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                <title>Trending News - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Trending News RSS Feed</description>
                
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                <title>2.5 लाख रुपये किलो का मियाजाकी आम बना आकर्षण, यूपी मैंगो फेस्टिवल में उमड़ी भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[जापान की दुर्लभ मियाजाकी किस्म ने खींचा लोगों का ध्यान, कीमत सुनकर सोशल मीडिया पर आई मजेदार प्रतिक्रियाएं; विशेषज्ञ बोले- सही देखभाल से खेती बन सकती है मुनाफे का सौदा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/special-news/miyazaki-mango-worth-rs-25-lakh-per-kg-becomes-attraction/article-57940"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/miyazaki-mango.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में आयोजित मैंगो फेस्टिवल इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह है जापान की मशहूर और बेहद दुर्लभ मियाजाकी आम (Miyazaki Mango) की प्रदर्शनी, जिसकी कीमत करीब 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही है। इस आम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसकी कीमत जानकर हैरान हैं। कई यूजर्स मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि "एक आम खरीदने के लिए तो लोन लेना पड़ेगा।" मैंगो फेस्टिवल में पहुंचे लोगों की नजर सबसे पहले इसी खास आम पर ठहर रही है। लाल और बैंगनी रंग की चमक लिए यह आम अपने आकर्षक रूप, दुर्लभता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमत के कारण चर्चा में बना हुआ है। आयोजकों का कहना है कि इस आम को लोगों को नई और दुर्लभ किस्मों से परिचित कराने के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मियाजाकी आम मूल रूप से जापान के मियाजाकी प्रांत में उगाया जाता है। इसे दुनिया के सबसे महंगे फलों में गिना जाता है। इसकी खेती बेहद नियंत्रित वातावरण में की जाती है, जहां तापमान, धूप, नमी और पोषण का विशेष ध्यान रखा जाता है। फल पूरी तरह पकने के बाद अपने आप पेड़ से गिरता है। गिरने से पहले उसे विशेष जालीदार बैग में सुरक्षित रखा जाता है ताकि फल को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। यही वजह है कि इसकी गुणवत्ता और स्वाद सामान्य आमों से अलग मानी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मियाजाकी आम का स्वाद बेहद मीठा होता है। इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अधिक होती है और यह विटामिन ए, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट तथा अन्य पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। फल का औसत वजन 350 से 500 ग्राम तक हो सकता है। इसकी चमकदार लाल रंगत और मुलायम गूदा इसे अन्य आमों से अलग पहचान दिलाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मैंगो फेस्टिवल में प्रदर्शित मियाजाकी आम का वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों बार देखा जा चुका है। वीडियो में लोग आम को देखकर उसकी तस्वीरें लेते और उसकी कीमत जानने के बाद आश्चर्य व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। किसी ने लिखा, "इतने में तो नई बाइक आ जाएगी।" वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, "आम नहीं, यह तो लग्जरी आइटम है।" कई लोगों ने इसे दुनिया का सबसे महंगा आम बताते हुए इसकी तुलना सोने से भी कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">मियाजाकी आम की खेती भारत में भी संभव है, लेकिन इसके लिए विशेष तकनीक, नियंत्रित वातावरण और उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल की आवश्यकता होती है। देश के कुछ राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर इस किस्म की खेती शुरू की है। हालांकि बड़े स्तर पर इसकी खेती अभी सीमित है। यदि किसान सही तकनीक अपनाएं और बाजार तक अच्छी पहुंच बना सकें, तो यह फसल बेहतर आय का माध्यम बन सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मियाजाकी आम का पौधा बड़े गमले में भी लगाया जा सकता है। हालांकि केवल पौधा लगाने से सफलता नहीं मिलती। नियमित सिंचाई, पर्याप्त धूप, संतुलित खाद, कीट नियंत्रण और समय-समय पर छंटाई जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है। यदि पौधे की सही तरीके से देखभाल की जाए तो कुछ वर्षों बाद फल प्राप्त हो सकते हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता हासिल करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से खेती करना आवश्यक माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:27:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एक तस्वीर से बदली किस्मत, दुनिया का सबसे लंबा डैशहाउंड बना इंटरनेट स्टार</title>
                                    <description><![CDATA[कैलिफोर्निया के डैशहाउंड ऑस्कर वाइल्ड की असाधारण लंबाई ने सोशल मीडिया पर मचाई धूम, वायरल तस्वीर के बाद रेस ट्रैक पर भी दिखाया दम और दुनिया भर के डॉग लवर्स का दिल जीत लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/special-news/one-picture-changed-fate-worlds-tallest-dachshund-became-an-internet/article-57875"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/oscar-wilde-dog.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">सोशल मीडिया के दौर में कई बार एक तस्वीर किसी आम शख्स या जानवर को रातोंरात दुनिया भर में पहचान दिला देती है। ऐसा ही कुछ अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाले एक डैशहाउंड कुत्ते<strong> </strong>ऑस्कर वाइल्ड के साथ हुआ। अपनी असाधारण लंबाई के कारण ऑस्कर की एक साधारण-सी तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हुई और देखते ही देखते वह दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया। अब यह डैशहाउंड केवल सोशल मीडिया का स्टार ही नहीं, बल्कि डॉग रेस ट्रैक का भी विजेता बन चुका है। ऑस्कर वाइल्ड की सबसे ज्यादा चर्चा उसकी लंबाई को लेकर हो रही है। वायरल तस्वीर में वह एक बड़े सोफे पर आराम से लेटा दिखाई देता है, लेकिन उसकी लंबाई इतनी ज्यादा है कि उसका शरीर सोफे के एक छोर से दूसरे छोर तक फैला नजर आता है। यही तस्वीर इंटरनेट पर लाखों लोगों का ध्यान खींचने में सफल रही। तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उसे दुनिया का सबसे लंबा "वीनर डॉग" कहना शुरू कर दिया। हालांकि उसकी लंबाई को लेकर किसी आधिकारिक संस्था द्वारा विश्व रिकॉर्ड की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इंटरनेट पर लोग उसकी तुलना अन्य डैशहाउंड नस्ल के कुत्तों से कर रहे हैं।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/wiener-dog.jpg" alt="Wiener Dog" width="1366" height="967"></img></p>
<p style="text-align:justify;">डैशहाउंड नस्ल अपने लंबे शरीर और छोटे पैरों के कारण पूरी दुनिया में काफी लोकप्रिय मानी जाती है। इस नस्ल को कई देशों में प्यार से "सॉसेज डॉग" या "वीनर डॉग" भी कहा जाता है। आमतौर पर डैशहाउंड की लंबाई सीमित होती है, लेकिन ऑस्कर वाइल्ड का शरीर सामान्य डैशहाउंड की तुलना में कहीं अधिक लंबा दिखाई देता है। यही उसकी सबसे बड़ी पहचान बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ऑस्कर वाइल्ड के हजारों नए प्रशंसक बन गए। लोग उसकी तस्वीरें और वीडियो बड़े उत्साह से साझा करने लगे। कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि ऑस्कर को देखकर ऐसा लगता है मानो उसके शरीर की लंबाई खत्म ही नहीं होती। कुछ लोगों ने उसकी तुलना छोटे सोफे, बेंच और यहां तक कि बच्चों के बिस्तर से भी कर दी। इस अनोखे अंदाज ने उसे इंटरनेट का नया सेंसेशन बना दिया। वायरल होने के बाद ऑस्कर की लोकप्रियता केवल तस्वीरों तक सीमित नहीं रही। उसने हाल ही में आयोजित एक डॉग रेस प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन किया और जीत हासिल की। रेस में उसकी फुर्ती और तेज रफ्तार ने दर्शकों को प्रभावित किया। इससे यह साबित हुआ कि केवल लंबाई ही नहीं, बल्कि वह शारीरिक रूप से भी बेहद सक्रिय और चुस्त है। प्रतियोगिता जीतने के बाद उसकी लोकप्रियता और तेजी से बढ़ गई।  ऑस्कर वाइल्ड इस बात का उदाहरण है कि हर जानवर अपनी किसी न किसी विशेषता की वजह से लोगों का दिल जीत सकता है। सोशल मीडिया पर अक्सर पालतू जानवरों के वीडियो और तस्वीरें वायरल होती रहती हैं, लेकिन ऑस्कर की कहानी इसलिए अलग है क्योंकि उसकी प्राकृतिक बनावट ही उसे भीड़ से अलग पहचान दिलाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/dachshund.jpg" alt="Dachshund" width="1366" height="768"></img></p>
