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अमेरिका ने पांच ईरानी तेल टैंकरों को किया निष्क्रिय
Digital Desk
अमेरिकी सेना ने IRGC के मिसाइल हमलों के बाद पांच ईरानी तेल टैंकरों को निष्क्रिय किया। कार्रवाई से Gulf और Hormuz में तनाव बढ़ा है।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सैन्य बलों ने 8 सितंबर को पांच ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट या संचालन के लिहाज से निष्क्रिय कर दिया। यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा एक अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोत को 48 घंटे के भीतर दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश के बाद की गई।
CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी युद्धपोत दोनों मिसाइल हमलों से बचने में सफल रहा और अपनी क्षेत्रीय गश्त जारी रखी। इन घटनाओं में किसी अमेरिकी सैन्यकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पांच टैंकरों पर हुई कार्रवाई
CENTCOM ने 8 सितंबर की कार्रवाई में निशाना बनाए गए पांच जहाजों की पहचान M/T Kaviz, M/T Charminar, M/T Horizon 1, M/T Riesco और M/T Derya के रूप में की है।
अमेरिकी कमान के अनुसार, Kaviz, Charminar, Horizon 1 और Riesco को Gulf of Oman में निशाना बनाया गया, जबकि Derya पर Kharg Island के पास कार्रवाई की गई। खार्ग द्वीप ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्रों में शामिल है।
अमेरिकी सेना ने दावा किया कि कार्रवाई से पहले टैंकरों के चालक दल को जहाज छोड़ने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जहाजों पर हमला किया गया और उन्हें संचालन के लिए अक्षम कर दिया गया।
मिसाइल हमलों के बाद जवाब
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरानी IRGC ने एक अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोत को दो अलग-अलग मौकों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की। दोनों हमलों से अमेरिकी जहाज बच निकला।
CENTCOM ने कहा कि युद्धपोत पर सवार किसी अमेरिकी कर्मी को नुकसान नहीं पहुंचा। इसके बाद अमेरिकी बलों ने ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की।
इस घटनाक्रम को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जारी सैन्य टकराव में एक और गंभीर वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच पहले से ही क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तनाव बना हुआ है।
पहले भी तीन जहाज निशाने पर
यह कार्रवाई 5 सितंबर की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कुछ दिनों बाद हुई है। CENTCOM ने उस समय कहा था कि IRGC द्वारा दो अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोतों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद अमेरिका ने तीन ईरानी कच्चे तेल के जहाजों को निशाना बनाया था।
इन जहाजों में M/T Downy, M/T Stark 1 और M/T Kylo, जिसे Noxen के नाम से भी जाना जाता है, शामिल थे।
अमेरिकी कमान के अनुसार, उस घटनाक्रम में भी अमेरिकी युद्धपोत हमलों से बच गए थे और किसी अमेरिकी कर्मी के घायल होने की सूचना नहीं थी।
CENTCOM के सार्वजनिक बयानों के आधार पर 5 सितंबर के बाद अमेरिकी बलों द्वारा निशाना बनाए गए ईरानी तेल वाहकों की संख्या अब आठ हो गई है।
ईरान के तेल नेटवर्क पर दबाव
CENTCOM ने दावा किया है कि निशाना बनाए गए जहाज ईरान के एक बड़े कथित ‘शैडो नेटवर्क’ का हिस्सा हैं, जिसके जरिए IRGC और उससे जुड़े क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए अरबों डॉलर का राजस्व जुटाया जाता है।
हालांकि, इन जहाजों के कथित वित्तीय और संगठनात्मक संबंधों को लेकर उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से अमेरिकी अधिकारियों के दावों पर आधारित है। इसलिए इन दावों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्यों से अलग समझना जरूरी है।
तेल वाहकों पर लगातार हो रही कार्रवाई ईरान के तेल निर्यात तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। इसका असर क्षेत्रीय ऊर्जा कारोबार और समुद्री परिवहन पर भी पड़ सकता है।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की चेतावनी सामने आई है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए मिसाइलें दागीं।
जॉर्डन की सेना के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 20 में से 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया, जबकि दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
तेहरान ने यह भी चेतावनी दी है कि ईरानी वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
खाड़ी में बढ़ा शिपिंग जोखिम
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने Gulf और Strait of Hormuz में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां लंबे समय तक तनाव या आवाजाही में बाधा आने पर कच्चे तेल की कीमतों, शिपिंग बीमा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर असर पड़ सकता है।
मौजूदा घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी सैन्य कार्रवाई का दायरा और बढ़ेगा। अमेरिकी नौसेना का संबंधित युद्धपोत फिलहाल संचालन में बना हुआ है और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार मिसाइल हमलों में किसी अमेरिकी कर्मी को नुकसान नहीं हुआ।
पांच और ईरानी तेल वाहकों को निष्क्रिय किए जाने के बाद क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक दबाव दोनों बढ़े हैं। यदि तनाव वाणिज्यिक जहाजों, ऊर्जा ढांचे या अन्य सैन्य ठिकानों तक फैलता है, तो इसका प्रभाव खाड़ी क्षेत्र से बाहर भी महसूस किया जा सकता है।
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