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                <title>District Administration - दैनिक जागरण</title>
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                <description>District Administration RSS Feed</description>
                
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                <title>सीधी में आज से सभी यात्री बसों का संचालन नवीन बस स्टैंड से शुरू, पुराने बस स्टैंड से सेवाएं पूरी तरह बंद</title>
                                    <description><![CDATA[जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की, यातायात सुधार और यात्रियों की सुविधा पर रहेगा विशेष फोकस; नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/from-today-operation-of-all-passenger-buses-in-sidhi-starts/article-57529"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/new-bus-stand-sidhi.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">सीधी जिले में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुचारु बनाने की दिशा में बुधवार से एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गया। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 से जिले की सभी यात्री बसों का संचालन अब केवल नवीन बस स्टैंड से किया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन और वहां से यात्रियों को बैठाने की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सुबह से ही विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसें नवीन बस स्टैंड से रवाना होती दिखाई दीं और बड़ी संख्या में यात्री भी वहीं से अपनी यात्रा शुरू करते नजर आए। जिला प्रशासन के अनुसार यह निर्णय जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए फैसले के अनुरूप लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर यातायात को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाना है। लंबे समय से पुराने बस स्टैंड के आसपास बसों की आवाजाही के कारण मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनती थी, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था के बाद शहर के व्यस्त इलाकों में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि नवीन बस स्टैंड से सभी बसों का संचालन होने पर यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। एक ही स्थान से सभी रूटों की बसें उपलब्ध होने से यात्रियों को अनावश्यक भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही बसों के आगमन और प्रस्थान की व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकेगी। बुधवार सुबह से ही नवीन बस स्टैंड पर यात्रियों की अच्छी-खासी आवाजाही देखने को मिली। विभिन्न मार्गों के लिए रवाना होने वाली बसों में यात्री समय से पहुंचकर सफर करते दिखाई दिए। कई यात्रियों ने नई व्यवस्था का स्वागत करते हुए कहा कि एक ही स्थान से सभी बसों का संचालन होने से यात्रा करना पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगा। हालांकि कुछ लोगों ने शुरुआती दिनों में नई व्यवस्था की जानकारी सभी तक पहुंचाने की आवश्यकता भी बताई, ताकि किसी यात्री को असुविधा का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन ने बस संचालकों और वाहन स्वामियों को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब किसी भी परिस्थिति में पुराने बस स्टैंड या किसी अन्य अनधिकृत स्थान से बसों का संचालन नहीं किया जाएगा। यदि कोई बस संचालक निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत चालानी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संबंधित विभागों को नियमित निगरानी करने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/whatsapp-video-2026-07-01-at-3.16.02-pm.mp4" controls=""></video>
<p>परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए प्रारंभिक दिनों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें प्रमुख स्थानों पर तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। साथ ही बस संचालकों और यात्रियों को भी नई व्यवस्था के बारे में लगातार जानकारी दी जाएगी।किसी भी बढ़ते शहर में बस स्टैंड का सुव्यवस्थित संचालन बेहद आवश्यक होता है। जब बसों का संचालन शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से होता है तो यातायात पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में सभी बसों का संचालन एक निर्धारित और आधुनिक बस स्टैंड से किए जाने का निर्णय लंबे समय में शहर के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। नई व्यवस्था से स्थानीय व्यापार और परिवहन गतिविधियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। नवीन बस स्टैंड के आसपास आवश्यक सुविधाओं का विकास होने से यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ मिल सकता है। वहीं प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे सफर और अधिक सुविधाजनक बन सके। प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा के लिए केवल नवीन बस स्टैंड का ही उपयोग करें और किसी भी अनधिकृत स्थान से बस में सवार न हों। यदि कोई बस निर्धारित स्थान के अलावा कहीं और से यात्रियों को बैठाती है तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से ही नई व्यवस्था पूरी तरह सफल हो सकेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि शुरुआत में नई व्यवस्था के कारण कुछ लोगों को पुराने बस स्टैंड की आदत बदलने में समय लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे सभी यात्री नए सिस्टम के अनुसार यात्रा करने लगेंगे। इससे शहर की यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी और सड़क सुरक्षा में भी सुधार देखने को मिलेगा। 