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                <title>BreakingNews - दैनिक जागरण</title>
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                <title>आगरा में सनसनी: 45 दिन तक पति को लापता बताती रही पत्नी, बाथरूम के फर्श के नीचे मिला शव</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस सत्यापन के दौरान खुला हत्या का राज, पत्नी पर नींद की दवा देकर गला घोंटने और शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/sensation-in-agra-wife-kept-calling-husband-missing-for-45/article-57845"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/agra-murder-case-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। सिकंदरा क्षेत्र के दहतोरा इलाके में रहने वाले 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा पिछले करीब 45 दिनों से लापता बताए जा रहे थे। परिवार और पड़ोसियों को उनकी पत्नी रूबी शर्मा लगातार यही कहती रही कि वह घर छोड़कर कहीं चले गए हैं। इस बीच पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई और परिजनों ने कई जगह उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मामला तब अचानक पलट गया जब पुलिस एक पुराने मामले के सिलसिले में नियमित सत्यापन के लिए घर पहुंची। अधिकारियों को बातचीत के दौरान पत्नी का व्यवहार संदिग्ध लगा। पूछताछ आगे बढ़ी तो शक गहराया और आखिरकार जांच उस भयावह सच तक पहुंच गई जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पुलिस ने घर के बाथरूम का फर्श तुड़वाया तो उसके नीचे से सुरेंद्र शर्मा का शव बरामद हुआ। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार सुरेंद्र शर्मा और रूबी शर्मा की शादी लगभग 16 वर्ष पहले हुई थी। दोनों अपनी दो बेटियों के साथ दहतोरा इलाके में रहते थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन रूबी ने दोनों बेटियों को सुरेंद्र के बड़े भाई के घर भेज दिया था। इसके बाद उसने कथित रूप से सुरेंद्र को ऐसी खीर खिलाई जिसमें नींद की दवा मिलाई गई थी। पुलिस का आरोप है कि जब सुरेंद्र बेहोश हो गए तो उनका गला घोंटकर हत्या कर दी गई। अगले दिन घर के बाथरूम में गड्ढा खोदकर शव को उसमें दबा दिया गया और ऊपर से सीमेंट डालकर फर्श को दोबारा तैयार कर दिया गया, ताकि किसी को इस बात का संदेह न हो कि घर के भीतर ही शव दफन है। पुलिस का कहना है कि यह पूरी घटना पहली नजर में सुनियोजित प्रतीत होती है, हालांकि सभी तथ्यों की पुष्टि विस्तृत जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद करीब डेढ़ महीने तक रूबी शर्मा कथित तौर पर सभी रिश्तेदारों और पड़ोसियों से यही कहती रही कि उसका पति घर छोड़कर चला गया है। पुलिस के मुताबिक वह लोगों के सामने दुख भी जताती थी ताकि किसी को उस पर शक न हो। 26 मई को सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी की रिपोर्ट सिकंदरा थाने में दर्ज कराई गई थी। जांच आगे बढ़ रही थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था। इसी दौरान पुलिस एक अन्य मामले के संबंध में नियमित सत्यापन के लिए घर पहुंची। अधिकारियों ने देखा कि पूछताछ के दौरान रूबी काफी घबराई हुई थी और उसने तुरंत अपने देवर को भी घर बुला लिया। पुलिस को उसका व्यवहार असामान्य लगा। दूसरी ओर सुरेंद्र के बड़े भाई को पहले से ही अपने भाई की गुमशुदगी और रूबी के व्यवहार पर संदेह था। उन्होंने पुलिस के सामने अपनी आशंकाएं साझा कीं। इसके बाद पुलिस ने रूबी से लगातार पूछताछ की। अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से हत्या की बात स्वीकार कर ली और शव दफनाने की जगह भी बता दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बाथरूम का फर्श तुड़वाया और जमीन के नीचे से शव बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के कारण और समय की पुष्टि की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका थी। पुलिस ने घर और घटनास्थल से कई साक्ष्य भी एकत्र किए हैं, जिनकी वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आगरा के हरिपर्वत सर्किल की एसीपी अमीषा ने बताया कि सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार जांच कर रही थी। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर यह मामला हत्या में बदल गया। उन्होंने कहा कि आरोपी महिला से पूछताछ जारी है और सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। पड़ोसियों के अनुसार उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि जिस व्यक्ति को वे लापता समझ रहे हैं, उसका शव उसी घर के बाथरूम के नीचे दफन हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:37:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया का दूसरा मोबाइल बरामद, कोडवर्ड चैट से खुल सकते हैं कई राज</title>
                                    <description><![CDATA[पुणे कोर्ट ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, नार्को टेस्ट से दोनों ने किया इनकार; पुलिस डिजिटल सबूतों और कथित तीसरे शख्स की भूमिका की जांच में जुटी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/ketan-aggarwal-murder-case-sias-second-mobile-recovered-many-secrets/article-57841"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ketan-agrawal-murder-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को वडगांव अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों अब पुणे की येरवदा जेल में रहेंगे। पुलिस ने अदालत से दोनों की पुलिस कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने भी स्पष्ट किया कि किसी आरोपी की सहमति के बिना इस तरह का परीक्षण नहीं कराया जा सकता। इसी बीच जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस ने सिया गोयल के घर से एक दूसरा मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसे कथित तौर पर छिपाकर रखा गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मोबाइल में हत्या की साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिल सकते हैं। फोन को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेज दिया गया है, जहां उसके डेटा की गहन जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार पहले जब्त किए गए मोबाइल से बड़ी मात्रा में डिलीट किया गया डेटा रिकवर किया गया है और अब दूसरे मोबाइल से भी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन कथित तौर पर सामान्य भाषा में बातचीत करने के बजाय कोडवर्ड, निकनेम और इमोजी का इस्तेमाल करते थे। