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                <title>MunicipalCorporation - दैनिक जागरण</title>
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                <title>रायपुर में अवैध निर्माण पर निगम का बुलडोजर, दो मकान ढहाए</title>
                                    <description><![CDATA[डुप्सा तालाब और वृंदावन कॉलोनी में बिना अनुमति बन रहे निर्माण हटाए गए, मलबा सड़क पर फैलाने और ग्रीन नेट नहीं लगाने वालों से 7 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/corporations-bulldozer-demolished-two-houses-due-to-illegal-construction-in/article-55637"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/illegal-construction.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार को निगम की जोन-8 टीम ने रायपुरा क्षेत्र में बड़े स्तर पर अभियान चलाते हुए बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्यों पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान डुप्सा तालाब के पास बनाए जा रहे एक अवैध निर्माण को तोड़ा गया, वहीं वृंदावन कॉलोनी में निर्माणाधीन दो मकानों को भी ध्वस्त कर दिया गया। इसके अलावा निर्माण कार्यों में तय नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण और निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम को पिछले कुछ दिनों से रायपुरा स्थित डुप्सा तालाब के आसपास अवैध निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की जांच के बाद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि संत रविदास वार्ड क्रमांक-70 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में करीब 1100 वर्गफीट जमीन पर बिना किसी वैध स्वीकृति के निर्माण कार्य चल रहा था। अधिकारियों के अनुसार निर्माणकर्ता की ओर से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद निगम की टीम पुलिस बल और अमले के साथ मौके पर पहुंची और निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू की। बुलडोजर की मदद से अवैध हिस्से को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और काफी देर तक इलाके में हलचल बनी रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी अभियान के तहत निगम अधिकारियों ने इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के पास स्थित वृंदावन कॉलोनी में भी निरीक्षण किया। यहां करीब 1000-1000 वर्गफीट क्षेत्र में दो मकानों का निर्माण किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में दोनों निर्माण कार्य बिना स्वीकृति के पाए गए। अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों की जांच की और निर्माण को अवैध मानते हुए उसे हटाने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों मकानों के निर्माणाधीन हिस्सों को मशीनों की मदद से तोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से कुछ निर्माण कार्यों को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम की कार्रवाई केवल अवैध निर्माण तक सीमित नहीं रही। अभियान के दौरान विभिन्न वार्डों में चल रहे निर्माण कार्यों की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर निर्माण मलबा यानी सी एंड डी वेस्ट सड़क पर फैला हुआ मिला। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ धूल और गंदगी की समस्या भी बढ़ रही थी। अधिकारियों ने संबंधित लोगों को नियमों की जानकारी देते हुए ई-चालान जारी किए। वहीं कुछ निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए ग्रीन नेट नहीं लगाया गया था। निर्माण कार्यों के दौरान ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य माना जाता है ताकि आसपास के क्षेत्रों में धूल का प्रभाव कम हो सके। नियमों की अनदेखी करने वालों पर जुर्माना लगाया गया और कुल 7 हजार रुपए की राशि वसूल की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों का कहना है कि शहर में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों के बीच नियमों का पालन कराना जरूरी है। बिना अनुमति निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि भविष्य में विवाद और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का कारण भी बन सकता है। इसी वजह से निगम लगातार निगरानी कर रहा है। जिन क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं वहां विशेष अभियान चलाकर जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृति और दस्तावेज प्राप्त करें। साथ ही निर्माण सामग्री और मलबा सड़क पर न फैलाएं तथा धूल नियंत्रण के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर निगम का कहना है कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा। अवैध निर्माण, सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण और निर्माण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाएगी। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों को नजरअंदाज करने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर निर्माण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:03:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>गैस पाइपलाइन की खुदाई से टूटी जल लाइन, एकता कॉलोनी में 10 दिन से पानी संकट</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर की एकता कॉलोनी के रहवासी परेशान, नेता प्रतिपक्ष ने निगम अधिकारियों को जल्द मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने के दिए निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/water-line-broken-due-to-digging-of-gas-pipeline-water/article-54743"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-water-crisis.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रायपुर के जोन-8 अंतर्गत पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड क्रमांक-2 स्थित एकता कॉलोनी में पिछले 10 दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। भीषण गर्मी के बीच पानी की सप्लाई बंद होने से सैकड़ों परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए की जा रही खुदाई के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद से पूरे इलाके में नियमित जलापूर्ति ठप पड़ गई है। लगातार बढ़ रही परेशानी के चलते रहवासियों ने निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd">एकता कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पानी की कमी ने उनके रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर दिया है। पीने के पानी से लेकर खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई परिवारों ने बताया कि उन्हें निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। वहीं कुछ लोग अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों के यहां से पानी लाने को मजबूर हैं। गर्मी के मौसम में पानी की कमी ने बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">रहवासियों के अनुसार समस्या