<p style="text-align:justify;">डैशहाउंड नस्ल मूल रूप से शिकार के लिए विकसित की गई थी। इनका लंबा शरीर और छोटे पैर इन्हें जमीन के भीतर बने बिलों में आसानी से जाने में मदद करते थे। हालांकि आज यह नस्ल दुनिया भर में पालतू जानवर के रूप में ज्यादा लोकप्रिय है। इनका स्वभाव मिलनसार, चंचल और बुद्धिमान माना जाता है। ऑस्कर वाइल्ड भी अपने शांत व्यवहार और लोगों के साथ घुलने-मिलने की आदत के कारण काफी पसंद किया जा रहा है। ऑस्कर के मालिक ने भी उसकी बढ़ती लोकप्रियता पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि घर के सोफे पर आराम करते हुए ली गई एक साधारण तस्वीर पूरी दुनिया में इतनी तेजी से वायरल हो जाएगी। अब लोग लगातार ऑस्कर की नई तस्वीरों और वीडियो का इंतजार करते हैं। सोशल मीडिया पर उसके प्रशंसकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई लोग उसे दुनिया का सबसे प्यारा डैशहाउंड बता रहे हैं। इंटरनेट पर वायरल होने के बाद ऑस्कर से जुड़े कई मीम्स और रचनात्मक पोस्ट भी सामने आए हैं। कुछ लोगों ने उसकी लंबाई को लेकर मजेदार कैप्शन बनाए, जबकि कई कलाकारों ने उसकी तस्वीरों से डिजिटल आर्ट तैयार की। इस तरह ऑस्कर केवल एक पालतू कुत्ता नहीं रहा, बल्कि इंटरनेट संस्कृति का हिस्सा बन गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:20:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आमिर खान करेंगे तीसरी शादी, 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग लेंगे सात फेरे</title>
                                    <description><![CDATA[बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी तीसरी शादी की पुष्टि की। 5 जुलाई को मुंबई स्थित घर में निजी समारोह में गौरी स्प्रैट के साथ विवाह करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/aamir-khan-will-marry-for-the-third-time-will-take/article-57765"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/aamir-khan-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। अभिनेता ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि वह अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से 5 जुलाई को शादी करने जा रहे हैं। यह आमिर खान की तीसरी शादी होगी। उन्होंने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में इस बात की जानकारी दी और बताया कि विवाह समारोह बेहद निजी रखा जाएगा, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और करीबी मित्र ही शामिल होंगे। आमिर खान ने कहा कि शादी उनके मुंबई स्थित घर पर होगी और इसे पूरी तरह निजी समारोह के रूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने मीडिया और प्रशंसकों से इस नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद देने की अपील की। इस दौरान उनके बड़े बेटे जुनैद खान भी उनके साथ मौजूद थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आमिर खान गुरुवार को निर्देशक राजकुमार हिरानी की पहली वेब सीरीज <strong>'प्रीतम एंड पेड्रो'</strong> की स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी शादी की पुष्टि की। बातचीत के दौरान निर्देशक राजकुमार हिरानी भी वहां पहुंचे, जिसके बाद आमिर ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी आमिर को उनकी नई शुरुआत के लिए बधाई दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आमिर खान के अनुसार, शादी का आयोजन 5 जुलाई को उनके घर पर होगा। समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। किसी बड़े रिसेप्शन या भव्य आयोजन की फिलहाल कोई योजना सामने नहीं आई है।दोनों परिवार विवाह की तैयारियों में जुटे हुए हैं। शादी को पूरी तरह निजी रखने की योजना बनाई गई है ताकि समारोह पारिवारिक माहौल में संपन्न हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आमिर खान और गौरी स्प्रैट एक-दूसरे को करीब 25 वर्षों से जानते हैं। लंबे समय तक दोनों के बीच दोस्ती रही, जो समय के साथ रिश्ते में बदल गई। मार्च 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के अवसर पर आमिर खान ने पहली बार सार्वजनिक रूप से गौरी स्प्रैट के साथ अपने रिश्ते की पुष्टि की थी। इसके बाद दोनों कई सार्वजनिक कार्यक्रमों, पारिवारिक समारोहों और फिल्मी आयोजनों में साथ दिखाई दिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गौरी स्प्रैट बेंगलुरु की रहने वाली हैं और पेशे से सैलून एंटरप्रेन्योर तथा फैशन प्रोफेशनल हैं। उनका पारिवारिक और सांस्कृतिक बैकग्राउंड काफी विविध है। उनके पिता तमिल-ब्रिटिश मूल के हैं, जबकि उनकी मां पंजाबी-आयरिश मूल की हैं। गौरी, भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े ब्रिटिश कम्युनिस्ट फिलिप स्प्रैट की पोती भी हैं। वह पहले शादीशुदा रह चुकी हैं और उनका एक सात वर्षीय बच्चा है, जो उनके साथ मुंबई में रहता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कुछ समय पहले दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने गौरी स्प्रैट के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा था कि गौरी के आने से उनकी जिंदगी में शांति और संतुलन आया है। आमिर ने कहा था कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें गौरी जैसी जीवनसाथी मिलीं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रीना दत्ता और किरण राव के साथ उनके रिश्ते भी बेहद सम्मानजनक रहे, लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदल गईं। उनके अनुसार, गौरी के साथ उन्हें जीवन की नई दिशा और पूर्णता का एहसास हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आमिर खान ने वर्ष 1986 में रीना दत्ता से प्रेम विवाह किया था। दोनों का वैवाहिक जीवन लगभग 16 वर्षों तक चला। इस शादी से उनके दो बच्चे जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। अलग होने के बाद भी दोनों के बीच पारिवारिक संबंध सम्मानजनक बने रहे और बच्चों की परवरिश में दोनों की सक्रिय भूमिका रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीना दत्ता से अलग होने के बाद आमिर खान ने वर्ष 2005 में फिल्म निर्देशक किरण राव से शादी की। इस विवाह से उनका बेटा आजाद राव खान है, जिसका जन्म आईवीएफ तकनीक के माध्यम से हुआ। करीब 15 वर्षों तक साथ रहने के बाद जुलाई 2021 में आमिर और किरण राव ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया। हालांकि तलाक के बाद भी दोनों पेशेवर और पारिवारिक स्तर पर साथ काम करते रहे हैं। वे अपने बेटे आजाद की संयुक्त रूप से परवरिश कर रहे हैं और कई सामाजिक एवं फिल्मी परियोजनाओं में सहयोग जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 12:30:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू: जम्मू और पहलगाम से पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन को रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू और पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ। 