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कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर रोक, छात्रों में हलचल बढ़ी
Digital Desk
पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत पर सुनवाई के दौरान बड़ा फैसला, सिक्योरिटी गार्ड केस पर भी अदालत ने पुलिस से मांगे सबूत
पटना में चर्चित शिक्षक खान सर मामले में मंगलवार को बड़ा मोड़ सामने आया, जब खान सर गिरफ्तारी पर रोक को लेकर पटना सिविल कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए फिलहाल उनके खिलाफ किसी भी तरह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही थी और इसी दौरान यह अंतरिम राहत दी गई। मामला आर्म्स एक्ट और कथित जानलेवा हमले से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें पटना पुलिस पहले से जांच कर रही थी। पिछले कुछ दिनों से इस पूरे मामले को लेकर शहर में हलचल काफी बढ़ी हुई थी और कोचिंग छात्रों के बीच भी चर्चा तेज थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से कुछ अहम दस्तावेज और सबूत पेश करने को कहा है ताकि मामले की परिस्थितियों को ठीक से समझा जा सके। इधर, इसी केस से जुड़े दो सिक्योरिटी गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत पर भी कोर्ट में सुनवाई हुई। उनके वकील ने दलीलें पेश करते हुए कहा कि घटना के समय हालात अचानक बिगड़े थे और गार्ड्स ने केवल खुद की सुरक्षा और मौके पर मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की थी। अदालत ने फिलहाल दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, और उम्मीद है कि इस पर आज या आने वाले दिनों में आदेश आ सकता है। दोनों गार्ड्स की गिरफ्तारी पहले 4 जून को हुई थी, जिसके बाद से ही मामला लगातार कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है।
इधर, पटना के मुसल्लहपुर इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज को लेकर विवाद और गहरा गया है। हाल ही में हुए कथित हमले के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। उसी संदर्भ में खान सर ने अपने बयान में कहा था कि उन्होंने शुरुआती दौर में पुलिस की भूमिका को लेकर संतोष जताया था, लेकिन बाद में कुछ परिस्थितियों में बदलाव के कारण उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस देर से पहुंची। इसी बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके संस्थान और छात्रों की सुरक्षा सबसे अहम है और किसी भी स्थिति में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
मामले के बीच ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की गिरफ्तारी और रिहाई की मांग को लेकर छात्रों ने सोमवार को पटना में कैंडल मार्च भी निकाला। बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। कुछ पोस्टरों में लिखा था कि वे निर्दोष हैं और झूठे केस में जीवन खराब न किया जाए। इस दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा लेकिन छात्रों की भीड़ और नारेबाजी से इलाके में कुछ समय के लिए आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं दूसरी तरफ, पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
स्थानीय स्तर पर यह मामला अब केवल कानूनी विवाद नहीं बल्कि एक बड़ा शैक्षणिक और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है। छात्र संगठन भी अलग-अलग तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ छात्र खान सर के समर्थन में हैं, तो कुछ लोग जांच को पूरी तरह निष्पक्ष रखने की मांग कर रहे हैं। कुल मिलाकर, पटना कोर्ट का यह शुरुआती फैसला अभी सिर्फ अंतरिम राहत माना जा रहा है और असली स्थिति आगे की सुनवाई और सबूतों पर निर्भर करेगी।
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कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर रोक, छात्रों में हलचल बढ़ी
Digital Desk
पटना में चर्चित शिक्षक खान सर मामले में मंगलवार को बड़ा मोड़ सामने आया, जब खान सर गिरफ्तारी पर रोक को लेकर पटना सिविल कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए फिलहाल उनके खिलाफ किसी भी तरह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही थी और इसी दौरान यह अंतरिम राहत दी गई। मामला आर्म्स एक्ट और कथित जानलेवा हमले से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें पटना पुलिस पहले से जांच कर रही थी। पिछले कुछ दिनों से इस पूरे मामले को लेकर शहर में हलचल काफी बढ़ी हुई थी और कोचिंग छात्रों के बीच भी चर्चा तेज थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से कुछ अहम दस्तावेज और सबूत पेश करने को कहा है ताकि मामले की परिस्थितियों को ठीक से समझा जा सके। इधर, इसी केस से जुड़े दो सिक्योरिटी गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत पर भी कोर्ट में सुनवाई हुई। उनके वकील ने दलीलें पेश करते हुए कहा कि घटना के समय हालात अचानक बिगड़े थे और गार्ड्स ने केवल खुद की सुरक्षा और मौके पर मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की थी। अदालत ने फिलहाल दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, और उम्मीद है कि इस पर आज या आने वाले दिनों में आदेश आ सकता है। दोनों गार्ड्स की गिरफ्तारी पहले 4 जून को हुई थी, जिसके बाद से ही मामला लगातार कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है।
इधर, पटना के मुसल्लहपुर इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज को लेकर विवाद और गहरा गया है। हाल ही में हुए कथित हमले के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। उसी संदर्भ में खान सर ने अपने बयान में कहा था कि उन्होंने शुरुआती दौर में पुलिस की भूमिका को लेकर संतोष जताया था, लेकिन बाद में कुछ परिस्थितियों में बदलाव के कारण उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस देर से पहुंची। इसी बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके संस्थान और छात्रों की सुरक्षा सबसे अहम है और किसी भी स्थिति में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
मामले के बीच ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की गिरफ्तारी और रिहाई की मांग को लेकर छात्रों ने सोमवार को पटना में कैंडल मार्च भी निकाला। बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। कुछ पोस्टरों में लिखा था कि वे निर्दोष हैं और झूठे केस में जीवन खराब न किया जाए। इस दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा लेकिन छात्रों की भीड़ और नारेबाजी से इलाके में कुछ समय के लिए आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं दूसरी तरफ, पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
स्थानीय स्तर पर यह मामला अब केवल कानूनी विवाद नहीं बल्कि एक बड़ा शैक्षणिक और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है। छात्र संगठन भी अलग-अलग तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ छात्र खान सर के समर्थन में हैं, तो कुछ लोग जांच को पूरी तरह निष्पक्ष रखने की मांग कर रहे हैं। कुल मिलाकर, पटना कोर्ट का यह शुरुआती फैसला अभी सिर्फ अंतरिम राहत माना जा रहा है और असली स्थिति आगे की सुनवाई और सबूतों पर निर्भर करेगी।
