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                <title>Infosys - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Infosys RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शेयर बाजार में शानदार तेजी, सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 24,100 के पार</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू बाजार में मजबूत शुरुआत के बीच आईटी और मेटल सेक्टर में खरीदारी लौटी, जबकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद निवेशकों का भरोसा कायम दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/great-rise-in-the-stock-market-sensex-jumped-400-points/article-57613"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/today-stock-market-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 2 जुलाई को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 400 अंकों की तेजी के साथ 77,300 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 100 अंकों से अधिक की बढ़त लेकर 24,100 के स्तर के आसपास पहुंच गया। बाजार में शुरुआती घंटों में आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा और प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी कंपनियों के शेयरों का रहा। देश की प्रमुख टेक कंपनियों इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में करीब चार प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी का रुख बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी सेक्टर में सुधार की उम्मीद और आगामी तिमाही नतीजों को लेकर सकारात्मक माहौल के कारण निवेशक आईटी शेयरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मेटल सेक्टर में भी अच्छी मांग देखने को मिली, जिससे इस क्षेत्र के अधिकांश शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। घरेलू बाजार की मजबूती के बीच एशियाई शेयर बाजारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी दबाव में रहे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों में अलग-अलग संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार में निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना रहा। विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू आर्थिक संकेतकों की मजबूती और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद निवेशकों का भरोसा बनाए हुए है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान हल्की गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। हालांकि अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का भारतीय बाजार पर ज्यादा असर नहीं दिखाई दिया। बाजार जानकारों का मानना है कि घरेलू निवेशकों का फोकस फिलहाल भारत की आर्थिक स्थिति, कॉर्पोरेट आय और आने वाले तिमाही नतीजों पर अधिक है, इसलिए विदेशी संकेतों का प्रभाव सीमित नजर आया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की खरीदारी बाजार को सहारा देती दिखाई दे रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने पिछले सात कारोबारी दिनों में करीब 3,907 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। वहीं पिछले एक महीने में उनकी कुल बिकवाली 36,000 करोड़ रुपये से अधिक रही है। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार खरीदारी जारी रखी है और पिछले एक महीने में 71,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। यही वजह है कि विदेशी बिकवाली के बावजूद भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट से बचा हुआ है।  घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भारतीय बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। पिछले कुछ वर्षों में म्यूचुअल फंड निवेश, सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) और खुदरा निवेशकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसका फायदा यह हुआ है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर पहले की तुलना में कम दिखाई देता है। घरेलू निवेशक बाजार में गिरावट आने पर भी खरीदारी के अवसर तलाश रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया था। एक जुलाई को सेंसेक्स 443 अंकों की बढ़त के साथ 76,922 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 140 अंक चढ़कर 24,005 के स्तर पर पहुंच गया था। लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी का माहौल निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि यह रुझान आगे भी जारी रहता है तो प्रमुख सूचकांक नए रिकॉर्ड स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं। आने वाले दिनों में कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे निवेशकों की दिशा तय करेंगे। विशेष रूप से आईटी, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और मेटल कंपनियों के परिणामों पर बाजार की नजर रहेगी। यदि अपेक्षा से बेहतर नतीजे आते हैं तो बाजार में तेजी और मजबूत हो सकती है। वहीं वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> मौजूदा तेजी के दौरान भी सोच-समझकर निवेश करें। केवल तेजी देखकर किसी शेयर में निवेश करने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और मूल्यांकन का आकलन करना जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियां अब भी बेहतर विकल्प मानी जा रही हैं। बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है और आईटी तथा मेटल सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं और घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत बने रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार आने वाले कारोबारी सत्रों में भी मजबूती के साथ आगे बढ़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:27:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का</title>