1 जुलाई 2026 से लागू की गई यह नई परिवहन व्यवस्था सीधी जिले में सार्वजनिक यातायात को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि नागरिकों, बस संचालकों और संबंधित विभागों के सहयोग से यह व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित होगी और शहर में यातायात प्रबंधन को नई मजबूती मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 15:24:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बलौदाबाजार में रिश्वत आरोप से हड़कंप, किसान ने कीटनाशक पीकर की आत्महत्या की कोशिश</title>
                                    <description><![CDATA[रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले 50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, किसान गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, प्रशासन ने जांच के आदेश दिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/farmer-stirred-by-bribery-allegation-in-balodabazar-tried-to-commit/article-56473"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/balodabazar-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में रेत परिवहन को लेकर हुई प्रशासनिक कार्रवाई अब बड़े विवाद का रूप लेती जा रही है। ग्राम चांटीपाली के एक किसान द्वारा कीटनाशक पीने की घटना के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल पैदा कर दी है। किसान के परिजनों ने आरोप लगाया है कि रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपए की मांग की गई थी। रकम नहीं देने पर ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया, जिसके बाद किसान मानसिक तनाव में आ गया और उसने कीटनाशक पी लिया। हालांकि जिस अधिकारी पर आरोप लगाए गए हैं, उन्होंने इन्हें पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। ग्राम चांटीपाली निवासी किसान कमल ओगरे का परिवार खेती-किसानी के साथ ट्रैक्टर के जरिए मजदूरी और परिवहन का काम भी करता है। शुक्रवार सुबह उनका बेटा राज ओगरे ट्रैक्टर में रेत लेकर लौट रहा था। इसी दौरान प्रशासनिक टीम ने वाहन को रोक लिया। आरोप है कि मौके पर कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया और बाद में उसे छोड़ने के लिए 50 हजार रुपए की मांग की गई। परिवार का कहना है कि इतनी बड़ी रकम देना उनके लिए संभव नहीं था। इसी बात को लेकर लगातार तनाव बढ़ता गया।</p>
<p style="text-align:justify;">राज ओगरे ने बताया कि उसके साथ दो अन्य ट्रैक्टर भी पकड़े गए थे। उसका आरोप है कि अन्य वाहनों को छोड़ दिया गया, लेकिन उसका ट्रैक्टर थाने में खड़ा करा दिया गया। उसने यह भी दावा किया कि मामले को लेकर फोन पर बातचीत के दौरान उसे डराया-धमकाया गया। जब उसने पूरी बात अपने पिता कमल ओगरे को बताई तो वे काफी परेशान हो गए। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10 बजे के आसपास किसान मौके पर पहुंचे और कुछ समय बाद उन्होंने कीटनाशक पी लिया। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। किसान को तत्काल कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी जान बच गई। चिकित्सकों ने बताया कि किसान की हालत अब स्थिर है और लगातार निगरानी में रखी गई है। अस्पताल में भर्ती होने की खबर फैलते ही गांव के लोग और परिजन बड़ी संख्या में स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने लगे। घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई।  परिजनों का कहना है कि कमल ओगरे पहले से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे थे। खेती से अपेक्षित आय नहीं मिल रही थी और परिवार की जिम्मेदारियां भी बढ़ती जा रही थीं। ऐसे में ट्रैक्टर जब्त होने की सूचना और कथित रिश्वत की मांग ने उन्हें और ज्यादा तनाव में डाल दिया। परिवार का दावा है कि इसी मानसिक दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही कसडोल के कांग्रेस विधायक संदीप साहू अस्पताल पहुंचे। उन्होंने किसान और उसके परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। विधायक ने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अवैध वसूली या दबाव बनाने जैसी बात सामने आती है तो इसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। विधायक के अस्पताल पहुंचने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया। वहीं दूसरी ओर, नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने रेत के अवैध परिवहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की थी। किसी भी व्यक्ति से न तो पैसे मांगे गए और न ही किसी प्रकार की अवैध वसूली की गई। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई की जा रही थी और इसी वजह से उन्हें कई तरह के दबाव और धमकियां भी मिल रही थीं। उनका कहना है कि जिन वाहनों को जब्त किया गया, उनके पास आवश्यक दस्तावेज और रॉयल्टी संबंधी कागजात उपलब्ध नहीं थे। मामले ने तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम को मामले की विस्तृत जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  किसान की हालत में सुधार बताया जा रहा है, लेकिन यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। एक तरफ परिजन रिश्वत मांगने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ संबंधित अधिकारी सभी आरोपों को बेबुनियाद बता रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 13:47:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>दुर्ग में 2027 जनगणना की तैयारी तेज, 15 साल बाद पूरी तरह डिजिटल होगी गणना; 3850 कर्मियों पर जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[दो चरणों में होगा कार्य, मोबाइल एप से होगा डेटा संग्रह; सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा से नागरिक भी कर सकेंगे ऑनलाइन एंट्री]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/preparation-for-2027-census-intensifies-in-durg-after-15-years/article-51055"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cg-news-(16).jpg" alt=""></a><br /><p>दुर्ग जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। करीब 15 साल बाद होने जा रही यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया पर आधारित होगी, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इस व्यापक अभियान में कुल 3,850 प्रगणक और पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जो जिले की पूरी आबादी का डेटा एकत्र करेंगे।</p>
<p>जिला जनगणना अधिकारी और कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण का होगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में परिवार और व्यक्तियों की गणना के लिए आयोजित किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।</p>
<h5><strong>डिजिटल सिस्टम से होगी पूरी गणना</strong></h5>
<p>इस बार जनगणना पूरी तरह मोबाइल एप के जरिए की जाएगी। प्रगणकों को घर-घर जाकर डेटा दर्ज करना होगा, जबकि सभी जानकारी सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें एप के उपयोग, डेटा एंट्री और सिंकिंग की प्रक्रिया सिखाई जा रही है।</p>
<p>जिला प्रभारी अधिकारी उत्तम ध्रुव के अनुसार 79 फील्ड ट्रेनर भी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और मार्गदर्शन करेंगे। प्रत्येक प्रगणक को औसतन 700 से 800 लोगों या लगभग 250 से 300 परिवारों की गणना का जिम्मा सौंपा गया है।</p>
<h5><strong>बड़े स्तर पर प्रशिक्षण अभियान</strong></h5>
<p>जनगणना की तैयारी के तहत 11 अप्रैल से प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है, जो 22 अप्रैल तक चलेगा। नगर निगम दुर्ग, रिसाली, भिलाई जोन-4, नगर पालिका परिषद जामुल सहित कई तहसीलों में यह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>करीब 1109 प्रशिक्षकों को अलग-अलग बैच में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जहां प्रत्येक बैच में 50-50 कर्मियों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक तय किया गया है।</p>
<h5><strong>प्रशासनिक ढांचा और जिम्मेदारियां तय</strong></h5>
<p>इस कार्य के लिए जिला स्तर पर मजबूत प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह को जिला जनगणना अधिकारी और अपर कलेक्टर वीरेंद्र सिंह को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं सभी तहसीलदार, निगम आयुक्त और सीएमओ को चार्ज अधिकारी बनाया गया है।</p>
<p>इसके अलावा नायब तहसीलदार और जोन आयुक्तों को अतिरिक्त चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसी भी स्तर पर डेटा संग्रह में त्रुटि न हो।</p>
<h5><strong>पहली बार सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा</strong></h5>
<p>जनगणना 2027 में एक बड़ा बदलाव करते हुए नागरिकों को पहली बार सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा दी गई है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे प्रगणकों को दिखाना होगा।</p>
<h5><strong>गोपनीयता और ऐतिहासिक महत्व</strong></h5>
<p>प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी जनगणना डेटा को जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी साझा करना दंडनीय अपराध होगा।</p>
<p>भारत की जनगणना विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक मानी जाती है। 1872 में शुरू हुई यह प्रक्रिया 2027 में स्वतंत्र भारत की आठवीं और कुल मिलाकर 16वीं जनगणना होगी। इसके आंकड़े भविष्य की योजनाओं, संसाधन वितरण और नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 15:29:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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