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ईरान-इजराइल जंग पर बढ़ा तनाव, ट्रम्प का बड़ा दावा; होर्मुज पर UN में आज अहम वोटिंग
अंतराष्ट्रीय न्यूज
अमेरिका बोला—कहेंगे तो रुकेगा इजराइल, ईरान अड़ा—सरेंडर तक जारी रहेगी जंग; वैश्विक व्यापार पर खतरा गहराया
मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच तनाव और गहरा गया है। अमेरिकी नेतृत्व की ओर से युद्धविराम के संकेत दिए गए हैं, वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि वह तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक उसके विरोधी पूरी तरह समर्पण नहीं कर देते। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मतदान होना है, जिस पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
अमेरिकी नेतृत्व ने एक साक्षात्कार में कहा कि यदि वे युद्ध रोकने का फैसला लेते हैं, तो इजराइल भी उनके संकेत पर कार्रवाई रोक देगा। इस बयान को पश्चिमी देशों की रणनीति का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, इजराइल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि बाहरी समर्थन के बिना उसकी सैन्य रणनीति पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक उसके विरोधी झुक नहीं जाते। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी नए हमले का जवाब और अधिक सख्ती से दिया जाएगा।
इस बीच, बहरीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश प्रस्ताव पर आज वोटिंग होनी है। प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सदस्य देशों को सामूहिक कदम उठाने की अनुमति देने की बात कही गई है। यह मार्ग वैश्विक तेल और व्यापार आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संकट का असर साफ दिख रहा है। करीब 2,000 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए बताए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। भारत ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि अब तक इस संकट में उसके नागरिकों की जान जा चुकी है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
इसी बीच, अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों और ईरान की जवाबी तैयारियों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका को अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिससे कूटनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं।
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ईरान-इजराइल जंग पर बढ़ा तनाव, ट्रम्प का बड़ा दावा; होर्मुज पर UN में आज अहम वोटिंग
अंतराष्ट्रीय न्यूज
मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच तनाव और गहरा गया है। अमेरिकी नेतृत्व की ओर से युद्धविराम के संकेत दिए गए हैं, वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि वह तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक उसके विरोधी पूरी तरह समर्पण नहीं कर देते। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मतदान होना है, जिस पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
अमेरिकी नेतृत्व ने एक साक्षात्कार में कहा कि यदि वे युद्ध रोकने का फैसला लेते हैं, तो इजराइल भी उनके संकेत पर कार्रवाई रोक देगा। इस बयान को पश्चिमी देशों की रणनीति का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, इजराइल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि बाहरी समर्थन के बिना उसकी सैन्य रणनीति पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक उसके विरोधी झुक नहीं जाते। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी नए हमले का जवाब और अधिक सख्ती से दिया जाएगा।
इस बीच, बहरीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश प्रस्ताव पर आज वोटिंग होनी है। प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सदस्य देशों को सामूहिक कदम उठाने की अनुमति देने की बात कही गई है। यह मार्ग वैश्विक तेल और व्यापार आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संकट का असर साफ दिख रहा है। करीब 2,000 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए बताए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। भारत ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि अब तक इस संकट में उसके नागरिकों की जान जा चुकी है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
इसी बीच, अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों और ईरान की जवाबी तैयारियों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका को अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिससे कूटनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं।
