<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/public-administration/tag-7509" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Public Administration - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/7509/rss</link>
                <description>Public Administration RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रीवा कलेक्टर का सख्त एक्शन, देर से आए कर्मचारियों को लगाई फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा कलेक्टर ने औचक निरीक्षण में अनुपस्थित कर्मचारियों पर जताई नाराजगी, ई-अटेंडेंस के निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/rewa-collector-took-strict-action-and-reprimanded-the-employees-who/article-52357"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/rewa1.jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बुधवार को उस समय प्रशासनिक हलचल बढ़ गई जब कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी समय पर मौजूद नहीं पाए गए, जिस पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जताई। रीवा कलेक्टर ने देरी से पहुंचे कर्मचारियों को लाइन में खड़ा कर कड़ी फटकार लगाई और अनुशासनहीनता पर सख्त संदेश दिया।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने साफ कहा कि सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी अनिवार्य है और इसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रिकॉर्ड की जांच की और अनुपस्थित कर्मचारियों से जवाब तलब किया।</p>
<h5><strong>अनुशासन पर सख्ती</strong></h5>
<p>जिला पंचायत कार्यालय में निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी देर से पहुंचे। इस पर रीवा कलेक्टर ने उन्हें लाइन में खड़ा कर स्पष्ट शब्दों में फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में एक घंटे की देरी और एक घंटे पहले निकल जाना गंभीर लापरवाही है, जबकि वेतन पूरा लिया जा रहा है।कलेक्टर ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से उनकी कार्यशैली पर सवाल पूछे और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की चेतावनी दी।</p>
<h5><strong>ड्रेस कोड पर सवाल</strong></h5>
<p>निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी के पहनावे को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। जींस पहनकर और असामान्य स्टाइल में पहुंचे कर्मचारी को देखकर उन्होंने सख्त टिप्पणी की।रीवा कलेक्टर ने संबंधित कर्मचारी का चश्मा शर्ट से निकालकर हाथ में देते हुए कहा कि कार्यालय में इस तरह की लापरवाही और अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे “हीरोगिरी” बताते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी।</p>
<h5><strong>ई-अटेंडेंस के निर्देश</strong></h5>
<p>रीवा कलेक्टर ने अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी को निर्देश दिए कि सभी विभागों में ई-अटेंडेंस प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में देरी से आने वाले कर्मचारियों से आधे दिन का अवकाश आवेदन लिया जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता पर अब किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और वेतन कटौती जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।</p>
<h5><strong>कलेक्ट्रेट में भी जांच</strong></h5>
<p>जिला पंचायत के बाद कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां भी कुछ कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं पाए गए। इस पर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई और कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन सर्वोपरि है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।रीवा कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में सरकारी कार्यप्रणाली पर असर डाल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/rewa-collector-took-strict-action-and-reprimanded-the-employees-who/article-52357</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/rewa-collector-took-strict-action-and-reprimanded-the-employees-who/article-52357</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 16:43:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/rewa1.jpg"                         length="126140"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्ग में 2027 जनगणना की तैयारी तेज, 15 साल बाद पूरी तरह डिजिटल होगी गणना; 3850 कर्मियों पर जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[दो चरणों में होगा कार्य, मोबाइल एप से होगा डेटा संग्रह; सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा से नागरिक भी कर सकेंगे ऑनलाइन एंट्री]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/preparation-for-2027-census-intensifies-in-durg-after-15-years/article-51055"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cg-news-(16).jpg" alt=""></a><br /><p>दुर्ग जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। करीब 15 साल बाद होने जा रही यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया पर आधारित होगी, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इस व्यापक अभियान में कुल 3,850 प्रगणक और पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जो जिले की पूरी आबादी का डेटा एकत्र करेंगे।</p>
<p>जिला जनगणना अधिकारी और कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण का होगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में परिवार और व्यक्तियों की गणना के लिए आयोजित किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।</p>
<h5><strong>डिजिटल सिस्टम से होगी पूरी गणना</strong></h5>
<p>इस बार जनगणना पूरी तरह मोबाइल एप के जरिए की जाएगी। प्रगणकों को घर-घर जाकर डेटा दर्ज करना होगा, जबकि सभी जानकारी सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें एप के उपयोग, डेटा एंट्री और सिंकिंग की प्रक्रिया सिखाई जा रही है।</p>
<p>जिला प्रभारी अधिकारी उत्तम ध्रुव के अनुसार 79 फील्ड ट्रेनर भी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और मार्गदर्शन करेंगे। प्रत्येक प्रगणक को औसतन 700 से 800 लोगों या लगभग 250 से 300 परिवारों की गणना का जिम्मा सौंपा गया है।</p>
<h5><strong>बड़े स्तर पर प्रशिक्षण अभियान</strong></h5>
<p>जनगणना की तैयारी के तहत 11 अप्रैल से प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है, जो 22 अप्रैल तक चलेगा। नगर निगम दुर्ग, रिसाली, भिलाई जोन-4, नगर पालिका परिषद जामुल सहित कई तहसीलों में यह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>करीब 1109 प्रशिक्षकों को अलग-अलग बैच में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जहां प्रत्येक बैच में 50-50 कर्मियों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक तय किया गया है।</p>
