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                <title>Cabinet Meeting - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Cabinet Meeting RSS Feed</description>
                
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                <title>मानसून सत्र से पहले साय सरकार की बड़ी बैठक आज, कई अहम फैसलों के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[शाम 4 बजे मंत्रालय में होगी मंत्रिपरिषद की बैठक, खरीफ सीजन, मानसून की स्थिति और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी होगा मंथन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/big-government-meeting-today-before-monsoon-session-indications-of-many/article-58202"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-cabinet-meeting-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार आज एक अहम कैबिनेट बैठक करने जा रही है। मंत्रालय स्थित महानदी भवन में शाम 4 बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक को आगामी विधानसभा मानसून सत्र के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में सरकार सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों, चालू वित्तीय वर्ष के अनुपूरक बजट और कई नीतिगत प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी दे सकती है। इसके साथ ही प्रदेश में नई ट्रांसफर नीति पर भी फैसला होने की संभावना जताई जा रही है, जिसका लंबे समय से सरकारी कर्मचारी इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले यह मंत्रिपरिषद की अंतिम महत्वपूर्ण बैठक होगी। ऐसे में सरकार सत्र के दौरान पेश होने वाले सभी प्रमुख प्रस्तावों और विधायी कार्यों पर अंतिम चर्चा करेगी। माना जा रहा है कि कई संशोधन विधेयकों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा में पेश किया जाएगा। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा होगी। विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार अतिरिक्त बजट आवंटन को मंजूरी दे सकती है। अनुपूरक बजट के जरिए विकास कार्यों, अधूरी परियोजनाओं और नई योजनाओं के लिए राशि उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके बाद इसे मानसून सत्र में सदन के सामने रखा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट बैठक में प्रदेश में मानसून की मौजूदा स्थिति भी प्रमुख एजेंडा रहेगी। इस वर्ष अब तक राज्य में सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में अपेक्षित वर्षा नहीं होने से खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई है। सरकार इस स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय कर सकती है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कृषि विभाग बैठक में खाद, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर विस्तृत प्रस्तुति देगा। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसानों तक समय पर आवश्यक कृषि सामग्री पहुंचे और बुआई का काम प्रभावित न हो। यदि कम बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो वैकल्पिक फसल योजना, सिंचाई प्रबंधन और राहत उपायों पर भी निर्णय लिया जा सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और विभिन्न जिलों की वर्षा रिपोर्ट के आधार पर सरकार प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति तैयार कर सकती है। सिंचाई संसाधनों के बेहतर उपयोग, जल संरक्षण और सूखे की आशंका वाले इलाकों के लिए भी आवश्यक कदमों पर विचार होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी कर्मचारियों की नजर इस बैठक पर इसलिए भी टिकी हुई है क्योंकि नई स्थानांतरण नीति को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। पिछली नीति की अवधि समाप्त होने के बाद कर्मचारी और विभाग दोनों नई व्यवस्था का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट इस संबंध में अंतिम फैसला ले सकती है। यदि नीति को मंजूरी मिलती है तो जल्द ही प्रदेशभर में तबादला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नई ट्रांसफर नीति लागू होने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत, लोक निर्माण और अन्य विभागों में लंबे समय से लंबित तबादलों का रास्ता साफ हो जाएगा। कई विभागों ने पहले ही स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं और सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में धान उपार्जन नीति से जुड़े कुछ प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। राज्य सरकार किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य, खरीद व्यवस्था और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर विभागीय रिपोर्ट की समीक्षा कर सकती है। इसके अलावा कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार किया जा सकता है। मंत्रिपरिषद के सामने किसानों, श्रमिकों, उद्योगों और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई अन्य प्रस्ताव भी रखे जा सकते हैं। इनमें विभिन्न विभागों की नई योजनाएं, प्रशासनिक सुधार और नीतिगत बदलाव शामिल हो सकते हैं। कुछ विभागों ने अपने प्रस्ताव पहले ही सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिए हैं, जिन पर अंतिम निर्णय आज की बैठक में लिया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। विधानसभा मानसून सत्र में विपक्ष सरकार को महंगाई, किसानों की समस्याओं, बारिश की कमी, कानून व्यवस्था और विभिन्न विकास कार्यों को लेकर घेरने की तैयारी में है। ऐसे में सरकार चाहती है कि सत्र शुरू होने से पहले सभी विभाग पूरी तैयारी के साथ सदन में जाएं और आवश्यक प्रस्तावों को समय रहते मंजूरी मिल जाए। कैबिनेट बैठक के बाद सरकार की प्राथमिकताओं की तस्वीर भी साफ हो जाएगी। विशेष रूप से किसानों, कर्मचारियों और विकास योजनाओं से जुड़े फैसलों पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। यदि नई ट्रांसफर नीति, अनुपूरक बजट और प्रमुख विधेयकों को मंजूरी मिलती है तो इसका असर आने वाले दिनों में प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी कामकाज पर साफ दिखाई देगा। सरकार की कोशिश होगी कि मानसून सत्र के दौरान विकास, कृषि, वित्त और प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस निर्णय लेकर प्रदेश के सामने अपनी कार्ययोजना स्पष्ट रूप से रखी जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:53:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीएम हाउस हाई लेवल बैठक पर साय का बयान, अटकलों पर जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[रात 10 बजे से डेढ़ बजे तक चली बैठक, मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा पर सीएम साय ने दी सफाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a36398f862d5/article-56466"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/cm-sai-statement.