<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/indian-parliament/tag-9919" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Indian Parliament - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/9919/rss</link>
                <description>Indian Parliament RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हरिवंश नारायण सिंह तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति बने, सदन ने जताया भरोसा</title>
                                    <description><![CDATA[पहली बार मनोनीत सदस्य को मिली यह जिम्मेदारी, पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा– अनुभव का सदन को मिला लाभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/harivansh-narayan-singh-becomes-deputy-chairman-of-rajya-sabha-for/article-51472"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/rajya-sabha-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली में राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जहां हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना गया। शुक्रवार को हुए चुनाव में वे निर्विरोध चुने गए, क्योंकि विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा गया था।</p>
<p>यह पहली बार है जब किसी मनोनीत सदस्य को राज्यसभा का उपसभापति बनाया गया है। उनके समर्थन में कुल पांच प्रस्ताव पेश किए गए। इनमें पहला प्रस्ताव केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री जेपी नड्डा ने रखा, जबकि दूसरा प्रस्ताव नितिन नवीन की ओर से प्रस्तुत किया गया।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश के पुनः चयन पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सदन के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उपसभापति के रूप में उनके अनुभव से राज्यसभा को लगातार लाभ मिला है और उन्होंने सभी सदस्यों को साथ लेकर काम करने का प्रयास किया है।</p>
<p>हरिवंश नारायण सिंह का पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था। इसके बाद राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पुनः मनोनीत किया गया। वे 2032 तक राज्यसभा के सदस्य बने रहेंगे। संविधान के अनुसार राज्यसभा में 12 सदस्य मनोनीत होते हैं, जिन्हें कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में योगदान के आधार पर नामित किया जाता है।</p>
<p>राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो हरिवंश मूल रूप से पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं और बाद में राजनीति में आए। उन्होंने जनता दल यूनाइटेड के माध्यम से राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। वे 2018 में पहली बार उपसभापति बने और 2020 में दोबारा इस पद पर चुने गए थे।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, 18 मार्च को बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनके कार्यकाल को लेकर संकेत दिए थे। उन्होंने सदन में कहा था कि हरिवंश ने लंबे समय तक जिम्मेदारी निभाई है और उनका योगदान सराहनीय रहा है, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।</p>
<p>विपक्ष की ओर से कोई नामांकन न आने के कारण चुनाव निर्विरोध रहा। सदन में इस निर्णय को सहमति और स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/harivansh-narayan-singh-becomes-deputy-chairman-of-rajya-sabha-for/article-51472</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/harivansh-narayan-singh-becomes-deputy-chairman-of-rajya-sabha-for/article-51472</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 16:14:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/rajya-sabha-%281%29.jpg"                         length="138438"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण संशोधन बिल लोकसभा में पेश: विपक्ष का हंगामा, अखिलेश-शाह में तीखी बहस, मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण पर गरमाई राजनीति</title>
                                    <description><![CDATA[तीन संविधान संशोधन बिलों पर संसद में जोरदार बहस, सीट बढ़ोतरी और परिसीमन प्रस्ताव पर राज्यों की हिस्सेदारी को लेकर बढ़ा विवाद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/draftwomens-reservation-amendment-bill-introduced-in-lok-sabha-oppositions-ruckus/article-51328"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/loksabha-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण से जुड़े तीन संविधान संशोधन बिल पेश किए जाने के साथ ही सदन में तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। सरकार ने जहां इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, वहीं विपक्ष ने इसके संवैधानिक और संघीय ढांचे पर असर को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।</p>
<p>केंद्रीय सरकार की ओर से पेश किए गए इन विधेयकों में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने, परिसीमन प्रक्रिया को नए आधार पर तय करने और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की योजना है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव 1971 की जनगणना आधारित व्यवस्था को अद्यतन करने के लिए जरूरी है।</p>
<p>बहस के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के विरोध में नहीं है, लेकिन प्रक्रिया और संरचना पर आपत्ति है। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाते हुए सरकार से स्पष्टता मांगी। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण संवैधानिक रूप से स्वीकार्य नहीं है और राजनीतिक दलों को अपनी पार्टी टिकट वितरण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस, डीएमके और अन्य विपक्षी दलों ने भी बिल का विरोध किया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान के मूल ढांचे से छेड़छाड़ कर रही है। डीएमके सांसद टीआर बालू ने इन विधेयकों को “सैंडविच बिल” बताते हुए कहा कि ये आपस में जुड़े हुए हैं और संघीय संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन प्रस्ताव का विरोध करते हुए बिल की प्रतियां तक जला दीं।</p>
<p>वहीं एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे संघवाद के खिलाफ बताया और कहा कि यह केवल महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं है, बल्कि राज्यों के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न भी है।</p>
<p>सरकारी पक्ष की ओर से कहा गया कि महिला आरक्षण देश की आधी आबादी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ऐतिहासिक सुधार है। भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि यह कदम हर भारतीय महिला के सपनों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।</p>
<p>संसद में हुई वोटिंग में विधेयकों के पुनर्स्थापन के पक्ष में 207 वोट पड़े, जबकि 126 सांसदों ने विरोध किया। यह स्पष्ट करता है कि इस प्रस्ताव पर राजनीतिक सहमति अभी भी पूरी तरह नहीं बन पाई है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि परिसीमन और सीट बढ़ोतरी जैसे मुद्दे आने वाले समय में केंद्र और राज्यों के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकते हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि यह कदम लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण कानून को वास्तविक रूप देने के लिए आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/draftwomens-reservation-amendment-bill-introduced-in-lok-sabha-oppositions-ruckus/article-51328</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/draftwomens-reservation-amendment-bill-introduced-in-lok-sabha-oppositions-ruckus/article-51328</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 12:28:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/loksabha-%281%29.jpg"                         length="288419"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        