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                <title>Nakshatra - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Nakshatra RSS Feed</description>
                
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                <title>22 जून 2026 का पंचांग: जानिए आज का शुभ मुहूर्त, तिथि और ग्रहों की स्थिति</title>
                                    <description><![CDATA[सोमवार, 22 जून 2026 के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ समय का विशेष महत्व माना जा रहा है। जानिए दिनभर के ज्योतिषीय संकेत और धार्मिक दृष्टि से आज का महत्व।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/panchang-of-june-22-2026-know-todays-auspicious-time-date/article-56604"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/22-june-2026-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">22 जून 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। भारतीय पंचांग के अनुसार किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और करण का विचार करना परंपरा का हिस्सा रहा है। यही कारण है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग अपने दैनिक कार्यों, यात्राओं, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यक्रमों के लिए पंचांग का सहारा लेते हैं। आज का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है, क्योंकि सोमवार का संबंध शिव पूजा से जुड़ा हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ मास के प्रारंभिक दिनों का प्रभाव देखने को मिल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है। सुबह के समय वातावरण अपेक्षाकृत शांत और सकारात्मक रहने की संभावना है। कई श्रद्धालु आज मंदिरों में दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच सकते हैं। बताया जाता है कि सोमवार को शिवलिंग पर जल अर्पित करने से मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज की तिथि कई धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुभ कार्य करने से पहले तिथि और नक्षत्र का विचार करना लाभकारी हो सकता है। दिनभर ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए अनुकूल संकेत दे सकती है, जबकि कुछ लोगों को महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आज का दिन धैर्य, संयम और योजनाबद्ध तरीके से काम करने वालों के लिए बेहतर परिणाम लेकर आ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नक्षत्र की दृष्टि से भी आज का दिन विशेष माना जा रहा है। नक्षत्रों का प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव, निर्णय क्षमता और कार्यों की सफलता पर पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि शुभ नक्षत्र में शुरू किए गए कार्यों के सफल होने की संभावना अधिक रहती है। यही वजह है कि विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए पंचांग का अध्ययन किया जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज का योग भी कई मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। योग का संबंध व्यक्ति के भाग्य और कार्यों के परिणाम से जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ योग में किए गए कार्य अपेक्षाकृत बेहतर फल प्रदान करते हैं। वहीं अशुभ समय में महत्वपूर्ण निर्णयों को टालने की सलाह दी जाती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मेहनत और सही दिशा में किया गया प्रयास किसी भी ग्रह स्थिति से अधिक प्रभावशाली होता है। करण की बात करें तो इसका उपयोग विशेष रूप से मुहूर्त निर्धारण में किया जाता है। पंचांग के पांच प्रमुख अंगों में करण भी शामिल है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार किसी भी कार्य की सफलता में करण की भूमिका मानी जाती है। इसलिए कई लोग नए कार्यों की शुरुआत से पहले इसकी जानकारी प्राप्त करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक दृष्टि से आज का दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ सकती है। कई स्थानों पर विशेष पूजा और धार्मिक आयोजनों की भी संभावना है। सुबह और शाम के समय भगवान शिव के मंत्रों का जाप तथा ध्यान करना मानसिक शांति प्रदान कर सकता है। ऐसा कहा जाता है कि नियमित पूजा और सकारात्मक सोच व्यक्ति के जीवन में संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज के पंचांग के अनुसार राहुकाल और अन्य अशुभ समय को ध्यान में रखकर कार्य करना बेहतर माना जाता है। हालांकि आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच हर व्यक्ति पंचांग के अनुसार अपने कार्य नहीं कर पाता, फिर भी धार्मिक आस्था रखने वाले लोग शुभ समय का विशेष ध्यान रखते हैं। दिनभर के दौरान संयमित व्यवहार और सकारात्मक दृष्टिकोण लाभकारी साबित हो सकता है। 22 जून 2026 का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण का प्रभाव दिनभर महसूस किया जा सकता है। जो लोग धार्मिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं, उनके लिए आज का दिन पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक चिंतन के लिए अनुकूल माना जा रहा है। वहीं सामान्य लोगों के लिए भी यह दिन योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:37:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>19 जून 2026 का पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल</title>
