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                <title>gas agency fraud - दैनिक जागरण</title>
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                <description>gas agency fraud RSS Feed</description>
                
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                <title>भोपाल गैस एजेंसी घोटाला: हजारों सिलेंडर गायब, FIR की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल गैस एजेंसी जांच में भारी गड़बड़ी उजागर, खाद्य विभाग की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई तेज भोपाल में गैस एजेंसियों की जांच ने चौंकाने वाली सच्चाई सामने ला दी है। हजारों सिलेंडर गायब, फर्जी बिलिंग और उपभोक्ताओं से ठगी के आरोपों ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal-gas-agency-scam-thousands-of-cylinders-missing-preparation-to/article-51823"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-news-(55).jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश की राजधानी <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भोपाल</span></span> में गैस एजेंसियों से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां खाद्य विभाग की जांच में भारी अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद की बीएस एचपी गैस एजेंसी में सिलेंडर स्टॉक, सप्लाई और बिलिंग में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंप दी गई है, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक हजारों गैस सिलेंडर गायब पाए गए हैं और उपभोक्ताओं को बिना डिलीवरी के ही ‘डिलीवर्ड’ दिखाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह मामला बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितता और उपभोक्ता ठगी से जुड़ा हो सकता है।</p>
<p><strong>मुख्य विवरण</strong><br />जांच में सामने आया कि फीनिक्स एजेंसी से 350 घरेलू, 350 कमर्शियल और करीब 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब हैं। वहीं बीएस एजेंसी के गोदाम से भी 254 भरे सिलेंडर कम पाए गए।रिपोर्ट्स के अनुसार कई उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन गैस बुकिंग की, लेकिन उन्हें सिलेंडर कभी नहीं मिला। इसके बावजूद सिस्टम में डिलीवरी पूरी दिखा दी गई। जांच में यह भी पाया गया कि ऐसे सिलेंडर ज्यादा कीमत लेकर अन्य ग्राहकों को बेच दिए गए।</p>
<p><strong>मिड हेडिंग: फर्जी बिलिंग का खेल</strong><br />जांच में फर्जी बिलिंग और अतिरिक्त वसूली का मामला भी सामने आया है।एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी चार्ज लेने के बावजूद उन्हें खुद आकर सिलेंडर लेने पर मजबूर किया गया।बताया गया कि ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर हर महीने लाखों रुपए की अवैध वसूली की जा रही थी। इसके अलावा 238 रुपए का फर्जी ‘सुरक्षा निरीक्षण शुल्क’ लेकर करीब 10 लाख रुपए तक की वसूली का मामला भी उजागर हुआ है।</p>
<p>खाद्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गैस सिलेंडर की सप्लाई में गड़बड़ी हो रही है। इसके बाद फूड कंट्रोलर ने टीम गठित कर जांच शुरू कराई।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों एजेंसियों का साझा गोदाम करीब 36 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बना है और संचालन में पारदर्शिता की कमी है। एक एजेंसी रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी बताई जा रही है।</p>
<p><strong>मिड हेडिंग: सप्लाई में हेरफेर</strong><br />ट्रांसपोर्ट और सप्लाई सिस्टम में भी गड़बड़ी मिली है।रिपोर्ट के अनुसार गैस सिलेंडर लेकर आने वाले ट्रक तय समय से कई घंटे देरी से पहुंचे, जिससे बीच में हेरफेर की आशंका जताई गई है।इसके अलावा एजेंसी द्वारा बताए गए 9 डिलीवरी वाहनों में से केवल 5 ही सक्रिय पाए गए, जिससे वितरण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।</p>
<p><strong>आधिकारिक बयान</strong><br />अधिकारियों के अनुसार यह मामला गंभीर है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।सूत्रों के मुताबिक 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई है और जल्द ही FIR दर्ज हो सकती है।जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।</p>
<p><strong>प्रभाव / विश्लेषण</strong><br />इस मामले ने शहर के हजारों गैस उपभोक्ताओं को प्रभावित किया है।बिना डिलीवरी के भुगतान, फर्जी बिलिंग और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों से लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला गैस वितरण प्रणाली में निगरानी की कमी को उजागर करता है और इससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p>प्रशासन अब इस मामले में सख्त कार्रवाई के मूड में है।FIR दर्ज होने के बाद संबंधित एजेंसियों के संचालकों पर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और लाइसेंस रद्द होने की संभावना है। आने वाले दिनों में अन्य गैस एजेंसियों की भी जांच तेज हो सकती है, ताकि इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। </p>
<hr />
<h3> </h3>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:22:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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                <title>गैस संकट में एजेंसियों का खेल, उपभोक्ताओं से 28 लाख वसूले, प्रशासन की जांच में ऐसे हुआ ठगी का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[गैस संकट में एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से 28 लाख वसूले, होम डिलीवरी शुल्क में गड़बड़ी उजागर, प्रशासन ने शुरू की जांच।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/69d36bc9139db/article-50341"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/gas-agency-fraud-mp.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हाल ही में अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते देशभर में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी देखने को मिली। इस संकट का असर मध्यप्रदेश में भी साफ नजर आया, जहां हजारों उपभोक्ताओं को गैस के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए कुछ गैस एजेंसियों ने नियमों के खिलाफ जाकर अतिरिक्त रकम वसूल ली।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">होम डिलीवरी शुल्क के नाम पर वसूली</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नियमों के अनुसार, गैस कंपनियां एजेंसियों को हर सिलेंडर की होम डिलीवरी के लिए 35 रुपए देती हैं। लेकिन जब उपभोक्ता खुद एजेंसी जाकर सिलेंडर लेते हैं, तो यह राशि उन्हें वापस मिलनी चाहिए। आरोप है कि एजेंसियों ने यह रकम लौटाने के बजाय उपभोक्ताओं से ही वसूल ली। करीब 80 हजार उपभोक्ताओं से इस तरह लगभग 28 लाख रुपए की वसूली की गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शिकायतों से खुला मामला</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भोपाल के जनता नगर करोंद निवासी राजेश कुमार ने इस मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर से की। उन्होंने बताया कि उनकी एजेंसी ने होम डिलीवरी से मना कर दिया, जिसके बाद उन्हें खुद सिलेंडर लेने जाना पड़ा। जब उन्होंने 35 रुपए वापस मांगे, तो एजेंसी ने इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई और राशि वापस दिलाने की मांग की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रोजाना हजारों लोग पहुंच रहे एजेंसियों पर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है। रोजाना करीब 3000 उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचकर सिलेंडर ले रहे हैं, जबकि 12 हजार से ज्यादा बुकिंग के मुकाबले सिर्फ 6 से 7 हजार डिलीवरी ही हो पा रही है। जिले में लगभग 50 गैस एजेंसियां संचालित हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">प्रशासन की जांच और कार्रवाई की तैयारी</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। नापतौल विभाग और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि तौल में गड़बड़ी और अवैध वसूली के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने भी साफ किया है कि कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:59:07 +0530</pubDate>
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