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                <title>India Weather Report - दैनिक जागरण</title>
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                <description>India Weather Report RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: जुलाई में सामान्य से कम बारिश और बढ़ेगी तपन, सरकार ने कसी कमर</title>
                                    <description><![CDATA[कमजोर अल नीनो के प्रभाव से देश के अधिकांश हिस्सों में सताएगी गर्मी, कृषि और जल प्रबंधन के लिए मौसम विभाग ने जारी की विशेष गाइडलाइन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-warning-from-meteorological-department-less-rain-than-normal-in/article-57489"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/july-monsoon-forecast-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span>भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई 2026 के लिए अपना मासिक आउटलुक जारी कर दिया है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। देश के नागरिकों को इस महीने भीषण गर्मी और कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। मौसम विभाग की नई भविष्यवाणियों ने कृषि क्षेत्र और जल संसाधनों से जुड़े विभागों के लिए एक तरह से सतर्क रहने का संकेत दिया है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। केंद्र सरकार ने मौसम विभाग की इस रिपोर्ट के तुरंत बाद सभी संबंधित एजेंसियों को पूरी सतर्कता बरतने और समय रहते कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों और आम जनता को किसी प्रकार की बड़ी समस्या का सामना न करना पड़े।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बारिश का पूर्वानुमान: सामान्य से कम रहने के आसार</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>मौसम विभाग द्वारा मल्टी-मॉडल एन्सेम्बल (MME) फोरकास्टिंग सिस्टम के आधार पर जारी रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई महीने में देश भर में औसत मासिक वर्षा सामान्य से कम (लॉन्ग पीरियड एवरेज यानी एलपीए के 94 प्रतिशत से कम) रहने की प्रबल संभावना है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। गौरतलब है कि 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई में पूरे देश की औसत वर्षा लगभग 280.4 मिमी मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके कम रहने का अनुमान है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<p style="text-align:justify;"><span>क्षेत्रीय दृष्टिकोण से देखें तो देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की कमी दर्ज की जा सकती है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। हालांकि, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में राहत की खबर है, जहां बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक होने की उम्मीद जताई गई है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। सरकार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि जिन क्षेत्रों में बारिश कम हो, वहां वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था को तुरंत सुधारा जा सके।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>तापमान का ग्राफ: अधिकतम और न्यूनतम दोनों रहेंगे सामान्य से ऊपर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>कम बारिश के साथ-साथ इस साल जुलाई के महीने में तपन भी अधिक सताने वाली है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। आईएमडी की रिपोर्ट बताती है कि पश्चिम-मध्य भारत के कुछ चुनिंदा इलाकों को छोड़ दें, तो देश के लगभग सभी राज्यों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने वाला है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इसी तरह रात के तापमान (न्यूनतम तापमान) में भी कोई खास गिरावट दर्ज नहीं होगी और यह भी देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से ऊपर बना रहेगा</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। केवल मध्य और उत्तर-पूर्व भारत की कुछ जेबों में ही रात का तापमान सामान्य रह सकता है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इस बढ़ती गर्मी को देखते हुए बिजली मंत्रालयों और स्थानीय प्रशासनों को बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पहले ही तैयार रहने को कहा गया है।</span> </p>
<p style="text-align:justify;"><span>मौसम में आ रहे इस बदलाव का मुख्य कारण प्रशांत महासागर में सक्रिय स्थितियां हैं</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के ऊपर वर्तमान में कमजोर 'अल नीनो' (El Niño) की स्थिति बनी हुई है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। वैश्विक और घरेलू जलवायु मॉडलों के संकेत बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान यह अल नीनो और अधिक मजबूत हो सकता है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। दूसरी तरफ, हिंद महासागर में 'हिंद महासागर द्विध्रुव' (IOD) की स्थिति वर्तमान में तटस्थ यानी न्यूट्रल बनी हुई है और मानसून सीजन के दौरान इसके ऐसे ही रहने की संभावना है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इन वैज्ञानिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मौसम विभाग के उन्नत पूर्वानुमानों का लाभ उठाकर अपनी रणनीतियों को अपग्रेड करना शुरू कर दिया है।