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                <title>Raipur Police - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Raipur Police RSS Feed</description>
                
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                <title>बीएसयूपी कॉलोनी में पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन, 300 घरों की जांच</title>
                                    <description><![CDATA[करीब 100 पुलिसकर्मियों ने चलाया अभियान, गुंडे-बदमाशों, किरायेदारों और संदिग्ध लोगों का किया गया सत्यापन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/big-search-operation-of-police-in-bsup-colony-investigation-of/article-55990"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-police-search-operation.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर के पश्चिम जोन स्थित बीएसयूपी कॉलोनी में सोमवार सुबह पुलिस ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाकर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान करीब 100 पुलिस अधिकारियों और जवानों की टीम ने 300 से अधिक मकानों की जांच की। अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में रहने वाले गुंडा-बदमाशों, निगरानीशुदा अपराधियों, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन करना था। अचानक शुरू हुए इस अभियान से पूरे इलाके में हलचल का माहौल रहा और बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।  यह अभियान पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल के निर्देश पर चलाया गया। इसकी निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारियों ने की। सुबह करीब 8 बजे शुरू हुए इस ऑपरेशन में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने कॉलोनी के विभिन्न ब्लॉकों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर सघन जांच की। टीमों ने घर-घर जाकर निवासियों से जानकारी ली और वहां रहने वाले लोगों के दस्तावेजों की भी जांच की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभियान के दौरान पुलिस का विशेष फोकस उन लोगों पर रहा जो किराये या अस्थायी रूप से क्षेत्र में रह रहे हैं। अधिकारियों ने किरायेदारों के पहचान पत्र, निवास संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी का सत्यापन किया। इसके अलावा बाहरी राज्यों और जिलों से आकर रहने वाले लोगों के बारे में भी विस्तृत जानकारी जुटाई गई। पुलिस का मानना है कि कई बार अपराधी किरायेदार बनकर या अस्थायी रूप से रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं, इसलिए ऐसे सत्यापन अभियान सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी हैं। सर्च ऑपरेशन के दौरान गुंडा-बदमाशों, निगरानीशुदा अपराधियों और आदतन अपराधियों की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है, उन्हें चिन्हित कर पुलिस अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, अवैध गतिविधियों में शामिल होने या शांति भंग करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने केवल जांच-पड़ताल ही नहीं की, बल्कि लोगों से सीधे संवाद भी स्थापित किया। अधिकारियों ने कॉलोनी के रहवासियों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। लोगों को अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाने की अपील की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि घरेलू सहायकों, कर्मचारियों और किरायेदारों का पुलिस सत्यापन अवश्य कराया जाए ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। स्थानीय निवासियों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया। कई लोगों का कहना था कि ऐसे अभियान नियमित रूप से होने चाहिए, जिससे क्षेत्र में अपराधियों पर नजर रखी जा सके और आम नागरिक खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करें। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि पुलिस की मौजूदगी से असामाजिक तत्वों में डर का माहौल बनता है और अपराध की घटनाओं में कमी आती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह के आकस्मिक अभियान का मकसद केवल अपराधियों की पहचान करना नहीं है, बल्कि आम लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना भी है। पुलिस का मानना है कि जब कानून व्यवस्था की मौजूदगी लगातार महसूस होती है तो अपराधी गतिविधियों पर स्वतः अंकुश लगता है। यही वजह है कि समय-समय पर ऐसे विशेष अभियान चलाए जाते हैं। अभियान के दौरान कॉलोनी के कई हिस्सों में दस्तावेजों की जांच, लोगों से पूछताछ और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी की गई। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया कि क्षेत्र में कोई संदिग्ध गतिविधि या अवैध गतिविधि संचालित न हो रही हो। जांच के दौरान कई लोगों को आवश्यक दस्तावेज साथ रखने और समय पर सत्यापन कराने की सलाह भी दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">रायपुर पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी इसी तरह के सर्च और सत्यापन अभियान चलाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। बीएसयूपी कॉलोनी में चलाया गया यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर पुलिस की सक्रियता और अपराध के प्रति सख्त रुख को सामने रखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:05:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रायपुर में प्रेम संबंधों के विवाद में 4 साल के मासूम की हत्या, 7 महीने बाद आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[मां के सामने तकिए से दबाकर ली बच्चे की जान, पुलिस जांच में सामने आया अफेयर और हत्या का चौंकाने वाला कारण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/accused-arrested-after-7-months-of-murder-of-4-year/article-55636"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर में सामने आए एक सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने सात महीने बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला चार साल के एक मासूम बच्चे की हत्या से जुड़ा है, जिसकी मौत को शुरुआत में सामान्य घटना माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच ने पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर दी। जांच में सामने आया कि बच्चे की हत्या उसकी मां के कथित प्रेमी ने की थी। पुलिस के अनुसार आरोपी बच्चे को अपने और महिला के संबंधों में बाधा मानता था। इसी वजह से उसने मासूम की जान लेने जैसा खौफनाक कदम उठाया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक यह मामला रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार 1 नवंबर 2025 को चार वर्षीय मयंक मिश्रा को अचेत अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती स्तर पर मामले को संदिग्ध मौत मानते हुए मर्ग कायम किया गया और जांच शुरू की गई। परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन शुरुआत में हत्या जैसी कोई स्पष्ट बात सामने नहीं आई। