<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/industrial-accident/tag-9760" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Industrial Accident - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/9760/rss</link>
                <description>Industrial Accident RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रायपुर फैक्ट्री में भीषण धमाका, 3 मजदूरों की मौत: 200 मीटर दूर तक बिखरे शवों के अंग</title>
                                    <description><![CDATA[उरला की 3डी इनोवेशन फैक्ट्री में हादसे के बाद मचा हड़कंप, कई मजदूर घायल; पुलिस ने शुरू की जांच, सुरक्षा मानकों की होगी पड़ताल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/will-retire-at-the-age-of-62-not-65-high/article-58177"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-factory-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित 3डी इनोवेशन फैक्ट्री में मंगलवार शाम हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री परिसर में काम कर रहे तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके शरीर के अंग करीब 200 मीटर दूर तक बिखर गए। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी तेज धमाके की आवाज सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसा उरला थाना क्षेत्र के बेंड्री स्थित 3डी इनोवेशन फैक्ट्री में हुआ। विस्फोट के समय फैक्ट्री में कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक हुए जोरदार धमाके से पूरा परिसर हिल गया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वहां मौजूद मजदूरों में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोट किसी बम जैसी आवाज के साथ हुआ, जिसके बाद चारों ओर धूल, धुआं और मलबा फैल गया। हादसे में 25 वर्षीय कमल सिंह, लाल सिंह और 19 वर्षीय अरुण पांडे की मौत हो गई। कमल सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं लाल सिंह और अरुण पांडे की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों में कमल सिंह और लाल सिंह मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के निवासी थे, जबकि अरुण पांडे छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला था। विस्फोट में कई अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों के बेहतर उपचार के लिए विशेष चिकित्सकीय टीम तैनात की है।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने पूरे परिसर को घेर लिया और राहत अभियान शुरू किया। मलबे के बीच फंसे लोगों की तलाश की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं कोई अन्य मजदूर अंदर तो नहीं रह गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर फैक्ट्री परिसर में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हो गया है। प्रारंभिक स्तर पर यह जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। यह भी देखा जा रहा है कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और क्या मशीनों या उत्पादन प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी इसके पीछे कारण बनी।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां फैक्ट्री प्रबंधन, कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही हैं। साथ ही घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। यदि जांच में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि यदि समय-समय पर निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट प्रभावी ढंग से किए जाएं तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। हादसे के बाद आसपास के उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों के बीच भी भय और चिंता का माहौल है।किसी भी फैक्ट्री में विस्फोट जैसी घटना कई कारणों से हो सकती है। इनमें गैस रिसाव, रासायनिक प्रतिक्रिया, दबाव वाले उपकरणों में खराबी, मशीनों का ओवरलोड होना या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करना शामिल हो सकता है। वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच और फोरेंसिक परीक्षण के बाद ही चल सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ की किसी औद्योगिक इकाई में इस प्रकार का हादसा हुआ हो। पिछले कुछ वर्षों में भी राज्य की विभिन्न फैक्ट्रियों में विस्फोट और औद्योगिक दुर्घटनाओं की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें अनेक मजदूरों की जान गई। हर घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे, लेकिन समय के साथ अधिकांश मामलों में सुधार की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। मृतकों के परिजनों का कहना है कि उनके परिवार का सहारा छिन गया है। उन्होंने हादसे की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। साथ ही यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अन्य फैक्ट्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/will-retire-at-the-age-of-62-not-65-high/article-58177</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/will-retire-at-the-age-of-62-not-65-high/article-58177</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:20:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/raipur-factory-blast.jpg"                         