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में सीएम हाउस रायपुर में हुई सीएम हाउस हाई लेवल बैठक एक बार फिर सियासी हलकों में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गई है। गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वरिष्ठ मंत्रियों और संगठन के शीर्ष नेताओं के साथ लंबी बैठक की, जो रात करीब 10 बजे शुरू होकर 1:40 बजे तक चली। इस बैठक के बाद जहां राजनीतिक अटकलों का दौर तेज हो गया, वहीं मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यह कोई आपात बैठक नहीं थी और न ही इसे किसी तात्कालिक संकट के तौर पर देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार लगातार अपने कामकाज की समीक्षा कर रही है और यह बैठक भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा थी। उन्होंने बताया कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की गई है। “12 साल विश्वास के, विकास के और 12 साल बेमिसाल” जैसे अभियानों के तहत सभी मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिनकी प्रगति पर चर्चा हुई है। इसी क्रम में विभागीय कामकाज का फीडबैक भी लिया गया। सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि बैठक को लेकर जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं, उनका कोई ठोस आधार नहीं है और यह पूरी तरह सामान्य समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा था।</p>
<p style="text-align:justify;">रात करीब साढ़े पांच घंटे चली इस सीएम हाउस हाई लेवल बैठक में उपमुख्यमंत्री, वरिष्ठ मंत्री और संगठन के कई बड़े नेता मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सरकार के अब तक के ढाई साल के कार्यकाल की समीक्षा की गई और आने वाले समय की रणनीति पर भी चर्चा हुई। विभागों के प्रदर्शन, योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्तर पर कामकाज की स्थिति पर मंत्रियों से सीधा फीडबैक लिया गया। इस दौरान कई अहम योजनाओं की गति और क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठे और सुधार की जरूरत पर जोर दिया गया। इधर बैठक के समय और देर रात तक चलने को लेकर राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज हो गई थीं। कई स्तरों पर यह चर्चा रही कि सरकार अपने मंत्रिमंडल में बदलाव या विस्तार को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है, हालांकि मुख्यमंत्री के बयान के बाद फिलहाल इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की गई है। बैठक में मौजूद नेताओं ने भी इसे नियमित समीक्षा बैठक बताया, लेकिन अंदरखाने चर्चाएं अभी भी शांत नहीं हुई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम साय ने यह भी जानकारी दी कि महाराष्ट्र के कुछ विधायकों का एक दल छत्तीसगढ़ दौरे पर आया था और उन्होंने सीएम हाउस में मुलाकात की। यह दल यहां धान खरीदी की प्रक्रिया और राज्य की कृषि व्यवस्था को समझने के लिए आया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों के प्रतिनिधियों का इस तरह अध्ययन के लिए आना सकारात्मक संकेत है और इससे छत्तीसगढ़ की नीतियों की पहचान बढ़ती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूसीसी लागू करने की दिशा में काम चल रहा है और इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है, लेकिन इसे इस मानसून सत्र में लाना संभव नहीं होगा। उन्होंने संकेत दिया कि यह एक लंबी प्रक्रिया है और सभी पहलुओं पर विचार के बाद ही आगे कदम उठाया जाएगा। रायपुर स्थित सीएम हाउस में हुई यह देर रात की बैठक भले ही सरकार की नियमित समीक्षा प्रक्रिया बताई जा रही हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने लगातार निकाले जा रहे हैं। खासकर जिस तरह से वरिष्ठ मंत्रियों और संगठन के नेताओं की मौजूदगी रही और देर रात तक मंथन चला, उसने सियासी हलचल को और बढ़ा दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 13:47:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>जगदीशपुर किले में होगी कैबिनेट बैठक, राष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी में सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संस्कृति विभाग को दिए निर्देश, कलाकारों और पद्म पुरस्कार विजेताओं के लिए नई योजनाओं पर भी जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cabinet-meeting-will-be-held-in-jagdishpur-fort-government-is/article-56106"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jagdishpur-fort.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के निकट स्थित ऐतिहासिक जगदीशपुर किले को देशभर में नई पहचान दिलाने के लिए वहां जल्द ही राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस पहल से न केवल क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को नई पहचान मिलेगी, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जगदीशपुर के ऐतिहासिक महत्व को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों को केवल स्थानीय पहचान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थापित करने के प्रयास होने चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जगदीशपुर किले से जुड़े इतिहास, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाने के लिए विशेष योजना तैयार की जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जगदीशपुर में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं होगी, बल्कि इसके माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का संदेश भी दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक के आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं और इस अवसर को प्रदेश की विरासत के प्रचार-प्रसार के रूप में उपयोग किया जाए। गौरतलब है कि कुछ समय पहले इस्लाम नगर का नाम बदलकर जगदीशपुर किया गया था। इसके बाद से ही राज्य सरकार इस क्षेत्र को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है। माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक के आयोजन से जगदीशपुर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन सकता है। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बैठक में संस्कृति संरक्षण से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कलाकारों, साहित्यकारों, समाजसेवियों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया कि पद्म पुरस्कारों के लिए भेजे जाने वाले प्रस्तावों में विभाग भी सक्रिय भूमिका निभाए और योग्य प्रतिभाओं की पहचान कर अपनी अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजे। डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश प्रतिभाओं की भूमि है और यहां के अनेक कलाकारों ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। ऐसे कलाकारों की सूची तैयार कर उन्हें प्रदेश में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और प्रदेश की कला एवं संस्कृति को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। बैठक में पद्म पुरस्कार विजेताओं को आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए एक स्थायी योजना तैयार करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन लोगों ने अपने कार्यों के माध्यम से प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है, उनके सम्मान और सहयोग के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। इससे प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मध्य प्रदेश में जन्मे या यहां से जुड़े ऐसे कलाकारों, गायकों और सांस्कृतिक हस्तियों का डाटा तैयार किया जाए जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान बनाई है। उन्हें समय-समय पर प्रदेश में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल किया जाए ताकि स्थानीय कलाकारों को भी उनसे सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर मिल सके। बैठक में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल हैं जिनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत की जा सकती है। यदि इन स्थलों का व्यवस्थित विकास किया जाए तो पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संस्कृति और पर्यटन विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि प्रदेश की विरासत को व्यापक पहचान मिल सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में मुख्य सचिव सहित संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और प्रस्तावों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस दौरान जगदीशपुर में कैबिनेट बैठक आयोजित करने की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करना और उन्हें नई पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। यदि जगदीशपुर में कैबिनेट बैठक आयोजित होती है तो इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही प्रदेश सरकार की सांस्कृतिक संरक्षण और विरासत संवर्धन की नीति को भी मजबूती मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:29:56 +0530</pubDate>
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                <title>मुख्यमंत्री की कैबिनेट बैठक आज, तबादला अवधि बढ़ाने और स्वास्थ्य नीति पर बड़ा फैसला संभव</title>
                                    <description><![CDATA[स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मिल सकती है मंजूरी, इंदौर मेट्रो, वन्यजीव पर्यटन और संविदा कर्मचारियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/chief-ministers-cabinet-meeting-today-big-decision-possible-on-extension/article-56076"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/madhya-pradesh-cabinet-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार की मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण फैसलों के कारण चर्चा में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े बड़े प्रस्तावों के साथ-साथ तबादला अवधि बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी फैसला लिया जा सकता है। राज्य के विभिन्न विभागों और कर्मचारियों की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है क्योंकि कई ऐसे प्रस्ताव एजेंडे में शामिल हैं जिनका सीधा असर प्रशासनिक व्यवस्था और आम लोगों पर पड़ सकता है। कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए नई नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस प्रस्ताव के तहत परोपकारी, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पतालों तथा डायग्नोस्टिक केंद्रों को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। सरकार इन संस्थाओं को बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि प्रदेश के कई हिस्सों में निजी और सामाजिक संस्थाएं स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। ऐसे में यदि उन्हें आवश्यक संसाधन और सहयोग दिया जाता है तो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव होगा। उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ल के विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव को लेकर पहले भी कई दौर की चर्चा हो चुकी है। अब अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार निवेश बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती तथा चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं पहले से संचालित हैं। ऐसे में नई स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति को सरकार की स्वास्थ्य सुधार रणनीति का अगला कदम माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कैबिनेट बैठक का दूसरा बड़ा मुद्दा तबादला अवधि को लेकर है। राज्य सरकार ने इस वर्ष एक जून से 15 जून तक स्थानांतरण की अवधि निर्धारित की थी। हालांकि कई विभागों में अब तक तबादलों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि कई मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों ने तबादला अवधि बढ़ाने की मांग रखी है ताकि लंबित मामलों का निपटारा किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले कई बार सार्वजनिक रूप से यह संकेत दे चुके हैं कि इस बार तबादला अवधि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके बावजूद प्रशासनिक जरूरतों और विभागों की मांग को देखते हुए कैबिनेट में इस विषय पर चर्चा होने की संभावना बनी हुई है। यदि अवधि बढ़ाने का फैसला होता है तो हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों को इसका लाभ मिल सकता है। वहीं यदि सरकार अपने पुराने रुख पर कायम रहती है तो स्थानांतरण प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर ही समाप्त मानी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण शहरी परिवहन परियोजनाओं में शामिल इंदौर मेट्रो को लेकर सरकार पहले ही कई चरणों में मंजूरी दे चुकी है। अब परियोजना की लागत में संशोधन के बाद इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। माना जा रहा है कि मंजूरी मिलने के बाद परियोजना की गति और तेज हो सकती है। वन्यजीव पर्यटन से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण योजनाओं को जारी रखने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। प्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा जैसे राष्ट्रीय उद्यानों के कारण वन्यजीव पर्यटन का बड़ा नेटवर्क विकसित हुआ है। सरकार इन योजनाओं को आगे बढ़ाकर पर्यटन और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन देना चाहती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा गांवों के पुनर्वास से जुड़े मामलों में मुआवजा स्वीकृति पर भी चर्चा होने की संभावना है। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने और स्थानीय निधि संपरीक्षा से संबंधित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। प्रशासनिक दृष्टि से यह फैसले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि इनका असर बड़ी संख्या में हितग्राहियों पर पड़ता है। कैबिनेट के एजेंडे में रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन से जुड़ा एक पायलट प्रोजेक्ट भी शामिल है। प्रस्ताव के अनुसार इन केंद्रों का संचालन आउटसोर्स प्रणाली के माध्यम से किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सामाजिक न्याय विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। इसके तहत विभाग की शासकीय संस्थाओं में मानदेय के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को विशेष प्रकरण मानते हुए संविदा कर्मचारी घोषित करने पर विचार किया जाएगा। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो संबंधित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक लाभ मिलने का रास्ता खुल सकता है। मंगलवार की कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों के कारण बेहद अहम मानी जा रही है। स्वास्थ्य नीति, तबादला अवधि, इंदौर मेट्रो, पर्यटन, पुनर्वास और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर होने वाले फैसले आने वाले समय में प्रदेश की प्रशासनिक और विकास संबंधी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:25:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पांच देशों का दौरा खत्म कर दिल्ली लौटे पीएम मोदी, जानें भारत को क्या होगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी पांच देशों की यात्रा पूरी कर दिल्ली लौटे। इटली के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी पर सहमति बनी, शाम को कैबिनेट बैठक भी होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-returned-to-delhi-after-completing-his-tour-of/article-53858"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/narendra-modi-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को पांच देशों के दौरे से दिल्ली लौट आए। इस दौरे को भारत की कूटनीतिक गतिविधियों और वैश्विक साझेदारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीदरलैंड्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वीडन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नॉर्वे और इटली का दौरा किया। इटली में उनकी मुलाकात वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से हुई। दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर गहन चर्चा की और भारत-इटली संबंधों को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">विशेष रणनीतिक साझेदारी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के स्तर पर लाने पर सहमति जताई। इस निर्णय को आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इटली से रवाना होने से पहले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएम मोदी ने यात्रा को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि भारत और इटली के रिश्तों को नई दिशा देने का यह फैसला दोनों देशों के लिए बड़ी बात है। इस दौरान </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मेलोडी मोमेंट</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">भी चर्चा में रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब उन्होंने मेलोनी को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मेलोडी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">टॉफियों का एक पैकेट भेंट किया। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए और इस पर हल्की-फुल्की चर्चा हुई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरे में व्यापार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विज्ञान-प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया। भारत और इटली के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। खबरों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और अंतरिक्ष सहयोग पर भी सहमति बनी। विदेश मंत्रालय की जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि भारत ने इस समय अपने संतुलित कूटनीतिक रुख को दोहराया। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और भारत वैश्विक मंचों पर अपनी भूमिका बढ़ाने में लगा हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए इस दौरे को केवल द्विपक्षीय मुलाकातों तक सीमित नहीं माना जा सकता।</span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिल्ली लौटने के बाद पीएम मोदी का कार्यक्रम बहुत व्यस्त रहने वाला है। गुरुवार शाम 5 बजे वे </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा तीर्थ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसे सरकार के कामकाज की मध्यावधि समीक्षा से जोड़ा जा रहा है। बैठक में कई मंत्रालयों के कामकाज और आगामी योजनाओं पर चर्चा हो सकती है। राजनीतिक हलकों में भी इस बैठक को लेकर काफी हलचल है। कहा जा रहा है कि कुछ बड़े प्रशासनिक फैसलों पर भी चर्चा हो सकती है। प्रधानमंत्री मोदी के इस पांच देशों के दौरे को सरकार भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानती है। विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि यूरोप और पश्चिम एशिया के देशों के साथ बढ़ता सहयोग भारत के लिए आर्थिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:14:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विदेश दौरे से लौटते ही एक्शन में मोदी, आज दिल्ली में मंत्रियों के साथ करेंगे अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश दौरे से लौटते ही पीएम मोदी ने दिल्ली में मंत्रिपरिषद की बड़ी बैठक बुलाई। NEET विवाद, पश्चिम एशिया संकट और फेरबदल की चर्चा तेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/modi-in-action-as-soon-as-he-returns-from-foreign/article-53853"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/narendra-modi-cabinet-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पांच देशों की यात्रा से लौटते ही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में खासा </span>buzz <span lang="hi" xml:lang="hi">है। चर्चा सिर्फ सरकारी कामकाज की समीक्षा तक सीमित नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मंत्रिमंडल में फेरबदल की बातें भी फिर से उठने लगी हैं। जो जानकारी मिल रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह बैठक शाम के करीब 4 बजे नई दिल्ली के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा तीर्थ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें सभी कैबिनेट मंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य मंत्री शामिल होंगे। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की यह पहली बड़ी समीक्षा बैठक मानी जा रही है। इस समय यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि एक ओर </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा लीक मामले को लेकर सरकार विपक्ष और छात्रों के निशाने पर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं दूसरी ओर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली में दिनभर इस बैठक की चर्चाएं होती रही हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री विभिन्न मंत्रालयों की कामकाजी रिपोर्ट पर भी नज़र डाल सकते हैं। कुछ मंत्रालयों के प्रदर्शन पर पहले ही सवाल उठाए जा चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कई मंत्री दबाव में नज़र आ रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शुरूआती जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बैठक में देश की मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। खासकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया के संकट का आर्थिक असर प्रमुख विषय हो सकता है। भारत की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों पर निर्भर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हालात बिगड़ने से सप्लाई चेन पर असर देखने को मिल रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पहले से ही चर्चा में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">सिलेंडर के दाम बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उर्वरक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विमानन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मंत्रालयों को निर्देश दे सकते हैं कि संकट का असर आम जनता पर कम से कम पड़े। इसी बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका एजेंडा अभी तक आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन यह माना जा रहा है कि इसमें कानून व्यवस्था और परीक्षा पेपर लीक जैसी समस्याओं पर चर्चा की जा सकती है। पिछले कुछ दिनों में कई राज्यों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज़ हो गई है। राजस्थान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे कई राज्यों में जांच का दायरा बढ़ चुका है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा लीक मामला इस समय केंद्र सरकार के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती बन चुका है। लगभग 23 लाख छात्र परीक्षा से जुड़े फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने परीक्षा को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टेमैटिक फेलियर</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">बताते हुए एनटीए को हटाने की मांग की है। छात्र संगठनों का विरोध भी लगातार बढ़ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं और सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना तेज है। ऐसे माहौल में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक सिर्फ प्रशासनिक समीक्षा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखी जा रही है। </span>BJP <span lang="hi" xml:lang="hi">के भीतर भी चर्चा है कि सरकार आने वाले महीनों में अपनी कार्यशैली और फैसलों को लेकर अधिक आक्रामक रुख अपना सकती है। कुछ नेताओं का कहना है कि बैठक में अगले दस साल की विकास और सुधार रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन दिल्ली में इस बैठक को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही है। कई मंत्रियों की नजरें इस बात पर हैं कि प्रधानमंत्री बैठक में क्या संकेत देते हैं और क्या वास्तव में बड़े बदलाव की शुरुआत होने वाली है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:05:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>मध्य प्रदेश में तबादलों पर नई व्यवस्था तय, कल CM मोहन यादव कैबिनेट में लगेगी मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में तबादला नीति 2026 को बुधवार को कैबिनेट मंजूरी दे सकती है। प्रशासनिक और स्वैच्छिक ट्रांसफर नियमों में बदलाव संभव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-system-on-transfers-in-madhya-pradesh-will-be-approved/article-53805"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mp-transfer-policy-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>MP Transfer Policy 2026:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में काफी समय से इंतजार कर रही तबादला नीति को </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल सकती है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। बताया गया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव ने प्रस्ताव के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा कर ली है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब इसे मंत्रिमंडल की बैठक में पेश किया जाएगा। अगर कैबिनेट से हरी झंडी मिल जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसके बाद विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस बार की तबादला नीति में सबसे ज्यादा बातचीत स्वैच्छिक और प्रशासनिक तबादलों के अलग-अलग लिमिट को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू कर सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहले की नीतियों में कुल कर्मचारियों का एक सीमित प्रतिशत ही ट्रांसफर किया जा सकता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें प्रशासनिक और स्वैच्छिक दोनों तरह के तबादले शामिल होते थे। कई बार जरूरी पद खाली होने के बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफर नहीं हो पाता था। इस बार सरकार उस व्यवस्था में बदलाव कर सकती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक आधार पर तबादलों की गुंजाइश बढ़ाने पर सहमति बनी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और स्वैच्छिक तबादलों के लिए अलग नियम बनाने की तैयारी है। मंत्री विजय शाह ने पिछली कैबिनेट बैठक में स्वैच्छिक तबादलों की लिमिट को खत्म करने का सुझाव दिया था। उस समय मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि अगली बैठक में पूरी नीति का प्रस्ताव लाया जाए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोमवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक स्थगित होने के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब बुधवार सुबह </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे मंत्रालय में बैठक होने जा रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की क्षेत्रीय परिषद बैठक में व्यस्त रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए उस दिन भी कैबिनेट नहीं हो पाई। अब ये उम्मीद की जा रही है कि बुधवार की बैठक में तबादला नीति के साथ कुछ और प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। कर्मचारियों के बीच नई नीति को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। कई विभागों में पिछले कई महीनों से ट्रांसफर रुके हुए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कर्मचारी नई सूची का इंतजार कर रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि इस बार सभी विभागों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला नीति अलग रखने की योजना है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे हर साल होता आया है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जनजातीय कार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊर्जा और राजस्व विभाग भी अलग गाइडलाइन जारी कर सकते हैं। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामान्य प्रशासन विभाग के मूल नियमों से अलग कोई विभाग नीति नहीं बना सकेगा। प्रस्ताव में ये भी शामिल किया गया है कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले जिले के भीतर प्रभारी मंत्री और कलेक्टर की मंजूरी से किए जाएंगे। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रथम श्रेणी के अधिकारियों के ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री की स्वीकृति जरूरी होगी। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले एक साल में ट्रांसफर हो चुके कर्मचारियों को सामान्य परिस्थितियों में फिर से स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार ने राज्यमंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि बढ़ाने का आदेश भी जारी कर दिया है। अब राज्य मंत्री जरूरतमंदों के लिए </span>25 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए तक की सहायता राशि मंजूर कर सकेंगे। इससे पहले ये सीमा </span>16 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए थी। कैबिनेट मंत्रियों के लिए यह राशि पहले ही </span>40 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए कर दी गई थी। </span>11 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार के इस फैसले को आगामी प्रशासनिक फेरबदल और राजनीतिक संतुलन के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 17:58:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>PM मोदी ने 21 मई को बुलाई बड़ी मंत्रिमंडल की बैठक, जानें क्या होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी ने 21 मई को मंत्रिपरिषद बैठक बुलाई है। विदेश दौरे के बाद संभावित कैबिनेट विस्तार और बड़े फैसलों की अटकलें तेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-called-a-big-cabinet-meeting-on-may-21/article-53419"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियाँ एक बार फिर गर्म हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 मई को अपने मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सियासी गलियारों में काफी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक दिलचस्प बात ये है कि पीएम मोदी अभी एक पांच दिवसीय विदेश दौरे पर हैं और उनके लौटने के बाद यह बैठक तय की गई है। इस बार मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक को सामान्य से कुछ अलग नजर से देखा जा रहा है। खबर है कि इस बैठक में सभी केंद्रीय मंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार के मंत्री शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बैठक में वैश्विक हालात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संभावित संकट पर गहराई से चर्चा हो सकती है। मंत्रियों को सरकार के सामने आने वाली चुनौतियों पर ब्रीफ किया जाएगा और आगे की रणनीति पर भी बातचीत होने की उम्मीद है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजनीतिक अटकलें भी तेज हो गई हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि इस बैठक का एक बड़ा मकसद मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन और संभावित विस्तार पर ध्यान देना हो सकता है। हाल के समय में यह चर्चा उठ रही है कि केंद्र सरकार में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है और कुछ मंत्रालयों में बदलाव संभव है। खासकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि 2024 में तीसरी बार सरकार बनने के बाद यह लगभग दो साल का समय पूरा होने वाला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के मौके पर सरकारें अपने मंत्रिमंडल में संतुलन बनाने और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए बदलाव करती हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के साथ ही आगामी यूपी और उत्तराखंड जैसे बड़े राज्यों के चुनावों को देखते हुए यह बैठक और भी महत्वपूर्ण है। सियासी हलकों में चर्चा है कि संगठन और सरकार दोनों स्तर पर नए समीकरण बनाने की कोशिश की जा सकती है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक और नीतिगत मोर्चे पर भी सरकार की प्राथमिकताएँ बदलती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि पिछली मंत्रिपरिषद बैठक में पीएम ने जिस </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">रिफॉर्म एक्सप्रेस</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">की बात की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उस एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति के कारण कई योजनाएँ फिलहाल ठहर गई हैं। अब सरकार के सामने ऊर्जा सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता जैसी चुनौतियाँ हैं। ऐसे में 21 मई की बैठक को केवल औपचारिकता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक रणनीतिक चर्चा के रूप में भी देखा जा रहा है। सूत्रों की माने तो जून के दूसरे सप्ताह में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना पर भी बातचीत हो सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 12:59:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में निकले, दिया बड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम नरेंद्र मोदी पेट्रोल-डीजल बचत अपील के बाद सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में कैबिनेट बैठक पहुंचे, कई राज्यों में असर दिखने लगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-gave-a-big-message-in-a-convoy-of/article-53296"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t182012.126.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर देने के बाद खुद भी इसका अनुसरण करना शुरू कर दिया है। बुधवार को उन्होंने अपने आवास से सिर्फ दो गाड़ियों के साथ केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में जाने का फैसला किया। जब सुबह दिल्ली की सड़कों पर पीएम मोदी का छोटा काफिला दिखा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इस पर काफी चर्चा होने लगी। एक कार में वे अपने स्टाफ के साथ थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरी गाड़ी में एसपीजी के सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे। आमतौर पर जब प्रधानमंत्री यात्रा करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लंबा सुरक्षा काफिला होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग थी। इसे सरकार की ओर से ईंधन की बचत के लिए एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी पीएम मोदी के इस छोटे काफिले की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असल में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ दिन पहले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएम मोदी ने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना जरूरी है। उसी कार्यक्रम में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने लोगों से एक साल तक सोने की खरीद टालने की भी सलाह दी थी। इस वक्त से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिले को छोटा करना शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ईंधन की बचत को लेकर निर्देश जारी किए हैं। कुछ विभागों में ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो सके।