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                <title>Social Media Controversy - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Social Media Controversy RSS Feed</description>
                
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                <title>तेजप्रताप यादव पर FIR, अनुष्का मामले ने बढ़ाया सियासी विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[आकाश यादव के आरोपों में धमकी और जबरन घर में घुसने का दावा, तेजप्रताप ने बताया पूरी कार्रवाई को साजिश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/fir-against-tej-pratap-yadav-anushka-case-increases-political-controversy/article-56357"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/tej-pratap-yadav-fir-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पटना में पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव के खिलाफ दर्ज FIR ने एक बार फिर राजनीतिक और निजी जीवन से जुड़े विवाद को सुर्खियों में ला दिया है। अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने आरोप लगाया है कि तेजप्रताप यादव अपने सहयोगियों के साथ उनके घर पहुंचे और जबरन अंदर घुसने की कोशिश की। मामला सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आरोपों में धमकी, दबाव और गंभीर परिणाम भुगतने जैसी बातें भी सामने आई हैं, जिससे पूरे मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। आकाश यादव का कहना है कि 6 जून को जब वह खाटूश्याम यात्रा पर थे, उस समय तेजप्रताप यादव और उनके सहयोगी मोतीलाल यादव उनके पाटलिपुत्र स्थित घर पहुंचे। आरोप है कि वहां परिवार को धमकाया गया और घर में घुसने का प्रयास किया गया। इसके बाद फोन कॉल के जरिए कथित धमकियां दी गईं, जिनमें एक व्यक्ति ने खुद को कुख्यात गैंग से जुड़ा बताते हुए चेतावनी दी कि किसी भी तरह की शिकायत या बयान देने के गंभीर परिणाम होंगे। आकाश ने दावा किया कि उनके पास इन कॉल्स की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसे उन्होंने अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आकाश यादव ने पहले थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन FIR दर्ज नहीं होने के बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। अब पटना व्यवहार न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है और पुलिस भी जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आवेदन में विदेश से आए कॉल का भी जिक्र किया गया है, जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और जटिल बना दिया है, क्योंकि इसमें राजनीतिक प्रभाव और निजी विवाद दोनों जुड़े हुए नजर आ रहे हैं। इधर, तेजप्रताप यादव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा बयान जारी कर कहा कि उनके खिलाफ झूठी और मनगढ़ंत कहानियां फैलाई जा रही हैं ताकि उनकी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि वह कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखते हैं और सच्चाई जल्द सामने आएगी। तेजप्रताप ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्हें बार-बार बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से परेशान करने की कोशिश की गई है। इससे पहले भी वह अनुष्का यादव के साथ अपने संबंधों को लेकर सार्वजनिक बयान दे चुके हैं, जिसमें उन्होंने सभी आरोपों को गलत बताया था और सोशल मीडिया पोस्ट को हैकिंग का परिणाम बताया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले की जड़ 2025 में सामने आए सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी मानी जा रही है, जिसमें तेजप्रताप यादव और अनुष्का यादव के रिश्ते को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। हालांकि कुछ समय बाद वह पोस्ट डिलीट कर दिया गया और फिर से विवाद और बढ़ गया जब तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इसने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी थी। अब ताजा FIR और अदालत में शुरू हुई सुनवाई ने इस मामले को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पुलिस कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या यह मामला केवल निजी विवाद है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी है।  दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 10:33:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>वायरल वीडियो के बाद प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा पर FIR</title>