                                    <description><![CDATA[शुक्रवार के दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए कैसा रहेगा दिन, पंचांग के अनुसार जानिए ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/panchang-of-june-19-2026-know-date-constellation-auspicious-time/article-56350"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/panchang-19-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">19 जून 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार किसी भी दिन की शुरुआत तिथि, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर आंकी जाती है, इसलिए लाखों लोग अपने दैनिक कार्यों की योजना पंचांग देखकर ही बनाते हैं। विशेष रूप से विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, व्यापार की शुरुआत, निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों जैसे कार्यों के लिए पंचांग की भूमिका अहम मानी जाती है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है और इस दिन धन, समृद्धि तथा सुख-शांति की कामना से विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। 19 जून का दिन कई शुभ संयोगों के साथ शुरू हो रहा है, जिससे धार्मिक गतिविधियों और आध्यात्मिक कार्यों में लोगों की रुचि बढ़ी हुई है। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिल सकती है, वहीं घरों में भी लोग पूजा-पाठ और व्रत संबंधी तैयारियों में जुटे रहेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार दिनभर ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव विभिन्न कार्यों पर पड़ता है। यही वजह है कि शुभ और अशुभ समय की जानकारी को महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी नए कार्य की शुरुआत शुभ मुहूर्त में की जाए तो उसके सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना अधिक रहती है। दूसरी ओर राहुकाल और अन्य अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा के साथ भगवान विष्णु की आराधना भी शुभ मानी जाती है। कई श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं और विशेष पूजा के माध्यम से परिवार की आर्थिक उन्नति तथा सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिरों में सुबह और शाम विशेष आरती का आयोजन किया जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग केवल आस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह भारतीय खगोल विज्ञान और समय गणना की प्राचीन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। हजारों वर्षों से भारतीय समाज में पंचांग का उपयोग पर्व-त्योहारों की तिथियां निर्धारित करने, कृषि कार्यों की योजना बनाने और सामाजिक आयोजनों के समय तय करने के लिए किया जाता रहा है। आधुनिक समय में भले ही जीवनशैली बदल गई हो, लेकिन पंचांग की उपयोगिता आज भी बनी हुई है। अब लोग मोबाइल एप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी पंचांग की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इसके बावजूद पारंपरिक पंचांगों का महत्व कम नहीं हुआ है और बड़ी संख्या में लोग आज भी दैनिक पंचांग पढ़कर दिन की शुरुआत करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">19 जून 2026 को पड़ने वाला शुक्रवार विशेष रूप से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन घर और कार्यस्थल की साफ-सफाई करने, दीप प्रज्वलित करने और माता लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कई लोग इस दिन सफेद वस्त्र धारण करते हैं और देवी को सफेद पुष्प, खीर, मिश्री तथा सुगंधित सामग्री अर्पित करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। कुछ स्थानों पर महिलाएं शुक्रवार व्रत रखती हैं और परिवार की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना करती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्रहों की चाल और नक्षत्रों की स्थिति व्यक्ति के जीवन पर सूक्ष्म प्रभाव डालती है। हालांकि इसे लेकर अलग-अलग मत भी हैं, लेकिन भारतीय परंपरा में पंचांग को मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता है। व्यापार से जुड़े लोग अक्सर नए सौदों और निवेश से पहले शुभ मुहूर्त की जानकारी लेते हैं। इसी तरह विवाह और मांगलिक कार्यक्रमों के लिए भी पंचांग के आधार पर तिथियां तय की जाती हैं। शुक्रवार को बनने वाले कुछ शुभ योगों को लेकर धार्मिक समुदाय में उत्साह देखा जा रहा है। कई श्रद्धालु इस दिन विशेष दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान करने की योजना बना रहे हैं। धार्मिक ग्रंथों में शुक्रवार को सेवा, दान और सद्भावना के कार्यों को भी विशेष महत्व दिया गया है। जरूरतमंदों की सहायता करना, भोजन दान देना और गौसेवा जैसे कार्य इस दिन पुण्यदायी माने जाते हैं। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि पूजा-पाठ के साथ अच्छे कर्म भी जीवन में सकारात्मक परिणाम लाते हैं। इसलिए केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार व्यवहार भी इस दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। कई श्रद्धालु मंदिरों में प्रसाद वितरण और सामाजिक सेवा के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग का महत्व केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। यह लोगों को समय के प्रति जागरूक रहने और अपने कार्यों को व्यवस्थित ढंग से करने की प्रेरणा भी देता है। भारतीय संस्कृति में समय को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है और पंचांग उसी समय व्यवस्था का पारंपरिक स्वरूप है। 