57 दिनों तक चलने वाली यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a4743bba9a6c/article-57751"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/amarnath-yatra-2026-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में शामिल श्री अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ शुक्रवार को श्रद्धा, उत्साह और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुआ। जम्मू और पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए रवाना हुआ। इसके साथ ही 57 दिनों तक चलने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा औपचारिक रूप से शुरू हो गई। यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण "हर-हर महादेव", "बम-बम भोले" और "चलो बुलावा आया है, बाबा बर्फानी ने बुलाया है" के जयघोष से गूंज उठा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जम्मू से रवाना हुए पहले जत्थे को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जत्थे में 4,800 से अधिक श्रद्धालु शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में सभी श्रद्धालुओं को वाहनों के काफिले के साथ कश्मीर घाटी तक पहुंचाया गया। घाटी में प्रवेश के बाद विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रशासन की ओर से फूल-मालाओं और पारंपरिक स्वागत के साथ यात्रियों का अभिनंदन किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पहलगाम के नुनवान बेस कैंप और बालटाल बेस कैंप से शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा की ओर अपनी पैदल यात्रा शुरू की। दोनों मार्गों पर प्रशासन ने चिकित्सा, सुरक्षा, संचार, भोजन और ठहरने की व्यापक व्यवस्था की है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर, विश्राम केंद्र और आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यात्रा शुरू होने से पहले पहलगाम क्षेत्र में कुछ समय के लिए भारी बारिश हुई, जिसके कारण सुरक्षा के मद्देनजर पहलगाम मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई। मौसम में सुधार होने और मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की व्यापक तैनाती की गई है। यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और आधुनिक संचार प्रणाली के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए हैं ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। यात्रा के नोडल अधिकारी राहुल यादव ने बताया कि जिला प्रशासन ने बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं, पेयजल, स्वच्छता, बिजली, आपातकालीन सेवाओं और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासन लगातार यात्रा मार्ग की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक धार्मिक वेशभूषा में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में युवा और बुजुर्ग भी यात्रा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने कहा कि वर्षों से बाबा बर्फानी के दर्शन की इच्छा थी और इस बार यात्रा शुरू होते ही उन्हें पवित्र गुफा जाने का अवसर मिला है। उन्होंने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमरनाथ यात्रा का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 3,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने इसी गुफा में माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। यही कारण है कि इस यात्रा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रशासन ने यात्रियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी जांच पूरी करने, मौसम के अनुसार आवश्यक सामान साथ रखने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा दल, बचाव दल और आपदा प्रबंधन की टीमें भी लगातार तैनात हैं। इस वर्ष यात्रा अवधि 57 दिनों की निर्धारित की गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि पूरे यात्रा काल में लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवास, भोजन, चिकित्सा और परिवहन की व्यवस्थाओं को पहले की तुलना में और मजबूत किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 11:25:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, मेघालय सरकार ने दी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट के जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार का दावा है कि गिरफ्तारी दस्तावेज में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा लिखने में हुई टाइपिंग त्रुटि के कारण आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/hearing-on-sonam-raghuvanshis-bail-today-in-supreme-court-meghalaya/article-57750"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raja-raghuvanshi-murder-case-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट द्वारा बरकरार रखे गए जमानत आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सरकार का कहना है कि गिरफ्तारी से जुड़े एक दस्तावेज में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा लिखने में हुई टाइपिंग त्रुटि का लाभ आरोपी को मिला, जबकि मामले के अन्य सभी रिकॉर्ड और जांच दस्तावेज हत्या के आरोपों की पुष्टि करते हैं। सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि यह केवल एक तकनीकी त्रुटि थी, जिसे हत्या जैसे गंभीर अपराध में जमानत का आधार नहीं बनाया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट में मेघालय पुलिस इस मामले से जुड़े दस्तावेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मेघालय सरकार के अनुसार गिरफ्तारी के समय तैयार किए गए एक दस्तावेज में हत्या से संबंधित धारा 103 बीएनएस दर्ज की जानी थी, लेकिन टाइपिंग की गलती के कारण वहां धारा 403 बीएनएस लिख दी गई। सरकार का कहना है कि केवल एक दस्तावेज में यह त्रुटि हुई थी, जबकि गिरफ्तारी से जुड़े अन्य दस्तावेजों और केस डायरी में हत्या सहित संबंधित धाराओं का स्पष्ट उल्लेख किया गया था। याचिका में कहा गया है कि आरोपी और अन्य सह-आरोपियों के हस्ताक्षर वाले कई दस्तावेजों में सही धाराएं दर्ज हैं। ऐसे में एक तकनीकी त्रुटि के आधार पर जमानत मिलना न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जा सकता। सोनम रघुवंशी को ट्रायल कोर्ट से मिली जमानत को मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि हाई कोर्ट ने 29 जून 2026 को ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और जमानत बरकरार रखी।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करते हुए कहा है कि हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया। सरकार का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में केवल दस्तावेजी त्रुटि के आधार पर आरोपी को राहत देना उचित नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह मामला वर्ष 2025 में सामने आया था, जब मध्य प्रदेश निवासी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ मेघालय घूमने गए थे। दोनों के हनीमून के दौरान राजा अचानक लापता हो गए थे। करीब दस दिन बाद 2 जून 2025 को सोहरा क्षेत्र के पास एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ था। जांच अधिकारियों के अनुसार शव पर धारदार हथियार से किए गए हमले के निशान पाए गए थे। मामले की जांच के बाद पुलिस ने हत्या की साजिश का दावा करते हुए सोनम रघुवंशी सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच एजेंसियों के अनुसार इस मामले में सोनम रघुवंशी के अलावा उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य आरोपी विशाल सिंह चौहान, आकाश सिंह राजपूत तथा आनंद कुर्मी को भी गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान एकत्र किए गए डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों से आरोपियों की गतिविधियों और घटनाक्रम के बीच संबंध स्थापित हुए हैं। मामले की जांच अभी भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मेघालय सरकार ने अपनी याचिका में यह भी उल्लेख किया है कि सोनम रघुवंशी की ओर से पहले तीन बार जमानत के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन उन सुनवाइयों के दौरान गिरफ्तारी दस्तावेज में दर्ज धारा संबंधी त्रुटि का कोई उल्लेख नहीं किया गया। सरकार का कहना है कि चौथी बार जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान इस तकनीकी गलती को आधार बनाया गया, जिसके बाद ट्रायल कोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी। राज्य सरकार का तर्क है कि इस तरह की तकनीकी चूक को हत्या जैसे गंभीर अपराध में आरोपी को राहत देने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में मेघालय सरकार ने फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) और केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) की रिपोर्टों का भी उल्लेख किया है। सरकार का दावा है कि वैज्ञानिक जांच से प्राप्त निष्कर्ष मामले की जांच को मजबूत करते हैं। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज, जब्त सामग्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का भी हवाला दिया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपियों की गतिविधियों और घटनाक्रम के क्रम को स्पष्ट करते हैं। राज्य सरकार का तर्क है कि इन साक्ष्यों को देखते हुए जमानत आदेश पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:53:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>'क्षिप्रा' नहीं, 'शिप्रा' कहिए: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया नदी का वास्तविक नाम</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में सिंहस्थ और नर्मदा परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी अभिलेखों और प्रस्तुतियों में नदी का मूल एवं प्रामाणिक नाम 'शिप्रा' ही लिखा जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/call-it-shipra-not-kshipra-chief-minister-mohan-yadav-told/article-57742"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cm-mohan-yadav-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल में गुरुवार को आयोजित सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और नर्मदा नदी परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिप्रा नदी के नाम को लेकर अधिकारियों का ध्यान एक महत्वपूर्ण तथ्य की ओर आकर्षित किया। बैठक में प्रस्तुत किए गए प्रेजेंटेशन में नदी का नाम "क्षिप्रा" लिखा गया था। इसे देखते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि नदी का वास्तविक, ऐतिहासिक और प्रामाणिक नाम "शिप्रा" है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में सभी सरकारी दस्तावेजों, प्रस्तुतियों और आधिकारिक अभिलेखों में "शिप्रा" नाम का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखने वाली नदियों के नामों को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर भी ऐतिहासिक तथ्यों और प्रामाणिक स्रोतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कई डिजिटल प्लेटफॉर्म, इंटरनेट स्रोतों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणालियों में नदी का नाम "क्षिप्रा" भी दर्ज है। अधिकारियों का कहना था कि इसी आधार पर प्रस्तुतीकरण में यह नाम शामिल किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक उपयोगी है, लेकिन केवल एआई या इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि ऐतिहासिक और धार्मिक विषयों में मूल ग्रंथों और प्रामाणिक साहित्य का अध्ययन भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषय पर निर्णय लेते समय तकनीकी स्रोतों के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान और प्रमाणित साहित्य का भी सहारा लिया जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को महाकवि कालिदास के प्रसिद्ध संस्कृत काव्य <strong>'मेघदूतम्'</strong> तथा वैदिक ग्रंथों का अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इन प्राचीन ग्रंथों में नदी का उल्लेख "शिप्रा" नाम से मिलता है, जो इसके मूल स्वरूप को प्रमाणित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हजारों वर्षों पुरानी है और उसकी प्रमाणिकता प्राचीन साहित्य में सुरक्षित है। इसलिए प्रशासनिक निर्णय लेते समय उन स्रोतों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सुझाव के बाद उपलब्ध स्रोतों की दोबारा समीक्षा की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित माध्यमों से दोबारा जानकारी की पुष्टि की। पुनः जांच के दौरान एआई ने भी यह स्वीकार किया कि नदी का मूल नाम "शिप्रा" ही माना जाता है और पहले प्रस्तुत जानकारी पूरी तरह सटीक नहीं थी। इस घटनाक्रम के बाद अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण में आवश्यक संशोधन करने की सहमति जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियों से बचने के लिए तथ्यों का बहुस्तरीय सत्यापन किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तकनीकी साधन सहायक हो सकते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय प्रमाणिक स्रोतों और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर ही लिया जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने "शिप्रा" और "क्षिप्र" शब्दों के अर्थ भी समझाए। उन्होंने कहा कि संस्कृत में "क्षिप्र" का अर्थ होता है तेज गति से चलने वाला, जबकि "शिप्रा" का अर्थ शांत, सौम्य और संतुलित प्रवाह वाली नदी माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिप्रा नदी अपने शांत स्वभाव और धार्मिक महत्व के कारण जानी जाती है। सामान्य परिस्थितियों में इसका प्रवाह संतुलित रहता है और यही इसकी विशेष पहचान भी है। उन्होंने कहा कि किसी नदी के नाम का संबंध केवल भाषा से नहीं बल्कि उसके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्वरूप से भी होता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिप्रा नदी के नाम को लेकर यह पहली बार चर्चा नहीं हुई है। वर्ष 2016 के सिंहस्थ महापर्व से पहले भी "शिप्रा" और "क्षिप्रा" नामों को लेकर बहस सामने आई थी। उस समय भी विभिन्न प्रशासनिक दस्तावेजों और सार्वजनिक उपयोग में दोनों नाम देखने को मिले थे। धार्मिक विद्वानों और इतिहासकारों के बीच भी इस विषय पर अलग-अलग मत सामने आए थे। हालांकि अनेक प्राचीन ग्रंथों और साहित्यिक संदर्भों में "शिप्रा" नाम का उल्लेख प्रमुख रूप से मिलता है। मुख्यमंत्री के ताजा निर्देश के बाद एक बार फिर यह विषय चर्चा में आ गया है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकारी स्तर पर एकरूपता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और नर्मदा परियोजना की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार सभी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसे अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आयोजन के लिए आधारभूत संरचना, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी-अपनी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:53:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>MP Monsoon Update: 45 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले 48 घंटे में भोपाल-उज्जैन पहुंचेगा मानसून</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज होने के संकेत, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी; भोपाल-उज्जैन संभाग को जल्द राहत मिलने की संभावना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mp-monsoon-update-rain-alert-in-45-districts-monsoon-will/article-57039"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-monsoon-update.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">भोपाल समेत मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदलने वाला है।अगले दो दिन राज्य के लिए अहम माने जा रहे हैं क्योंकि मानसून की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिले हैं।मध्य प्रदेश में दक्षिण</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">पश्चिम मानसून की प्रगति के साथ मौसम विभाग ने </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">45</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi"> जिलों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। अगले </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">48</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi"> घंटे के भीतर भोपाल और उज्जैन संभाग में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के कारण कई हिस्सों में हल्की</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">फुलकी<span>  </span>बारिश और कुछ क्षेत्रों में तेज वर्षा दर्ज हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य में अब तक मानसून सामान्य गति से थोड़ा पीछे चल रहा है</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">लेकिन आने वाले दिनों में इसमें तेजी आने के संकेत हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="en-in" xml:lang="en-in">IMD </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">के अनुसार पश्चिमी और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई जिलों में पहले से ही वर्षा गतिविधियां बढ़ी हैं। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और उमस से लोगों राहत मिलने लगी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मौजूदा सिस्टम के प्रभाव से मानसून आगे बढ़कर मध्य क्षेत्र को कवर करेगा। </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">राज्य में एक जून से अब तक औसत वर्षा सामान्य रूप से कम दर्ज की गई है। कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर से नीचे बना हुआ है</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">हालांकि पिछले </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">24</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi"> घंटों की गतिविधियों ने स्थिति में कुछ सुधार नज़र है।</span></p>