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच हुई चैट में कई ऐसे शब्द और संकेत मिले हैं, जिनका वास्तविक अर्थ फिलहाल स्पष्ट नहीं है। इन्हें समझने के लिए साइबर और डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। माना जा रहा है कि दोनों ने अपनी कथित योजना को छिपाने के लिए सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल किया था। जांच टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन कोडवर्ड का क्या मतलब था और क्या इनका संबंध हत्या की कथित साजिश से है। पुलिस के मुताबिक यदि इन चैट का सही अर्थ सामने आता है तो मामले की जांच को नई दिशा मिल सकती है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी वजह से मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बारीकी से जांच की जा रही है। दूसरी ओर अदालत में पेशी के दौरान अभियोजन पक्ष ने दोनों आरोपियों से और पूछताछ की जरूरत बताई थी, लेकिन अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान एक और नया पहलू सामने आया है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने महाराष्ट्र के बीड जिले से एक युवक को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि वह बालेवाड़ी की एक निजी कंपनी में काम करता है और सिया या केतन में से किसी एक का परिचित है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या उसे कथित हत्या की योजना की पहले से जानकारी थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार दोनों आरोपियों ने उससे किसी स्तर पर योजना साझा की थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस युवक की आधिकारिक भूमिका स्पष्ट नहीं की है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि जांच में सहयोग मिलने पर उसे गवाह बनाया जा सकता है। पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच एजेंसियों के अनुसार कथित साजिश की शुरुआत मई के अंतिम सप्ताह में हुई थी। पुलिस का दावा है कि 31 मई के आसपास सिया ने केतन की हत्या का विचार बनाया। जांच में यह भी सामने आया कि केतन को ट्रैकिंग और पहाड़ी क्षेत्रों में घूमने का शौक था, जिसका फायदा उठाकर उसे बार-बार लोहगढ़ किले चलने के लिए कहा गया। पुलिस के अनुसार 5 जून को सिया ने दोबारा वहां जाने की जिद की, लेकिन उस समय योजना सफल नहीं हो सकी। इसी बीच विदेश यात्रा से पहले कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट भी छिपा दिया गया ताकि यात्रा टल जाए। इसके बाद 14 जून को दोनों फिर लोहगढ़ पहुंचे। पुलिस का दावा है कि उस दिन भी केतन को धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन वह पेड़ का सहारा मिलने से बच गया। पूछने पर सिया ने कथित तौर पर कहा कि उसने सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी वजह से उस समय किसी को शक नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार 18 जून को तीसरी बार कथित योजना को अंजाम दिया गया। दावा है कि 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर के एक रिजॉर्ट में बुकिंग कर रखी थी, लेकिन उससे पहले प्री-वेडिंग फोटोशूट का बहाना बनाकर उसे फिर लोहगढ़ किले ले जाया गया। जांच में आरोप है कि इस बार चेतन चौधरी भी पीछे-पीछे वहां पहुंचा। पुलिस का दावा है कि जब केतन पहाड़ी की ओर देख रहा था, तभी दोनों ने पीछे से उसे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस सभी डिजिटल सबूत, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 12:53:22 +0530</pubDate>
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                <title>अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू, 14 महीने की पोती का छोटा ताबूत भी साथ रखा गया</title>
                                    <description><![CDATA[तेहरान में लाखों लोगों ने दी श्रद्धांजलि, छह दिन तक चलेंगे अंतिम संस्कार कार्यक्रम; ईरान और इराक के कई शहरों से होकर गुजरेगी अंतिम यात्रा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/ali-khameneis-funeral-procession-begins-small-coffin-of-14-month-old-granddaughter/article-57834"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ali-khamenei-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने का सिलसिला शनिवार से तेहरान में आधिकारिक रूप से शुरू हो गया। राजधानी के इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में सुबह से ही हजारों लोग पहुंचने लगे। पूरे परिसर में शोक का माहौल दिखाई दिया और बड़ी संख्या में लोग अपने हाथों में ईरानी झंडे, धार्मिक प्रतीक और खामेनेई की तस्वीरें लेकर मौजूद रहे। समारोह के दौरान खामेनेई का ताबूत ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा हुआ मुख्य हॉल में लाया गया, जिसके ऊपर उनकी पहचान मानी जाने वाली काली पगड़ी भी रखी गई थी। इसी दौरान एक भावुक दृश्य तब सामने आया जब उनके परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों के ताबूत भी साथ रखे गए। इनमें 14 महीने की उनकी पोती जाहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी का छोटा ताबूत भी शामिल था। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और कई लोग रोते हुए नजर आए। बताया जा रहा है कि फरवरी के अंत में हुए हमलों में खामेनेई के साथ परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी मारे गए थे। अंतिम संस्कार के पहले दिन श्रद्धांजलि देने वालों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरानी प्रशासन के अनुसार खामेनेई के पार्थिव शरीर को शुक्रवार को तेहरान लाया गया था। इसके बाद छह दिनों तक सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है ताकि देशभर से लोग अंतिम दर्शन कर सकें। राजधानी में तीन दिनों तक पार्थिव शरीर आम लोगों के लिए रखा जाएगा। प्रशासन का अनुमान है कि केवल तेहरान में ही अगले तीन दिनों के दौरान डेढ़ से दो करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसी को देखते हुए परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। शहर की प्रमुख सड़कों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि सेना और सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार निगरानी कर रही हैं। समारोह स्थल तक पहुंचने वाले सभी रास्तों पर कई स्तर की सुरक्षा जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी अस्थायी बदलाव किए गए हैं। लोगों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसें और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं चलाई गई हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">श्रद्धांजलि समारोह में देश के कई वरिष्ठ राजनीतिक और धार्मिक नेता भी मौजूद रहे। सरकारी अधिकारियों के अलावा न्यायपालिका, संसद और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह के दौरान कई धार्मिक अनुष्ठान किए गए और विशेष प्रार्थनाएं भी आयोजित हुईं। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कई लोग अपने परिवार के साथ अंतिम दर्शन के लिए घंटों तक कतार में खड़े रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवक भी लगातार लोगों की मदद करते दिखाई दिए। चिकित्सा सहायता केंद्र, पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से की गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक अंतिम यात्रा केवल तेहरान तक सीमित नहीं रहेगी। तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को राजधानी की सड़कों पर विशाल अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद मंगलवार को पार्थिव शरीर को ईरान के धार्मिक महत्व वाले शहर क़ोम ले जाया जाएगा, जहां विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अगले दिन अंतिम यात्रा पड़ोसी देश इराक के कुछ पवित्र शहरों तक पहुंचेगी। वहां भी श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी और स्थानीय धार्मिक नेताओं की मौजूदगी में विशेष कार्यक्रम होंगे। अंतिम चरण में गुरुवार को खामेनेई के पैतृक शहर मशहद में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था लगातार कड़ी रहेगी और हर चरण की निगरानी की जाएगी। लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए यात्रा मार्ग पर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">खामेनेई की अंतिम यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि ईरान की आंतरिक राजनीति और क्षेत्रीय प्रभाव के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मध्य पूर्व के मौजूदा हालात और हाल के घटनाक्रम के बीच इस अंतिम संस्कार पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। कई देशों के प्रतिनिधिमंडल भी ईरान पहुंच चुके हैं और विभिन्न स्तरों पर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है। अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 12:52:58 +0530</pubDate>