19 जून 2026 का दिन भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है। श्रद्धालु दिनभर पूजा-पाठ, व्रत, दान और धार्मिक आयोजनों में भाग लेंगे, वहीं कई लोग अपने नए कार्यों की शुरुआत भी शुभ समय देखकर करेंगे। 19 जून 2026 का पंचांग धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। माता लक्ष्मी की पूजा, शुभ मुहूर्तों का पालन, राहुकाल से बचाव और सकारात्मक कार्यों की शुरुआत इस दिन को खास बनाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए कार्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यही कारण है कि पंचांग आज भी करोड़ों लोगों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है और हर नए दिन की शुरुआत के साथ इसकी प्रासंगिकता बनी रहती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 05:02:01 +0530</pubDate>
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                <title>16 जून 2026 का पंचांग: शुभ योगों के बीच शुरू होगा नया दिन</title>
                                    <description><![CDATA[तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति के अनुसार धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और मांगलिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है 16 जून का दिन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/panchang-of-june-16-2026-new-day-will-start-amidst/article-56032"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/panchang-16-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">16 जून 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत कई महत्वपूर्ण ग्रह स्थितियों और शुभ योगों के प्रभाव के साथ होगी। देशभर में बड़ी संख्या में लोग अपने दैनिक कार्यों की योजना पंचांग के आधार पर बनाते हैं और ऐसे में मंगलवार का यह दिन कई लोगों के लिए खास महत्व रखता है। तिथि, वार, नक्षत्र और योग का समन्वय दिनभर के कार्यों पर प्रभाव डाल सकता है। यही कारण है कि सुबह से ही मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। पंचांग भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, व्यापार की शुरुआत और अन्य मांगलिक कार्यों में पंचांग की भूमिका अहम रहती है। 16 जून 2026 को भी कई लोग अपने जरूरी निर्णय पंचांग देखकर लेने की तैयारी में हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ समय में किए गए कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना अधिक मानी जाती है। यही वजह है कि हर दिन के पंचांग का इंतजार बड़ी संख्या में लोग करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज का दिन आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल रह सकता है। सुबह के समय पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान जैसे कार्यों में लोगों की रुचि बढ़ सकती है। कई स्थानों पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और सामूहिक पूजा कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा सकता है। माना जाता है कि शुभ योगों में भगवान की आराधना करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। ऐसे में दिन की शुरुआत धार्मिक गतिविधियों से करना लाभकारी माना जा रहा है। आज के पंचांग में तिथि और नक्षत्र का विशेष महत्व बताया जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों और व्यक्तियों के लिए सकारात्मक संकेत दे सकती है। हालांकि पंचांग का प्रभाव व्यक्ति की व्यक्तिगत कुंडली और ग्रह दशा पर भी निर्भर करता है। इसलिए विशेषज्ञ किसी भी बड़े निर्णय से पहले व्यक्तिगत सलाह लेने की भी बात कहते हैं। फिर भी सामान्य रूप से दिन को शुभ और संतुलित माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान-पुण्य के कार्यों के लिए भी यह दिन अच्छा माना जा सकता है। कई लोग जरूरतमंदों की सहायता, अन्नदान, वस्त्रदान या धार्मिक स्थलों में सेवा कार्य करने की योजना बना सकते हैं। भारतीय परंपरा में दान को विशेष महत्व दिया गया है और माना जाता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सुबह और शाम के समय किए गए धार्मिक कार्यों को विशेष फलदायी माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">व्यापार और नौकरी से जुड़े लोगों के लिए भी पंचांग महत्वपूर्ण माना जाता है। कई कारोबारी नए सौदों, निवेश या महत्वपूर्ण बैठकों का समय शुभ मुहूर्त के अनुसार तय करते हैं। 