<h5 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">ज्यादा असर कहां </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">?</span></strong></h5>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="en-in" xml:lang="en-in">IMD</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi"> के अनुमान के अनुसार इंदौर</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">नर्मदापुरम</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">मालवा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रह सकती हैं। वहीं भोपाल और उज्जैन संभाग में अगले </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">48</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi"> घंटे के भीतर मानसून की औपचारिक आगमन होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर ग्वालियर</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">चंबल और रीवा</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">सागर संभाग के कुछ हिस्सों को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">तेज हवाओं और गरज</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">चमक के साथ बारिश का दौर कई जिलों में स्थानीय स्तर पर प्रभाव डाल सकता है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले क्षेत्रों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">किसानों और शहरों पर असर :-</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">मानसून की सक्रियता कृषि गतिविधियों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है। खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों को पर्याप्त नमी मिलने की उम्मीद है। वहीं शहरी इलाकों में बारिश के साथजलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">IMD</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">का कहना है कि शुरुआती मानसूनी दौर में अल्प अवधि में अधिक बारिश की स्थिति बन सकती है। </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">IMD </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">ने लोगों को नियमितमौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी है। यदि वर्तमान स्थति रूप</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">सक्रिय बनी रहती है तो आने वाले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में मानसून पूरी तरह फैल सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="en-in" xml:lang="en-in">MP Monsoon Update </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">फिलहाल प्रदेश के लिए राहत और सतर्कता दोनों का संकेत लेकर आया है</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">|</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">मानसून की शुरुआत के साथ ही अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कई स्थानों पर सुबह धूप रहने के बाद दोपहर या शाम के समय अचानक बादल छाने और तेज बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखना चाहिए। खासकर उन इलाकों में जहां नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं या जलभराव की समस्या रहती है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बारिश बढ़ने के साथ बिजली गिरने की घटनाओं में भी इजाफा हो सकता है। मौसम विभाग ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान खुले खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। वहीं शहरों में तेज बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को भी सावधानी से सफर करने की सलाह दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि क्षेत्र के लिए यह दौर काफी अहम माना जा रहा है। अच्छी बारिश होने पर सोयाबीन, धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने की उम्मीद है। कई जिलों में किसान पहले से खेत तैयार कर चुके हैं और अब पर्याप्त वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। यदि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहता है तो खेती-किसानी को बड़ा लाभ मिल सकता है। वहीं लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी राहत मिलने की संभावना है।  प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब धीरे-धीरे बढ़ रही है और आने वाले सप्ताह में मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्से पूरी तरह मानसूनी गतिविधियों की चपेट में आ सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:18:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वायरल टिप्पणी पर बवाल: ‘370 रुपए की बिरयानी’ वाले युवक की नौकरी गई, कॉमेडियन भी विवादों में घिरे</title>
                                    <description><![CDATA[गुरुग्राम के कॉमेडी शो में की गई टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कंपनी ने कर्मचारी को नौकरी से निकाला, कॉमेडियन प्रणित मोरे ने मांगी माफी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/uproar-over-viral-comment-of-young-man-with-370-rupees/article-55534"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/himanshu-jangra.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक दर्शक द्वारा मंच पर कही गई टिप्पणी और उस पर कॉमेडियन की प्रतिक्रिया ने ऐसा विवाद खड़ा कर दिया कि मामला नौकरी जाने तक पहुंच गया। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे 22 वर्षीय वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा को उनकी कंपनी स्टारविक डिजाइन ने नौकरी से हटा दिया है। वहीं, विवाद बढ़ने के बाद स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और बाद में उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी दिखाई देना बंद हो गया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पूरा मामला गुरुग्राम में आयोजित प्रणित मोरे के एक लाइव क्राउड-वर्क कॉमेडी शो से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों से बातचीत करते हुए हिमांशु जांगड़ा ने अपने एक डेटिंग अनुभव का जिक्र किया। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने एक महिला पर लगभग 360 से 370 रुपए खर्च किए थे, जिसमें चिकन बिरयानी शामिल थी। इसके बाद उन्होंने जो टिप्पणी की, उसे सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने आपत्तिजनक और महिलाओं के प्रति असम्मानजनक बताया। वीडियो में मौजूद यह हिस्सा तेजी से वायरल हो गया और देखते ही देखते विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी चर्चा शुरू हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">वायरल क्लिप में कॉमेडियन प्रणित मोरे भी उस बातचीत पर प्रतिक्रिया देते दिखाई दिए। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने आरोप लगाया कि मंच पर मौजूद कॉमेडियन को उस समय टिप्पणी का विरोध करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने उसे हल्के-फुल्के मजाक के रूप में लिया। यही वजह रही कि विवाद केवल टिप्पणी करने वाले युवक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कॉमेडियन भी आलोचनाओं के घेरे में आ गए। इंटरनेट पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जाहिर की और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">विवाद बढ़ने के बाद प्रणित मोरे ने सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक माफी जारी की। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई टिप्पणी उनके निजी विचार नहीं हैं और उन्हें उस समय स्थिति को अधिक संवेदनशील तरीके से संभालना चाहिए था। उन्होंने स्वीकार किया कि एक कलाकार के तौर पर उनकी जिम्मेदारी थी कि ऐसे मामलों में बेहतर प्रतिक्रिया देते। माफी संदेश में उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित वीडियो को हटा दिया गया है और भविष्य में ऐसे मामलों को अधिक जिम्मेदारी के साथ संभालने का प्रयास करेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच हिमांशु जांगड़ा की कंपनी स्टारविक डिजाइन भी विवाद में आ गई। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी से इस मामले में कार्रवाई की मांग की। इसके बाद कंपनी के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने वीडियो बयान जारी कर स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में व्यक्त किए गए विचार कंपनी की सोच का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उन्होंने कहा कि कंपनी किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या असम्मानजनक सोच का समर्थन नहीं करती और न ही चाहती है कि ऐसे विचार युवाओं को प्रभावित करें।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी ने मामले की आंतरिक समीक्षा भी की। संस्थापक के अनुसार, महिला कर्मचारियों सहित टीम के अन्य सदस्यों से हिमांशु के व्यवहार को लेकर बातचीत की गई। जांच के दौरान किसी कर्मचारी ने उनके खिलाफ कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार की शिकायत नहीं की। कंपनी के अनुसार, सहकर्मियों ने उन्हें पेशेवर, मेहनती और सम्मानजनक कर्मचारी बताया। इसके बावजूद कंपनी ने माना कि वर्कप्लेस के बाहर हुई घटना का प्रभाव अब कंपनी की छवि और कार्यस्थल के माहौल पर पड़ रहा है। इसी आधार पर कंपनी ने उनसे अलग होने का निर्णय लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, व्यक्तिगत विचारों और पेशेवर जिम्मेदारियों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग कंपनी के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि कार्यस्थल और निजी जीवन के बीच अंतर बनाए रखा जाना चाहिए। हालांकि बड़ी संख्या में लोगों का मानना है कि सार्वजनिक मंच पर की गई टिप्पणियां व्यक्ति की सामाजिक जिम्मेदारी को भी दर्शाती हैं और ऐसे मामलों में जवाबदेही जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस विवाद में यूट्यूबर एल्विश यादव की प्रतिक्रिया भी चर्चा में रही। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए बिना किसी का नाम लिए पूरे मामले पर तंज कसा। उनकी पोस्ट को भी लाखों लोगों ने देखा और उस पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इस बीच सोशल मीडिया पर यह बहस लगातार जारी है कि सार्वजनिक मंचों पर की गई टिप्पणियों की सीमा क्या होनी चाहिए और मनोरंजन के नाम पर किन बातों को स्वीकार किया जा सकता है।</p>
<p>यह मामला केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसने सोशल मीडिया की ताकत, सार्वजनिक जवाबदेही और पेशेवर जीवन पर ऑनलाइन विवादों के असर को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह बहस और आगे बढ़ सकती है कि डिजिटल दौर में किसी एक टिप्पणी का प्रभाव व्यक्ति के करियर और सार्वजनिक छवि पर कितना बड़ा पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/uproar-over-viral-comment-of-young-man-with-370-rupees/article-55534</link>
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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 16:08:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी के तगड़े फॉलोवर्स, BJP-कांग्रेस पीछे छूटे, X अकाउंट भारत में ब्लॉक</title>
                                    <description><![CDATA[कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स 2 करोड़ पार पहुंच गए। BJP और कांग्रेस पीछे छूटे, वहीं X अकाउंट भारत में ब्लॉक हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cockroach-janata-partys-strong-followers-on-instagram-bjp-congress-left-behind/article-53965"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/cockroach-janata-party-cjp-instagram.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोशल मीडिया पर इन दिनों </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">कॉकरोच जनता पार्टी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी </span>CJP <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम का इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक से चर्चा का केंद्र बन गया है। कुछ ही दिनों में इस अकाउंट ने इतनी गति पकड़ ली है कि इनके फॉलोअर्स बड़े राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया हैंडल को भी पीछे छोड़ चुके हैं। हाल के आंकड़ों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 2 करोड़ के पार पहुंच गई है। यही वजह है कि सोशल मीडिया यूजर्स और डिजिटल एक्सपर्ट्स सभी इस अकाउंट की ग्रोथ की चर्चा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि महज पांच दिन में लाखों लोग हर घंटे इस अकाउंट से जुड़े और इसने ट्रेंडिंग लिस्ट में अपनी जगह बना ली।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिलचस्प बात ये है कि पहले इस अकाउंट ने भारतीय जनता पार्टी (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">BJP) <span lang="hi" xml:lang="hi">के इंस्टाग्राम हैंडल को फॉलोअर्स में मात दी और अब कांग्रेस के ऑफिशियल अकाउंट को भी पीछे छोड़ दिया है। पूरा घटनाक्रम इतनी तेजी से हुआ कि सोशल मीडिया पर मीम्स और बहसें शुरू हो गईं। शुरूवात में यह अकाउंट व्यंग्य और मीम कंटेंट के लिए बनाया गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब यह युवाओं के बीच एक वायरल ट्रेंड बन चुका है। इसके पोस्ट में राजनीतिक तंज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टम पर कटाक्ष और इंटरनेट कल्चर का ऐसा मिश्रण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे बड़ी तादाद में लोग शेयर कर रहे हैं। कुछ यूजर्स इसे </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">इंटरनेट मूवमेंट</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">तक कह रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि यह किसी राजनीतिक दल के तौर पर आधिकारिक रूप से रजिस्टर्ड नहीं है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच एक नया विवाद भी सामने आया है। </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CJP <span lang="hi" xml:lang="hi">के फाउंडर अभिजीत ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि उनका </span>X <span lang="hi" xml:lang="hi">अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है। वीडियो में उन्होंने स्क्रीनशॉट दिखाते हुए कहा कि उनके अकाउंट को </span>X <span lang="hi" xml:lang="hi">प्लेटफॉर्म पर </span>'Withheld in India' <span lang="hi" xml:lang="hi">कर दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरे देशों में यह अब भी दिखाई दे रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में कानूनी मांग या प्लेटफॉर्म की नीति के आधार पर कभी-कभी अकाउंट्स को सीमित किया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस मामले में </span>X <span lang="hi" xml:lang="hi">की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अभिजीत का आरोप है कि पहले उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक करने की कोशिश हुई और अब उनका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। उन्होंने वीडियो में कहा कि उन्होंने