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                <title>हनीमून मर्डर केस: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक से किया इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश पर सवाल जरूर उठाए, लेकिन पहले से रिहा हो चुकी सोनम की जमानत तत्काल रद्द करने से इनकार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/honeymoon-murder-case-supreme-court-refuses-to-stay-bail-of/article-57833"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/sonam-raghuvanshi.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मेघालय सरकार ने इस मामले में मेघालय हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत सोनम को जमानत दी गई थी। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने हाई कोर्ट के फैसले के कुछ पहलुओं पर सवाल जरूर उठाए, लेकिन यह भी माना कि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं और ट्रायल कोर्ट की ओर से तय की गई शर्तों का पालन करते हुए फिलहाल शिलांग में रह रही हैं। अदालत ने फिलहाल उनकी जमानत रद्द करने या उस पर रोक लगाने का कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। यह मामला वर्ष 2025 में सामने आए चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ा है। आरोप है कि मेघालय में हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी, उनके कथित प्रेमी और अन्य आरोपियों को जांच के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस केस ने देशभर में काफी सुर्खियां बटोरी थीं और जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार चर्चा में रही।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट और निचली अदालतों ने पहले ही सोनम के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार पाए थे। उन्होंने अदालत को बताया कि सोनम की जमानत याचिका पहले तीन बार खारिज हो चुकी थी। अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि जांच के दौरान इस बात की आशंका जताई गई थी कि यदि उन्हें राहत दी जाती है तो वह फरार हो सकती हैं, गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं या साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकती हैं। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हाई कोर्ट के फैसले को लेकर कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। जस्टिस एमएम सुंदरेश ने सुनवाई के दौरान पूछा कि यदि पहले तथ्यों के आधार पर जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं, तो बाद में केवल तकनीकी आधार पर राहत देना किस हद तक उचित माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली नजर में हाई कोर्ट के आदेश के कुछ पहलुओं पर अदालत की आपत्तियां हैं। हालांकि पीठ ने इस बात को भी ध्यान में रखा कि सोनम पहले ही रिहा हो चुकी हैं और फिलहाल अदालत द्वारा तय सभी शर्तों का पालन कर रही हैं। ऐसे में तत्काल उनकी जमानत पर रोक लगाने की जरूरत नहीं समझी गई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है और आगे विस्तृत सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया जाएगा।</p>
<p>इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू गिरफ्तारी के दौरान दर्ज की गई कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा रहा। रिकॉर्ड के अनुसार सोनम रघुवंशी को 27 अप्रैल को जमानत मिली थी और इस फैसले में गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में हुई एक गंभीर त्रुटि अहम कारण बनी। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत दर्ज किया गया था, जो हत्या के अपराध से संबंधित है। लेकिन जब सोनम को गिरफ्तारी के आधार बताए गए तो दस्तावेजों में बीएनएस की धारा 403(1) का उल्लेख किया गया। अदालत के समक्ष यह तथ्य आया कि बीएनएस में धारा 403(1) का कोई अस्तित्व ही नहीं है। जांच में यह भी सामने आया कि यही त्रुटि केवल एक दस्तावेज तक सीमित नहीं थी, बल्कि गिरफ्तारी मेमो, गिरफ्तारी चेकलिस्ट, निरीक्षण मेमो, अधिकारों की जानकारी से जुड़े रिकॉर्ड और केस डायरी सहित कई दस्तावेजों में दोहराई गई थी। हाई कोर्ट ने माना था कि किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति को उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों और गिरफ्तारी के वास्तविक आधार की स्पष्ट जानकारी देना उसका संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। अदालत ने अभियोजन पक्ष की इस दलील को स्वीकार नहीं किया कि यह केवल क्लर्क की साधारण गलती थी। हाई कोर्ट का मानना था कि कई दस्तावेजों में एक जैसी त्रुटि होना गंभीर प्रक्रिया संबंधी कमी को दर्शाता है। इसी आधार पर सोनम को जमानत दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट इस आदेश की वैधता और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:51:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात-एमपी से जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, ATS ने नेटवर्क का किया खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[गुजरात ATS का बड़ा ऑपरेशन, सोशल मीडिया के जरिए कथित भर्ती और पाकिस्तान स्थित हैंडलर से संपर्क की जांच तेज; कई जिलों में एक साथ कार्रवाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/8-suspected-jaish-e-mohammed-terrorists-arrested-from-gujarat-mp-ats-reveals-network/article-57831"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/gujarat-ats.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित रूप से जुड़े आठ संदिग्धों को गुजरात और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई कई दिनों से चल रही खुफिया निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई। गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उनका नेटवर्क कितना व्यापक था और वे किन गतिविधियों में शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में दो युवकों की उम्र 18 और 19 वर्ष है। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि सभी गुजरात के रहने वाले हैं और राज्य में जैश-ए-मोहम्मद का एक सक्रिय नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे। एटीएस का कहना है कि यह नेटवर्क कथित तौर पर नए सदस्यों को जोड़ने, संगठन की विचारधारा फैलाने और भविष्य में आतंकी गतिविधियों के लिए आधार तैयार करने के उद्देश्य से काम कर रहा था। इसी सूचना के आधार पर एटीएस ने अलग-अलग टीमें बनाकर गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी और पाटण के अलावा मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक साथ छापेमारी की। अभियान के दौरान सभी आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार सभी से पूछताछ के साथ-साथ जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि सबसे पहले दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर छह अन्य लोगों तक जांच पहुंची और उन्हें भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के पास से कुछ साहित्य, झंडे और अन्य सामग्री बरामद हुई है, जिसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा कई मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। एटीएस का कहना है कि इन मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी मिली है, जिसकी साइबर विशेषज्ञों की मदद से जांच जारी है। प्रारंभिक जांच के अनुसार सभी संदिग्ध सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में मौजूद एक कथित हैंडलर के संपर्क में थे, जिसकी पहचान 'अब्दुल्ला साहब' के नाम से