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। रिपोर्ट में बच्चे की मौत दम घुटने और गला दबाने से होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने मामले को और गंभीर बना दिया। अधिकारियों के मुताबिक मृतक बच्चे की मां अपने पति से अलग रह रही थी और रायपुर में किराए के मकान में रहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान टाटीबंध निवासी जयदीप सिंह से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी का महिला के घर आना-जाना भी होने लगा। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी बच्चे को पसंद नहीं करता था और उसे अपने संबंधों के बीच रुकावट मानता था। पुलिस का कहना है कि इसी सोच ने उसे अपराध की ओर धकेल दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि घटना वाले दिन आरोपी महिला के घर पर मौजूद था। किसी बात को लेकर वह बच्चे से नाराज हो गया। बताया जा रहा है कि गुस्से में उसने बच्चे का मुंह और नाक तकिए से दबा दिया। उस समय बच्चे की मां भी वहीं मौजूद थी। कुछ ही देर में बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसकी सांसें थम गईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से निकल गया। बाद में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन हत्या की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। पुलिस के अनुसार जयदीप सिंह पेशे से ट्रक चालक है और वारदात के बाद वह अलग-अलग राज्यों में ट्रक लेकर घूमता रहा। इससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना आसान नहीं था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य जानकारियों के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। इस दौरान कई संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी गई। सात महीने तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर रहा, लेकिन जांच टीम लगातार उसके पीछे लगी रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार 10 जून 2026 को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके बाद विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल किया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान मिले तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों के मुताबिक हत्या के इस मामले में सभी आवश्यक पहलुओं की जांच की गई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों के विवाद का सबसे बड़ा असर कई बार मासूम बच्चों पर पड़ता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:03:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बढ़ते अपराधों पर जताई चिंता, क्राइम डीसीपी को स्पेशल टीम गठित करने और अवैध संपत्तियों की जब्ती तेज करने के निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/emphasis-on-crime-control-in-the-review-meeting-of-raipur/article-55391"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-police-commissionerate.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के करीब पांच महीने बाद सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने की। इस दौरान शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों की स्थिति और विभिन्न अभियानों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कमिश्नर ने एक-एक कर समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। हाल के महीनों में शहर में चाकूबाजी, लूटपाट और अन्य गंभीर अपराधों की घटनाओं को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को सतर्क रहने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। अधिकारियों के अनुसार बैठक में अपराध नियंत्रण सबसे प्रमुख मुद्दा रहा और इस पर विशेष रणनीति तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने विभिन्न जोनों और थाना क्षेत्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। अधिकारियों से अपराध के आंकड़े, विवेचना की स्थिति, गिरफ्तारी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से जुड़ी जानकारी ली गई। इसी दौरान एक एसीपी रैंक के अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों में कुछ विसंगतियां सामने आईं। बताया जा रहा है कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से संबंधित डेटा में त्रुटियां थीं, जिन्हें कमिश्नर ने तुरंत पकड़ लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को आंकड़े दोबारा सत्यापित कर सही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में मौजूद अधिकारियों के मुताबिक कमिश्नर ने साफ कहा कि पुलिसिंग में सटीक आंकड़े बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इन्हीं के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाती है। आंकड़ों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">शहर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। पिछले कुछ समय में चाकूबाजी और लूटपाट की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ाई है। इसे देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने क्राइम डीसीपी को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। यह टीम संगठित अपराध, चाकूबाजी, लूट और अन्य गंभीर मामलों पर फोकस करेगी। साथ ही संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर विशेष अभियान चलाए जाएं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुलिस अब कुछ ऐसे क्षेत्रों की पहचान भी कर रही है जहां अपराध की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक सामने आ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में महिला सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और सामुदायिक पुलिसिंग जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम नागरिकों का भरोसा बनाए रखना भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए गए। वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों, साइबर अपराध, चिटफंड धोखाधड़ी और अन्य आर्थिक अपराधों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती भी है। ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए खुफिया तंत्र को और मजबूत करना होगा। पुलिस अधिकारियों को नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने को कहा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों की पहचान और जब्ती की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई अपराधियों के मनोबल को तोड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए ताकि अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि गैरकानूनी गतिविधियों से अर्जित संपत्ति सुरक्षित नहीं रह सकती। बैठक में लोकल इंटेलिजेंस यूनिट, विशेष शाखा, सभी जोन डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। कमिश्नरेट व्यवस्था के पांच महीने पूरे होने के बाद आयोजित इस समीक्षा बैठक को पुलिस प्रशासन की आगामी रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:56:39 +0530</pubDate>
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                <title>रायपुर पुलिस का बड़ा अभियान: एक सप्ताह में 154 अपराधी जेल भेजे गए, वारंटियों और संदिग्धों पर कड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य जोन पुलिस की विशेष मुहिम से अपराधियों में बढ़ा खौफ, कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगातार जारी रहेगा अभियान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-campaign-of-raipur-police-154-criminals-sent-to-jail/article-54865"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/cgpsc-scam.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक व्यापक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत मध्य जोन पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर 154 अपराधियों, वारंटियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को राजधानी में अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) उमेश गुप्ता के निर्देशन में संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार वारंटियों को पकड़ना, आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करना था। अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार दबिश देकर अपराधियों की पहचान की और उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की।</p>
<h5><span><strong>61 वारंटियों की गिरफ्तारी</strong></span></h5>
<p>विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 61 स्थायी और गिरफ्तारी वारंटियों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस का कहना है कि कई आरोपी लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर थे, लेकिन लगातार निगरानी और सूचना तंत्र की मदद से उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि फरार वारंटियों की गिरफ्तारी से कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है और अपराधियों में भय का वातावरण बनता है। इसी उद्देश्य से आगे भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।</p>
<h5><span><strong>93 संदिग्धों पर भी हुई कार्रवाई</strong></span></h5>
<p>अभियान के दौरान केवल वारंटियों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही। सार्वजनिक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने 93 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। इन लोगों पर विभिन्न संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का संदेह था। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत इन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। पुलिस का कहना है कि यह कदम भविष्य में संभावित अपराधों को रोकने और समाज में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।</p>
<h5><span><strong>विभिन्न थाना क्षेत्रों में चला अभियान</strong></span></h5>
<p>मध्य जोन के अंतर्गत आने वाले कई थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सबसे अधिक कार्रवाई गंज और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों में देखने को मिली। थाना-वार आंकड़ों के अनुसार कोतवाली क्षेत्र में 19 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई। गोलबाजार थाना क्षेत्र में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मौदहापारा में 10, गंज में 36, सिविल लाइन में 25, तेलीबांधा में 34 और देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में 12 लोगों के खिलाफ कार्रवाई दर्ज की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों में समन्वित तरीके से अभियान चलाकर अपराधियों पर दबाव बनाया है।</p>
<h5><span><strong>अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल</strong></span></h5>
<p>रायपुर पुलिस का मानना है कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई ही अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका है। विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल अपराधियों की धरपकड़ की बल्कि स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया। अधिकारियों के अनुसार शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस नियमित रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। इसके अलावा अपराध रिकॉर्ड रखने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।</p>
<h5><span><strong>डीसीपी उमेश गुप्ता ने क्या कहा</strong></span></h5>
