- Hindi News
- बिजनेस
- अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद बाजार में जबरदस्त उछाल
अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद बाजार में जबरदस्त उछाल
बिजनेस डेस्क
वैश्विक रैली और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सेंसेक्स 1100 अंक उछला, निफ्टी ने भी मजबूत शुरुआत की
15 जून 2026, सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद मजबूत शुरुआत लेकर आई। वैश्विक स्तर पर बने सकारात्मक माहौल और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट का सीधा असर घरेलू बाजारों पर देखने को मिला। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव का खत्म होना और 107 दिन चले संघर्ष के बाद शांति समझौता माना जा रहा है। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा और इसका असर भारतीय इक्विटी बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
सुबह के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स ने जोरदार छलांग लगाई और 1,112.70 अंकों की बढ़त के साथ 76,648.74 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला और 335.55 अंकों की तेजी के साथ 23,956.40 पर कारोबार करता देखा गया। शुरुआती मिनटों में ही बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स हरे निशान में दिखाई दिए। बैंकिंग, आईटी, ऑटो और एनर्जी शेयरों में खास तौर पर मजबूत खरीदारी का रुझान रहा।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते ने वैश्विक स्तर पर जोखिम की धारणा को कम किया है। लंबे समय से चले आ रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन अब स्थिति में सुधार के संकेत मिलने से निवेशकों का भरोसा वापस लौटा है। इसका असर सीधे तौर पर एशियाई बाजारों पर पड़ा और भारतीय बाजार ने भी उसी रफ्तार को पकड़ लिया। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए राहत की बड़ी खबर मानी जा रही है, जिससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
विदेशी बाजारों की बात करें तो एशिया के प्रमुख सूचकांक भी मजबूत बढ़त के साथ खुले। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजारों में सकारात्मक रुझान देखा गया। अमेरिकी फ्यूचर्स में भी तेजी का माहौल रहा, जिससे वैश्विक निवेशकों की धारणा और मजबूत हुई। इस वैश्विक रैली का सीधा फायदा भारतीय बाजारों को मिला और निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में आक्रामक खरीदारी की।
घरेलू स्तर पर भी बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों का रुझान खासकर लार्जकैप शेयरों की ओर देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। बैंकिंग सेक्टर में सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के बैंकों के शेयरों में खरीदारी देखी गई। आईटी सेक्टर में भी विदेशी मांग की उम्मीद के चलते तेजी रही। ऑटो और एनर्जी सेक्टर में भी निवेशकों की रुचि बनी रही, जिससे पूरे बाजार को सपोर्ट मिला।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को इस तेजी का एक अहम कारण माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड में नरमी आने से तेल आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे न केवल कंपनियों की लागत घटेगी, बल्कि महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में नई पूंजी का प्रवाह देखने को मिल रहा है।
हालांकि, कुछ बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी पूरी तरह स्थायी नहीं मानी जा सकती। वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं और किसी भी तरह के नए तनाव से बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसके बावजूद, फिलहाल निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है और बाजार में खरीदारी का माहौल हावी है। देखा जाए तो 15 जून 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद मजबूत शुरुआत लेकर आया है। वैश्विक शांति संकेत, तेल की कीमतों में गिरावट और निवेशकों की मजबूत धारणा ने मिलकर बाजार को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं तो बाजार में और तेजी की संभावना जताई जा रही है
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद बाजार में जबरदस्त उछाल
बिजनेस डेस्क
15 जून 2026, सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद मजबूत शुरुआत लेकर आई। वैश्विक स्तर पर बने सकारात्मक माहौल और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट का सीधा असर घरेलू बाजारों पर देखने को मिला। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव का खत्म होना और 107 दिन चले संघर्ष के बाद शांति समझौता माना जा रहा है। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा और इसका असर भारतीय इक्विटी बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
सुबह के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स ने जोरदार छलांग लगाई और 1,112.70 अंकों की बढ़त के साथ 76,648.74 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला और 335.55 अंकों की तेजी के साथ 23,956.40 पर कारोबार करता देखा गया। शुरुआती मिनटों में ही बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स हरे निशान में दिखाई दिए। बैंकिंग, आईटी, ऑटो और एनर्जी शेयरों में खास तौर पर मजबूत खरीदारी का रुझान रहा।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते ने वैश्विक स्तर पर जोखिम की धारणा को कम किया है। लंबे समय से चले आ रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन अब स्थिति में सुधार के संकेत मिलने से निवेशकों का भरोसा वापस लौटा है। इसका असर सीधे तौर पर एशियाई बाजारों पर पड़ा और भारतीय बाजार ने भी उसी रफ्तार को पकड़ लिया। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए राहत की बड़ी खबर मानी जा रही है, जिससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
विदेशी बाजारों की बात करें तो एशिया के प्रमुख सूचकांक भी मजबूत बढ़त के साथ खुले। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजारों में सकारात्मक रुझान देखा गया। अमेरिकी फ्यूचर्स में भी तेजी का माहौल रहा, जिससे वैश्विक निवेशकों की धारणा और मजबूत हुई। इस वैश्विक रैली का सीधा फायदा भारतीय बाजारों को मिला और निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में आक्रामक खरीदारी की।
घरेलू स्तर पर भी बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों का रुझान खासकर लार्जकैप शेयरों की ओर देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। बैंकिंग सेक्टर में सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के बैंकों के शेयरों में खरीदारी देखी गई। आईटी सेक्टर में भी विदेशी मांग की उम्मीद के चलते तेजी रही। ऑटो और एनर्जी सेक्टर में भी निवेशकों की रुचि बनी रही, जिससे पूरे बाजार को सपोर्ट मिला।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को इस तेजी का एक अहम कारण माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड में नरमी आने से तेल आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे न केवल कंपनियों की लागत घटेगी, बल्कि महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में नई पूंजी का प्रवाह देखने को मिल रहा है।
हालांकि, कुछ बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी पूरी तरह स्थायी नहीं मानी जा सकती। वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं और किसी भी तरह के नए तनाव से बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसके बावजूद, फिलहाल निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है और बाजार में खरीदारी का माहौल हावी है। देखा जाए तो 15 जून 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद मजबूत शुरुआत लेकर आया है। वैश्विक शांति संकेत, तेल की कीमतों में गिरावट और निवेशकों की मजबूत धारणा ने मिलकर बाजार को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं तो बाजार में और तेजी की संभावना जताई जा रही है