                                    <description><![CDATA[गुरुग्राम में वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई, महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ एफआईआर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/fir-against-pranit-more-and-himanshu-jangra-after-viral-video/article-56231"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pranit-more.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान महिलाओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर पुलिस ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के नोटिस के बाद की गई है। मामले ने सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक व्यापक बहस छेड़ दी है, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिलाओं के सम्मान के बीच संतुलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह घटना 12 अप्रैल को गुरुग्राम के सेक्टर-24 स्थित डीएलएफ साइबर हब में आयोजित एक कॉमेडी शो के दौरान हुई थी। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति द्वारा महिलाओं को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। आरोप है कि इस टिप्पणी को मंच पर मौजूद कॉमेडियन ने न केवल आगे बढ़ाया बल्कि उस पर प्रतिक्रिया देकर माहौल को और बढ़ावा दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों की हंसी और तालियों के बीच यह पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। बढ़ते विवाद के बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया। आयोग ने अपने नोटिस में कहा कि महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों को मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करना गंभीर चिंता का विषय है। महिला आयोग ने पूरे घटनाक्रम को महिलाओं की मर्यादा और सम्मान के खिलाफ बताया। आयोग के अनुसार किसी महिला के संदर्भ में की गई कथित टिप्पणी, उस पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया और पूरे माहौल को मनोरंजन के रूप में पेश करना सामाजिक दृष्टि से गलत संदेश देता है। आयोग ने मामले में कानूनी कार्रवाई करने और जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राज्य पुलिस मुख्यालय से महिला आयोग का नोटिस मिलने के बाद कार्रवाई की गई। जांच के दौरान वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है। साथ ही कार्यक्रम स्थल से सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए गए हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें यौन उत्पीड़न, यौन रंग वाली टिप्पणियां, अश्लील सामग्री के प्रसार और सार्वजनिक शरारत को बढ़ावा देने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने और उसके प्रचार-प्रसार में किसकी क्या भूमिका रही। मामले के तूल पकड़ने के बाद दोनों आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा ने अपने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था और यदि उनकी बातों से किसी को ठेस पहुंची है तो उन्हें इसका खेद है। हालांकि पुलिस का स्पष्ट कहना है कि सार्वजनिक माफी का कानूनी प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और जांच नियमानुसार जारी रहेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस विवाद का असर हिमांशु जांगड़ा के पेशेवर जीवन पर भी पड़ा है। जिस निजी कंपनी में वह कार्यरत थे, वहां से उन्हें नौकरी से हटा दिया गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कंपनी पर भी प्रतिक्रिया आई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया के दौर में सार्वजनिक मंचों पर कही गई बातें तेजी से व्यापक दर्शकों तक पहुंचती हैं। ऐसे में किसी भी टिप्पणी के सामाजिक और कानूनी परिणाम पहले की तुलना में कहीं अधिक गंभीर हो सकते हैं। विशेषकर जब मामला महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ा हो, तब कानून प्रवर्तन एजेंसियां अधिक संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करती हैं। दूसरी ओर, कुछ लोग यह भी तर्क दे रहे हैं कि कॉमेडी और व्यंग्य की दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी महत्व है। हालांकि अधिकांश विशेषज्ञों का कहना है कि हास्य और मनोरंजन के नाम पर किसी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। जांच एजेंसियां वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 18:41:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>‘370 रुपए बिरयानी’ विवाद पर फिर झुके कॉमेडियन प्राणित मोरे, बोले- नफरत का हकदार हूं</title>
                                    <description><![CDATA[शो में आपत्तिजनक टिप्पणी पर हंसने को बताया बड़ी गलती, राष्ट्रीय महिला आयोग के समन और पुलिस जांच के बीच मांगी दूसरी बार माफी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/comedian-pranit-more-bows-down-again-on-370-rupees-biryani/article-55849"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pranit-more-controversy-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">स्टैंड-अप कॉमेडियन प्राणित मोरे एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। ‘370 रुपए बिरयानी’ टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर भारी आलोचना झेल रहे मोरे ने शनिवार को दूसरी बार सार्वजनिक माफी जारी की। उन्होंने स्वीकार किया कि शो के दौरान की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर हंसना उनकी “गलत सोच और निर्णय में चूक” थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह की बातें मंच पर कही गईं, उन्हें वहीं रोक देना चाहिए था, लेकिन वह माहौल