/bird-hits-air-india-plane-at-raipur-airport-flights-affected/article-56215"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-airport.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह एक एयर इंडिया विमान से पक्षी टकराने की घटना सामने आई। दिल्ली से रायपुर आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1729 लैंडिंग की प्रक्रिया में थी, तभी रनवे के पास एक पक्षी विमान से टकरा गया। घटना सुबह करीब आठ बजे की बताई जा रही है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस बर्ड हिट में विमान को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा और विमान में सवार सभी यात्री तथा क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों के तहत विमान की विस्तृत जांच की गई, जिसके चलते एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन करीब दो घंटे तक प्रभावित रहा।विमान जैसे ही रनवे पर उतर रहा था, उसी दौरान पक्षी विमान के संपर्क में आ गया। एयरपोर्ट प्रबंधन को घटना की सूचना मिलते ही तकनीकी और सुरक्षा टीमों को सक्रिय कर दिया गया। विमान को निर्धारित स्थान पर ले जाकर उसकी बारीकी से जांच की गई। विशेषज्ञों ने इंजन, फ्यूजलेज और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों का निरीक्षण किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विमान को किसी प्रकार की तकनीकी क्षति नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने विमान को सुरक्षित घोषित किया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार सुरक्षा जांच के दौरान किसी तरह का गंभीर नुकसान सामने नहीं आया, जिसके बाद सामान्य परिचालन फिर शुरू कर दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली से रायपुर पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट लैंडिंग के दौरान बर्ड हिट का शिकार हुई थी। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत आवश्यक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन किया गया। विमान की जांच पूरी होने और सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद उसे आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी ऐसी घटना के बाद सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य रूप से किया जाता है। बर्ड हिट की इस घटना का असर अन्य उड़ानों पर भी पड़ा। रायपुर एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिए रवाना होने वाली कई फ्लाइटें निर्धारित समय से करीब दो घंटे देरी से उड़ान भर सकीं। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा जांच पूरी होने तक उड़ानों को अनुमति नहीं दी जा सकती थी। यात्रियों को देरी की जानकारी दी गई और एयरलाइंस द्वारा आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। सुबह के समय एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए व्यस्तता बढ़ गई थी, लेकिन जांच पूरी होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह पहली बार नहीं है जब रायपुर एयरपोर्ट पर वन्यजीव या पक्षियों की वजह से विमान संचालन प्रभावित हुआ हो। करीब दो महीने पहले भी एयरपोर्ट पर एक बंदर के रनवे पर पहुंच जाने से हड़कंप मच गया था। उस समय लखनऊ से रायपुर आ रही एक इंडिगो फ्लाइट लैंडिंग की तैयारी में थी। रनवे पर बंदर दिखाई देने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरपोर्ट प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई की थी। सुरक्षा टीम, ग्राउंड स्टाफ और वन विभाग की मदद से बंदर को रनवे से हटाया गया था। उस घटना में भी पायलट की सतर्कता और समय पर लिए गए फैसलों के कारण किसी तरह का हादसा नहीं हुआ था। विमानन क्षेत्र में बर्ड हिट को गंभीर चुनौती माना जाता है। दुनिया भर के एयरपोर्ट इस समस्या से जूझते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए विभिन्न अध्ययनों में सामने आया है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में विमान पक्षियों से टकराने की घटनाओं का सामना करते हैं। अधिकांश मामलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन कुछ घटनाएं बेहद गंभीर साबित हो सकती हैं। विशेष रूप से टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान विमान अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर होते हैं, जिससे पक्षियों के संपर्क में आने की संभावना बढ़ जाती है। यदि कोई बड़ा पक्षी इंजन में चला जाए तो स्थिति काफी खतरनाक हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी खतरे को देखते हुए दुनिया के बड़े एयरपोर्ट पक्षियों को रनवे और उसके आसपास के क्षेत्रों से दूर रखने के लिए कई उपाय अपनाते हैं। कुछ एयरपोर्ट पर विशेष वाहनों में लगे स्पीकरों से तेज आवाजें निकालकर पक्षियों को भगाया जाता है। कई स्थानों पर लेजर गन और ध्वनि उपकरणों का उपयोग किया