16 जून को भी कुछ लोग अपने व्यावसायिक निर्णय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को ध्यान में रखकर ले सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि सफलता के लिए मेहनत और सही योजना सबसे महत्वपूर्ण होती है, जबकि पंचांग केवल एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पंचांग का प्रभाव काफी गहरा है। खेती-बाड़ी से जुड़े कई निर्णय, धार्मिक आयोजन और सामाजिक कार्यक्रम पंचांग देखकर ही तय किए जाते हैं। गांवों में बुजुर्ग और पुरोहित वर्ग लोगों को शुभ-अशुभ समय की जानकारी देते हैं और उसी आधार पर कई गतिविधियां संचालित होती हैं। यही परंपरा आधुनिक समय में भी काफी हद तक बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">16 जून 2026 का पंचांग यह संकेत देता है कि दिन धार्मिक, सामाजिक और व्यक्तिगत दृष्टि से संतुलित रहने की संभावना रखता है। पूजा-पाठ, ध्यान, दान और सकारात्मक कार्यों के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है। दिनभर ग्रहों की स्थिति और शुभ योग लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रह सकते हैं। ऐसे में जो लोग पंचांग और ज्योतिष में विश्वास रखते हैं, वे अपने कार्यों की योजना उसी के अनुसार बना सकते हैं। यह दिन आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मक सोच और शुभ कार्यों की प्रेरणा देने वाला माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 00:00:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>15 जून 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय की पूरी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[सोमवार के दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति से लेकर राहुकाल तक, जानिए पूरे दिन का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/complete-information-about-panchang-tithi-nakshatra-and-auspicious-and-inauspicious/article-55941"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/15-june-2026-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">15 जून 2026 का पंचांग सामने आते ही एक बार फिर लोगों की नजर दिन की तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय पर टिक गई है। सोमवार के इस दिन को लेकर कई धार्मिक और पारंपरिक गतिविधियों की तैयारी सुबह से ही देखने को मिल रही है। 15 जून 2026 का पंचांग खास तौर पर उन लोगों के लिए अहम माना जा रहा है जो किसी नए काम की शुरुआत, यात्रा या फिर धार्मिक अनुष्ठान की योजना बना रहे हैं। सुबह से ही मंदिरों में हलचल थोड़ी ज्यादा रही और कई जगहों पर लोग दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करते नजर आए। बताया जा रहा है कि इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति सामान्य प्रभाव वाली है लेकिन कुछ समय ऐसे हैं जिनमें सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दिन की तिथि और वार का मेल ऐसा है जिसमें संतुलित ऊर्जा बनी रहती है, लेकिन दिन के बीच में कुछ समय राहुकाल का प्रभाव रहने से नए और बड़े निर्णय टालने की बात कही जा रही है। सुबह का समय, खासकर ब्रह्म मुहूर्त, पूजा-पाठ और ध्यान के लिए अच्छा बताया गया है। कई घरों में लोगों ने दिन की शुरुआत पूजा और दीप जलाकर की। कुछ इलाकों में यह भी देखने को मिला कि लोग अपने जरूरी कामों को पहले ही निपटाने की कोशिश में सुबह जल्दी ही बाहर निकल गए। 15 जून 2026 का पंचांग यह भी संकेत देता है कि दिन के शुरुआती घंटे मानसिक रूप से स्थिर और शांत रह सकते हैं, जिससे छोटे-मोटे कार्यों में बाधा कम आने की संभावना रहती है। हालांकि दोपहर के आसपास ऊर्जा में हल्का बदलाव महसूस किया जा सकता है, ऐसा ज्योतिषीय मान्यताओं में कहा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिन आगे बढ़ने के साथ-साथ बाजारों और कार्यस्थलों पर भी सामान्य रफ्तार देखने को मिलती है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि वे आज किसी भी नए निवेश से पहले पंचांग की स्थिति देख रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि यह दिन बड़े जोखिम वाले फैसलों के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं माना जाता, लेकिन नियमित कामकाज पर इसका कोई विशेष नकारात्मक असर नहीं दिखता। ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी लोग पंचांग को काफी गंभीरता से लेते हैं और बड़े बुजुर्गों की सलाह पर ही काम शुरू करते हैं। वहीं शहरी इलाकों में भी धीरे-धीरे यह परंपरा डिजिटल माध्यमों के जरिए फिर से देखी जा रही है। लोग मोबाइल पर ही पंचांग देखकर अपने दिन की योजना तय कर रहे हैं। इस बीच कुछ जगहों पर धार्मिक आयोजन और छोटे व्रत भी देखने को मिल रहे हैं, जिससे माहौल थोड़ा आध्यात्मिक बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">दोपहर के बाद का समय थोड़ा मिश्रित प्रभाव वाला बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान मानसिक थकान या निर्णय में थोड़ी उलझन जैसी स्थिति बन सकती है, इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर या बड़ा समझौता करने से पहले दोबारा सोचने की सलाह दी जा रही है। वहीं शाम के समय स्थिति फिर से सामान्य होती दिखाई देती है। कई जगहों पर लोग मंदिरों में शाम की आरती के लिए पहुंचते हैं और दिनभर की व्यस्तता के बाद एक तरह की शांति महसूस की जाती है। 15 जून 2026 का पंचांग यह भी संकेत देता है कि दिन का अंतिम हिस्सा अपेक्षाकृत स्थिर और शांत ऊर्जा वाला रह सकता है, जिससे परिवारिक गतिविधियों और हल्के कामों के लिए समय बेहतर माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">देखा जाए तो यह दिन बहुत अधिक उतार-चढ़ाव वाला नहीं है, लेकिन पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार समय का सही चयन बेहद जरूरी माना जा रहा है। लोग अपने अनुभव और आस्था के आधार पर ही दिन की गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। कहीं-कहीं यह भी देखने को मिला कि लोग बिना पंचांग देखे कोई बड़ा काम शुरू नहीं करना चाहते, जबकि युवा वर्ग इसे एक सामान्य मार्गदर्शक की तरह ले रहा है। इसके बावजूद धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से 15 जून 2026 का दिन लोगों के लिए एक संतुलित और सामान्य प्रभाव वाला दिन माना जा रहा है, जिसमें थोड़ी सावधानी और सही समय का चयन ही मुख्य भूमिका निभाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 10:47:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आज का पंचांग 2 जून 2026: कृष्ण द्वितीया तिथि में बन रहे शुभ योग</title>