कोई गलत गतिविधि नहीं की</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी उनके अकाउंट पर कार्रवाई हुई। इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया पर </span>#CockroachJantaParty <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>#CJP <span lang="hi" xml:lang="hi">हैशटैग तेजी से ट्रेंड करने लगे। कई लोग इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर देख रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि इतनी बड़ी ग्रोथ की जांच होना चाहिए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस अकाउंट की लोकप्रियता में इंस्टाग्राम एल्गोरिदम और वायरल कंटेंट का काफी बड़ा हाथ है। जब कोई पोस्ट कम समय में ज्यादा शेयर और एंगेजमेंट हासिल करती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो प्लेटफार्म उसे और बड़े ऑडियंस तक पहुंचाने लगता है। </span>CJP <span lang="hi" xml:lang="hi">के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। इसके कई वीडियो और मीम्स लाखों व्यूज पार कर चुके हैं। यही वजह है कि इसकी पहुंच लगातार बढ़ती गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि इतनी तेजी से ग्रोथ को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कुछ डिजिटल एनालिस्ट्स का मानना है कि ऑर्गेनिक और प्रमोटेड रीच के बीच अंतर साफ नहीं है। फिर भी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह साफ है कि कॉकरोच जनता पार्टी सोशल मीडिया की दुनिया में एक बड़ा नाम बन चुकी है। आने वाले समय में इसकी लोकप्रियता बढ़ेगी या विवाद और गहरा होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस पर सभी की नजरें हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 13:57:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉकरोच जनता पार्टी क्या है? जानिए कौन हैं इसके संस्थापक अभिजीत दीपके</title>
                                    <description><![CDATA[कॉकरोच जनता पार्टी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। जानिए इसके संस्थापक अभिजीत दीपके कौन हैं और कैसे शुरू हुआ यह कैंपेन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/what-is-cockroach-janata-party-know-who-is-its-founder/article-53970"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/cockroach-janata-party-cjp-abhijeet-dipke.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन दिनों सोशल मीडिया पर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">कॉकरोच जनता पार्टी</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">या </span>CJP <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। शुरू में इसे लोग बस एक मीम या मजाक समझ रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कुछ ही दिनों में ये ऑनलाइन कैंपेन बड़ा सुर्खियों में आ गया। इंस्टाग्राम पर इसके लाखों फॉलोअर्स हो गए हैं और हजारों लोग अपनी पहचान इसके सदस्य के रूप में बता रहे हैं। ये तब और ज्यादा चर्चा में आया जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने युवाओं पर कुछ टिप्पणी की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">कॉकरोच जनता पार्टी</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम से एक व्यंग्यात्मक डिजिटल मुहिम चालू हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने देखते ही देखते अपनी प्रभावी ऑनलाइन उपस्थिति बना ली।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से ताल्लुक रखते हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने पुणे में पढ़ाई की और कुछ समय आम आदमी पार्टी की कम्युनिकेशन टीम के साथ काम किया। फिर वे अमेरिका गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की। अभिजीत के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये पूरा कैंपेन अचानक पैदा हुए गुस्से और निराशा का नतीजा है। जब उन्होंने देखा कि सोशल मीडिया पर युवाओं का वर्णन </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">कॉकरोच</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">परजीवी</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे शब्दों से हो रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उन्हें लगा कि उन्हें इस पर व्यंग्य के जरिए प्रतिक्रिया देनी चाहिए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मजेदार तरीके से </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">कॉकरोच जनता पार्टी</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम का ऑनलाइन प्लेटफार्म शुरू किया। शुरूआत में ये सिर्फ मीम और पैरोडी पेज था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन युवाओं का रिस्पॉन्स उससे कहीं ज्यादा बड़ा निकला। उन्होंने बताया कि पार्टी में शामिल होने की </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">पात्रता</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">भी पूरी तरह से व्यंग्यात्मक थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे बेरोजगार होना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार ऑनलाइन रहना या सिस्टम से निराश होना। सोशल मीडिया पर यही बात तेजी से वायरल हो गई और हजारों लोग इससे जुड़ने लगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कुछ ही दिनों में इस मुहिम ने डिजिटल स्पेस में अपनी एक अलग पहचान बना ली। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या लाखों में पहुंच गई। वेबसाइट पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया। सोशल मीडिया यूजर्स खासकर इसके मीम्स</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजनीतिक कटाक्ष और सिस्टम पर किए जा रहे व्यंग्य को शेयर कर रहे हैं। युवाओं के बीच इसकी लोकप्रियता इसलिए भी बढ़ी क्योंकि इसमें उनकी निराशा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी और वर्तमान राजनीति के प्रति नाराजगी साफ झलक रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कॉकरोच जनता पार्टी का घोषणापत्र भी सोशल मीडिया पर काफी शेयर हो रहा है। इसमें न्यायपालिका की स्वतंत्रता</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिलाओं के प्रतिनिधित्व और युवाओं की राजनीति में भागीदारी जैसे मुद्दों का जिक्र किया गया है। अभिजीत दीपके का कहना है कि ये सिर्फ मजाक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि युवाओं की निराशा का प्रतीक बन चुका है। पर अभी तक ये कोई आधिकारिक राजनीतिक पार्टी नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और न ही चुनाव आयोग में इसका रजिस्ट्रेशन हुआ है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का मानना है कि </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CJP <span lang="hi" xml:lang="hi">की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के पीछे वायरल एल्गोरिदम और युवा सहभागिता बड़ा कारण है। जब कोई सामग्री कम समय में बड़े पैमाने पर शेयर होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो प्लेटफार्म उसे और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने लगता है। यही वजह है कि कॉकरोच जनता पार्टी का कंटेंट लगातार ट्रेंड कर रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस पूरे अभियान को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक बहस भी शुरू हो चुकी है। कुछ लोग इसे युवाओं की आवाज मानते हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ इसे बस एक इंटरनेट ट्रेंड बता रहे हैं। लेकिन इतना तो है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया की दुनिया में एक खास पहचान बनाई है और फिलहाल इसकी चर्चा जोरों पर है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 13:57:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंक ज्योतिष : मूलांक 2 और 4 के लिए शुभ संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[अंक ज्योतिष के अनुसार आज भावनाओं और आत्ममंथन का दिन, मूलांक 2 को लाभ आज का दिन भागदौड़ से हटकर खुद को समझने का है। अंक ज्योतिष के संकेत रिश्तों और निर्णयों में संतुलन बनाने की ओर इशारा कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/69f18c4e63381/article-52315"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mulank8.jpg" alt=""></a><br /><p>अंक ज्योतिष के अनुसार 29 अप्रैल 2026 का दिन भावनाओं, आत्ममंथन और संतुलन का संदेश लेकर आया है। इस दिन का मूलांक 2 है, जो रिश्तों, संवेदनशीलता और सहयोग का प्रतीक माना जाता है, जबकि दिन की कुल ऊर्जा 7 अंक से प्रभावित है, जो आध्यात्म और गहराई से जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जब 2 और 7 का संयोजन बनता है, तो यह व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाने, पुराने उलझनों को सुलझाने और सही दिशा में निर्णय लेने का अवसर देता है। आज का दिन तेज गति से काम करने के बजाय ठहरकर सोचने और अपने मन की सुनने का है। यह प्रभाव सभी मूलांक पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा।</p>