जाता है, जिससे पक्षी रनवे क्षेत्र से दूर रहें। कुछ देशों में प्रशिक्षित शूटरों की भी नियुक्ति की जाती है, जो एयरपोर्ट परिसर के आसपास पक्षियों की संख्या नियंत्रित करने में मदद करते हैं। भारत के कई एयरपोर्ट भी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि बर्ड हिट की घटनाओं को कम किया जा सके। रायपुर एयरपोर्ट पर हुई ताजा घटना ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने ला दिया है। हालांकि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित रहे, लेकिन एयरपोर्ट परिसरों के आसपास पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए रखना जरूरी है। एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन सामान्य हो चुका है और सभी सेवाएं तय समय के अनुसार संचालित की जा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:56:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बलरामपुर में युवती से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, तीन युवक हिरासत में</title>
                                    <description><![CDATA[रिश्तेदार के घर जा रही युवती के साथ वारदात, शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/three-youths-in-custody-accused-of-gang-rape-of-a/article-55981"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/balrampur-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस के अनुसार घटना वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र के कोटराही जंगल के पास हुई, जहां 19 वर्षीय युवती अपने फुफेरे भाई के साथ पैदल रिश्तेदार के घर जा रही थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक रास्ते में कुछ युवकों ने दोनों को रोक लिया और कथित तौर पर उनके साथ जबरदस्ती की। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार दोपहर युवती अपने फुफेरे भाई के साथ गांव की ओर जा रही थी। दोनों को एक रिश्तेदार के घर पहुंचना था। रास्ते में कोटराही जंगल के पास बाइक पर सवार दो युवक मिले। आरोप है कि उन्होंने दोनों को रोककर पूछताछ शुरू की और फिर उन्हें जबरन जंगल की ओर ले गए। इसके बाद युवती के साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बाद में अपने एक अन्य साथी को भी मौके पर बुलाया। घटना के बाद तीनों युवक वहां से फरार हो गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पीड़िता और उसके परिजन किसी तरह वहां से निकलकर वाड्रफनगर पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार स्थानीय स्तर पर टीमों का गठन किया गया और संदिग्धों की पहचान के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए युवक उसी क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाल रही है। वाड्रफनगर चौकी पुलिस का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और घटनास्थल से भी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और दोष सिद्ध होने पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है। लोगों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। कई ग्रामीणों का कहना है कि जंगल और सुनसान रास्तों से होकर गुजरने वाले लोगों को अक्सर असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, इसलिए ऐसे क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी की आवश्यकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर राज्य में पहले भी कई बार चिंता जताई जाती रही है।  ऐसे मामलों में त्वरित जांच और समयबद्ध न्याय प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। साथ ही पीड़ितों को आवश्यक कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा तंत्र को भी मजबूत करना होगा। मामले में दर्ज बयानों और अन्य साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। जांच अधिकारी आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रहे हैं ताकि घटना से जुड़ी पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके। फिलहाल पुलिस ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद कार्रवाई की गई और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है। अब सभी की नजर जांच की प्रगति और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है। प्रशासन का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 14:38:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रायगढ़ में जमीन सौदे के नाम पर 27 लाख की ठगी, फर्जी दस्तावेज दिखाकर किया विश्वास हासिल</title>