length="166673"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में कार्रवाई तेज, CEO की तलाश में रायपुर पहुंची पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के सीईओ और उनके भाई की गिरफ्तारी के लिए नागपुर पुलिस ने रायपुर में कई ठिकानों पर छापेमारी की, दोनों आरोपी नहीं मिले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-intensified-in-nagpur-factory-blast-case-police-reached-raipur/article-57416"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nagpur-factory-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। महाराष्ट्र के नागपुर में स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के विस्फोटक निर्माण संयंत्र में हुए भीषण हादसे की जांच के सिलसिले में नागपुर पुलिस की एक टीम सोमवार को रायपुर पहुंची। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आलोक संपत सिंह चौधरी और उनके भाई संजय संपत सिंह चौधरी की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। हालांकि दोनों आरोपी पुलिस को नहीं मिले और फिलहाल उनकी तलाश जारी है। नागपुर पुलिस ने रायपुर की देवेंद्र नगर थाना पुलिस की सहायता से दोनों आरोपियों के आवास और कंपनी से जुड़े कार्यालयों में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के पास दोनों के खिलाफ पहले से स्थायी गिरफ्तारी वारंट मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेश के पालन में यह कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान दोनों भाइयों का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद उनकी तलाश और तेज कर दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह पूरा मामला 1 मार्च 2026 को नागपुर स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के गोला-बारूद और डेटोनेटर निर्माण संयंत्र में हुए भीषण विस्फोट से जुड़ा है। इस हादसे में 23 कर्मचारियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री परिसर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था और आसपास के क्षेत्र में भी इसका असर देखा गया था। घटना के बाद राहत एवं बचाव दल ने कई घंटों तक अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया था। हादसे के बाद नागपुर पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था, संचालन प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कई पहलुओं की जांच की गई। पुलिस ने जांच के आधार पर कंपनी के सीईओ आलोक संपत सिंह चौधरी, उनके भाई संजय संपत सिंह चौधरी तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, सबूत छिपाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ने के बाद दोनों आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था। हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद 23 मार्च 2026 को कलमेश्वर कोर्ट ने दोनों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। साथ ही उनके नाम पर लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किया गया, ताकि देश से बाहर जाने की किसी भी संभावित कोशिश को रोका जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाल के दिनों में यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया है। इसकी वजह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा एसबीएल एनर्जी लिमिटेड और उसके सीईओ पर लगाए गए प्रतिबंध बताए जा रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कंपनी पर सूडान में जारी गृहयुद्ध के दौरान कथित रूप से विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति से जुड़े आरोपों के आधार पर कार्रवाई की है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित भारतीय एजेंसियों की ओर से अलग से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मामला चर्चा में आने के बाद नागपुर पुलिस ने भी अपने लंबित प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में रायपुर में छापेमारी की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर के सिविल लाइन एसीपी रमाकांत साहू ने बताया कि नागपुर पुलिस की टीम स्थायी गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिए रायपुर आई थी। स्थानीय पुलिस ने पूरी कार्रवाई में सहयोग किया और दोनों आरोपियों के संभावित ठिकानों पर संयुक्त रूप से तलाशी ली गई। हालांकि दोनों आरोपी मौके पर नहीं मिले। उन्होंने कहा कि आगे भी जरूरत पड़ने पर पुलिस की ओर से सहयोग जारी रहेगा। पुलिस के अनुसार आरोपियों की तलाश केवल रायपुर तक सीमित नहीं है। उनके संभावित अन्य ठिकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर दूसरे राज्यों में भी कार्रवाई की जा सकती है। जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों आरोपी फिलहाल कहां मौजूद हैं और क्या वे लगातार अपना ठिकाना बदल रहे हैं। फैक्ट्री ब्लास्ट में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों की ओर से भी लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाती रही है। इस मामले को लेकर श्रमिक संगठनों ने भी समय-समय पर सुरक्षा मानकों के पालन और औद्योगिक इकाइयों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया जाता तो इतने बड़े हादसे