में बह गए और यही उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। पूरा विवाद गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप शो के दौरान शुरू हुआ था। शो में दर्शकों से बातचीत के दौरान वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने अपनी एक डेट का अनुभव साझा किया। उसने बताया कि उसने एक महिला के लिए 370 रुपए की चिकन बिरयानी खरीदी थी। बाद में जब महिला ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा तो उसने कथित तौर पर उस खर्च के बदले यौन संबंधों की मांग कर दी। इस टिप्पणी पर प्राणित मोरे हंसते दिखाई दिए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस टिप्पणी को महिलाओं के प्रति अपमानजनक और गैर-सहमति वाले व्यवहार को बढ़ावा देने वाला बताया। आलोचकों का कहना था कि मंच पर मौजूद कॉमेडियन की जिम्मेदारी केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होती, बल्कि उन्हें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि उनके मंच से किस तरह के संदेश समाज में जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर कई दिनों तक बहस चलती रही। विवाद बढ़ने के बाद सबसे पहले हिमांशु जांगड़ा और फिर प्राणित मोरे ने माफी मांगी थी। हालांकि आलोचना थमने के बजाय और बढ़ गई। शनिवार को जारी अपने नए बयान में मोरे ने कहा कि वह लोगों के गुस्से को समझते हैं और खुद को इस आलोचना का पात्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति ने मंच पर कई अपमानजनक बातें कहीं, लेकिन वहां मौजूद लोग हंस रहे थे और वह भी उसी माहौल का हिस्सा बन गए। उनके मुताबिक यदि वह उसी समय टिप्पणी का विरोध करते और बातचीत को रोक देते तो शायद मामला इतना नहीं बढ़ता।</p>
<p style="text-align:justify;">मोरे ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्होंने अनजाने में उस व्यक्ति को मंच और महत्व दे दिया, जिससे विवाद और बड़ा हो गया। उन्होंने उन सभी लोगों से माफी मांगी जो इस घटना से आहत हुए हैं। साथ ही उन्होंने समाज से एक और मौका देने की अपील की और भरोसा दिलाया कि भविष्य में उनका काम और व्यवहार यह साबित करेगा कि उन्होंने इस घटना से सीख ली है। इस विवाद के बाद मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। राष्ट्रीय महिला आयोग ने गुरुवार को प्राणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा दोनों को समन जारी किया। आयोग का कहना है कि दोनों के बयान और व्यवहार से ऐसा प्रतीत होता है कि गैर-सहमति वाले यौन व्यवहार और दबाव को सामान्य या स्वीकार्य बनाने की कोशिश की गई। आयोग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों से जवाब मांगा है। विवाद का असर हिमांशु जांगड़ा के पेशेवर जीवन पर भी पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर मामला उछलने के बाद उनकी नौकरी समाप्त कर दी गई। वहीं प्राणित मोरे के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री प्रसारित करने को लेकर साइबर पुलिस में मामला भी दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच विवाद में एक और वीडियो सामने आया, जिसमें एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार मेडिकल शिक्षा में उपयोग होने वाले शवों और पुरुष शरीर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करती दिखाई दीं। इस वीडियो पर भी लोगों ने नाराजगी जताई। बाद में सेजल पवार ने भी सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। मामले को गंभीर मानते हुए मुंबई के केईएम अस्पताल प्रशासन ने जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मृत व्यक्तियों और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विषयों पर इस तरह की टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं। वहीं मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने कहा कि मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता, नफरत या महिलाओं के प्रति अपमानजनक सोच को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कलाकारों, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। इस पूरे विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को प्राप्त है और स्टैंड-अप कॉमेडी मनोरंजन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी दूसरे व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी की अभिव्यक्ति दूसरे व्यक्ति के सम्मान और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 17:40:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूट्यूबर मनीष पटेल पर पहले से दर्ज हैं 6 मामले, सरेंडर के बाद बढ़ा विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, पुलिस ने सार्वजनिक किया आपराधिक रिकॉर्ड]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a1945435aed8/article-54484"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/manish-patel-case.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">ब्राह्मण समाज के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आरोपी यूट्यूबर मनीष पटेल का मामला अब लगातार चर्चा में बना हुआ है। बुधवार को मनीष पटेल ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर सरेंडर किया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोग पुलिस कार्रवाई को सही बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच पुलिस ने आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक कर मामले को नया मोड़ दे दिया है।</p>