हुई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी हैंडलर के निर्देश पर गुजरात में संगठन का नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश की जा रही थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपियों तक कथित तौर पर तीन लाख रुपये की रकम भी पहुंचाई गई थी। फिलहाल एजेंसियां इस धनराशि के स्रोत, लेन-देन के तरीके और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। एटीएस के अनुसार गिरफ्तार किए गए कुछ संदिग्ध पाटण जिले के एक मदरसे में रह रहे थे। वहां से भी कुछ दस्तावेज और प्रचार सामग्री बरामद की गई है। हालांकि जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया है कि संदिग्धों ने कथित तौर पर 'तंजीम' नाम से एक समूह बनाया था, जिसके जरिए नए सदस्यों को जोड़ने और उन्हें संगठन की विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। एटीएस का दावा है कि यह समूह स्थानीय स्तर पर युवाओं से संपर्क कर उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहा था। साथ ही प्रतिबंधित संगठन से जुड़े साहित्य का गुजराती भाषा में अनुवाद कर उसे स्थानीय स्तर पर प्रसारित करने की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल चैट, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं। जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान आधारित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 2000 में मसूद अजहर ने की थी। भारत में कई बड़े आतंकी हमलों में इस संगठन का नाम सामने आ चुका है और इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष अप्रैल में गुजरात एटीएस ने कथित तौर पर आईएसआईएस से जुड़े दो संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और नेटवर्क तैयार करने के आरोप लगाए गए थे। ताजा कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसी को सूचित करें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:51:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विभाजन के विस्थापित शरणार्थी नहीं, संघर्ष के योद्धा थे: मोहन भागवत</title>
                                    <description><![CDATA[आरएसएस प्रमुख ने कहा कि 1947 के विभाजन के बाद भारत आने वाले लोगों ने मातृभूमि और अपने धर्म के सम्मान के लिए सबकुछ छोड़कर संघर्ष का रास्ता चुना था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/mohan-bhagwat-was-not-a-displaced-refugee-of-partition-but/article-57659"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mohan-bhagwat.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने 1947 के भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आए लोगों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को शरणार्थी कहना उचित नहीं है, क्योंकि उन्होंने मजबूरी में नहीं बल्कि अपनी मातृभूमि और अपने धर्म के प्रति आस्था के कारण सब कुछ छोड़कर भारत आने का निर्णय लिया था। भागवत ने ऐसे लोगों को "संघर्ष के योद्धा" बताते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने विश्वास और भारतीय संस्कृति को नहीं छोड़ा। उनके इस बयान के बाद विभाजन और उससे जुड़े इतिहास पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। मोहन भागवत बुधवार को नागपुर में सिंधु एजुकेशन सोसाइटी के 75वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभाजन की त्रासदी का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों ने पाकिस्तान में अपनी पीढ़ियों से बसाए घर, जमीन, कारोबार और संपत्ति छोड़कर भारत आने का फैसला किया, उन्होंने यह कदम पूरी समझ और विश्वास के साथ उठाया था। उनका उद्देश्य केवल सुरक्षित जीवन नहीं था, बल्कि ऐसे देश में रहना था जहां वे बिना किसी डर के अपने धर्म और परंपराओं का पालन कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">भागवत ने कहा कि विभाजन के समय लाखों परिवारों ने भारी कष्ट झेले। उन्हें अपना सब कुछ छोड़ना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने भारत को ही अपनी अंतिम मंजिल बनाया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को शरणार्थी कहना उनके संघर्ष और बलिदान के साथ न्याय नहीं करता। उनके अनुसार वे वास्तव में संघर्ष के योद्धा थे, जिन्होंने मातृभूमि के प्रति प्रेम और अपने धार्मिक विश्वास की रक्षा के लिए कठिन रास्ता चुना। अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि विभाजन केवल जमीन का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन पर गहरा असर डालने वाली ऐतिहासिक घटना थी। उस समय अनेक परिवारों ने अपनों को खोया, वर्षों की मेहनत से बनाई संपत्ति पीछे छोड़नी पड़ी और नई जगह पर जीवन की शुरुआत करनी पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और नए सिरे से अपने जीवन का निर्माण किया। भागवत ने कहा कि यही संघर्ष उन्हें विशेष बनाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरएसएस प्रमुख ने यह भी कहा कि उस समय इन लोगों ने जो लड़ाई हारी, वह पूरी तरह उनकी अपनी गलती नहीं थी। परिस्थितियां ऐसी थीं कि उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा। लेकिन उन्होंने विपरीत हालात में भी साहस नहीं खोया और भारत आकर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की कहानी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है। अपने भाषण में मोहन भागवत ने शिक्षा व्यवस्था पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं होना चाहिए। अगर शिक्षा केवल रोजगार तक सीमित रह जाएगी तो समाज का समग्र विकास संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के भीतर संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना भी विकसित करे, तभी उसका वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से आह्वान किया कि शिक्षा को केवल परीक्षा और अंकों तक सीमित न रखें। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो व्यक्ति को अच्छा नागरिक बनाए, समाज के प्रति संवेदनशील बनाए और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करे। उनके अनुसार समाज का भविष्य केवल तकनीकी ज्ञान से नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण से मजबूत होगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि इतिहास से सीख लेना जरूरी है। विभाजन जैसी घटनाएं केवल किताबों का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उनसे समाज को यह समझ मिलती है कि एकता, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता कितनी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में उन लोगों का योगदान हमेशा याद रखा जाना चाहिए जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी।</p>
<p style="text-align:justify;">भागवत के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विभाजन को लेकर समय-समय पर अलग-अलग विचार सामने आते रहे हैं। इतिहासकारों के अनुसार 1947 का विभाजन आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक था। उस दौरान लाखों लोग विस्थापित हुए और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवाई। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए इस विभाजन ने करोड़ों परिवारों के जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। विभाजन के बाद भारत आने वाले लोगों ने देश के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने नई परिस्थितियों में खुद को स्थापित किया और व्यापार, शिक्षा, उद्योग तथा अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। कई शहरों के विकास में भी इन परिवारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंधु एजुकेशन सोसाइटी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी भागवत के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा और सामाजिक मूल्यों पर चर्चा करना था, लेकिन विभाजन पर उनके विचार सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गए। आरएसएस प्रमुख ने अंत में कहा कि समाज को उन लोगों के संघर्ष को सम्मान देना चाहिए जिन्होंने कठिनाइयों के बावजूद देश और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था बनाए रखी। उन्होंने युवाओं से इतिहास को समझने, उससे प्रेरणा लेने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से संभव होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:06:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा में भीषण सड़क हादसा, खड्डा टोल प्लाजा के पास ट्रक ने पिकअप को मारी टक्कर; दो लोगों की मौके पर मौत</title>