से बचा जा सकता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-intensified-in-nagpur-factory-blast-case-police-reached-raipur/article-57416</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-intensified-in-nagpur-factory-blast-case-police-reached-raipur/article-57416</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:34:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/nagpur-factory-blast.jpg"                         length="225402"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की पाइपलाइन में भीषण आग, 15 लोग झुलसे, रेल सेवा प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के हल्दिया में नेफ्था पाइपलाइन में विस्फोट के बाद लगी आग रिहायशी इलाके तक पहुंची, कई ट्रेनें रद्द और कुछ का संचालन बदला गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/major-fire-in-haldia-petrochemicals-pipeline-15-people-burnt-rail/article-57412"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/haldia-fire.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में सोमवार देर रात बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की नेफ्था सप्लाई पाइपलाइन में हुए विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आसपास का रिहायशी इलाका भी आ गया। हादसे में कम से कम 15 लोग झुलस गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देता रहा।  यह हादसा सोमवार देर रात करीब 2:45 बजे हुआ। आग सबसे पहले हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की नेफ्था पाइपलाइन में दिखाई दी और कुछ ही समय में उसने आसपास के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। पाइपलाइन के नजदीक स्थित हल्दिया नगर पालिका के वार्ड-13 के चिरंजीबपुर इलाके में कई मकानों तक आग और गर्मी का असर पहुंचा। स्थानीय लोगों ने धमाके जैसी तेज आवाज सुनने के बाद बाहर निकलकर देखा तो इलाके में आग की ऊंची लपटें उठ रही थीं। इसके बाद तुरंत पुलिस, दमकल और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। आग में झुलसे सभी घायलों को तत्काल हल्दिया सब-डिविजनल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से पांच लोगों की हालत को देखते हुए उन्हें तमलुक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार दो घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। अन्य घायलों का भी अस्पताल में उपचार चल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><br />आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 12 से अधिक गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद भी आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी थी। दमकल कर्मियों ने आसपास के क्षेत्रों को खाली कराकर आग को और फैलने से रोकने का प्रयास किया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील भी की। हादसे का असर रेलवे संचालन पर भी पड़ा। जिस स्थान पर पाइपलाइन में आग लगी, उसके बेहद पास से हल्दिया-दुर्गाचक रेल लाइन गुजरती है। आग की वजह से रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइन और अन्य उपकरण प्रभावित हुए, जिसके चलते रेल सेवाओं को तत्काल रोक दिया गया। दक्षिण पूर्व रेलवे ने बताया कि सुरक्षा कारणों से हल्दिया और दुर्गाचक के बीच ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से बंद किया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार हल्दिया-हावड़ा लोकल ट्रेन को रद्द कर दिया गया, जबकि हावड़ा-हल्दिया लोकल का संचालन केवल दुर्गाचक तक किया गया। इसके अलावा हल्दिया-पांसकुड़ा लोकल ट्रेन को हल्दिया के बजाय दुर्गाचक से शुरू किया गया। रेलवे की तकनीकी टीमें क्षतिग्रस्त ओवरहेड उपकरणों की मरम्मत में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन सामान्य किया जाएगा। घटना के कारणों को लेकर फिलहाल जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि आग किस वजह से लगी, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच की जा रही है। दूसरी ओर हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स ने भी घटना पर आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी ने हादसे में लोगों के घायल होने पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रभावित लोगों और स्थानीय प्रशासन को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।<br /><br /><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कंपनी के अनुसार प्रारंभिक जानकारी से यह संकेत मिला है कि घटना पाइपलाइन के उस हिस्से के आसपास हुई, जहां पहले भी नेफ्था चोरी की गतिविधियों की आशंका जताई जाती रही है। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। कंपनी ने यह भी बताया कि नेफ्था अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन होता है और इसके संपर्क में जरा सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यही वजह है कि कंपनी समय-समय पर स्थानीय लोगों को पाइपलाइन के आसपास किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अवैध गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी देती रही है। सुरक्षा मानकों का पालन करना ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों में बेहद आवश्यक माना जाता है। नेफ्था कच्चे तेल के शोधन के दौरान प्राप्त होने वाला हल्का तरल हाइड्रोकार्बन मिश्रण है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल उद्योग में कच्चे माल के रूप में किया जाता है। यह अत्यधिक ज्वलनशील होता है और पेट्रोल जैसी तेज गंध रखता है। इसी कारण इसके भंडारण और परिवहन के दौरान विशेष सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/major-fire-in-haldia-petrochemicals-pipeline-15-people-burnt-rail/article-57412</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/major-fire-in-haldia-petrochemicals-pipeline-15-people-burnt-rail/article-57412</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:17:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/haldia-fire.jpg"                         length="105979"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> तमिलनाडु अमोनिया रिसाव: सीफूड प्लांट में एक की मौत, 60 अस्पताल में</title>
                                    <description><![CDATA[तिरुवल्लूर में सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस रिसाव से एक की मौत, 60 घायल। NDRF की CBRN टीम तैनात। असम, ओडिशा, झारखंड के मजदूर प्रभावित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/one-dead-60-hospitalized-in-tamil-nadu-ammonia-leak-seafood/article-56589"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/one-dead,-60-hospitalised-after-ammonia-leak-at-tamil-nadu-seafood-plant;-ndrf-deploys-specialised-cbrn-team-(2).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>पेरियापालयम के पास सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में हादसा, 120 प्रवासी मजदूर रह रहे थे परिसर में</strong></p>
<p dir="ltr">रविवार को तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के पास कन्निगैपैर स्थित सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में अमोनिया गैस रिसाव के कारण एक मजदूर की मौत हो गई और कम से कम 60 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया।</p>
<p dir="ltr">पुलिस सूत्रों के अनुसार, असम, ओडिशा और झारखंड की महिलाओं सहित लगभग 120 प्रवासी मजदूर कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में फैक्ट्री परिसर में रह रहे थे। यह घटना यूनिट की साप्ताहिक छुट्टी के दिन हुई।</p>
<p dir="ltr">माना जा रहा है कि अमोनिया रिसाव सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट से हुआ और पूरे परिसर में फैल गया। कई मजदूरों को सांस लेने में तकलीफ हुई, जबकि कुछ के मुंह और नाक से खून आने लगा।</p>
<p dir="ltr">प्रभावित मजदूरों को इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पतालों में ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि इलाज के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई। नौ गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बाद में 108 एंबुलेंस के माध्यम से चेन्नई के गवर्नमेंट स्टैनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।</p>
<p dir="ltr">कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि सात मजदूरों की मौत हो गई और 60 से अधिक बेहोश हो गए। मृतक सभी उत्तर भारत के बताए गए हैं। जहरीली गैस के अत्यधिक अंतःश्वसन के कारण फेफड़ों में सूजन को मौत का कारण बताया गया।</p>
<p dir="ltr">जिला प्रशासन के अनुरोध पर, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने अरक्कोणम में अपनी चौथी बटालियन से एक विशेष रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) प्रतिक्रिया टीम तैनात की।</p>
<p dir="ltr">गैस डिटेक्शन डिवाइस, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और विशेष बचाव उपकरणों से लैस 30 सदस्यीय टीम को रिसाव के प्रभाव का आकलन करने, क्षेत्र को सुरक्षित करने और बचाव कार्यों में सहायता करने के लिए लगाया गया।</p>
<p dir="ltr">पुलिस, अग्निशमन और बचाव सेवाओं, राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया।</p>
<p dir="ltr">तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने घटना के बारे में सुनकर "गहरी पीड़ा" व्यक्त की और स्वास्थ्य विभाग को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार ने RGGGH के डीन डॉ. शांतराम की अध्यक्षता में गैस रिसाव के कारणों की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।</p>
<p dir="ltr">तिरुवल्लूर जिले के प्रभारी मंत्री कुमार निजी अस्पतालों में पहुंचे, घायलों से मिले और उनके स्वास्थ्य के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि गैस रिसाव से प्रभावित 60 महिलाओं और चार पुरुषों का इलाज किया जा रहा है।</p>
<p dir="ltr">पुलिस ने कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है और FIR दर्ज की गई है। मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कुछ अन्य कंपनी अधिकारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।</p>
<p dir="ltr">पेरियापालयम पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/one-dead-60-hospitalized-in-tamil-nadu-ammonia-leak-seafood/article-56589</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/one-dead-60-hospitalized-in-tamil-nadu-ammonia-leak-seafood/article-56589</guid>