<p>पुलिस उपायुक्त उमेश गुप्ता ने बताया कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाया गया यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी करना नहीं बल्कि अपराध की संभावनाओं को कम करना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति नरमी नहीं बरती जाएगी। अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहे। डीसीपी ने यह भी कहा कि पुलिस और आम जनता के सहयोग से अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।</p>
<h5><span><strong>शहरवासियों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा</strong></span></h5>
<p>पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शहर के कई क्षेत्रों में लोगों ने राहत महसूस की है। लगातार हो रही गिरफ्तारी और निगरानी से अपराधियों के मन में भय का माहौल बनने की उम्मीद है। पुलिस का मानना है कि ऐसे अभियान न केवल अपराधियों को कानून के दायरे में लाते हैं बल्कि आम लोगों के बीच सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:59:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे पुलिस कमिश्नर, खुद कराई आंखों की जांच</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का किया निरीक्षण, 300 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी करा चुके हैं स्वास्थ्य परीक्षण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/the-police-commissioner-reached-the-health-camp-and-got-his/article-54745"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-health-camp.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर में पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर एक सराहनीय पहल देखने को मिली है। सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया की छत्तीसगढ़ इकाई और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का मंगलवार को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने निरीक्षण किया। शहर के एमएमआई हॉस्पिटल में पिछले 10 दिनों से संचालित इस स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आयोजन से जुड़े लोगों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने स्वयं भी अपनी आंखों की जांच कराई और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का आयोजन किया गया है। पुलिसकर्मी अक्सर व्यस्त ड्यूटी और अनियमित दिनचर्या के कारण अपने स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में यह शिविर उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। शिविर में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसमें आंखों की जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर टेस्ट और अन्य सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मंगलवार को जब पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला शिविर में पहुंचे तो उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से भी बातचीत की। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि शिविर में किस प्रकार की सेवाएं दी जा रही हैं और पुलिसकर्मियों को इसका कितना लाभ मिल रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुलिस विभाग के कर्मचारियों में स्वास्थ्य जांच को लेकर अच्छा उत्साह देखने को मिला है। बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी लगातार शिविर में पहुंच रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डॉ. शुक्ला ने निरीक्षण के दौरान शिविर की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो लंबे समय तक तनावपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। पुलिस विभाग के कर्मचारी कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं और उन्हें अक्सर कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनका स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ इकाई के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने बताया कि पिछले 10 दिनों से चल रहे इस स्वास्थ्य शिविर में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के 300 से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से समाजहित और जनसेवा से जुड़े कार्य लगातार किए जाते हैं और इसी कड़ी में पुलिसकर्मियों के लिए यह विशेष शिविर आयोजित किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भी अधिक से अधिक कर्मचारी इसका लाभ उठाएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिविर में आने वाले पुलिसकर्मियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श भी दिया जा रहा है। कई कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शुरुआती पहचान हुई है, जिससे समय रहते उपचार शुरू किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच से गंभीर बीमारियों का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है और इससे भविष्य में होने वाली जटिलताओं से बचाव संभव होता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस अवसर पर एसीपी तारकेश्वर पटेल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ, महामंत्री सुनील कुकरेजा, विक्की लोहाना, युवा विंग अध्यक्ष जीतू लोहाना, रितेश वाधवा, धनेश मटलानी, रोशन ओछवानी, हरीश मांगतानी, लक्ष्मी बजाज और चंचलानी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया और स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व पर जोर दिया। रायपुर में आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर पुलिसकर्मियों के लिए एक उपयोगी पहल के रूप में सामने आया है। स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती हैं बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी बनाती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 14:30:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर युवक से ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[टेलीग्राम चैनल के जरिए महिला ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करवाकर 6 लाख रुपए हड़पे, टिकरापारा पुलिस और साइबर सेल जांच में