                                    <description><![CDATA[मंगलवार को मूल नक्षत्र और शुभ योग का संयोग, जानें दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/todays-panchang-2-june-2026-auspicious-yoga-being-formed-on/article-54701"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/aaj-ka-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखा जाता है ताकि समय की अनुकूलता का आकलन किया जा सके। आज 2 जून 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है, जबकि दिनभर चंद्रमा धनु राशि में गोचर कर रहे हैं। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के कारण कई लोगों के लिए यह दिन नई योजनाओं पर विचार करने और आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए अनुकूल माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज का पंचांग बताता है कि कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शाम करीब 7:01 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ हो जाएगा। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार आज मूल नक्षत्र रात लगभग 10:06 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा। मूल नक्षत्र को परिवर्तन और गहराई से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कई विद्वानों का मानना है कि इस नक्षत्र में व्यक्ति आत्मविश्लेषण और भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से विचार कर सकता है। वहीं, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव शुरू होने के बाद आत्मविश्वास और उत्साह में वृद्धि देखने को मिल सकती है। आज साध्य योग सुबह तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद शुभ योग का निर्माण होगा। शुभ योग को सामान्य तौर पर सकारात्मक परिणाम देने वाला योग माना जाता है। पंचांग के अनुसार तैतिल करण के बाद गर करण का प्रभाव रहेगा, जो कई प्रकार के व्यावहारिक और पारिवारिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। ऐसे में आज हनुमान पूजा, सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा का पाठ और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। कई श्रद्धालु आज मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। सुबह का समय ध्यान, जप और पूजा-पाठ के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है। ब्रह्म मुहूर्त में किए गए धार्मिक कार्यों को अत्यंत फलदायी बताया जाता है। आज अभिजीत मुहूर्त भी उपलब्ध रहेगा, जिसे किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। हालांकि राहुकाल के दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। मंगलवार होने के कारण राहुकाल दोपहर बाद का समय माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यदि किसी महत्वपूर्ण निर्णय को टालना संभव हो तो राहुकाल समाप्त होने के बाद ही उसे करना बेहतर रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज का दिन आध्यात्मिक चिंतन और आत्ममंथन के लिए भी अनुकूल माना जा रहा है। चंद्रमा का धनु राशि में होना ज्ञान, सीखने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। विद्यार्थी, शोध कार्य से जुड़े लोग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी आज अपने लक्ष्य पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होने की संभावना भी बन सकती है। आर्थिक मामलों में संयम और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना लाभदायक रहेगा। जो लोग निवेश या व्यवसाय से जुड़े निर्णय लेने की सोच रहे हैं, उन्हें जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग केवल तिथि और नक्षत्र की जानकारी भर नहीं देता, बल्कि यह व्यक्ति को समय के महत्व का बोध भी कराता है। भारतीय संस्कृति में पंचांग को दैनिक जीवन का मार्गदर्शक माना गया है। आज के दिन शुभ कार्यों के लिए उचित समय का चयन करने के साथ-साथ धार्मिक गतिविधियों में भाग लेना मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर सकता है। कुल मिलाकर 2 जून 2026 का दिन धार्मिक आस्था, आत्मविश्वास और संतुलित निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जो लोग अपने कार्यों को सही समय पर और सोच-समझकर पूरा करेंगे, उनके लिए दिन अपेक्षाकृत बेहतर साबित हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>आज का पंचांग संक्षेप में</strong></p>
<p style="text-align:justify;">तिथि – कृष्ण पक्ष द्वितीया (शाम 7:01 बजे तक)<br />नक्षत्र – मूल (रात 10:06 बजे तक), फिर पूर्वाषाढ़ा<br />योग – साध्य योग के बाद शुभ योग<br />करण – तैतिल के बाद गर करण<br />वार – मंगलवार<br />चंद्र राशि – धनु<br />राहुकाल – दोपहर बाद का समय, शुभ कार्यों से परहेज करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/todays-panchang-2-june-2026-auspicious-yoga-being-formed-on/article-54701</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 11:25:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग 20 मई 2026: वरदा चतुर्थी पर बन रहे शुभ योग, जानें मुहूर्त और राहुकाल का समय</title>
