- Hindi News
- देश विदेश
- हक़, हुनर, और हौसला: दिव्यांगजनों के लिए बदला बजट का नज़रिया केंद्रीय बजट 2026–27: दिव्यांगजनों पर
हक़, हुनर, और हौसला: दिव्यांगजनों के लिए बदला बजट का नज़रिया केंद्रीय बजट 2026–27: दिव्यांगजनों पर 30% ज्यादा निवेश
डिजिटल डेस्क
निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 को दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। इस बजट में दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) के लिए आवंटन में लगभग 30 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे सरकार की समावेशी विकास नीति और संवेदनशील दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से झलकता है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि यह बजट दिव्यांगजनों को केवल सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सशक्त जीवन की ओर अग्रसर करने का एक ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है। वर्ष 2025–26 में जहां विभाग का बजट ₹1,275 करोड़ था, वहीं 2026–27 में इसे बढ़ाकर ₹1,669.72 करोड़ कर दिया गया है, जो दिव्यांगजनों के कल्याण के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डॉ. कुमार ने बताया कि देश में दिव्यांगजनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत दिव्यांगता की श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 किए जाने के बाद आवश्यकताओं का दायरा और व्यापक हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए बजट में ‘दिव्यांग सहारा योजना’ की घोषणा की गई है, जिसके तहत अत्याधुनिक, तकनीक आधारित सहायक उपकरणों के निर्माण और वितरण को गति दी जाएगी।
इस योजना के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र की मिनीरत्न कंपनी ALIMCO को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है, ताकि वह AI आधारित गतिशीलता उपकरण, ई-ब्रेल तकनीक, श्रवण सहायक यंत्र और संज्ञानात्मक उपकरणों का उच्च गुणवत्ता के साथ उत्पादन कर सके। इसके लिए स्टार्ट-अप्स और वैश्विक तकनीकी संस्थानों के साथ साझेदारी की जा रही है, जिससे स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।
बजट में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्रों के उन्नयन और आधुनिक Assistive Technology Mart के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि दिव्यांगजनों को समय पर, सुलभ और सम्मानजनक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके साथ ही ‘दिव्यांगजन कौशल योजना’ के माध्यम से कौशल विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने की रणनीति अपनाई गई है।
यह योजना हॉस्पिटैलिटी, मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म और ग्रीन जॉब्स जैसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में दिव्यांगजनों के लिए नए अवसर सृजित करेगी। ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सहायता और निरंतर मार्गदर्शन के जरिए उन्हें स्थायी आजीविका प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बजट 2026–27 ने नई उम्मीद जगाई है। NIMHR, NIEPID और NIEPMD जैसे संस्थानों के सुदृढ़ीकरण, उन्नत निदान सेवाएं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पुनर्वास प्रणाली के माध्यम से दिव्यांग कल्याण को नई दिशा देने की तैयारी है।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026–27 दिव्यांगजनों के लिए केवल राहत या सहायता का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि हक़, हुनर और हौसले के साथ आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ने का मजबूत संकल्प है, जो समावेशी विकास की अवधारणा को साकार करता है।
----
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