जुटी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/young-man-cheated-by-promising-huge-profits-in-stock-market/article-54444"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/raipur-cyber-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रायपुर में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार ठगों ने एक युवक को शेयर बाजार में ज्यादा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब 6 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी महिला ने टेलीग्राम चैनल के जरिए युवक से संपर्क किया और खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताकर उसे निवेश के लिए तैयार किया। शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित युवक का नाम गिरधन लाल ओगरे बताया गया है। युवक ने मामले की शिकायत टिकरापारा थाना में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात महिला और उसके साथ जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की टीम भी तकनीकी जांच में जुटी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह नौकरी और कमाई के अवसर तलाश रहा था। इसी दौरान उसकी नजर एक टेलीग्राम चैनल पर पड़ी, जहां शेयर ट्रेडिंग और निवेश से कम समय में अधिक पैसा कमाने के दावे किए जा रहे थे। चैनल पर लगातार लोगों को भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और सफलता की कहानियां दिखाई जा रही थीं। इससे प्रभावित होकर वह उस चैनल से जुड़ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ दिनों बाद एक महिला ने उससे निजी तौर पर संपर्क किया। महिला ने खुद को शेयर बाजार की विशेषज्ञ बताया और कहा कि वह लोगों को कम समय में बेहतर रिटर्न दिलाती है। शुरुआत में महिला ने युवक को छोटे अमाउंट से निवेश करने की सलाह दी। युवक ने थोड़ी रकम निवेश की, जिस पर उसे कथित तौर पर अच्छा रिटर्न दिखाया गया। इससे युवक का भरोसा बढ़ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोप है कि इसके बाद महिला ने उसे ज्यादा मुनाफे का लालच देते हुए बड़ी रकम निवेश करने को कहा। उसने दावा किया कि शेयर ट्रेडिंग और विशेष निवेश योजनाओं के जरिए कुछ ही दिनों में रकम कई गुना हो जाएगी। युवक महिला की बातों में आ गया और अलग-अलग बैंक खातों में करीब 6 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ समय तक आरोपी महिला युवक को लगातार भरोसा दिलाती रही कि उसका पैसा सुरक्षित है और जल्द ही उसे बड़ा फायदा मिलेगा। लेकिन जब युवक ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो महिला टालमटोल करने लगी। बाद में उसका फोन बंद आने लगा और टेलीग्राम चैनल पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद युवक को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की शिकायत मिलने के बाद टिकरापारा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही है। साइबर सेल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस स्थान से इस गिरोह को संचालित कर रहे थे और क्या इसमें कोई संगठित नेटवर्क शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के महीनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, टेलीग्राम चैनल और ऑनलाइन ट्रेडिंग एप्स के जरिए साइबर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ठग पहले लोगों को छोटे निवेश पर नकली मुनाफा दिखाकर विश्वास में लेते हैं और फिर बड़ी रकम ठग लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अब निवेश और शेयर बाजार को नया हथियार बना रहे हैं। वे लोगों को जल्दी अमीर बनने के सपने दिखाते हैं और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या नकली एक्सपर्ट बनकर ठगी करते हैं। कई बार निवेशकों को फर्जी स्क्रीनशॉट और नकली लाभ रिपोर्ट भी भेजी जाती है ताकि उन्हें लगे कि उनका पैसा बढ़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन निवेश न करें। निवेश से पहले संबंधित कंपनी, प्लेटफॉर्म और व्यक्ति की पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। यदि कोई बहुत कम समय में ज्यादा मुनाफे का दावा करता है तो उससे सतर्क रहने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">केवल अधिकृत और विश्वसनीय निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना चाहिए। किसी भी सोशल मीडिया लिंक, टेलीग्राम ग्रुप या अनजान नंबर के जरिए निवेश करने से बचना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को ठगी का शक हो तो तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:10:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में ज्वैलर्स कर्मचारी पर 2 करोड़ के सोने गबन का आरोप, CCTV आया सामने</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर के सदर बाजार स्थित ज्वैलर्स शोरूम में कर्मचारी पर 2 करोड़ के सोने के गहने गबन करने का आरोप। CCTV फुटेज भी सामने आया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/jewelers-employee-in-raipur-accused-of-embezzlement-of-gold-worth/article-53816"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-raipur-jewelers&#039;-theft-sadar-bazaar-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर के सदर बाजार में एक बड़े ज्वैलर्स शोरूम से करोड़ों रुपए के सोने के गहने गायब होने की खबर आई है। इसमें मुख्य संदिग्ध मौजूदा कर्मचारी है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पिछले 16 साल से दुकान पर काम कर रहा है। व्यापारी की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह घटना पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी ने दुकान बंद करते समय गहनों को लॉकर में रखने के बजाय अपने पास रख लिया और उसके बाद वह फरार हो गया। इस घटना का </span>CCTV <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटेज भी सामने आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें आरोपी गहने ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। घटना के बाद सराफा व्यापारियों में भी इस पर चर्चा हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि आरोपी एक विश्वसनीय कर्मचारी के तौर पर लंबे समय से काम कर रहा था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सदर बाजार में मनोहरमल एंड कंपनी के मालिक सुरेश भंसाली ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि सूरज साहू नाम का कर्मचारी पिछले 16 साल से उनके साथ है और रोजाना डिस्प्ले में रखे गहनों को लॉकर में रखने की जिम्मेदारी उसी की थी। 