                                    <description><![CDATA[आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार दबाव में, इंफोसिस 8% तक टूटा, निफ्टी भी 200 अंक नीचे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sharp-decline-in-stock-market-sensex-fell-800-points/article-56362"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-crash-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">शेयर बाजार में 19 जून को कारोबार की शुरुआत से ही भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और दिन बढ़ने के साथ गिरावट गहराती चली गई। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स करीब 800 अंक गिरकर 76,600 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 200 अंक टूटकर 23,950 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर में देखा गया, जहां बड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई। आईटी शेयरों में गिरावट ने पूरे बाजार के मूड को कमजोर कर दिया। इंफोसिस के शेयर में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टीसीएस और टेक महिंद्रा में लगभग 6-6 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। एचसीएल टेक भी करीब 5 प्रतिशत तक टूट गया। बताया जा रहा है कि वैश्विक संकेतों और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सेक्टर में हालिया तेजी के बाद करेक्शन जरूरी था, जो अब देखने को मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि जापान का निक्केई हल्की बढ़त में रहा। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में नजर आया और करीब डेढ़ प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे यह संकेत मिला कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए थे। नैस्डैक में करीब 2 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई थी, जिससे टेक शेयरों को वैश्विक स्तर पर सपोर्ट मिला था, लेकिन इसका असर भारतीय बाजार में टिक नहीं सका। विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू स्तर पर आईटी शेयरों में बिकवाली और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार पर भारी पड़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेशी निवेशकों यानी FII की ओर से भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। हाल के आंकड़ों के अनुसार एफआईआई ने 1025 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है, जिससे बाजार में नकदी प्रवाह कमजोर हुआ है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII ने खरीदारी की है, लेकिन वह एफआईआई की बिकवाली की भरपाई नहीं कर पाई। पिछले कई दिनों से एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार की दिशा पर असर पड़ा है। बाजार में मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल संकेतों, आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का परिणाम है। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र यानी 18 जून को बाजार में तेजी देखी गई थी, जहां सेंसेक्स 254 अंक चढ़कर 77,410 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 82 अंक की बढ़त के साथ 24,168 के स्तर पर पहुंचा था। लेकिन यह तेजी अगले ही दिन दबाव में बदल गई।बाजार में फिलहाल अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और आईटी सेक्टर में कमजोरी ने पूरे बाजार को नीचे खींचा है। बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 10:44:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स 1000 अंक गिरकर बंद, निफ्टी 23,898 पर; आईटी शेयरों में भारी बिकवाली</title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स गिरावट के पीछे वैश्विक तनाव और IT सेक्टर की कमजोरी, निवेशकों में सतर्कता शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-fell-by-1000-points-nifty-closed-at-23898-heavy/article-52030"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-24t163121.009.jpg" alt=""></a><br /><p>आज 24 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई। <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">BSE Sensex</span></span> 1000 अंक यानी 1.29% गिरकर 76,664 पर बंद हुआ, जबकि <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Nifty 50</span></span> 275 अंक फिसलकर 23,898 के स्तर पर आ गया। दिनभर के कारोबार में खासतौर पर आईटी सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट ने बाजार का मूड खराब कर दिया।</p>
<p>इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय हालात और निवेशकों की कमजोर धारणा मानी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।</p>
<h5><strong>आईटी शेयरों में दबाव</strong></h5>
<p>आईटी सेक्टर में आज सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।इसका सबसे बड़ा उदाहरण <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Infosys</span></span> रहा, जिसका शेयर करीब 7% गिरकर 1,155 रुपए पर बंद हुआ।हालांकि कंपनी के तिमाही नतीजे बेहतर रहे और मुनाफा सालाना आधार पर बढ़ा, लेकिन निवेशकों ने भविष्य की ग्रोथ को लेकर सतर्क रुख अपनाया। आईटी कंपनियों की अमेरिकी बाजार पर निर्भरता के कारण भी यह दबाव बढ़ा है।</p>
<h5><strong>वैश्विक संकेत कमजोर</strong></h5>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।<span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Donald Trump</span></span> द्वारा सीजफायर की समयसीमा बढ़ाने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं है।ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को कब्जे में लेने और अमेरिकी नौसेना की गतिविधियों ने निवेशकों को चिंतित किया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है, जो 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।</p>
<h5><strong>विदेशी निवेशकों की बिकवाली</strong></h5>
<p>विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। 23 अप्रैल को ही उन्होंने करीब 3,200 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।इस महीने अब तक विदेशी निवेशक लगभग 47 हजार करोड़ रुपए की निकासी कर चुके हैं, जिससे बाजार में तरलता पर असर पड़ा है। हालांकि घरेलू निवेशकों (DII) ने कुछ हद तक खरीदारी कर संतुलन बनाने की कोशिश की।</p>
<p>बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख आने वाले दिनों की दिशा तय करेंगे।</p>