</span>  <span>जुलाई में कम बारिश और अधिक तापमान की स्थिति कृषि, जल संसाधन, पनबिजली उत्पादन और पेयजल की उपलब्धता के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर सकती है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इससे फसलों पर हीट स्ट्रेस (गर्मी का तनाव) बढ़ने और जलाशयों में पानी का स्तर घटने का खतरा रहता है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<p style="text-align:justify;"><span>इन संभावित खतरों से निपटने के लिए भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और कृषि मंत्रालय ने मिलकर अग्रिम योजनाएं बनानी शुरू कर दी हैं</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। मौसम विभाग की ओर से जिला-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान, एग्रो-मेट्रोलॉजिकल एडवाइजरी सेवाएं (कृषि-मौसम सलाह) और समय पर प्रारंभिक चेतावनियां लगातार प्रसारित की जा रही हैं</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। किसानों को ऐसी फसलों के चयन की सलाह दी जा रही है जो कम पानी में बेहतर उत्पादन दे सकें। साथ ही राज्यों को पानी के कुशल प्रबंधन और जल संरक्षण उपायों को कड़ाई से लागू करने को कहा गया है। समय रहते की गई ये तैयारियां इस मानसूनी कमी के प्रभाव को पूरी तरह बेअसर करने में सक्षम होंगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 11:02:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में बदला मौसम: तापमान में गिरावट, कई इलाकों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[सक्रिय सिस्टम के असर से तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना, अगले कुछ दिनों तक राहत भरा मौसम जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/change-in-weather-in-chhattisgarh-drop-in-temperature-alert-of/article-50267"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cg-weather-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे प्रदेशभर में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की आशंका जताई गई है। साथ ही तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।</p>
<p>पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले तीन दिनों में तापमान में और 1 से 3 डिग्री तक कमी आ सकती है। इसके बाद तापमान स्थिर रहने की संभावना है। इस बदलाव के पीछे सक्रिय मौसम प्रणाली को मुख्य कारण बताया गया है।</p>
<p>मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गंगा के पश्चिमी बंगाल से लेकर तेलंगाना तक एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रहा है। यह सिस्टम समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर ऊपर स्थित है और इसी के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।</p>
<p>बीते रविवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो जगदलपुर में अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वर्षा के प्रमुख आंकड़ों में पौड़ी उपरोरा में 1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।</p>
<p>आज के मौसम की बात करें तो प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों पर सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों में रहने की सलाह दी है।</p>
<p>राजधानी रायपुर में भी आज मौसम आंशिक रूप से मेघमय रहेगा। यहां गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।</p>
<p>आने वाले दिनों में भी प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे गर्मी से अस्थायी राहत बनी रहने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 09:32:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी में मौसम का बदला मिजाज: 24 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 9 अप्रैल तक जारी रहेगा असर</title>
                                    <description><![CDATA[नए सिस्टम की सक्रियता से तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश के आसार, तापमान में भी गिरावट दर्ज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/change-in-weather-patterns-in-mp-storm-rain-alert-in-24/article-50264"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-weather1.jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 24 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति 9 अप्रैल तक बनी रह सकती है, जिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा।</p>
<p>मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण तेज गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। बीते शनिवार को कई जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि बड़ी संख्या में इलाकों में तेज आंधी और बारिश का दौर चला। रविवार को भी मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहा और कई स्थानों पर बादल छाए रहे, साथ ही हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलीं।</p>
<p>सोमवार को जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, सतना, सिवनी, छतरपुर, निवाड़ी, दतिया, टीकमगढ़, मैहर, मऊगंज, रीवा, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, डिंडौरी, बालाघाट और मंडला शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।</p>
<p>मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की सक्रियता के चलते यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से न केवल बारिश हो रही है, बल्कि तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मार्च के अंतिम दिनों में जहां गर्मी बढ़ने लगती है, वहीं इस बार मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है।</p>
<p>आने वाले दिनों की बात करें तो अप्रैल के पहले पखवाड़े में इसी तरह का मिश्रित मौसम बना रह सकता है। कभी तेज धूप तो कभी बादल और बारिश—ऐसे हालात बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 09:18:08 +0530</pubDate>
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