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श्री महाकालेश्वर भस्म आरती: सावन के अंतिम सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, महाकाल मंदिर में भक्तों की लंबी कतार
धर्म डेस्क
उज्जैन में 24 अगस्त को श्रावण का चौथा और अंतिम सोमवार मनाया जा रहा है, तड़के 2:30 बजे मंदिर के पट खुले और 3 बजे भस्म आरती शुरू हुई। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते रहे
श्रावण मास के चौथे और अंतिम सोमवार पर सोमवार सुबह उज्जैन स्थित Mahakaleshwar मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती में शामिल होने के लिए तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर भक्तों की कतारें नजर आईं। सावन सोमवार की विशेषता को देखते हुए मंदिर के पट सामान्य दिनों की तुलना में पहले खोले गए। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को रात 2:30 बजे मंदिर के पट खुले और सुबह 3 बजे भस्म आरती शुरू हुई। भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया।
भस्म आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सुबह होने से पहले ही देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंच गए थे। अंतिम सावन सोमवार होने के कारण दर्शन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। मंदिर में हर-हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। ताजा रिपोर्टों में मंदिर में लंबी कतारों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
आज निकलेगी सावन की अंतिम सवारी
24 अगस्त को केवल सावन का अंतिम सोमवार ही नहीं, बल्कि श्रावण मास की चौथी और अंतिम महाकाल सवारी भी निकाली जाएगी। इस दौरान बाबा महाकाल चार स्वरूपों—चंद्रमौलेश्वर, मनमहेश, शिव तांडव और उमा-महेश—में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। सवारी के रामघाट पहुंचने पर शिप्रा जल से अभिषेक और आरती का कार्यक्रम रहेगा। श्रावण के दौरान उज्जैन में बाबा महाकाल की चार सवारियां 3, 10, 17 और 24 अगस्त को निर्धारित थीं। इसके बाद भाद्रपद में दो और सवारियां होंगी, जिनमें 7 सितंबर की शाही सवारी प्रमुख होगी।
महाकाल मंदिर में विशेष व्यवस्थाएं
श्रावण के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं बढ़ाई गई हैं। इस अवधि में महाकाल मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। महाकाल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर भस्म आरती, शीघ्र दर्शन, संध्या आरती और अन्य पूजन सेवाओं से संबंधित ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सावन सोमवार का धार्मिक महत्व
सावन का सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। श्रावण के अंतिम सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपवास, जलाभिषेक और शिव पूजा करते हैं। उज्जैन में इस दिन महाकाल दर्शन और सवारी के कारण धार्मिक गतिविधियां विशेष रूप से बढ़ जाती हैं।
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