9 अप्रैल 2026 को दुकान बंद करते समय उसने सोने के गहनों को लॉकर में नहीं रखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपने पास ले लिया। उस समय किसी को इसकी भनक नहीं लगी। बाद में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">13 अप्रैल को जब स्टॉक मिलान किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो करीब 1495 ग्राम 670 मिलीग्राम सोना कम पाया गया। इसके बाद दुकान के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। जब मामला संदिग्ध लगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो व्यापारी ने </span>CCTV <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटेज को खंगालना शुरू किया। फुटेज में सूरज साहू शाम करीब 4 बजकर 21 मिनट पर गहने ले जाते हुए नजर आया।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गायब हुए गहनों में कई तरह के डिज़ाइनर सोने के गहने शामिल हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और बाजार के हिसाब से इनकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपए आंकी गई है। घटना के प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गबन का मामला दर्ज किया है। अधिकारी बताते हैं कि आरोपी इस समय फरार है और उसकी खोजबीन के लिए कई जगह दबिश दी जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और </span>CCTV <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की भी जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पुलिस ने इस पर ज्यादा जानकारी अभी तक नहीं दी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 11:05:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऑपरेशन ‘निश्चय’ में 95 टीमों का बड़ा एक्शन, 5 जिलों में 384 रेड, भारी मात्रा में नशीली सामग्री-हथियार जब्त, 46 वारंटी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ऑपरेशन निश्चय के तहत रायपुर रेंज में पुलिस ने 5 जिलों में बड़ी कार्रवाई कर नशा, शराब और हथियार जब्त किए, 46 वारंटी गिरफ्तार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-action-by-95-teams-in-operation-nishchay-384-raids/article-50298"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/operation-nishchay-raipur-police-raid.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रायपुर रेंज में अपराध और अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के उद्देश्य से पुलिस ने ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत व्यापक अभियान चलाया। 4 और 5 अप्रैल को चलाए गए इस संयुक्त ऑपरेशन में बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और रायपुर ग्रामीण जिलों को शामिल किया गया। इस दौरान 95 पुलिस टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश देकर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अभियान के दौरान कुल 384 रेड, चेकिंग और दबिश की कार्रवाई की गई। पुलिस ने अवैध शराब, मादक पदार्थों और हथियारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में जब्ती की। साथ ही लंबे समय से फरार वारंटियों को पकड़ने में भी सफलता हासिल की गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अवैध शराब और मादक पदार्थों पर सख्ती</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ऑपरेशन के तहत आबकारी एक्ट के 126 मामलों में कार्रवाई करते हुए 126 आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने 802.436 लीटर शराब और 597 पौवा जब्त किए। वहीं नारकोटिक्स और एनडीपीएस एक्ट के तहत 22 मामलों में करीब 21.945 किलोग्राम मादक पदार्थ और 60 नशीली टैबलेट बरामद की गईं। यह कार्रवाई क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट मानी जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हथियारों के खिलाफ कार्रवाई</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अभियान के दौरान आर्म्स एक्ट के तहत 6 मामले दर्ज किए गए और दो पिस्टल जब्त की गईं। इसके अलावा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं में 174 मामलों में कार्रवाई की गई, जिससे संभावित अपराधों को रोकने का प्रयास किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वारंटियों की गिरफ्तारी में सफलता</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पुलिस ने वारंट तामील अभियान के तहत कुल 46 वारंटियों को गिरफ्तार किया। इनमें 31 गिरफ्तारी वारंट, 14 स्थायी वारंट और 1 जमानती वारंट शामिल हैं। लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जिला स्तर पर अलग-अलग कार्रवाई</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जिलों में भी पुलिस ने स्थानीय स्तर पर सघन कार्रवाई की। बलौदाबाजार-भाटापारा में 13 एनडीपीएस मामलों में 5.6 किलो मादक पदार्थ जब्त किया गया। गरियाबंद में 119 स्थानों पर रेड कर 158 लीटर शराब पकड़ी गई। धमतरी में 150 जगहों पर दबिश देकर 3.9 किलो मादक पदार्थ बरामद हुआ। महासमुंद में 10.5 किलो मादक पदार्थ और 357 लीटर शराब जब्त की गई, जबकि रायपुर ग्रामीण में 1.8 किलो गांजा और 597 पौवा शराब बरामद की गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सट्टा-जुआ पर भी कार्रवाई</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पुलिस ने सट्टा-जुआ गतिविधियों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए 2 मामलों में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 6,230 रुपए जब्त किए। इसके अलावा अन्य 4 आपराधिक मामलों में भी कार्रवाई की गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पुलिस का सख्त रुख जारी</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन ‘निश्चय’ जैसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। असामाजिक तत्वों, तस्करों और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने का लक्ष्य है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 11:34:55 +0530</pubDate>
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