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उत्तर कोरिया ने बदली परमाणु नीति, किम जोंग उन पर हमला होने पर होगा न्यूक्लियर अटैक
Digital Desk
उत्तर कोरिया ने नई परमाणु नीति अपनाई है। किम जोंग उन पर हमले की स्थिति में स्वत: परमाणु हमला करने का प्रावधान किया गया है।
उत्तर कोरिया ने अपनी परमाणु नीति में एक बड़ा बदलाव किया है। हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की हत्या कर दी जाती है या किसी विदेशी हमले में उन्हें गंभीर चोटें आती हैं, तो उत्तर कोरिया तुरंत और बिना किसी अतिरिक्त आदेश के परमाणु हमला कर सकता है। इस निर्णय ने दुनिया के कई देशों में चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि यह बदलाव मार्च में प्योंगयांग में हुई सुप्रीम पीपुल्स असेंबली की बैठक के दौरान किया गया। दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी ने भी इस बारे में जानकारी साझा की है। नई नीति में साफ कहा गया है कि अगर देश की न्यूक्लियर कमांड सिस्टम पर हमला होता है या नेतृत्व पर खतरा मडराता है, तो तुरंत परमाणु जवाबी हमला किया जाएगा।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ महीने पहले ईरान के कई प्रमुख नेताओं की अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई में मौत हो गई थी। ऐसा कहा जा रहा है कि उसी घटना के बाद उत्तर कोरिया ने अपनी सुरक्षा रणनीति को और आक्रामक बना लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि प्योंगयांग को इस बात का डर है कि किसी युद्ध की स्थिति में सबसे पहले उसके शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया जा सकता है। कोरिया मामलों के जानकार प्रोफेसर आंद्रेई लैंकोव के मुताबिक, ईरान पर हुए हमलों ने उत्तर कोरिया को कड़ा संदेश दिया है। उनका कहना है कि उत्तर कोरिया पहले से ही ऐसी नीति पर काम कर रहा था, लेकिन अब इसे संविधान में शामिल करके और मजबूत किया गया है।
उत्तर कोरिया को दुनिया के सबसे बंद देशों में से एक माना जाता है। वहां विदेशी नागरिकों की आवाजाही काफी सीमित है और इंटरनेट नेटवर्क भी लगभग पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रहता है। इसलिए इजरायल जैसी खुफिया एजेंसियों के लिए वहां निगरानी रखना वैसा आसान नहीं है जैसा ईरान में हुआ था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किम जोंग उन अपनी सुरक्षा को लेकर बहुत सतर्क रहते हैं। वे अक्सर भारी सुरक्षा घेरे में यात्रा करते हैं और हवाई यात्रा से कतराते हैं। कई बार उन्हें बख्तरबंद ट्रेन से यात्रा करते देखा गया है। सूत्रों के अनुसार, उत्तर कोरिया अब सैटेलाइट निगरानी और आधुनिक सैन्य तकनीकों को सबसे बड़ा खतरा मान रहा है।
इसी बीच, उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया की सीमा के पास नई लंबी दूरी की तोप प्रणाली तैनात करने की तैयारी भी शुरू की है। सरकारी मीडिया के अनुसार, किम जोंग उन ने हाल ही में नई 155 मिलीमीटर सेल्फ प्रोपेल्ड गन सिस्टम का निरीक्षण किया। दावा किया गया है कि यह सिस्टम 37 मील से ज्यादा दूरी तक हमला करने की क्षमता रखता है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल सीमा से करीब 35 मील दूर है, इसलिए इस तैनाती के चलते तनाव और बढ़ सकता है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नई तोप प्रणाली इस साल सीमा क्षेत्र में तैनात की जा सकती है।
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उत्तर कोरिया ने बदली परमाणु नीति, किम जोंग उन पर हमला होने पर होगा न्यूक्लियर अटैक
Digital Desk
उत्तर कोरिया ने अपनी परमाणु नीति में एक बड़ा बदलाव किया है। हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की हत्या कर दी जाती है या किसी विदेशी हमले में उन्हें गंभीर चोटें आती हैं, तो उत्तर कोरिया तुरंत और बिना किसी अतिरिक्त आदेश के परमाणु हमला कर सकता है। इस निर्णय ने दुनिया के कई देशों में चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि यह बदलाव मार्च में प्योंगयांग में हुई सुप्रीम पीपुल्स असेंबली की बैठक के दौरान किया गया। दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी ने भी इस बारे में जानकारी साझा की है। नई नीति में साफ कहा गया है कि अगर देश की न्यूक्लियर कमांड सिस्टम पर हमला होता है या नेतृत्व पर खतरा मडराता है, तो तुरंत परमाणु जवाबी हमला किया जाएगा।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ महीने पहले ईरान के कई प्रमुख नेताओं की अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई में मौत हो गई थी। ऐसा कहा जा रहा है कि उसी घटना के बाद उत्तर कोरिया ने अपनी सुरक्षा रणनीति को और आक्रामक बना लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि प्योंगयांग को इस बात का डर है कि किसी युद्ध की स्थिति में सबसे पहले उसके शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया जा सकता है। कोरिया मामलों के जानकार प्रोफेसर आंद्रेई लैंकोव के मुताबिक, ईरान पर हुए हमलों ने उत्तर कोरिया को कड़ा संदेश दिया है। उनका कहना है कि उत्तर कोरिया पहले से ही ऐसी नीति पर काम कर रहा था, लेकिन अब इसे संविधान में शामिल करके और मजबूत किया गया है।
उत्तर कोरिया को दुनिया के सबसे बंद देशों में से एक माना जाता है। वहां विदेशी नागरिकों की आवाजाही काफी सीमित है और इंटरनेट नेटवर्क भी लगभग पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रहता है। इसलिए इजरायल जैसी खुफिया एजेंसियों के लिए वहां निगरानी रखना वैसा आसान नहीं है जैसा ईरान में हुआ था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किम जोंग उन अपनी सुरक्षा को लेकर बहुत सतर्क रहते हैं। वे अक्सर भारी सुरक्षा घेरे में यात्रा करते हैं और हवाई यात्रा से कतराते हैं। कई बार उन्हें बख्तरबंद ट्रेन से यात्रा करते देखा गया है। सूत्रों के अनुसार, उत्तर कोरिया अब सैटेलाइट निगरानी और आधुनिक सैन्य तकनीकों को सबसे बड़ा खतरा मान रहा है।
इसी बीच, उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया की सीमा के पास नई लंबी दूरी की तोप प्रणाली तैनात करने की तैयारी भी शुरू की है। सरकारी मीडिया के अनुसार, किम जोंग उन ने हाल ही में नई 155 मिलीमीटर सेल्फ प्रोपेल्ड गन सिस्टम का निरीक्षण किया। दावा किया गया है कि यह सिस्टम 37 मील से ज्यादा दूरी तक हमला करने की क्षमता रखता है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल सीमा से करीब 35 मील दूर है, इसलिए इस तैनाती के चलते तनाव और बढ़ सकता है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नई तोप प्रणाली इस साल सीमा क्षेत्र में तैनात की जा सकती है।