<p dir="ltr">पुलिस अधिकारियों के अनुसार मनीष पटेल के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं, जबकि सिविल लाइन और समान थाने में भी प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा हाल ही में आईटी एक्ट के तहत दर्ज मामला उसका छठवां केस बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी केवल सोशल मीडिया विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ पहले भी चोरी, लूट और मारपीट जैसे अपराध दर्ज हो चुके हैं।</p>
<p dir="ltr">सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2016 में आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया था। उसी साल विश्वविद्यालय थाने में चोरी, लूट और मारपीट के अलग-अलग प्रकरण दर्ज हुए थे। समान थाना क्षेत्र में भी चोरी का एक मामला दर्ज किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मोबाइल लूट के एक पुराने मामले में स्थायी वारंटी भी बताया जा रहा है। अब पुलिस सभी मामलों का रिकॉर्ड एक साथ खंगाल रही है।</p>
<p dir="ltr">बताया जा रहा है कि हालिया विवाद एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ। आरोप है कि मनीष पटेल ने ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पोस्ट वायरल होने के बाद कई संगठनों ने विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बढ़ते दबाव और विरोध के बीच बुधवार को आरोपी ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया।</p>
<p dir="ltr">हालांकि सरेंडर के बाद मामला शांत होने के बजाय और ज्यादा गरमा गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार पोस्ट और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। कुछ लोग मनीष पटेल को टारगेट किए जाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग पुलिस कार्रवाई का समर्थन भी कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पुराने मामलों को अभी सामने लाना सवाल खड़े करता है।</p>
<p dir="ltr">सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब केवल विवादित पोस्ट ही नहीं, बल्कि उसके निर्माण और प्रसार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह देखा जा रहा है कि पोस्ट को वायरल करने में किसी नेटवर्क या अन्य व्यक्तियों की भागीदारी थी या नहीं। साइबर टीम भी सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।</p>
<p dir="ltr">शहर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। कई सामाजिक संगठनों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ संगठनों ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ लोगों ने निष्पक्ष जांच की बात कही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।</p>
<p dir="ltr">मनीष पटेल के समर्थन में भी सोशल मीडिया पर अभियान चलाए जा रहे हैं। कुछ लोग पुराने वीडियो और पोस्ट शेयर कर यह दावा कर रहे हैं कि उसके खिलाफ कार्रवाई एकतरफा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल उपलब्ध सबूतों और शिकायतों के आधार पर की गई है। अधिकारियों ने लोगों से सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने की अपील भी की है।</p>
<p dir="ltr">इधर शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर दिखाई दे रही है। विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या टिप्पणी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p dir="ltr">इस पूरे मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया कंटेंट, अभिव्यक्ति की सीमा और ऑनलाइन जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर लोग धार्मिक और सामाजिक भावनाओं के सम्मान की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बढ़ते विवादित कंटेंट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:20:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आपत्तिजनक पोस्ट मामले में यूट्यूबर मनीष पटेल ने किया सरेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[ब्राह्मण समाज पर विवादित टिप्पणी के बाद फरार था, कोर्ट से दो दिन की रिमांड मंजूर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a17c4f81ff96/article-54383"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/manish-patel.