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधान मंत्री की इस पहल के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आनी शुरू हो गई हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानसेवक की मिसाल</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">करार दिया और कहा कि जब नेतृत्व खुद उदाहरण पेश करता है तो यह जन आंदोलन का रूप ले लेता है। उन्होंने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम करने का ऐलान किया है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इसे सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम बताया है। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हालिया बयान के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में बदलाव आ सकता है। मंत्री ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण तेल कंपनियों पर भारी दबाव है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 10:27:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>CM मोहन कैबिनेट का बड़ा ऐलान: 29 हजार करोड़ से ज्यादा की योजनाएं हुईं मंजूर, कई क्षेत्रों को मिलेगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने 29,540 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी। सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई और पेंशन योजनाओं पर बड़ा फैसला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/cm-mohan-cabinets-big-announcement-schemes-worth-more-than-rs/article-53177"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t123125.388.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">11<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को भोपाल में एक बैठक के दौरान बड़ी घोषणाएं की हैं। इस बैठक में कुल </span>29<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार </span>540<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े पैमाने पर तेजी लाई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये फैसले भविष्य की विकास रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक में वित्त विभाग से संबंधित एक बड़ा निर्णय लिया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें केंद्र के </span>16<span lang="hi" xml:lang="hi">वें वित्त आयोग से लोक वित्त पोषित योजनाओं के लिए </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार </span>598.27<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। यह स्वीकृति कोषालय व्यवस्था को सुदृढ़ करने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लंबित देनदारियों के निपटारे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और लेखा प्रशिक्षण संस्थानों के विस्तार जैसे कार्यों के लिए है। यहां आईटी परियोजनाओं और आंतरिक लेखा परीक्षण प्रणाली को भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और गति बढ़ेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सड़क और शहरी विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के तहत शहरी और नगरीय मार्गों के निर्माण और सुधार के लिए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">6<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार </span>900<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसमें नई सड़कों का निर्माण और पुरानी सड़कों की मरम्मत शामिल है। इस योजना को स्थानीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधाएं देने के लिए जरूरी माना जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सामाजिक सुरक्षा के मामले में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैबिनेट ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए राहत देने का भी फैसला किया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत </span>6115.99<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्ष या उससे अधिक आयु के गरीब वर्ग के बुजुर्गों को हर महीने </span>600<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये की पेंशन मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह योजना कमजोर वर्ग के लोगों को मदद पहुंचाएगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी ठोस निवेश किया गया है। सीहोर जिले के बुदनी में नए एमबीबीएस कॉलेज</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए </span>763.40<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। यहां </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> एमबीबीएस सीटों के साथ </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> बेड का अस्पताल भी बनेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे इस क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार होगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय परियोजना के लिए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">163.95<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लगभग </span>5200<span lang="hi" xml:lang="hi"> हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा दी जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>22<span lang="hi" xml:lang="hi"> गांवों के किसानों को सीधा लाभ होगा। न्यायालय परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग और अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी </span>94<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कैबिनेट ने छोटे ठेकेदारों को राहत देते हुए सड़क निर्माण कार्यों में डामर की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मासिक मूल्य समायोजन लागू करने का निर्णय भी लिया है। इससे निर्माण कार्यों में रुकावट नहीं आएगी और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी। यह निर्णय वैश्विक स्तर पर बढ़ती लागत को देखते हुए जरूरी माना गया है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कुल मिलाकर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय प्रदेश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें सड़क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिंचाई और सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 12:40:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 21 प्रस्तावों को दी मंजूरी, 53 हजार करोड़ की योजनाएं रहेंगी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 53 हजार करोड़ की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का फैसला किया। 