<p><strong>मूलांक 1</strong> (1, 10, 19, 28) के लिए आज का दिन धैर्य रखने का है। कार्यक्षेत्र में रफ्तार धीमी रह सकती है, लेकिन सहकर्मियों के साथ तालमेल बेहतर रहेगा। रिश्तों में संवाद बनाए रखना जरूरी होगा।</p>
<p><strong>मूलांक 2 </strong>(2, 11, 20, 29) के लिए दिन अनुकूल है। आपकी सूझबूझ और समझदारी से कामकाज में सफलता मिल सकती है। रिश्तों में सुधार के संकेत हैं और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा।</p>
<p><strong>मूलांक 3</strong> (3, 12, 21, 30) को आज नए विचार मिल सकते हैं। यह समय भविष्य की योजना बनाने और रचनात्मक काम करने के लिए उपयुक्त माना गया है। मानसिक शांति बनाए रखना लाभकारी रहेगा।</p>
<p><strong>मूलांक 4</strong> (4, 13, 22, 31) के जातकों को टीमवर्क से फायदा होगा। जटिल समस्याओं का समाधान मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में अनुशासन और बारीकी से काम करना जरूरी होगा।</p>
<p><strong>मूलांक 5 </strong>(5, 14, 23) को आज निर्णय लेने में सावधानी बरतने की जरूरत है। जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। नई योजनाओं को अपनाने से पहले पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा।</p>
<p><strong>मूलांक 6 </strong>(6, 15, 24) के लिए दिन सकारात्मक है। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिल सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक सुकून मिलेगा और रिश्तों में मिठास आएगी।</p>
<p><strong>मूलांक 7</strong> (7, 16, 25) के लिए यह दिनमानसिक स्पष्टता लेकर आएगा। पढ़ाई, रिसर्च और योजना बनाने के लिए समय अच्छा है। हालांकि, थोड़ी एकांतप्रियता भी रह सकती है।</p>
<p><strong>मूलांक 8 </strong>(8, 17, 26) को आर्थिक मामलों में सतर्क रहना होगा। निवेश या खर्च से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी गई है। कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखें।</p>
<p><strong>मूलांक 9 </strong>(9, 18, 27) के लिए दिन सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और मानसिक शांति महसूस होगी। अधूरे कामों को पूरा करने का अवसर मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 10:26:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उज्जैन में दहेज के खिलाफ मिसाल, सगाई में दूल्हे पक्ष ने लौटाए 25 लाख नकद और 15 तोला सोना</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन दहेज प्रथा के खिलाफ सगाई में दूल्हे पक्ष ने 25 लाख नकद और 15 तोला सोना लौटाया। बड़नगर की यह घटना सामाजिक मिसाल बनी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/we-want-a-daughter-in-law-not-dowry-in-ujjain-the-grooms/article-52262"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/ujjain-dowry-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">उज्जैन से आई यह स्टोरी सिर्फ एक सगाई की रस्म तक सीमित नहीं रही, बल्कि दहेज प्रथा के खिलाफ सामाजिक संदेश बन गई। बड़नगर के समीप आयोजित एक सगाई समारोह में दूल्हे और उसके परिवार ने लड़की पक्ष की ओर से दिए जा रहे लाखों रुपये और सोने के आभूषण लेने से साफ इनकार कर दिया। समारोह में मौजूद लोगों के सामने दूल्हे के पिता ने कहा कि उन्हें दहेज नहीं, बहू चाहिए। दहेज प्रथा के खिलाफ यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब शादी-ब्याह में बढ़ते खर्च और सामाजिक दबाव पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उज्जैन के इस परिवार के फैसले की चर्चा अब स्थानीय समाज से निकलकर व्यापक स्तर पर हो रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र के बंगरेड गांव से जुड़ा यह मामला रविवार को सामने आया। बड़नगर के पास स्थित लोटस रिजॉर्ट में जितेंद्र सिंह राजावत के बेटे आदर्श दीप राजावत की सगाई देपालपुर के तामलपुर निवासी महेंद्र सिंह पवार की बेटी बिंदिया कुमारी से हो रही थी। सगाई की रस्म के दौरान जब लड़की के पिता टीका करने मंच पर पहुंचे, तब वे अपने साथ करीब 25 लाख रुपये नकद और लगभग 15 तोला सोने के आभूषण लेकर आए थे। सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी सामग्री सगाई की पारंपरिक रस्म के तहत दूल्हे पक्ष को दी जानी थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">हालांकि, मंच पर जैसे ही यह सामग्री दूल्हे आदर्श दीप राजावत को देने की कोशिश की गई, उन्होंने और उनके पिता ने इसे लेने से मना कर दिया। परिवार ने सार्वजनिक रूप से कहा कि दहेज लेना सामाजिक बुराई है और वे इस प्रथा का समर्थन नहीं करते। दूल्हे पक्ष ने सिर्फ सगाई की अंगूठी सम्मान स्वरूप स्वीकार की और उसी अंगूठी के आदान-प्रदान के साथ रस्म पूरी की गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सगाई में बड़ा संदेश</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">समारोह में मौजूद लोगों के अनुसार, दूल्हे पक्ष के इस फैसले ने कुछ क्षणों के लिए माहौल को भावुक कर दिया। पहले इसे औपचारिक संकोच माना गया, लेकिन जब परिवार ने सार्वजनिक रूप से दहेज के विरोध की बात दोहराई, तो कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ इस फैसले का स्वागत किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">रिपोर्ट्स के अनुसार, दूल्हे के पिता जितेंद्र सिंह राजावत ने कहा कि शादी रिश्तों का बंधन है, लेन-देन का सौदा नहीं। उन्होंने समाज से अपील की कि दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करने के लिए परिवारों को आगे आना होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">जितेंद्र सिंह राजावत क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में उनके इस सार्वजनिक रुख को सामाजिक स्तर पर और अधिक महत्व के साथ देखा जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे, जिनके सामने उन्होंने साफ कहा कि हर परिवार आर्थिक रूप से इतना सक्षम नहीं होता कि शादी में लाखों रुपये और जेवर दे सके। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के सार्वजनिक संदेश सामाजिक व्यवहार में बदलाव की दिशा तय करते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सामाजिक असर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">उज्जैन में दहेज प्रथा के खिलाफ यह कदम अब चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सामाजिक समारोहों में दहेज विरोध की बातें अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन सार्वजनिक मंच पर लाखों रुपये और सोना लौटाना दुर्लभ है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सामाजिक जानकार मानते हैं कि ऐसे उदाहरण दहेज विरोधी कानूनों से आगे बढ़कर सामाजिक चेतना का काम करते हैं। सरकारी अपडेट और सामाजिक अभियानों के बावजूद दहेज प्रथा अब भी कई इलाकों में दबाव का कारण बनी हुई है। ऐसे में उज्जैन की यह घटना उन परिवारों के लिए उदाहरण बन सकती है, जो सामाजिक प्रतिष्ठा के दबाव में अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाते हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 14:32:16 +0530</pubDate>
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