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ईरानी रियाल में ऐतिहासिक गिरावट, 1 डॉलर के लिए देने पड़ रहे 20 लाख से ज्यादा रियाल
अंतराष्ट्रीय न्यूज
ओपन मार्केट में करेंसी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंची; अमेरिका की नई पाबंदियों की आशंका के बीच ईरान की अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव
ईरान की मुद्रा रियाल सोमवार, 24 अगस्त को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे कमजोर स्तर पर पहुंच गई। अनौपचारिक यानी ओपन मार्केट में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 20.2 लाख रियाल दर्ज की गई। वहीं ईरान के सेंट्रल बैंक की आधिकारिक दर लगभग 15 लाख रियाल प्रति डॉलर बताई गई है।
रियाल में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब अमेरिका ईरान पर और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने प्रस्तावित अभियान को ईरान पर बड़ा आर्थिक दबाव बनाने वाला कदम बताया है। नई पाबंदियों की आशंका ने ईरान की करेंसी पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है। ईरानी मुद्रा पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रही थी। देश में महंगाई, कमजोर आर्थिक गतिविधियों और विदेशी मुद्रा की कमी ने रियाल को लंबे समय से दबाव में रखा है। फरवरी 2026 में अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद शुरू हुए करीब छह महीने लंबे संघर्ष ने आर्थिक हालात को और प्रभावित किया है।
ओपन मार्केट और सरकारी रेट में बड़ा अंतर
रियाल की वास्तविक स्थिति समझने में अनौपचारिक बाजार की दर महत्वपूर्ण है। सोमवार को जहां ओपन मार्केट में डॉलर करीब 20.2 लाख रियाल तक पहुंच गया, वहीं आधिकारिक केंद्रीय बैंक दर करीब 15 लाख रियाल प्रति डॉलर थी। आम लोगों के लिए बाजार में उपलब्ध दर और सरकारी दर के बीच यह अंतर आर्थिक दबाव को भी दिखाता है।
अमेरिका की नई कार्रवाई से बढ़ी चिंता
वॉशिंगटन की ओर से ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की तैयारी के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में चिंता बढ़ी है। अमेरिका ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों और कंपनियों पर भी दबाव बढ़ाने की बात कर रहा है। इससे तेल निर्यात, व्यापार और विदेशी मुद्रा की उपलब्धता पर आगे असर पड़ने की आशंका है।
अर्थव्यवस्था पर महंगाई का असर
रियाल की कमजोरी का सीधा असर ईरान में रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। आयातित सामान की लागत बढ़ने के साथ लोगों की खरीदने की क्षमता भी प्रभावित हो रही है। लंबे समय से जारी महंगाई और करेंसी की गिरती कीमत ने आम परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ाया है।
तेल और विदेशी मुद्रा पर दबाव
ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए तेल से होने वाली आय महत्वपूर्ण है। अमेरिका की ओर से प्रतिबंधों और व्यापारिक नेटवर्क पर दबाव बढ़ाए जाने से ईरान के लिए विदेशी मुद्रा हासिल करना मुश्किल हो सकता है। इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव ने भी क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है।
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