अचानक शुरू नहीं हुई, बल्कि गैस पाइपलाइन परियोजना के तहत चल रही खुदाई के दौरान जल लाइन को नुकसान पहुंचने के बाद हालात बिगड़ने लगे। शुरुआत में लोगों को उम्मीद थी कि एक-दो दिन में समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन यदि इनकी वजह से मूलभूत सुविधाएं प्रभावित होती हैं तो संबंधित एजेंसियों को तत्काल सुधार कार्य भी करना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिकायत मिलने के बाद नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने मामले को गंभीरता से लिया और जोन-8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल से चर्चा की। निगम अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रही एससीजी कंपनी की खुदाई के दौरान कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है। पाइपलाइन में लीकेज होने और मिट्टी भर जाने के कारण जलापूर्ति बाधित हो रही है। अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि कई इलाकों में ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, जिनके समाधान के लिए मरम्मत कार्य किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आकाश तिवारी ने अधिकारियों से कहा कि गर्मी के इस मौसम में लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता स्वच्छ पेयजल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विकास परियोजना के कारण नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने निगम अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती जाए ताकि आम नागरिकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय लोगों का कहना है कि जल संकट का असर केवल घरेलू जीवन तक सीमित नहीं है। कई दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों को सुबह पानी की व्यवस्था में ही काफी समय लग जाता है, जिससे वे समय पर काम पर नहीं पहुंच पाते। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें पानी भरने और संग्रह करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उनकी आय पर भी असर पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि घर की जिम्मेदारियों के साथ पानी की व्यवस्था करना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">एकता कॉलोनी के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि पाइपलाइन की मरम्मत के साथ-साथ पूरे नेटवर्क की जांच की जानी चाहिए ताकि भविष्य में फिर से ऐसी स्थिति न बने। कई लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि जहां-जहां गैस पाइपलाइन का काम चल रहा है, वहां जल लाइन और अन्य आवश्यक सेवाओं की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">ज्ञापन सौंपने वालों में लता यादव, राधा साहू, कमलावती, रिंकी शर्मा, प्रेमीन बाई, सुमन देवी, उषा सिंह, राजेश्वरी सिंह, रविंद्र कुमार साहू, योगेश्वर लहरे, आरती बाई, महेंद्र मिश्रा, जानकी साहू और सुनीता पंडित सहित बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। निगम प्रशासन ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया है। अब क्षेत्र के लोगों की नजर इस बात पर है कि मरम्मत कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है और उन्हें नियमित पानी की सुविधा कब तक मिल पाती है। भीषण गर्मी के इस दौर में हर दिन लोगों के लिए मुश्किल भरा साबित हो रहा है, ऐसे में जलापूर्ति की बहाली उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 14:16:13 +0530</pubDate>
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                <title>इंदौर निगम में ‘वंदे मातरम’ न गाने पर हंगामा: कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में विवाद तेज</title>
                                    <description><![CDATA[फौजिया शेख ने कहा – इस्लाम में अनुमति नहीं, भाजपा पार्षदों ने किया विरोध, सदन में कार्यवाही बाधित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/uproar-over-not-singing-vande-mataram-in-indore-corporation-dispute/article-50605"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-news-(27).jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर नगर निगम में मंगलवार को 8,455 करोड़ रुपए के बजट पर चर्चा के दौरान ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने राष्ट्रगीत गाने से इनकार कर दिया, जिससे भाजपा पार्षद भड़क उठे और सभापति मुन्नालाल यादव के आसन के पास जाकर विरोध जताया। हंगामा इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित हो गई।</p>
<p>सभापति ने फौजिया शेख को बाहर जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सदन से बाहर जाते समय मीडिया से कहा कि उनका धर्म इस्लाम उन्हें ‘वंदे मातरम’ गाने की अनुमति नहीं देता। इस बयान ने राजनीतिक और धार्मिक संवेदनशीलता को बढ़ा दिया।</p>
<p>नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद चिंटू चौकसे ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ गाने का निर्णय व्यक्तिगत राय का विषय हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p>
<p>सदन में हंगामा केवल राष्ट्रगीत तक सीमित नहीं रहा। कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने नगर निगम की संपत्तियों और अधिकारियों के कामकाज पर सवाल उठाए। इसी बीच उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ‘गद्दार’ कह दिया, जिससे भाजपा पार्षदों ने जोरदार विरोध किया। राजू भदौरिया ने बाद में माफी मांग ली, जिससे कार्यवाही पुनः शुरू हो सकी।</p>
<p>इससे पहले कांग्रेस पार्षद रूबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को अमेरिकी-इजराइली हमले में मृत्यु पर श्रद्धांजलि दी। भाजपा पार्षदों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाकर विरोध जताया।</p>
<p>महापौर ने मीडिया से चर्चा में कहा, “आजादी के इतने वर्षों के बाद भी कुछ लोग गुलामी की मानसिकता रखते हुए राष्ट्रगीत का विरोध कर रहे हैं। हम इस मामले के कानूनी पहलुओं पर भी विचार करेंगे।”</p>
<p>सदन में इस विवाद के बीच बाउंसर तैनात किए गए और बजट सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा में जाने वाले लोगों को चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया।</p>
<p>नगर निगम प्रशासन ने कहा कि फौजिया और अन्य पार्षदों के व्यक्तिगत धार्मिक विचारों का सम्मान किया जाएगा, लेकिन नियम और कार्यवाही के अनुसार सभी सदस्यों को अनुशासन का पालन करना होगा।</p>
<p>नगर निगम सत्र में सदस्यों को चेतावनी दी गई है कि व्यक्तिगत राय और धार्मिक दृष्टिकोण के बावजूद, सार्वजनिक और संवैधानिक गान के समय सदन में व्यवधान नहीं पैदा किया जाएगा। विवाद के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने अपने-अपने प्रदेश नेतृत्व को जानकारी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:43:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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