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52वें जन्मदिन पर जानिए काजोल की जिंदगी के अनसुने किस्से, सुपरस्टार बनने तक का शानदार सफर
बालीवुड न्यूज़
शरारती बचपन, यादगार फिल्में, अजय देवगन से प्रेम कहानी और शाहरुख-करण संग गहरी दोस्ती ने बनाया काजोल को बॉलीवुड की सबसे चहेती अभिनेत्रियों में शामिल।
कभी अपनी शरारतों से मां को परेशान करने वाली एक लड़की आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो जाएगी, शायद किसी ने नहीं सोचा था। बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल आज अपना 52वां जन्मदिन मना रही हैं। तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने रोमांस, कॉमेडी, इमोशन और दमदार किरदारों से करोड़ों दर्शकों का दिल जीता है। उनकी बेबाकी, हाजिरजवाबी और स्वाभाविक अभिनय आज भी उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग पहचान दिलाता है।
फिल्मी परिवार से मिला अभिनय का संस्कार
- काजोल का जन्म 5 अगस्त 1974 को मुंबई के प्रतिष्ठित मुखर्जी परिवार में हुआ।
- पिता शोमू मुखर्जी फिल्म निर्माता थे, जबकि मां तनुजा हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री हैं।
- बचपन से ही घर का माहौल फिल्मों से जुड़ा रहा, जिसके कारण अभिनय में उनकी दिलचस्पी बढ़ती गई।
- शुरुआती पढ़ाई पंचगनी के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में हुई।
पहली फिल्म से शुरू हुआ सफर
- वर्ष 1992 में काजोल ने फिल्म 'बेखुदी' से बॉलीवुड में कदम रखा।
- फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन काजोल के आत्मविश्वास और अभिनय ने निर्माताओं का ध्यान आकर्षित किया।
- इसके बाद 1993 में रिलीज हुई 'बाजीगर' ने उनकी किस्मत बदल दी।
- शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंद बन गई और यहीं से सफलता का सिलसिला शुरू हुआ।
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे ने बनाया सुपरस्टार
- वर्ष 1995 में आई 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' काजोल के करियर की सबसे बड़ी फिल्म साबित हुई।
- फिल्म ने कई रिकॉर्ड बनाए और आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है।
- इसके बाद करण अर्जुन, कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी ग़म, माय नेम इज़ खान, फना और तानाजी जैसी फिल्मों ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
हर किरदार में दिखाई अलग पहचान
- काजोल ने सिर्फ रोमांटिक भूमिकाएं ही नहीं निभाईं बल्कि चुनौतीपूर्ण किरदारों में भी खुद को साबित किया।
- फिल्म 'गुप्त' में नकारात्मक भूमिका निभाकर उन्होंने इतिहास रचा और फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार जीतने वाली पहली अभिनेत्री बनीं।
- दुश्मन में डबल रोल और फना व माय नेम इज़ खान जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
शरारती बचपन के दिलचस्प किस्से
- बचपन में काजोल इतनी शरारती थीं कि उनकी मां तनुजा अक्सर उन्हें डांटती और मार भी देती थीं।
- एक बार वह बोर्डिंग स्कूल से भागकर घर आने की कोशिश करने लगीं, लेकिन रास्ते में पकड़ ली गईं।
- उनके पिता उनका नाम "मर्सिडीज" रखना चाहते थे, लेकिन मां ने यह नाम मंजूर नहीं किया और उनका नाम काजोल रखा गया।
करण जौहर और शाहरुख संग यादगार दोस्ती
- महज 15 साल की उम्र में काजोल ने पहली मुलाकात में करण जौहर का मजाक उड़ा दिया था।
- बाद में यही दोस्ती बॉलीवुड की सबसे मजबूत दोस्तियों में बदल गई।
- शाहरुख खान से पहली मुलाकात भी बेहद मजेदार रही। दोनों एक-दूसरे को अजीब समझते थे, लेकिन आगे चलकर उनकी जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे सफल ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में शामिल हो गई।
फिल्मों के सेट पर गिरना बना 'लकी चार्म'
- काजोल कई फिल्मों की शूटिंग के दौरान गिर चुकी हैं।
- कुछ कुछ होता है की शूटिंग के दौरान साइकिल से गिरने के बाद कुछ समय के लिए उनकी याददाश्त भी चली गई थी।
- दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, कभी खुशी कभी ग़म और माय नेम इज़ खान की शूटिंग के दौरान भी उनके गिरने के किस्से आज तक चर्चित हैं।
- मजाक में शाहरुख खान और करण जौहर कहा करते थे कि जिस फिल्म के सेट पर काजोल गिरती हैं, वह फिल्म सुपरहिट जरूर होती है।
अजय देवगन से प्रेम और शादी
- फिल्म हलचल की शूटिंग के दौरान काजोल और अजय देवगन की दोस्ती हुई।
- कुछ वर्षों तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों ने 24 फरवरी 1999 को शादी कर ली।
- आज दोनों बॉलीवुड के सबसे सफल और लोकप्रिय दंपतियों में गिने जाते हैं।
- उनके दो बच्चे न्यासा और युग हैं।
आज भी बरकरार है लोकप्रियता
- फिल्मों के साथ-साथ काजोल ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
- द ट्रायल, दो पत्ती, सरजमीन और मां जैसी परियोजनाओं में उनके अभिनय को सराहा गया।
- अब दर्शकों को उनकी आगामी फिल्म 'महारागनी: क्वीन ऑफ क्वींस' का बेसब्री से इंतजार है, जिसमें वह एक दमदार एक्शन अवतार में नजर आएंगी।
52 वर्ष की उम्र में भी काजोल का अभिनय, ऊर्जा और दर्शकों से जुड़ाव पहले की तरह कायम है। उनकी बेबाक शख्सियत, शानदार अभिनय और यादगार फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया है, जिनका प्रभाव पीढ़ियों तक बना रहेगा।
