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                <title>Hindi Lifestyle News - दैनिक जागरण</title>
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                <title>गर्मियों में कूलिंग जड़ी-बूटियों के सेवन में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[गलत तरीके से सेवन करने पर पाचन तंत्र पर असर, सही विधि अपनाना जरूरी ताकि शरीर को मिले पूरा लाभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/these-mistakes-can-be-made-in-the-consumption-of-cooling/article-51347"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/gond-katira-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने और लू से बचाव के लिए गोंद कतीरा को बेहद फायदेमंद माना जाता है। लेकिन इसका गलत तरीके से सेवन फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसे सही तरीके से न खाने पर पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।</p>
<p>गोंद कतीरा को लेकर सबसे बड़ी गलती यह होती है कि कई लोग इसे बिना पूरी तरह भिगोए या कम समय भिगोकर ही सेवन कर लेते हैं। यह तरीका स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।</p>
<p>दरअसल, गोंद कतीरा को हमेशा पर्याप्त समय देकर पानी में भिगोना जरूरी होता है। यदि इसे सूखा या अधपका खाया जाए तो यह पेट में जाकर फूल सकता है, जिससे पेट में ऐंठन, भारीपन, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।</p>
<p>सही तरीका यह है कि गोंद कतीरा की 1 से 2 चम्मच मात्रा को एक गिलास पानी में रातभर, यानी लगभग 8 से 10 घंटे तक भिगोया जाए। सुबह तक यह जेली जैसी पारदर्शी संरचना में बदल जाता है, जिसे आसानी से सेवन किया जा सकता है।</p>
<p>भीगे हुए गोंद कतीरा को ठंडाई, शरबत, दूध या फालूदा में मिलाकर लिया जा सकता है। यह न केवल शरीर को ठंडक देता है, बल्कि गर्मी से राहत पहुंचाने में भी मदद करता है।</p>
<p>हालांकि इसकी मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है। रोजाना 1 से 2 चम्मच से अधिक सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा पाचन तंत्र पर असर डाल सकती है।</p>
<p>सही तरीके से सेवन करने पर गोंद कतीरा शरीर को ठंडा रखने, लू से बचाव करने और पाचन सुधारने में सहायक माना जाता है। साथ ही इसे जोड़ों और हड्डियों के लिए भी लाभकारी बताया जाता है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक चीज का लाभ तभी मिलता है जब उसका उपयोग सही विधि और संतुलित मात्रा में किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 14:15:53 +0530</pubDate>
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