                                    <description><![CDATA[सीधी से लौट रही पिकअप को देर रात तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में चालक समेत दो लोगों की जान चली गई, जबकि एक व्यक्ति सुरक्षित बच गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/horrific-road-accident-in-rewa-truck-hits-pickup-near-khadda/article-57644"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-road-accident-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">रीवा जिले में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिले के खड्डा टोल प्लाजा के पास देर रात करीब तीन बजे तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से एक पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे खंभे से जा टकराई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में पिकअप चालक और उसमें सवार एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं वाहन के पिछले हिस्से में सो रहा एक व्यक्ति चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पिकअप वाहन सीधी जिले से शराब की पेटियां उतारकर वापस रीवा की ओर लौट रहा था। वाहन खड्डा टोल प्लाजा के पास पहुंचा ही था कि पीछे से तेज गति से आ रहे ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक की रफ्तार काफी अधिक थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। टक्कर के बाद पिकअप कई फीट तक घिसटती हुई सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा भिड़ी। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर दौड़े और पुलिस को सूचना दी। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों मृतकों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर मलबा फैल गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस हादसे में पिकअप चालक चंदन दुबे, जो पडरा गांव का निवासी था, की मौके पर ही मौत हो गई। उसके साथ वाहन में सवार राजेश रावत, निवासी रसिया मोहल्ला, ने भी घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं वाहन के पिछले हिस्से में सो रहे लाला रावत सुरक्षित बच गए। बताया जा रहा है कि हादसे के समय वह वाहन के पीछे आराम कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। इस घटना को देखकर लोग भी हैरान रह गए कि इतनी भीषण दुर्घटना में एक व्यक्ति पूरी तरह सुरक्षित कैसे बच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और डायल 100 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सड़क पर यातायात सामान्य कराया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे हटवाया। दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में पुलिस ट्रक चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण मान रही है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि ट्रक और चालक की पहचान जल्द की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चालक की गिरफ्तारी के बाद दुर्घटना के कारणों की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। इस दुर्घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है। परिजनों को जैसे ही हादसे की सूचना मिली, वे अस्पताल और घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों मृतक मेहनत-मजदूरी और वाहन चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। अचानक हुई इस घटना से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">रीवा जिले में पिछले कुछ समय से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन हादसे सामने आ रहे हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद कई चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रफ्तार पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन ही ऐसे हादसों को कम कर सकता है। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और निर्धारित गति सीमा का पालन करें। खासकर रात के समय वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है। यदि चालक को थकान महसूस हो तो कुछ देर आराम करने के बाद ही यात्रा जारी रखनी चाहिए। साथ ही भारी वाहनों के चालकों को भी सुरक्षित दूरी बनाए रखने और गति नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:53:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा में पानी के जार में छिपाकर बेच रहा था नशीली कोरेक्स, ऑपरेशन प्रहार 2.0 में पुलिस ने दबोचा</title>
                                    <description><![CDATA[अमहिया थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पुलिया के पास ग्राहक का इंतजार कर रहे युवक को गिरफ्तार किया। पानी के जार में छिपाकर रखी अवैध नशीली कफ सिरप जब्त की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/in-rewa-the-drug-corex-was-selling-by-hiding-it/article-57636"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-news-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">रीवा जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। अमहिया थाना पुलिस ने अवैध रूप से नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) की बिक्री कर रहे एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाए हुए था। वह पानी के जार के अंदर नशीली कफ सिरप छिपाकर ग्राहकों तक पहुंचा रहा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया और उसके कब्जे से अवैध कफ सिरप बरामद कर ली। 1 जुलाई को की गई। अमहिया थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नरेंद्र नगर स्थित खमरिया हाउस के पास बनी पुलिया पर एक युवक संदिग्ध अवस्था में बैठा हुआ है। सूचना में यह भी बताया गया था कि युवक नीले रंग की जींस और स्काई ब्लू रंग की टी-शर्ट पहने हुए है। उसके पास एक पानी का जार रखा है, जिसमें अवैध नशीली कफ सिरप छिपाकर रखी गई है। वह वहां संभावित ग्राहकों का इंतजार कर रहा है और मौका मिलते ही नशीली दवा की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस जैसे ही बताए गए स्थान पर पहुंची, वहां मौजूद युवक ने पुलिस को देखते ही भागने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस टीम पहले से सतर्क थी और चारों तरफ घेराबंदी कर ली गई थी। कुछ ही दूरी पर युवक को पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम मयंक मिश्रा उर्फ अमन गौतम (24) निवासी सुंदर नगर, बोदाबाग बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पास रखा पानी का जार संदिग्ध लगा। जब जार की जांच की गई तो उसके अंदर अवैध रूप से रखी गई नशीली कफ सिरप की बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने मौके पर ही सभी बोतलों को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस तरीके से नशीली कफ सिरप की बिक्री कर रहा था। पानी के जार में कफ सिरप छिपाने के कारण आम लोगों के साथ-साथ पुलिस को भी उस पर आसानी से शक नहीं होता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीली कफ सिरप का दुरुपयोग युवाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग चिकित्सकीय उपयोग के बजाय इसका इस्तेमाल नशे के रूप में करते हैं। इसी कारण बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत इसकी बिक्री कानूनन अपराध है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी को यह नशीली कफ सिरप कहां से मिलती थी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों और सप्लाई चेन की जानकारी जुटाई जा सके। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। इसके आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पुलिस की विशेष टीमें लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है, ताकि अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों तक आसानी से पहुंचा जा सके। उन्होंने कहा कि समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से काम कर रही है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। रीवा पुलिस पिछले कुछ महीनों से नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अवैध शराब, गांजा, नशीली गोलियां और कफ सिरप की तस्करी करने वालों के खिलाफ कई अभियान चलाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए अवैध कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में लगातार कार्रवाई होने से अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। लोगों ने पुलिस से इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रखने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी प्रकार की नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:52:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>केप वर्डे कप्तान रेयान मेंडेस पर रेप के आरोप, जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[टीम की पूर्व ट्रांसलेटर ने होटल में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, अब तक कोई आपराधिक दोष सिद्ध नहीं; वर्ल्ड कप नॉकआउट से पहले मामला चर्चा में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/investigation-into-rape-allegations-against-cape-verde-captain-ryan-mendes/article-57322"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ryan-mendes.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">केप वर्डे फुटबॉल टीम के कप्तान रेयान मेंडेस पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में हलचल तेज हो गई है। ब्राजीलियन मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड में मार्च 2026 के दौरान आयोजित फीफा सीरीज में टीम के साथ ट्रांसलेटर के रूप में काम करने वाली एक महिला ने उन पर होटल के कमरे में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब केप वर्डे पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचा है और टीम 4 जुलाई को अर्जेंटीना के खिलाफ अहम मुकाबला खेलने वाली है। हालांकि, अब तक किसी अदालत ने रेयान मेंडेस को दोषी नहीं ठहराया है और मामले की जांच जारी है। शिकायत करने वाली महिला ब्राजील की नागरिक है और वह न्यूजीलैंड में आयोजित फीफा सीरीज के दौरान केप वर्डे टीम के साथ अनुवादक के रूप में कार्य कर रही थी। महिला का आरोप है कि ऑकलैंड के एक होटल में रेयान मेंडेस उसके कमरे में पहुंचे और वहां उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाए। घटना के बाद उसने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती प्रक्रिया के तहत महिला का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मेडिकल जांच के दौरान उसके शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए। महिला ने कथित तौर पर इन चोटों की तस्वीरें भी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक किसी न्यायालय ने रेयान मेंडेस को दोषी नहीं माना है। यह स्पष्ट किया गया है कि जांच अभी जारी है और यह तय नहीं हुआ है कि उनके खिलाफ औपचारिक आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा या नहीं। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय केवल न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होता है। ऐसे में फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और संबंधित एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि महिला ने कथित घटना की जानकारी केप वर्डे फुटबॉल टीम से जुड़े कुछ अधिकारियों को भी दी थी। आरोप है कि उसने तीन अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। दूसरी ओर केप वर्डे फुटबॉल संघ या राष्ट्रीय टीम की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मीडिया की ओर से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन टीम प्रबंधन की ओर से सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ फीफा ने भी मामले पर सीमित प्रतिक्रिया दी है। फीफा ने कहा है कि वह किसी भी प्रकार के गलत आचरण से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लेता है। संगठन ने यह भी बताया कि वह न्यूजीलैंड की संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है, लेकिन जांच जारी होने के कारण इस समय इससे अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। फीफा का यह बयान संकेत देता है कि संस्था पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, हालांकि जांच प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। रेयान मेंडेस के खिलाफ लगे आरोप ऐसे समय सामने आए हैं जब केप वर्डे की टीम अपने फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल दौर से गुजर रही है। पहली बार विश्व कप में जगह बनाने वाली टीम ने ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। टीम ने मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी प्रभावशाली खेल दिखाया और बिना कोई मुकाबला गंवाए नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि केप वर्डे जनसंख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे छोटे देशों में शामिल है और पहली बार विश्व कप के अंतिम चरण तक पहुंचा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">टीम के कप्तान रेयान मेंडेस ने ग्रुप चरण के तीनों मुकाबलों में हिस्सा लिया था। हालांकि उनके खाते में कोई गोल दर्ज नहीं हुआ, लेकिन कप्तान के रूप में उनकी भूमिका टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। अब इन आरोपों के सामने आने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि टीम प्रबंधन आगे क्या फैसला लेता है और आगामी मुकाबलों पर इसका क्या असर पड़ता है। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है कि वह अर्जेंटीना के खिलाफ होने वाले मैच में उपलब्ध रहेंगे या नहीं। इस तरह के संवेदनशील मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होता। एक ओर शिकायतकर्ता के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, वहीं दूसरी ओर आरोपी के कानूनी अधिकारों और निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांत का भी सम्मान किया जाना चाहिए। यही कारण है कि संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/investigation-into-rape-allegations-against-cape-verde-captain-ryan-mendes/article-57322</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:58:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पवन खेड़ा का RSS पर हमला, बोले- आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर पहुंचे कांग्रेस नेता ने राम मंदिर ट्रस्ट पर भी उठाए सवाल, जिला अध्यक्षों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज होगा समापन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/pawan-kheda-attacks-rss-says-no-contribution-in-freedom-struggle/article-57301"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pawan-khera.