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रीवा में ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में फरार चल रहे यूट्यूबर मनीष पटेल ने आखिरकार पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद बुधवार को वह रीवा के सिविल लाइन थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दो दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की गई है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मनीष पटेल रीवा जिले के खुटहा गांव का रहने वाला है और सोशल मीडिया पर उसकी बड़ी पहचान है। यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक समेत अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर उसके करीब 40 लाख फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, उसने 29 जनवरी को एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इस वीडियो में ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। वीडियो सामने आने के बाद रीवा सहित आसपास के इलाकों में ब्राह्मण समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले को लेकर समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सिविल लाइन थाने में मनीष पटेल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया। एफआईआर के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अलग-अलग शहरों में छिपकर रह रहा था और अपने करीबी लोगों के संपर्क में भी सीमित तरीके से था।</p>
<p class="isSelectedEnd">दिलचस्प बात यह रही कि फरारी के दौरान भी मनीष सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय बना रहा। उसने कई बार शादी समारोहों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और यात्राओं से जुड़े फोटो और वीडियो पोस्ट किए। इससे पुलिस को उसकी लोकेशन ट्रेस करने में मदद मिली। बताया जा रहा है कि पुलिस टावर लोकेशन और सोशल मीडिया गतिविधियों के आधार पर लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। जैसे-जैसे पुलिस का दबाव बढ़ता गया, वैसे-वैसे उसके विकल्प कम होते चले गए।</p>
<p class="isSelectedEnd">थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि पुलिस की लगातार घेराबंदी और निगरानी के चलते मनीष के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवादित वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया और उसे वायरल करने में कौन-कौन लोग शामिल थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस जांच का एक बड़ा हिस्सा अब डिजिटल सबूतों पर केंद्रित है। अधिकारियों के मुताबिक, मनीष के अन्य डिजिटल उपकरण, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव की तलाश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि वीडियो एडिटिंग, अपलोडिंग या सोशल मीडिया प्रमोशन में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। अगर जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर कंटेंट की जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर बहस शुरू कर दी है। पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। लाखों फॉलोअर्स होने के कारण उनके वीडियो और बयान का असर भी बड़े स्तर पर होता है। ऐसे में किसी भी समुदाय या वर्ग के खिलाफ की गई टिप्पणी तुरंत विवाद का रूप ले सकती है। रीवा का यह मामला भी इसी तरह तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कानूनी जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। अगर किसी पोस्ट या वीडियो से सामाजिक तनाव बढ़ता है या किसी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यही वजह है कि पुलिस अब इस मामले को केवल एक वायरल वीडियो के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द से जुड़े मुद्दे के तौर पर देख रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उधर, ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने आरोपी की गिरफ्तारी को कानून की जीत बताया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए किसी भी समाज की महिलाओं या युवतियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। समाज के लोगों ने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे। पुलिस रिमांड के दौरान मनीष पटेल से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश में जुटे हैं कि विवादित कंटेंट बनाने के पीछे उसकी मंशा क्या थी और क्या यह सब केवल वायरल होने के उद्देश्य से किया गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 10:37:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अपूर्वा मखीजा के कलावा काटने पर विवाद, सोशल मीडिया पर तीखी बहस, वीडियो वायरल</title>
                                    <description><![CDATA[कोचेला फेस्टिवल की तैयारी के दौरान इन्फ्लुएंसर के बयान और कार्रवाई से भड़की प्रतिक्रिया, धार्मिक भावनाओं पर चर्चा तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/controversy-over-apoorva-makhijas-kalawa-cutting-heated-debate-on-social/article-51542"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/apoorva-makhija.jpg" alt=""></a><br /><p>सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मखीजा एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। इस बार वजह उनका एक वायरल वीडियो है, जिसमें वह अपने हाथ में बंधा कलावा कैंची से काटती नजर आती हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और यूजर्स की राय दो हिस्सों में बंटी हुई है।</p>