21 प्रस्तावों में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाएं शामिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/madhya-pradesh-cabinet-approved-21-proposals-schemes-worth-rs-53/article-52280"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-cabinet-decisions.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में 53 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का फैसला किया। बैठक में मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2010 को वापस लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही खरीफ 2020 में खरीदी गई 7.73 लाख मीट्रिक टन शेष धान के ई-ऑक्शन के निराकरण और भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक पद के सृजन को भी स्वीकृति मिली।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक वित्तीय प्रतिबद्धता तय की है। उन्होंने कहा कि बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें लोक निर्माण विभाग की 26,311 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाएं, सिंचाई योजनाएं, स्वास्थ्य क्षेत्र के निर्माण कार्य, सामाजिक कल्याण योजनाएं और प्रशासनिक प्रस्ताव शामिल रहे। कैबिनेट ने राज्य के बुनियादी ढांचे, सिंचाई क्षमता और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कैबिनेट ने शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति दी। इस परियोजना से उज्जैन और शाजापुर जिले में करीब 9 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव होगी।<span>  </span>स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई अहम प्रस्ताव मंजूर हुए। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में 134 पीजी सीट वृद्धि योजना के तहत 80 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। वहीं, श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार के लिए 174 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कैबिनेट ने सामाजिक कल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दिल्ली छात्रावास योजना को जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके तहत दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले मध्य प्रदेश के ओबीसी छात्र-छात्राओं को अब 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता मिलेगी। इसके अलावा 38,901 आंगनबाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था के लिए 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कैबिनेट ने हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी मंजूर किए। इनमें शकूर खान को पेंशन देने और संजय कुमार गुप्ता सहित अन्य याचिकाकर्ताओं को अमीन पद का वेतनमान स्वीकृत करने का निर्णय शामिल है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 17:16:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में आज क्या खास: बिजली कटौती, कैबिनेट बैठक और गर्मी का असर</title>
                                    <description><![CDATA[रायसेन रोड से पटेल नगर तक असर, सीएम की बैठकों और महिला कांग्रेस के विरोध पर भी नजर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/jagran-event/what-is-the-special-power-cut-in-bhopal-today-cabinet/article-51797"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/image-(25).png" alt=""></a><br /><p> मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज का दिन प्रशासनिक गतिविधियों, बिजली कटौती और राजनीतिक हलचल के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। शहर के करीब 20 इलाकों में 4 से 6 घंटे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी, वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक समेत कई अहम कार्यक्रम भी निर्धारित हैं।</p>
<h3><strong>बिजली कटौती </strong></h3>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भोपाल</span></span> के करीब 20 इलाकों में आज 4 से 6 घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। कारण: मेंटेनेंस कार्य।</p>
<h5><strong>सुबह 10 बजे – दोपहर 2 बजे</strong></h5>
<h6>ग्रीन मिडोज कॉलोनी</h6>
<p>चिनार कॉलोनी</p>
<p>समरधा</p>
<p>लिबर्टी</p>
<p>पृथ्वी कोर्टयार्ड</p>
<p>झंडा चौक</p>
<p>डेयरी फार्म</p>
<p>खानूगांव चौराहा</p>
<p>किनारा अपार्टमेंट</p>
<p><strong>सुबह 10 बजे – शाम 4 बजे</strong></p>
<p>रायसेन रोड</p>
<p>पटेल नगर</p>
<p>IBD कैम्पस</p>
<p>वर्धमान कॉलोनी</p>
<p>डायमंड सिटी</p>
<p>कस्तूरी कोर्टयार्ड</p>
<p>राजधानी परिसर</p>
<p>रेलवे कॉलोनी</p>
<p>बैकुंड अपार्टमेंट</p>
<p>सलाह: जरूरी काम पहले निपटा लें, डिवाइस चार्ज रखें।</p>
<h5><strong>आज के प्रमुख कार्यक्रम</strong></h5>
<h5><strong>मुख्यमंत्री का शेड्यूल</strong></h5>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मोहन यादव</span></span> सुबह 10 बजे कैबिनेट बैठक</p>
<p>11:30 बजे सहकारिता विभाग समीक्षा</p>
<p>12:15 बजे द्वारका नगरी योजना पर बैठक</p>
<p>2:45 बजे भोपाल से <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">इंदौर</span></span> रवाना</p>
<p>शाम 6:25 बजे वापस भोपाल</p>
<h5><strong> कैबिनेट में संभावित फैसले</strong></h5>
<p>मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए शेल्टर होम</p>
<p>मंडला में नए मेडिकल कॉलेज को मंजूरी</p>
<p>इंदौर से जुड़ी सिंचाई परियोजना</p>
<hr />
<h5><strong>राजनीतिक गतिविधि</strong></h5>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस</span></span> द्वारा बीजेपी कार्यालय का घेराव</p>
<p>नेतृत्व: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">रीना बौरासी सेतिया</span></span></p>
<p>मुद्दा: महिला आरक्षण को लेकर विरोध</p>
<h5><strong>आज का खास एग्जीबिशन</strong></h5>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय</span></span>, श्यामला हिल्स</p>
<p>“शलाका 72” के तहत गोंड कला प्रदर्शनी</p>
<p>कलाकार: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">प्रदीप मरावी</span></span></p>
<p>अवधि: 3 से 30 अप्रैल 2026</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जागरण इवेन्ट</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/jagran-event/what-is-the-special-power-cut-in-bhopal-today-cabinet/article-51797</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 08:38:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

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