<p>निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और बाजार की स्थिति स्पष्ट होने तक सतर्क रणनीति अपनाएं। सेंसेक्स गिरावट के मौजूदा दौर में चुनिंदा सेक्टरों में ही निवेश के अवसर तलाशना बेहतर माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:32:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंफोसिस Q4 रिजल्ट: मुनाफा 21% बढ़कर 8,501 करोड़, 25 डिविडेंड का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[Infosys Results: रेवेन्यू में 13% बढ़ोतरी, FY27 के लिए गाइडेंस बढ़ाया आईटी सेक्टर से बड़ी खबर—मजबूत तिमाही प्रदर्शन के साथ निवेशकों को लाभांश का तोहफा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/infosys-q4-result-profit-21-increased-to-%E2%82%B98501-crore-%E2%82%B925/article-51962"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/infosys-q4-results-2026.jpg" alt=""></a><br /><p>आईटी कंपनी इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। जारी आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21% बढ़कर ₹8,501 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹7,033 करोड़ था। इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू भी लगभग 13% बढ़कर ₹46,402 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी का यह प्रदर्शन वैश्विक आईटी सेवाओं की मांग और बड़े क्लाइंट्स से मिले ऑर्डर्स का परिणाम माना जा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, बेहतर नतीजों को देखते हुए कंपनी ने अपने निवेशकों को ₹25 प्रति शेयर डिविडेंड देने का फैसला किया है। इससे शेयरधारकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और कंपनी के प्रति निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।</p>
<h5><span><strong>राजस्व और गाइडेंस में सुधार</strong></span></h5>
<p>कंपनी ने अपने आगामी वित्त वर्ष FY27 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस को 1.5% से बढ़ाकर 3.5% कर दिया है। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में कंपनी को नए प्रोजेक्ट्स और ऑर्डर्स मिलने की संभावना बढ़ रही है।रिपोर्ट्स के अनुसार, डिजिटल सेवाओं और क्लाउड आधारित समाधान की मांग में तेजी इस वृद्धि का प्रमुख कारण रही है।</p>
<h5><span><strong>कर्मचारी और एट्रीशन डेटा</strong></span></h5>
<p>मार्च तिमाही में कंपनी का एट्रीशन रेट घटकर 12.6% पर आ गया है, जो पिछले साल 14.1% था। हालांकि तिमाही आधार पर इसमें हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई और करीब 8,440 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी।कंपनी में कुल कर्मचारियों की संख्या फिलहाल 3,28,594 है, जो पिछली तिमाही की तुलना में कुछ कम हुई है।</p>
<h5><span><strong>भर्ती और विस्तार योजना</strong></span></h5>
<p>इंफोसिस ने आने वाले वित्त वर्ष में 20,000 फ्रेशर्स को भर्ती करने की योजना बनाई है। यह कदम कंपनी के विस्तार और बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।सूत्रों के मुताबिक, नई भर्तियां मुख्य रूप से डिजिटल और उभरती तकनीकों के क्षेत्रों में की जाएंगी।</p>
<h5><span><strong>शेयर प्रदर्शन</strong></span></h5>
<p>तिमाही नतीजों से पहले कंपनी के शेयर में गिरावट देखी गई। शेयर करीब 3% गिरकर ₹1,231.80 पर बंद हुआ।पिछले छह महीनों में शेयर में लगभग 20% और इस साल अब तक करीब 25% की गिरावट दर्ज की गई है। एक साल के दौरान भी शेयर करीब 16% नीचे रहा है।</p>
<p>इंफोसिस की स्थापना 1981 में नारायण मूर्ति ने की थी। कंपनी आज वैश्विक स्तर पर आईटी सेवाएं और कंसल्टिंग प्रदान करती है और कई देशों में इसका संचालन है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद बाजार की अस्थिरता का असर शेयर पर बना रह सकता है। हालांकि, बढ़ता रेवेन्यू गाइडेंस और भर्ती योजना कंपनी के दीर्घकालिक विकास की ओर संकेत करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 09:53:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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                <title>शेयर बाजार में जोरदार तेजी: टॉप-10 में 8 कंपनियों की वैल्यू ₹4.13 लाख करोड़ बढ़ी, बैंकिंग शेयरों का दबदबा</title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स 4,230 अंक चढ़ा, HDFC और ICICI बैंक सबसे बड़े गेनर; रिलायंस और इन्फोसिस में मामूली गिरावट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/strong-rise-in-stock-market-value-of-8-companies-in/article-50987"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-13t092135.200.jpg" alt=""></a><br /><p>बीते कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में तेज उछाल देखने को मिला, जिसके चलते देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 8 की कुल मार्केट वैल्यू ₹4.13 लाख करोड़ बढ़ गई। इस तेजी का सबसे बड़ा लाभ बैंकिंग सेक्टर की कंपनियों को मिला, जहां HDFC बैंक और ICICI बैंक ने निवेशकों को सबसे ज्यादा रिटर्न दिया।</p>
<p>बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के आंकड़ों के अनुसार, सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 4,230 अंक यानी 5.77% चढ़कर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी करीब 5.88% की मजबूती दर्ज की गई। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण आई।</p>
<p>सबसे अधिक लाभ HDFC बैंक को हुआ, जिसकी मार्केट वैल्यू ₹91,282 करोड़ बढ़कर ₹12.47 लाख करोड़ हो गई। इसके बाद ICICI बैंक का स्थान रहा, जिसकी वैल्यू ₹76,036 करोड़ बढ़कर ₹9.46 लाख करोड़ पहुंच गई। वित्तीय क्षेत्र की कंपनी बजाज फाइनेंस ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए ₹60,980 करोड़ की बढ़त दर्ज की।</p>
<p>इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&amp;T) की वैल्यू ₹47,624 करोड़ बढ़ी, जबकि टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने ₹45,873 करोड़ का इजाफा दर्ज किया। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI की मार्केट वैल्यू भी ₹43,614 करोड़ बढ़कर ₹9.84 लाख करोड़ के पार पहुंच गई।</p>
<p>आईटी सेक्टर में TCS ने ₹26,303 करोड़ और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने ₹21,287 करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों को लाभ दिया। हालांकि, सभी कंपनियों का प्रदर्शन सकारात्मक नहीं रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस को इस सप्ताह हल्का नुकसान उठाना पड़ा।</p>
<p>इन्फोसिस की मार्केट वैल्यू ₹3,285 करोड़ घटकर ₹5.24 लाख करोड़ रह गई, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू ₹947 करोड़ कम हुई। इसके बावजूद रिलायंस ₹18.27 लाख करोड़ की मार्केट कैप के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 09:26:12 +0530</pubDate>
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