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा रविवार देर रात रायपुर पहुंचे। सोमवार को वे कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में शामिल होंगे। राजधानी पहुंचते ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), राम मंदिर ट्रस्ट और मौजूदा राजनीतिक माहौल को लेकर कई मुद्दों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कोई योगदान नहीं रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम के नाम पर किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं किया जा सकता।पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि बदलते राजनीतिक और सामाजिक माहौल को समझने का भी एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में राजनीति का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और सोशल मीडिया का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में पार्टी कार्यकर्ताओं और जिला अध्यक्षों को नई चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है। यही वजह है कि इस प्रशिक्षण शिविर में संगठन, संवाद, मीडिया प्रबंधन और चुनावी रणनीति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान पवन खेड़ा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था, तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कोई भूमिका नहीं थी। उनका आरोप था कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में संघ का कोई योगदान दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि जो संगठन देश की आजादी की लड़ाई का हिस्सा नहीं रहे, वे आज इतिहास की नई व्याख्या करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि इतिहास को तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए, न कि राजनीतिक सुविधा के अनुसार।</p>
<p class="isSelectedEnd">महात्मा गांधी को लेकर RSS के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि ऐसे बयानों पर अधिक समय खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि देश इस समय महंगाई, बेरोजगारी और किसानों समेत कई अहम मुद्दों का सामना कर रहा है। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को इन विषयों पर चर्चा करनी चाहिए, न कि ऐसे विवादित बयानों के जरिए लोगों का ध्यान भटकाना चाहिए। अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले को लेकर भी पवन खेड़ा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं और इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट का गठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोच और निगरानी में हुआ है तथा इसकी गतिविधियों पर प्रधानमंत्री कार्यालय की भी नजर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और उनके नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता। खेड़ा ने कहा कि अयोध्या से लेकर उज्जैन तक सामने आए कुछ मामलों ने लोगों के मन में सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना था कि अगर कहीं भी अनियमितता की शिकायत सामने आती है तो उसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मामलों में जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों जरूरी हैं ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।रायपुर में चल रहे कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी उन्होंने विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि पिछले दस दिनों से पार्टी के जिला अध्यक्षों को संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, चुनावी तैयारी, जनसंपर्क अभियान और मीडिया के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। उनका कहना था कि बदलते राजनीतिक माहौल में केवल पारंपरिक तरीके पर्याप्त नहीं हैं। कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग की भी जानकारी होना जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि संवाद स्थापित करना और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं को समझना भी है। जिला अध्यक्षों ने भी अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न राज्यों में संगठन के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। इससे पार्टी नेतृत्व को भी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और सुझावों को समझने का अवसर मिला। गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण शिविर में इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी शामिल हुए थे। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने, आम जनता के बीच सक्रिय रहने और विचारधारा आधारित राजनीति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया था। राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों से कहा था कि संगठन की मजबूती ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उनके संबोधन के बाद सोमवार को होने वाला समापन समारोह भी कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। रायपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का प्रयास है कि जिला स्तर के पदाधिकारियों को नई राजनीतिक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि वे जनता के बीच अधिक प्रभावी तरीके से पार्टी का संदेश पहुंचा सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:53:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दुर्ग में आइसक्रीम पार्लर की आड़ में चल रहा सेक्स रैकेट, पुलिस की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[फर्जी ग्राहक बनाकर पहुंची पुलिस ने जलाराम लॉज में मारा छापा, तीन महिलाओं समेत संचालक और ग्राहकों को हिरासत में लिया, आपत्तिजनक सामग्री बरामद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/sex-racket-running-under-the-cover-of-ice-cream-parlor/article-57298"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/durg-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में रविवार को पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। इंदिरा मार्केट स्थित जलाराम लॉज में आइसक्रीम पार्लर और मिठाई दुकान की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। लंबे समय से इस गतिविधि की चर्चा स्थानीय लोगों के बीच थी, लेकिन पुलिस के पास ठोस जानकारी नहीं थी। जब विश्वसनीय सूचना मिली तो सिटी कोतवाली पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए लॉज में छापा मारा। इस कार्रवाई में संचालक, तीन महिलाओं और ग्राहकों सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया। मौके से नकदी, मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में कंडोम के पैकेट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था ताकि किसी को भनक न लग सके। रविवार दोपहर करीब तीन बजे तीन अलग-अलग वाहनों में पुलिस टीम इंदिरा मार्केट पहुंची। सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले एक पुलिसकर्मी को फर्जी ग्राहक बनाकर लॉज के भीतर भेजा गया। बताया जा रहा है कि अंदर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी ने वहां चल रही गतिविधियों की पुष्टि की और जैसे ही बाहर मौजूद टीम को संकेत मिला, सभी पुलिसकर्मी एक साथ लॉज में दाखिल हो गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान पुलिस को लॉज के अलग-अलग कमरों में तीन महिलाएं और दो पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में मिले। मौके पर लॉज संचालक विजय गुजराती भी मौजूद था। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान करीब 20 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, लगभग 80 कंडोम के पैकेट और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया। इसके बाद सभी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सिटी कोतवाली थाना ले जाया गया, जहां उनसे देर शाम तक पूछताछ जारी रही। जांच में यह भी सामने आया कि जिस भवन में यह कार्रवाई हुई, उसके नीचे मिठाई और आइसक्रीम की दुकान संचालित होती थी, जबकि ऊपर बने लॉज का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। पुलिस को शुरुआती पूछताछ में यह जानकारी भी मिली कि यहां हर किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता था। केवल उन्हीं ग्राहकों को अंदर आने की अनुमति थी जिनके मोबाइल नंबर पहले से संचालकों के पास दर्ज थे। नए ग्राहकों को सीधे प्रवेश नहीं मिलता था। माना जा रहा है कि इसी वजह से लंबे समय तक यह गतिविधि बिना किसी संदेह के चलती रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि इंदिरा मार्केट के मुख्य मार्ग पर स्थित इस परिसर को लेकर लंबे समय से तरह-तरह की चर्चाएं होती थीं। कई लोगों को संदेह था कि यहां सामान्य कारोबार के अलावा कुछ और भी चल रहा है। हालांकि किसी के पास ठोस सबूत नहीं थे। पुलिस को भी पहले स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई थी। जब विश्वसनीय सूचना मिली तो अधिकारियों ने बिना जल्दबाजी किए पूरे ऑपरेशन की रणनीति तैयार की। पहले फर्जी ग्राहक भेजने का फैसला भी इसी योजना का हिस्सा था ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की कानूनी या तकनीकी कमी न रह जाए। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। पुलिस ने कार्रवाई के बाद लॉज और नीचे की दुकान का शटर बंद कर दिया और कई घंटे तक दस्तावेजों की जांच तथा पूछताछ की। आसपास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए थे और कई लोगों ने कार्रवाई के वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए। बाजार में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बना रहा। पुलिस ने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने इस मामले में अनैतिक देह व्यापार से संबंधित कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में लॉज संचालक विजय गुजराती के अलावा ग्राहक नारायण देशमुख और तमाशा कुमार साहू शामिल हैं। तीन महिलाओं को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे। मोबाइल फोन और अन्य जब्त सामग्री की भी जांच की जाएगी ताकि संपर्कों और लेनदेन से जुड़ी जानकारी सामने आ सके। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिलती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:27:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रीवा के इटमा वाटरफॉल में सेल्फी लेते समय युवक गहरे पानी में गिरा, तलाश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश से परिवार के साथ घूमने आया 21 वर्षीय युवक हादसे का शिकार, तेज बहाव और गहराई के बीच एसडीईआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/while-taking-selfie-in-itma-waterfall-of-rewa-a-young/article-57295"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-waterfall.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा जिले के प्रसिद्ध इटमा वाटरफॉल में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। उत्तर प्रदेश के बरगढ़ निवासी 21 वर्षीय सोनू खान सेल्फी लेते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में गिर गया। घटना के बाद से युवक का कोई पता नहीं चल सका है और उसकी तलाश के लिए एसडीईआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वह कुछ ही पलों में पानी में ओझल हो गया। घटना के बाद युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। सोनू खान अपने परिवार और कुछ दोस्तों के साथ घूमने के लिए रीवा के इटमा वाटरफॉल पहुंचा था। बारिश के मौसम में यह पर्यटन स्थल बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करता है। बताया जा रहा है कि सोनू झरने के किनारे खड़ा होकर अपने मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे नीचे गहरे पानी में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि साथ मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही युवक पानी की तेज धारा में बह गया। उसके साथ आए लोगों ने शोर मचाया और आसपास मौजूद पर्यटकों से मदद मांगी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों ने अपने स्तर पर युवक को तलाशने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी एएसआई महेंद्र बागरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से शुरुआती सर्च अभियान शुरू कराया गया। काफी देर तक पानी में खोजबीन की गई, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद प्रशासन ने एसडीईआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया ताकि विशेष उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों की मदद से तलाश अभियान चलाया जा सके। सूचना मिलने के बाद एसडीईआरएफ के उपनिरीक्षक विकास पाण्डेय अपनी टीम के साथ सुबह करीब छह बजे इटमा वाटरफॉल पहुंचे। टीम ने हालात का जायजा लेने के बाद तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। जवान गहरे पानी वाले हिस्सों और झरने के आसपास लगातार कॉम्बिंग सर्च कर रहे हैं। हालांकि रेस्क्यू टीम को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की गहराई काफी ज्यादा है और बारिश के कारण बहाव भी तेज बना हुआ है। ऐसे में गोताखोरों को बेहद सावधानी के साथ पानी में उतरना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि युवक की तलाश तब तक जारी रहेगी जब तक उसे खोज नहीं लिया जाता। एसडीईआरएफ अधिकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर युवक गिरा है वहां का रास्ता काफी सकरा और दुर्गम है। इसके अलावा तेज बहाव के कारण रेस्क्यू बोट को पानी में उतारना संभव नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि जवानों को खुद पानी में उतरकर कॉम्बिंग सर्च करनी पड़ रही है। इस प्रक्रिया में समय भी अधिक लग रहा है और जोखिम भी बढ़ गया है। फिर भी पूरी टीम लगातार प्रयास कर रही है ताकि जल्द से जल्द युवक का पता लगाया जा सके। पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद इटमा वाटरफॉल पर मौजूद अन्य पर्यटक भी सहम गए। कई लोगों ने बताया कि बारिश के मौसम में झरनों के आसपास की चट्टानें बेहद फिसलन भरी हो जाती हैं। इसके बावजूद कुछ लोग बेहतर फोटो और सेल्फी लेने के लिए खतरे वाले हिस्सों तक पहुंच जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सावधानी बरतने से बचते हैं। प्रशासन समय-समय पर पर्यटकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील करता है, फिर भी कई लोग चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन करें और सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। खासकर बारिश के मौसम में झरनों और नदियों के किनारे अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है क्योंकि पानी का बहाव और चट्टानों की फिसलन कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल पूरे इलाके में युवक की तलाश जारी है। परिजन लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं और हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:26:17 +0530</pubDate>
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