<p>यह वीडियो तब सामने आया जब अपूर्वा मखीजा अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक फेस्टिवल कोचेला में शामिल होने की तैयारी कर रही थीं। वीडियो में वह अपनी तैयारियों को रिकॉर्ड कर रही थीं और उसी दौरान उन्होंने अपने हाथ में बंधा लाल कलावा काट दिया। यह क्लिप इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो गई और इसके बाद बहस शुरू हो गई।</p>
<p>वीडियो में अपूर्वा यह कहते हुए सुनी जाती हैं कि यह कलावा उन्हें पंडित द्वारा दिया गया था और इसे हटाने से मना किया गया था। इसके बावजूद उन्होंने इसे काटते हुए कहा कि कोचेला फेस्टिवल उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की, “मैंने धागा काट दिया है, उम्मीद करती हूं मरूंगी नहीं।” इसी बयान के बाद विवाद और गहरा गया।</p>
<p>सोशल मीडिया पर एक वर्ग इस घटना को लेकर नाराज है। कई यूजर्स का कहना है कि कलावा केवल एक धागा नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ा प्रतीक है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं के प्रति असंवेदनशील बताया है।</p>
<p>वहीं, कुछ यूजर्स ने इस मामले को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जोड़ते हुए अपूर्वा का बचाव किया है। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अपने शरीर और निर्णय को लेकर स्वतंत्रता होनी चाहिए और इसे विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।</p>
<p>अपूर्वा मखीजा पहले भी अपने वीडियो और बयानों को लेकर चर्चा में रही हैं। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता के साथ-साथ विवाद भी लगातार सामने आते रहे हैं। उनके कंटेंट को लेकर अक्सर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं।</p>
<p>इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की जिम्मेदारी और सार्वजनिक प्रभाव पर बहस को तेज कर दिया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय बड़े क्रिएटर्स के कंटेंट का प्रभाव व्यापक होता है, इसलिए उनके हर कदम को लोग अलग नजरिए से देखते हैं।फिलहाल इस मामले पर अपूर्वा मखीजा की ओर से कोई अतिरिक्त प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 14:18:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्ग में NDPS आरोपी का थाने में रील बनाना पड़ा भारी</title>
                                    <description><![CDATA[जमानत पर छूटे युवक ने थाने के बाहर बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/it-was-costly-to-make-a-reel-of-ndps-accused/article-51017"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cg-news-(13).jpg" alt=""></a><br /><p>दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में एक NDPS आरोपी द्वारा थाने परिसर में रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने का मामला सामने आया है, जिसने पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना उतई थाना क्षेत्र की है, जहां जमानत पर छूटे एक युवक ने थाने से बाहर निकलते हुए भोजपुरी गाने पर वीडियो बनाया और उसे इंस्टाग्राम पर साझा कर दिया। वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और इसे हजारों लोग देख चुके हैं।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, हर्ष साहू नाम का युवक स्टेशन मरोदा का निवासी है और उसकी उम्र करीब 24-25 वर्ष बताई जा रही है। वह NDPS एक्ट के एक मामले में वर्ष 2024 में गिरफ्तार हुआ था और करीब 17 महीने तक जेल में रहा। हाल ही में उसे जमानत मिली थी। जमानत के बाद वह किसी कार्य से उतई थाने पहुंचा था, जहां से बाहर निकलते समय उसने विवादित रील बनाई।</p>
<p>वीडियो में युवक “आज जेल, कल बेल और परसो फिर वही खेल” गाने पर अभिनय करता नजर आ रहा है। उसका अंदाज ऐसा प्रतीत होता है मानो वह कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहा हो। यही वजह है कि वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों के बीच नाराजगी देखी जा रही है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी थाने किस उद्देश्य से आया था और उसने किस परिस्थिति में वीडियो बनाया। हालांकि, वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और युवक की तलाश शुरू कर दी गई है।</p>
<p>सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए इस वीडियो को 12 अप्रैल को साझा किया गया था और कुछ ही घंटों में इसे 47 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है। इस घटना ने यह सवाल भी उठाया है कि थाने जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की गतिविधि कैसे संभव हुई और वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है।</p>
<p>स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कानून के प्रति सम्मान को कम करती हैं और अपराधियों का मनोबल बढ़ा सकती हैं। प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे।</p>
<p>फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने पहले भी इस तरह के कृत्य किए हैं या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 11:57:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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