                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 16:57:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/one-dead%2C-60-hospitalised-after-ammonia-leak-at-tamil-nadu-seafood-plant%3B-ndrf-deploys-specialised-cbrn-team-%282%29.jpg"                         length="153509"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर की पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में लगी आग, इलाके में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[उरला क्षेत्र की फैक्ट्री से उठता धुएं का गुबार दूर तक दिखा, दमकल और पुलिस टीमों ने समय रहते पाया काबू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/6a2d01a4a496e/article-55806"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-factory-fire.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रायपुर के उरला थाना क्षेत्र स्थित पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में शुक्रवार को अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। फैक्ट्री परिसर से उठते काले धुएं के घने गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिए, जिसके बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग फैक्ट्री के उत्पादन क्षेत्र में उस समय लगी जब वहां सैंपल लेने की प्रक्रिया चल रही थी। बताया जा रहा है कि तकनीकी कारणों से एक वाल्व पूरी तरह बंद नहीं हो पाया, जिसके चलते गर्म पदार्थ बाहर निकलने लगा। जैसे ही यह पदार्थ ऑक्सीजन के संपर्क में आया, सेल्फ इग्नीशन यानी स्वतः दहन की प्रक्रिया शुरू हो गई और देखते ही देखते आग फैल गई। फैक्ट्री कर्मचारियों ने शुरुआत में खुद आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन लपटें बढ़ने पर दमकल विभाग को सूचना दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के दौरान सैंपल ले रहे एक कर्मचारी के हाथ में हल्की चोट आई। फैक्ट्री प्रबंधन ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि आग लगने के बाद कुछ समय तक फैक्ट्री परिसर और आसपास का इलाका धुएं से घिरा रहा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में धुएं का गुबार आसमान में कई मीटर ऊंचाई तक पहुंच गया था। दूर से गुजर रहे लोगों ने भी धुएं के बड़े-बड़े गुबार देखे और इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी। कई लोगों ने घटना के वीडियो भी बनाए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। वीडियो में फैक्ट्री परिसर से उठता धुआं और मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियां साफ दिखाई दे रही हैं। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में ज्वलनशील पदार्थों के इस्तेमाल के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका थी। इसी वजह से अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी मौके पर भेजा गया। कई घंटे तक चले अभियान के बाद आग को नियंत्रित कर लिया गया। सुरक्षा के लिहाज से फैक्ट्री के कुछ हिस्सों को खाली कराया गया और आसपास के क्षेत्र में भी निगरानी बढ़ा दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में टायरों को प्रोसेस कर डामर और बिटुमिनस उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इस तरह के उद्योगों में उच्च तापमान और ज्वलनशील सामग्री का उपयोग होता है, इसलिए सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं और तकनीकी प्रक्रियाओं की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सुरक्षा नियमों के पालन में कोई कमी तो नहीं रही। इस घटना ने कुछ सप्ताह पहले रायपुर के एमजी रोड स्थित जया ऑटोमोबाइल बिल्डिंग में लगी भीषण आग की याद भी ताजा कर दी। उस हादसे में आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाने में दमकल विभाग को करीब 11 घंटे का समय लगा था। आग दूसरी और तीसरी मंजिल तक फैल गई थी और फायर कर्मियों को जेसीबी मशीन की मदद से भवन का हिस्सा तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा था। हालांकि पोरवाल ऑयल फैक्ट्री की घटना उस स्तर की नहीं रही, लेकिन इससे औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सवाल फिर खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम फैक्ट्री का निरीक्षण करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना पूरी तरह तकनीकी खराबी का परिणाम थी या फिर सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/6a2d01a4a496e/article-55806</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/6a2d01a4a496e/article-55806</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 13:22:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/raipur-factory-fire.jpg"                         length="148349"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर में प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 4 घंटे से हो रही आग बुझाने की कोशिश</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर के धार रोड स्थित प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, 7 दमकलें जुटीं। आसपास