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52वें जन्मदिन पर जानिए काजोल की जिंदगी के अनसुने किस्से, सुपरस्टार बनने तक का शानदार सफर
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कभी अपनी शरारतों से मां को परेशान करने वाली एक लड़की आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो जाएगी, शायद किसी ने नहीं सोचा था। बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल आज अपना 52वां जन्मदिन मना रही हैं। तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने रोमांस, कॉमेडी, इमोशन और दमदार किरदारों से करोड़ों दर्शकों का दिल जीता है। उनकी बेबाकी, हाजिरजवाबी और स्वाभाविक अभिनय आज भी उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग पहचान दिलाता है।
फिल्मी परिवार से मिला अभिनय का संस्कार
- काजोल का जन्म 5 अगस्त 1974 को मुंबई के प्रतिष्ठित मुखर्जी परिवार में हुआ।
- पिता शोमू मुखर्जी फिल्म निर्माता थे, जबकि मां तनुजा हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री हैं।
- बचपन से ही घर का माहौल फिल्मों से जुड़ा रहा, जिसके कारण अभिनय में उनकी दिलचस्पी बढ़ती गई।
- शुरुआती पढ़ाई पंचगनी के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में हुई।
पहली फिल्म से शुरू हुआ सफर
- वर्ष 1992 में काजोल ने फिल्म 'बेखुदी' से बॉलीवुड में कदम रखा।
- फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन काजोल के आत्मविश्वास और अभिनय ने निर्माताओं का ध्यान आकर्षित किया।
- इसके बाद 1993 में रिलीज हुई 'बाजीगर' ने उनकी किस्मत बदल दी।
- शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंद बन गई और यहीं से सफलता का सिलसिला शुरू हुआ।
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे ने बनाया सुपरस्टार
- वर्ष 1995 में आई 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' काजोल के करियर की सबसे बड़ी फिल्म साबित हुई।
- फिल्म ने कई रिकॉर्ड बनाए और आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है।
- इसके बाद करण अर्जुन, कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी ग़म, माय नेम इज़ खान, फना और तानाजी जैसी फिल्मों ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
हर किरदार में दिखाई अलग पहचान
- काजोल ने सिर्फ रोमांटिक भूमिकाएं ही नहीं निभाईं बल्कि चुनौतीपूर्ण किरदारों में भी खुद को साबित किया।
- फिल्म 'गुप्त' में नकारात्मक भूमिका निभाकर उन्होंने इतिहास रचा और फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार जीतने वाली पहली अभिनेत्री बनीं।
- दुश्मन में डबल रोल और फना व माय नेम इज़ खान जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
शरारती बचपन के दिलचस्प किस्से
- बचपन में काजोल इतनी शरारती थीं कि उनकी मां तनुजा अक्सर उन्हें डांटती और मार भी देती थीं।
- एक बार वह बोर्डिंग स्कूल से भागकर घर आने की कोशिश करने लगीं, लेकिन रास्ते में पकड़ ली गईं।
- उनके पिता उनका नाम "मर्सिडीज" रखना चाहते थे, लेकिन मां ने यह नाम मंजूर नहीं किया और उनका नाम काजोल रखा गया।
करण जौहर और शाहरुख संग यादगार दोस्ती
- महज 15 साल की उम्र में काजोल ने पहली मुलाकात में करण जौहर का मजाक उड़ा दिया था।
- बाद में यही दोस्ती बॉलीवुड की सबसे मजबूत दोस्तियों में बदल गई।
- शाहरुख खान से पहली मुलाकात भी बेहद मजेदार रही। दोनों एक-दूसरे को अजीब समझते थे, लेकिन आगे चलकर उनकी जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे सफल ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में शामिल हो गई।
फिल्मों के सेट पर गिरना बना 'लकी चार्म'
- काजोल कई फिल्मों की शूटिंग के दौरान गिर चुकी हैं।
- कुछ कुछ होता है की शूटिंग के दौरान साइकिल से गिरने के बाद कुछ समय के लिए उनकी याददाश्त भी चली गई थी।
- दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, कभी खुशी कभी ग़म और माय नेम इज़ खान की शूटिंग के दौरान भी उनके गिरने के किस्से आज तक चर्चित हैं।
- मजाक में शाहरुख खान और करण जौहर कहा करते थे कि जिस फिल्म के सेट पर काजोल गिरती हैं, वह फिल्म सुपरहिट जरूर होती है।
अजय देवगन से प्रेम और शादी
- फिल्म हलचल की शूटिंग के दौरान काजोल और अजय देवगन की दोस्ती हुई।
- कुछ वर्षों तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों ने 24 फरवरी 1999 को शादी कर ली।
- आज दोनों बॉलीवुड के सबसे सफल और लोकप्रिय दंपतियों में गिने जाते हैं।
- उनके दो बच्चे न्यासा और युग हैं।
आज भी बरकरार है लोकप्रियता
- फिल्मों के साथ-साथ काजोल ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
- द ट्रायल, दो पत्ती, सरजमीन और मां जैसी परियोजनाओं में उनके अभिनय को सराहा गया।
- अब दर्शकों को उनकी आगामी फिल्म 'महारागनी: क्वीन ऑफ क्वींस' का बेसब्री से इंतजार है, जिसमें वह एक दमदार एक्शन अवतार में नजर आएंगी।
52 वर्ष की उम्र में भी काजोल का अभिनय, ऊर्जा और दर्शकों से जुड़ाव पहले की तरह कायम है। उनकी बेबाक शख्सियत, शानदार अभिनय और यादगार फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया है, जिनका प्रभाव पीढ़ियों तक बना रहेगा।