                                    <description><![CDATA[तीन साल तक बहाने बनाता रहा आरोपी, चेक भी हुए बाउंस; शिकायत के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/in-raigarh-fraud-of-rs-27-lakh-in-the-name/article-55188"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raigarh-land-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जमीन खरीद-बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुसौर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति से फर्जी दस्तावेज दिखाकर 27 लाख रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने खुद को जमीन का मालिक बताकर सौदा किया था, जबकि संबंधित भूमि उसके नाम पर थी ही नहीं। लंबे समय तक पीड़ित को भरोसे में रखकर टालमटोल की गई और बाद में दिए गए चेक भी बाउंस हो गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बरमकेला थाना क्षेत्र के ग्राम लिंजिर निवासी 50 वर्षीय इंद्रजीत वर्मा ने पुसौर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी पहचान बघनपुर निवासी 54 वर्षीय भीचरण पटेल से कई वर्षों पुरानी थी। इसी परिचय का फायदा उठाते हुए आरोपी ने वर्ष 2022 में ग्राम कोड़ातराई स्थित एक जमीन को अपनी बताकर बेचने की पेशकश की। जमीन देखने के बाद इंद्रजीत वर्मा को वह पसंद आई और दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। कुछ समय बाद 16 सितंबर 2022 को करीब 35 लाख रुपये में सौदा तय हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि सौदा तय होने के बाद इंद्रजीत वर्मा ने 27 लाख रुपये एडवांस के रूप में आरोपी को दे दिए। इस दौरान सौ रुपये के स्टाम्प पेपर पर लिखापढ़ी भी की गई। आरोपी ने जमीन से संबंधित कुछ दस्तावेज दिखाए और दावा किया कि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्री करा दी जाएगी। पुराने परिचय और दस्तावेजों को देखकर इंद्रजीत ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया। हालांकि इसके बाद मामला लगातार लटकता चला गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पीड़ित के अनुसार जब भी वह जमीन की रजिस्ट्री या नामांतरण प्रक्रिया के बारे में पूछता, आरोपी कोई न कोई नया बहाना बना देता था। कभी राजस्व प्रक्रिया का हवाला दिया जाता तो कभी अन्य प्रशासनिक कारण बताए जाते। इस तरह महीनों बीत गए लेकिन जमीन का हस्तांतरण नहीं हो सका। धीरे-धीरे इंद्रजीत को संदेह होने लगा कि कहीं उसके साथ धोखा तो नहीं हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संदेह बढ़ने पर उसने खुद तहसील कार्यालय पहुंचकर जमीन की जानकारी निकलवाई। वहां जो तथ्य सामने आए, उन्होंने उसके होश उड़ा दिए। राजस्व अभिलेखों की जांच में पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, उसके संबंध में कोई भी राजस्व प्रकरण लंबित नहीं था। इतना ही नहीं, संबंधित भूमि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज थी। इसके बाद साफ हो गया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर उसे गुमराह किया और बड़ी रकम हासिल कर ली।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले का खुलासा होने के बाद इंद्रजीत वर्मा ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। लगातार दबाव बढ़ने पर आरोपी ने राशि लौटाने का आश्वासन दिया और भुगतान के लिए तीन चेक दिए। इनमें एक चेक 5 लाख रुपये का था, जबकि दो अन्य चेक 11-11 लाख रुपये के थे। साथ ही आरोपी ने यह भी कहा कि वह पुलिस में शिकायत न करे और जल्द पूरी रकम लौटा देगा। लेकिन जब पीड़ित ने इन चेकों को बैंक में जमा किया तो सभी चेक बाउंस हो गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चेक बाउंस होने के बाद पीड़ित को पूरी तरह यकीन हो गया कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है। इसके बावजूद उसने कई बार आरोपी से संपर्क कर पैसे वापस मांगने की कोशिश की। आरोपी हर बार जल्द भुगतान करने का भरोसा देता रहा, लेकिन रकम वापस नहीं की। लंबे समय तक चले इस विवाद के बीच जनवरी 2025 में आरोपी ने केवल 1 लाख रुपये लौटाए। शेष राशि देने के नाम पर वह लगातार टालमटोल करता रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आखिरकार परेशान होकर इंद्रजीत वर्मा ने पुलिस की शरण ली और पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुसौर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। दस्तावेजों की पड़ताल, बैंक रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कई बार लोग बिना दस्तावेजों का सत्यापन किए बड़ी रकम का लेन-देन कर देते हैं, जिसका फायदा ठग उठा लेते हैं। इस मामले में भी आरोपी ने भरोसे और पुराने परिचय का इस्तेमाल कर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि भूमि, संपत्ति और आर्थिक लेन-देन से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी जमीन या संपत्ति का सौदा करने से पहले संबंधित दस्तावेजों का राजस्व विभाग और रजिस्ट्री कार्यालय से सत्यापन अवश्य कराएं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:27:06 +0530</pubDate>
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