                                    <description><![CDATA[20 मई 2026 का पंचांग पढ़ें। जानें वरदा चतुर्थी का शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय और ग्रहों की स्थिति।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-20-may-2026-auspicious-yoga-being-formed-on/article-53801"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/aaj-ka-panchang-20-may-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Aaj Ka Panchang <span lang="hi" xml:lang="hi">20</span> May </strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>2026:</strong> 20 मई 2026</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बुधवार का दिन धार्मिक नजरिए से काफी खास होने वाला है। इस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर वरदा चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। गणेश भक्तों के लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के अड़चने दूर होती हैं और इच्छाएं पूरी होती हैं। पंचांग के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चतुर्थी तिथि सुबह 11 बजे 06 मिनट तक रहेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। फिर भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूर्योदय के समय चतुर्थी तिथि होने के चलते पूरे दिन वरदा चतुर्थी व्रत मान्य रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कल सुबह तक आर्द्रा नक्षत्र रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके बाद पुनर्वसु और फिर पुष्य नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शूल योग और गंड योग का संयोग भी बन रहा है। बताया जा रहा है कि बुधवार और वरदा चतुर्थी का यह संयोजन गणेश पूजा के लिए बहुत शुभ माना जाता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पंचांग के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कल सूर्योदय सुबह 5 बजकर 28 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 08 मिनट पर। चंद्रमा मिथुन राशि में गोचर करेंगे और चंद्रोदय सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि चंद्रास्त रात 11 बजकर 08 मिनट पर रहेगा। दिन के करण की बात करें तो विष्टि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बव और बालव करण रहेगा। लेकिन सुबह के समय विष्टि करण यानी भद्रा का साया रहने की वजह से शुभ कार्यों को कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस समय में नए काम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मांगलिक कार्यक्रम या बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बुधवार होने के कारण भगवान गणेश के साथ बुध ग्रह की पूजा भी शुभ मानी गई है। माना जा रहा है कि जिन लोगों को नौकरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापार या शिक्षा में रुकावट महसूस हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें कल गणेश जी को दूर्वा और मोदक अर्पित करने से लाभ मिल सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ग्रहों की स्थिति भी बुधवार को कई राशियों पर प्रभाव डाल सकती है। सूर्य और बुध वृषभ राशि में रहेंगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं चंद्रमा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुरु और शुक्र मिथुन राशि में होंगे। मंगल मेष राशि में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शनि मीन राशि में और राहु कुंभ राशि में गोचर करेंगे। शुक्र का आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश कुछ लोगों के लिए आर्थिक और सामाजिक मामलों में बदलाव का संकेत दे सकता है। उत्तर दिशा में दिशाशूल भी रहने वाला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए इस दिशा में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">20 मई का दिन धार्मिक अनुष्ठानों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गणेश पूजा और आत्मचिंतन के लिए अच्छा माना जा रहा है। लेकिन सुबह के अशुभ समय को ध्यान में रखकर ही महत्वपूर्ण कार्य करने की सलाह दी जा रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 00:00:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग 12 मई 2026: दशमी तिथि में बन रहे शुभ योग, जानें शुभ मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[Aaj Ka Panchang 12 May 2026 जानें। दशमी तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और आज के धार्मिक उपाय की पूरी जानकारी पढ़ें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-12th-may-2026-auspicious-time-is-being-formed/article-53152"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t094317.254.