क्षेत्र खाली, प्रशासन जांच में जुटा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/massive-fire-broke-out-in-plastic-factory-in-indore-efforts/article-53510"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/indore-plastic-factory-fire-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शनिवार सुबह धार रोड में इंदौर के एक प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग लग गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे अफरा-तफरी मच गई। ये घटना सुबह लगभग 7 बजे की है। आग ने जल्दी ही पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक देखा जाने लगा। आस-पास के लोगों में दहशत फैल गई और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंच गए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शुरुआत के प्रयास कामयाब नहीं हुए। इसके बाद और दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और फिलहाल करीब सात फायर ब्रिगेड वाहनों के साथ आग बुझाने का काम जारी है। आग पर काबू पाने के लिए पोकलेन मशीन और फायर फाइटिंग रोबोट भी बुलाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब तक करीब 35 टैंकर पानी का इस्तेमाल किया जा चुका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी प्लास्टिक दानों के कारण आग बार-बार भड़क रही है। नगर निगम के अधिकारी और पुलिस भी वहां मौजूद हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री होने के चलते आग तेजी से फैल गई। कर्मचारियों का कहना है कि आग लगने का प्राथमिक कारण डीपी में शॉर्ट सर्किट हो सकता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। फैक्ट्री के संचालक मोहम्मद जावेद कुरैशी ने बताया कि आज अमावस्या थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए मजदूर काम पर नहीं आए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बड़ा हादसा टल गया। आमतौर पर फैक्ट्री में 30 से 35 लोग काम करते हैं। आस-पास की अन्य फैक्ट्रियों को भी एहतियात के तौर पर खाली कराया गया ताकि आग के फैलने से जनहानि न हो।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दमकल अधिकारियों का कहना है कि प्लास्टिक सामग्री और टीन शेड के कारण आग पर काबू पाने में मुश्किलें आ रही हैं। जेसीबी मशीन की मदद से शेड हटाकर पानी और फोम का इस्तेमाल किया जा रहा है। </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">RRCAT <span lang="hi" xml:lang="hi">के डिप्टी फायर ऑफिसर अजय कुमार ने बताया कि इलाके में पानी के पर्याप्त स्रोत न होने के कारण भी ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते बाहर से टैंकर बुलाए जा रहे हैं। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांवेर रोड क्षेत्र में रुई के कतरन के गोदाम में भी आग लगने की खबर से फायर टीम पर दबाव और बढ़ गया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और कहा कि सभी उपलब्ध संसाधनों से आग को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी व्यवस्था का होना बहुत जरूरी है। राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फैक्ट्री में रखा अधिकांश सामान जलने की आशंका है। आग पर पूरी तरह काबू पाने में शायद कुछ और समय लगेगा और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/massive-fire-broke-out-in-plastic-factory-in-indore-efforts/article-53510</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/massive-fire-broke-out-in-plastic-factory-in-indore-efforts/article-53510</guid>
                <pubDate>Sat, 16 May 2026 13:16:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/indore-plastic-factory-fire-news.jpg"                         length="108613"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पचपदरा रिफाइनरी की यूनिट में लगी भीषण आग, कल पीएम मोदी करने वाले थे लोकार्पण</title>
                                    <description><![CDATA[पचपदरा रिफाइनरी में आग की बड़ी घटना, पीएम मोदी के दौरे से पहले हड़कंप मचा। कारणों की जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/major-accident-before-pm-visit-24-hours-before-inauguration-massive/article-51693"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/_rajasthan-pachpadra-refinery-fire.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। यह घटना ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को यहां प्रस्तावित लोकार्पण समारोह में शामिल होने वाले हैं। पचपदरा रिफाइनरी में आग लगते ही काले धुएं का घना गुबार आसमान में फैल गया, जिसे कई किलोमीटर दूर से देखा गया। मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों, तकनीकी टीमों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तुरंत हलचल तेज हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग रिफाइनरी की एक यूनिट में लगी, जहां से लपटें तेजी से उठीं। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">अधिकारियों के अनुसार, दोपहर के समय एक यूनिट में अचानक स्पार्किंग या तकनीकी कारणों से आग भड़क उठी। पचपदरा रिफाइनरी में आग लगते ही इन-हाउस फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय हो गया और तुरंत दमकल टीमों को अलर्ट किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">करीब दर्जनों फायर टेंडर और हाइड्रेंट सिस्टम के जरिए आग बुझाने का काम जारी है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए रिफाइनरी के संवेदनशील हिस्सों को खाली कराया गया और आसपास के इलाकों में एहतियात बढ़ा दी गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">पचपदरा रिफाइनरी देश की महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में से एक मानी जाती है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित लोकार्पण को लेकर पिछले कई दिनों से यहां बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही थीं। सूत्रों के मुताबिक, पूरे परिसर को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील किया गया था, जहां एसपीजी और राज्य पुलिस की तैनाती की गई थी। ऐसे में पचपदरा रिफाइनरी में आग की घटना ने सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आधिकारिक बयान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के प्रयास तेजी से जारी हैं और विशेषज्ञ टीमों को मौके पर बुलाया गया है। एचपीसीएल और रिफाइनरी प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।</span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब देश-भर की नजरें इस लोकार्पण कार्यक्रम पर टिकी हैं। पचपदरा रिफाइनरी में आग ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की औद्योगिक इकाइयों में छोटी तकनीकी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल, इस घटना से कार्यक्रम की टाइमिंग या स्वरूप पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/major-accident-before-pm-visit-24-hours-before-inauguration-massive/article-51693</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/major-accident-before-pm-visit-24-hours-before-inauguration-massive/article-51693</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 18:38:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/_rajasthan-pachpadra-refinery-fire.jpg"                         length="126038"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा: 17 मजदूरों की मौत, वेदांता का मुआवजा ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[सक्ती में बॉयलर ब्लास्ट से मचा हड़कंप, 36 झुलसे; जांच के आदेश, परिजनों का विरोध]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-power-plant-accident-17-workers-killed-vedanta-announces-compensation/article-51224"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cg---2026-04-15t133343.975.jpg" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। हादसा मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे हुआ, जब प्लांट के भीतर अचानक विस्फोट हुआ और काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।</p>
<p>प्रशासन के अनुसार, कुल 36 मजदूर इस हादसे में झुलसे हैं, जिनमें से 18 का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में कुछ की पहचान हो चुकी है, जबकि कई शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण पहचान की प्रक्रिया जारी है।</p>
<p><strong>कैसे हुआ हादसा </strong><br />प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, प्लांट के बॉयलर में अचानक दबाव बढ़ने के कारण विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूर सीधे इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।</p>
<p><strong>कौन प्रभावित</strong><br />हादसे में प्रभावित मजदूरों में छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के श्रमिक शामिल हैं। कई परिवारों के सदस्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे परिजनों में चिंता और आक्रोश है।</p>
<p><strong>प्रतिक्रिया और विरोध </strong><br />हादसे के बाद प्लांट के बाहर परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रबंधन समय पर सही जानकारी नहीं दे रहा है। कुछ परिजनों ने अपने रिश्तेदारों के लापता होने की बात कही है।</p>
<p><strong>मुआवजा और सरकारी कदम </strong><br />वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी।<br />प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से भी मृतकों के परिवार को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है।</p>
<p>छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।</p>
<p><strong>जांच और आगे की कार्रवाई</strong><br />जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज और मृतकों की पहचान सुनिश्चित करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-power-plant-accident-17-workers-killed-vedanta-announces-compensation/article-51224</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-power-plant-accident-17-workers-killed-vedanta-announces-compensation/article-51224</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 13:36:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/cg---2026-04-15t133343.975.jpg"                         length="101399"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        