<h5><strong>प्रशासनिक ढांचा और जिम्मेदारियां तय</strong></h5>
<p>इस कार्य के लिए जिला स्तर पर मजबूत प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह को जिला जनगणना अधिकारी और अपर कलेक्टर वीरेंद्र सिंह को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं सभी तहसीलदार, निगम आयुक्त और सीएमओ को चार्ज अधिकारी बनाया गया है।</p>
<p>इसके अलावा नायब तहसीलदार और जोन आयुक्तों को अतिरिक्त चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसी भी स्तर पर डेटा संग्रह में त्रुटि न हो।</p>
<h5><strong>पहली बार सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा</strong></h5>
<p>जनगणना 2027 में एक बड़ा बदलाव करते हुए नागरिकों को पहली बार सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा दी गई है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे प्रगणकों को दिखाना होगा।</p>
<h5><strong>गोपनीयता और ऐतिहासिक महत्व</strong></h5>
<p>प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी जनगणना डेटा को जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी साझा करना दंडनीय अपराध होगा।</p>
<p>भारत की जनगणना विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक मानी जाती है। 1872 में शुरू हुई यह प्रक्रिया 2027 में स्वतंत्र भारत की आठवीं और कुल मिलाकर 16वीं जनगणना होगी। इसके आंकड़े भविष्य की योजनाओं, संसाधन वितरण और नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/preparation-for-2027-census-intensifies-in-durg-after-15-years/article-51055</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/preparation-for-2027-census-intensifies-in-durg-after-15-years/article-51055</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 15:29:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/cg-news-%2816%29.jpg"                         length="122892"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी में बड़ा प्रशासनिक बदलाव तय, कलेक्टर-एसपी बदले जाएंगे</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश में प्रशासनिक बदलाव की तैयारी तेज, कलेक्टर और एसपी के तबादले संभव। प्रदर्शन और फीडबैक के आधार पर होंगे फैसले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-administrative-change-decided-in-mp-collector-sp-will-be-changed/article-50044"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/madhya-pradesh-administrative-reshuffle.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव जल्द देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को बदलने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रक्रिया को लेकर वरिष्ठ स्तर पर लगातार मंथन चल रहा है और मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच इस विषय पर चर्चा भी हो चुकी है। प्रशासनिक दक्षता, राजस्व प्रदर्शन और जनसंपर्क जैसे मानकों के आधार पर अधिकारियों का मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसके बाद व्यापक स्तर पर तबादलों की सूची तैयार की जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बताया जा रहा है कि यह फेरबदल केवल औपचारिक नहीं होगा, बल्कि इसमें कई जिलों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से अधिकारियों के कामकाज, व्यवहार और स्थानीय स्तर पर उनकी स्वीकार्यता को लेकर फीडबैक जुटाया गया है। इसी के आधार पर कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी देने और कुछ को वर्तमान पद से हटाने का निर्णय लिया जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">परफॉर्मेंस पर फोकस</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वित्तीय वर्ष 2025-26 के समाप्त होने के बाद अब नए वर्ष 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में राजस्व संग्रहण के लक्ष्य और उनकी उपलब्धि भी प्रशासनिक समीक्षा का अहम आधार बनी है। अधिकारियों के काम करने के तरीके के साथ-साथ आम लोगों से उनके व्यवहार को भी गंभीरता से परखा गया है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी के स्थानीय नेताओं, सांसदों और विधायकों से मिले फीडबैक को भी इस प्रक्रिया में महत्व दिया गया है। जिन अधिकारियों को लेकर नकारात्मक रिपोर्ट मिली है, उन्हें मौजूदा जिम्मेदारियों से हटाकर अन्य पदों पर भेजा जा सकता है। इस विषय पर चार दौर की बैठकों में विस्तार से चर्चा हो चुकी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पुलिस महकमे में बदलाव</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">प्रशासनिक फेरबदल के साथ-साथ पुलिस विभाग में भी बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी है। पीएचक्यू द्वारा तैयार सूची पर डीजीपी और मुख्यमंत्री के बीच एक दौर की चर्चा पूरी हो चुकी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 से अधिक जिलों के एसपी का तबादला किया जा सकता है। वहीं, कुछ ऐसे अधिकारी भी हैं जो प्रमोशन के बाद भी एसपी पद पर कार्यरत हैं। खंडवा, भिंड, धार, रीवा और झाबुआ सहित कई जिलों में ऐसे अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को बड़े और संवेदनशील जिलों की कमान सौंपी जा सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इस पूरे प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य शासन-प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाना और जमीनी स्तर पर बेहतर डिलीवरी सुनिश्चित करना है। सरकार चाहती है कि जिलों में प्रशासनिक मशीनरी ज्यादा जवाबदेह और सक्रिय बने, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आने वाले दिनों में तबादलों की आधिकारिक सूची जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि यह बदलाव प्रदेश की प्रशासनिक संरचना को नए सिरे से व्यवस्थित करेगा और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप कामकाज को गति देगा। मध्यप्रदेश में यह प्रशासनिक बदलाव आने वाले समय में शासन की दिशा और कार्यशैली पर भी असर डाल सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-administrative-change-decided-in-mp-collector-sp-will-be-changed/article-50044</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-administrative-change-decided-in-mp-collector-sp-will-be-changed/article-50044</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 14:03:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/madhya-pradesh-administrative-reshuffle.jpg"                         length="108562"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        