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>Aaj Ka Panchang 12 May 2026:</strong> आज 12 मई 2026</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से काफी खास माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 2:52 बजे तक रहेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। ये दिन हनुमान भक्तों के लिए भी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल है। सुबह से मंदिरों में पूजा अर्चना और हनुमान चालीसा का पाठ शुरु हो चुका है। ज्योतिष गणना के हिसाब से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो रात 1:17 बजे तक चलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आ जाएगा। वैधृति योग रात 11:20 बजे तक रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर विष्कुम्भ योग शुरु होगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूर्योदय सुबह 5:32 बजे हुआ और सूर्यास्त शाम 7:03 बजे होगा। चंद्रमा भी शाम 7:25 बजे तक कुंभ राशि में रहेंगे और उसके बाद मीन राशि में प्रवेश करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">चंद्रमा का यह गोचर कई लोगों के मन में भावनात्मक बदलाव और आत्मचिंतन की स्थिति ला सकता है। पंचांग के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विष्टि यानी भद्रा करण 2:52 बजे तक रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। उसके बाद बव करण शुरु होगा। आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:51 से 12:45 बजे तक है। अमृत काल भी शाम 5:21 से 6:56 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:02 से 4:47 बजे तक रहेगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर अशुभ मुहूर्त की बात करें</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आज राहुकाल 3 बजे से 4:30 बजे तक रहेगा। यमगंड सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इन समयों में नए काम या निवेश करने से बचना चाहिए। आज का नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके स्वामी बृहस्पति देव माने जाते हैं। इस नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यत: ईमानदार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विनम्र और कला प्रेमी होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इनका स्वभाव कभी-कभी संवेदनशील और अस्थिर भी हो सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">धार्मिक मान्यता के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। आज हनुमान चालीसा का पाठ करना और बजरंगबली को चोला चढ़ाना खास महत्व रखता है। इसके साथ ही लाल मसूर की दाल का दान भी शुभ माना गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे जीवन में साहस और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। कई भक्त आज बड़े मंगल के मौके पर जरूरतमंदों को जल और शर्बत का दान भी करेंगे।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 10:25:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग 7 मई 2026 : ज्येष्ठ पंचमी पर जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का पूरा समय</title>
                                    <description><![CDATA[जानें 7 मई 2026 का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और पूजा के लिए सही समय। आज का दिन धार्मिक दृष्टि से कैसा रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-7-may-2026-know-the-auspicious-time-and/article-52882"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t091906.918.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">7 मई 2026</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ माह की कृष्ण पंचमी तिथि है जो सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। पंचांग के अनुसार आज ग्रह-नक्षत्रों की चाल सामान्य मानी जा रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन कुछ समय विशेष कार्यों के लिए अत्यंत शुभ और कुछ समय अशुभ भी बताए गए हैं। सुबह से लेकर रात तक चलने वाले इन मुहूर्तों का असर दैनिक जीवन और धार्मिक कार्यों पर देखा जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज का दिन सूर्य के उत्तरायण में रहने के साथ उत्तर गोल और वसंत ऋतु का हिस्सा है। सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर सूर्य का उदय हुआ और शाम 7 बजे सूर्यास्त होगा। चंद्रमा की स्थिति धनु राशि में बनी हुई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो रात 1 बजकर 26 मिनट (8 मई) तक इसी राशि में रहेगा। वहीं पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शाम 6 बजकर 46 मिनट तक प्रभावी रहेगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा। इस नक्षत्र का संबंध शुक्र देव से बताया जाता है और इसका प्रभाव व्यक्ति के आत्मविश्वास</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लोकप्रियता और निर्णय क्षमता पर पड़ता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिन के शुभ योगों की बात करें तो साध्य योग रात 2 बजे (8 मई) तक रहेगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके बाद शुभ योग की शुरुआत होगी। वहीं करण में तैतिल सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक और उसके बाद गरज करण रात 11 बजकर 20 मिनट तक प्रभावी रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन योगों और करणों का प्रभाव पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत पर पड़ता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज के शुभ मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 6 मिनट से 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसे ध्यान</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पूजा और साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है। वहीं अमृत काल दोपहर 1 बजकर 23 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक रहेगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसे अत्यंत शुभ समय की श्रेणी में रखा गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी ओर आज कुछ अशुभ समय भी बताए गए हैं जिनमें सावधानी बरतनी चाहिए। राहुकाल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक रहेगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस दौरान कोई भी नया कार्य शुरू करना वर्जित माना जाता है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इन समयों में महत्वपूर्ण निर्णय या नए कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज किसी बड़े व्रत या त्योहार का उल्लेख नहीं है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन धार्मिक दृष्टि से दिन को शांत और साधारण माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार आज का दिन विशेष रूप से पूजा-पाठ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्यान और साधना के लिए उपयुक्त है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे लोग आमतौर पर आत्मविश्वासी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भाग्यशाली और मिलनसार स्वभाव के होते हैं। ऐसे लोग अपने जीवन में साहस और समझदारी के साथ आगे बढ़ते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज का विशेष उपाय भी बताया गया है। मान्यता है कि आज भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और उन्हें पीले फूल अर्पित करने से जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही गुरुवार के दिन चने की दाल का दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिससे कार्यों में सफलता और बाधाओं का निवारण होता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 10:16:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग 12 अप्रैल 2026: वैशाख कृष्ण दशमी, जानें आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय</title>
                                    <description><![CDATA[श्रवण नक्षत्र और साध्य योग के संयोग के साथ आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, जानें सूर्योदय-सूर्यास्त और शुभ मुहूर्त]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-12-april-2026-vaishakh-krishna-dashami-know-todays/article-50885"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/aaj-ka-panchang4.jpg" alt=""></a><br /><p>आज रविवार, 12 अप्रैल 2026 को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि का प्रभाव रहेगा। पंचांग के अनुसार यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आज श्रवण नक्षत्र और साध्य योग का संयोग बन रहा है। चंद्रमा आज मकर राशि में संचार कर रहा है, जो दिन को व्यावहारिक और अनुशासित ऊर्जा प्रदान करता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए शुभ कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है, जबकि राहुकाल और अशुभ समय में सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।</p>
<hr />
<h5><strong><span>तिथि और नक्षत्र की स्थिति</span></strong></h5>
<p>आज वैशाख कृष्ण दशमी तिथि रात्रि 01:16 बजे (13 अप्रैल) तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा। दिन के पहले भाग में श्रवण नक्षत्र प्रभावी रहेगा, जो दोपहर 03:14 बजे तक रहेगा, इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का प्रवेश होगा।</p>
<p>श्रवण नक्षत्र को ज्ञान, सुनने की क्षमता और अनुशासन से जोड़ा जाता है, जो आज के दिन को सीख और समझ के लिए उपयुक्त बनाता है।</p>
<hr />
<h5><span><strong>शुभ योग और ग्रह स्थिति</strong></span></h5>
<p>आज दोपहर 01:02 बजे तक वणिज करण और उसके बाद विष्टि करण रहेगा। वहीं साध्य योग सायं 06:16 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद शुभ योग का आरंभ होगा।</p>
<p>चंद्रमा का मकर राशि में गोचर कार्यों में गंभीरता और स्थिरता लाने वाला माना जा रहा है।</p>
<hr />
<h5><span><strong>सूर्योदय और महत्वपूर्ण समय</strong></span></h5>
<p>सूर्योदय: प्रातः 05:59 बजे</p>
<p>सूर्यास्त: सायं 06:45 बजे</p>
<p>चंद्रोदय: रात्रि 03:21 बजे 13 अप्रैल</p>
<p>चंद्रास्त: दोपहर 01:33 बजे</p>
<hr />
<h5><span><strong>शुभ मुहूर्त</strong></span></h5>
<p>आज के दिन अभिजीत मुहूर्त को अत्यंत शुभ माना गया है:</p>
<p>अभिजीत मुहूर्त: 11:57 बजे से 12:48 बजे तक</p>
<p>ब्रह्म मुहूर्त: 04:31 बजे से 05:15 बजे तक</p>
<p>अमृत काल: 05:18 बजे से 06:57 बजे 13 अप्रैल तक</p>
<hr />
<h5><span><strong>अशुभ समय </strong></span></h5>
<p>राहुकाल: 04:30 बजे से 06:00 बजे तक</p>
<p>गुलिक काल: 03:30 बजे से 04:30 बजे तक</p>
<p>यमगंड काल: 12:00 बजे से 01:30 बजे तक</p>
<p>इन समयों में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।</p>
<hr />
<h4><span><strong>नक्षत्र विशेषता</strong></span></h4>
<p>श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्रदेव माने जाते हैं और इसका संबंध भगवान विष्णु से बताया गया है। यह नक्षत्र जिज्ञासा, बुद्धिमत्ता और सीखने की क्षमता को बढ़ाने वाला माना जाता है। आज का दिन नए ज्ञान और योजनाओं पर विचार करने के लिए उपयुक्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 07:44:52 +0530</pubDate>
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