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                <title>Auspicious Time Today - दैनिक जागरण</title>
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                <title>आज का पंचांग: 30 जून 2026 — आषाढ़ मास का भव्य आरंभ, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और आज की गृह दशा</title>
                                    <description><![CDATA[आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ नए महीने की शुरुआत, मंगलवार को इस समय रहेगा राहुकाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/todays-panchang-30-june-2026-grand-beginning-of-ashadh/article-57349"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/30-june-2026-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय वैदिक संस्कृति और सनातन परंपरा में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य को करने, यात्रा पर निकलने या नए व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले गृह-नक्षत्रों की चाल और शुभ-अशुभ समय को देखना हमारी सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है। <span class="citation-59 citation-end-59">आज यानी 30 जून 2026, दिन मंगलवार को विक्रम संवत 2083 के अनुसार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग रही है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-58 citation-end-58">इसी के साथ आज से पवित्र आषाढ़ महीने की शुरुआत हो रही है, जिसे आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।<sup class="superscript"></sup></span>  <span class="citation-57 citation-end-57">आज का दिन कई मायनों में विशेष है क्योंकि आज पूरे दिन और रात पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो कि जीवन में सुख-समृद्धि और ठहराव लाने वाला माना जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> आइए विस्तार से जानते हैं आज के सूर्योदय-सूर्यास्त के समय, शुभ योगों, चंद्र राशि की स्थिति और उस अशुभ समय के बारे में, जिसमें किसी भी नए कार्य को करने से बचना चाहिए। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र गणना की स्थिति</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">30 जून 2026 को दिन की शुरुआत सूर्य देव की विशेष आराधना के साथ की जा सकती है। <span class="citation-56 citation-end-56">आज देश के अधिकांश हिस्सों (विशेषकर मानक समयानुसार) में सूर्योदय प्रातः 05:26 बजे होगा, वहीं संध्याकाल में सूर्यास्त 07:23 बजे होने का अनुमान है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-55 citation-end-55">आज सूर्य देव मिथुन राशि पर विराजमान रहेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-54 citation-end-54">चंद्रमा की स्थिति की बात करें तो आज पूरे दिन और रात चंद्रमा धनु राशि में गोचर करेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> धनु राशि में चंद्रमा का यह संचार कई राशियों के लिए मानसिक शांति और पराक्रम में वृद्धि लेकर आने वाला है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज की तिथि, नक्षत्र और मुख्य योग</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">पंचांग के पांच मुख्य अंग होते हैं— तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। आज के दिन इन पांचों अंगों की स्थिति कुछ इस प्रकार बन रही है:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong><span class="citation-53">तिथि:</span></strong><span class="citation-53 citation-end-53"> आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि आज प्रातः 05:26 AM से शुरू होकर अगले दिन यानी 1 जुलाई की सुबह 07:38 AM तक रहेगी।<sup class="superscript"></sup></span> धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रतिपदा तिथि के देवता अग्नि देव हैं, इसलिए आज के दिन अग्नि देव और मंगल के स्वामी हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी होगी। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-52">नक्षत्र:</span></strong><span class="citation-52 citation-end-52"> आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> यह नक्षत्र आज प्रातः 04:03 AM से शुरू होकर अगले दिन सुबह 06:51 AM तक व्याप्त रहेगा। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं, जिसके कारण आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के योग बढ़ जाते हैं। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-51">योग:</span></strong><span class="citation-51 citation-end-51"> आज दोपहर 03:18 बजे तक 'ब्रह्म' योग रहेगा, जिसके बाद 'इन्द्र' योग की शुरुआत होगी।<sup class="superscript"></sup></span> ब्रह्म योग को शांतिपूर्ण कार्यों, अध्ययन और मंत्र दीक्षा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-50">करण:</span></strong><span class="citation-50 citation-end-50"> आज का मुख्य करण 'बालव' रहेगा जो शाम 06:33 बजे तक रहेगा, इसके बाद 'कौलव' करण लग जाएगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि आप आज कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं, वाहन खरीदना चाहते हैं या फिर कोई मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनाना चाहते हैं, तो आपको आज के शुभ समय का ध्यान रखना चाहिए:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong><span class="citation-49">अभिजीत मुहूर्त:</span></strong><span class="citation-49 citation-end-49"> दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक।<sup class="superscript"></sup></span> यह दिन का सबसे शक्तिशाली और शुभ मुहूर्त माना जाता है। इसमें किए गए कार्य निर्विघ्न पूरे होते हैं। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-48">ब्रह्म मुहूर्त:</span></strong><span class="citation-48 citation-end-48"> प्रातः 03:54 बजे से प्रातः 04:42 बजे तक।<sup class="superscript"></sup></span> यह समय योग, ध्यान और ईश्वर भक्ति के लिए सबसे उत्तम है। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-47">अमृत काल:</span></strong><span class="citation-47 citation-end-47"> मध्यरात्रि के बाद यानी 1 जुलाई की रात 01:28 बजे से तड़के 03:15 बजे तक रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सावधान! आज का अशुभ समय और राहुकाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर दिन एक ऐसा समय आता है जिसे नकारात्मक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए, अन्यथा उसमें बाधाएं आ सकती हैं।</p>
<blockquote>
<p><strong><span class="citation-46">विशेष चेतावनी:</span></strong><span class="citation-46 citation-end-46"> आज मंगलवार को राहुकाल का समय दोपहर 03:54 बजे से शाम 05:39 बजे तक रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार की खरीदारी, धन का लेन-देन या नए अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने से पूरी तरह बचना चाहिए। </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-45 citation-end-45">इसके अलावा आज 'यमगण्ड' सुबह 08:57 बजे से 10:41 बजे तक और 'दुर्मुहूर्त' सुबह 08:16 बजे से 09:11 बजे तक रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> इस दौरान भी यात्रा या महत्वपूर्ण कार्यों को टालना ही समझदारी होगी। आज का दिशाशूल उत्तर दिशा में है, इसलिए आज उत्तर दिशा की ओर लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो, तो गुड़ या दलिया खाकर ही घर से निकलें। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आषाढ़ मास का धार्मिक महत्व</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज से शुरू हो रहा आषाढ़ का महीना भक्ति और साधना का काल है। इसी महीने में प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाती है और इसी मास के शुक्ल पक्ष में देवशयनी एकादशी आती है, जिसके बाद से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है। चूंकि आज मंगलवार है और आषाढ़ का पहला दिन है, इसलिए हनुमान जी और सूर्य देव की उपासना करने से कुंडली के मंगल और सूर्य जनित दोष शांत होते हैं। सुबह तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा लाल चंदन और फूल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देना आज बेहद कल्याणकारी साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 10:07:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आज का पंचांग : वैशाख कृष्ण चतुर्दशी पर बन रहा शुभ संयोग, जानें पूजा मुहूर्त और राहुकाल का समय</title>
                                    <description><![CDATA[गुरुवार को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, इन्द्र योग और मासिक शिवरात्रि का संयोग; दिनभर रहेंगे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष मुहूर्त]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-is-becoming-an-auspicious-coincidence-on-vaishakh-krishna/article-51265"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/panchang4.jpg" alt=""></a><br /><p>16 अप्रैल 2026, गुरुवार को वैशाख कृष्ण चतुर्दशी तिथि के साथ धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार इस दिन मासिक शिवरात्रि का पर्व भी मनाया जा रहा है, जिसे शिव उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। दिनभर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, इन्द्र योग और बाद में वैधृति योग का प्रभाव रहेगा, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों और साधना के लिए यह दिन विशेष माना जा रहा है।</p>
<p>पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि सायं 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद अमावस्या तिथि का आरंभ होगा। चंद्रमा दिन-रात मीन राशि में संचरण करेगा, जबकि दोपहर 1 बजकर 59 मिनट के बाद रेवती नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा। सूर्योदय सुबह 5:55 बजे और सूर्यास्त शाम 6:47 बजे दर्ज किया गया है।</p>
<p>दिन के महत्वपूर्ण मुहूर्तों में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 27 मिनट से 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, जो साधना और ध्यान के लिए अनुकूल समय है। अमृत काल सुबह 9 बजकर 27 मिनट से 10 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।</p>
<p>वहीं, अशुभ काल में राहुकाल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक रहेगा, इस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक प्रभावी रहेगा।</p>
<p>ज्योतिषीय गणना के अनुसार उत्तराभाद्रपद नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, जिसके स्वामी शनिदेव माने जाते हैं। यह नक्षत्र शांत, आध्यात्मिक और एकांतप्रिय प्रवृत्ति का प्रतीक है। इसके बाद रेवती नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा, जिसका संबंध समृद्धि और यात्रा से जोड़ा जाता है।</p>
<p>धार्मिक दृष्टि से आज का दिन शिव उपासना के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं। इसके साथ ही चने की दाल का दान करने से जीवन में सकारात्मकता और संतुलन आने की मान्यता है।</p>
<p>कुल मिलाकर, आज का पंचांग धार्मिक गतिविधियों, व्रत-उपवास और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण संयोग प्रस्तुत कर रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 08:16:56 +0530</pubDate>
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