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रक्तदान के बदले VIP दर्शन योजना हिट, ओंकारेश्वर में बढ़ा उत्साह
Digital Desk
ओंकारेश्वर मंदिर की अनोखी पहल से ब्लड बैंकों में बढ़ा भंडार, रक्तदान करने वालों को परिवार समेत मिल रहा VIP दर्शन का लाभ
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शुरू की गई रक्तदान के बदले VIP दर्शन योजना को जबरदस्त सफलता मिल रही है। धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा को जोड़ने वाली इस पहल ने न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है, बल्कि जिले और आसपास के क्षेत्रों में रक्त की कमी की समस्या को भी काफी हद तक दूर कर दिया है। फरवरी 2026 में शुरू हुई इस योजना के बाद से रक्तदान करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब स्थिति यह है कि खंडवा जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में जरूरत से ज्यादा रक्त उपलब्ध है।
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के कारण जिले में रक्त संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हर सप्ताह औसतन 150 यूनिट रक्त एकत्र किया जा रहा है। लगातार बढ़ते संग्रह के चलते खंडवा ब्लड बैंक अब पड़ोसी जिलों की भी मदद कर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बुरहानपुर, धार और बैतूल जिलों को 150-150 यूनिट रक्त भेजा गया है, जबकि बड़वानी को 200 यूनिट और हरदा जिले को 80 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया गया है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि श्रद्धालुओं को एक छोटे से सामाजिक योगदान के बदले लंबी कतारों से राहत मिल रही है। आम दिनों में ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं रक्तदान करने वाले श्रद्धालु और उनके परिवार को VIP दर्शन की सुविधा दी जाती है, जिससे वे कम समय में मंदिर में प्रवेश कर दर्शन कर सकते हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग इस पहल से जुड़ रहे हैं।
खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता की पहल पर शुरू की गई इस योजना के तहत मंदिर परिसर के पास पांच बेड वाला विशेष रक्त संग्रह केंद्र स्थापित किया गया है। यहां 18 से 60 वर्ष तक की आयु के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन कम से कम 45 किलोग्राम हो, रक्तदान कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया लगभग 20 मिनट में पूरी हो जाती है। रक्तदान के बाद दाताओं को अल्पाहार, प्रमाण पत्र, प्रसाद और भगवान ओंकारेश्वर की तस्वीर भी भेंट की जाती है। प्रमाण पत्र मिलने के बाद रक्तदाता अपने परिवार के साथ VIP दर्शन का लाभ उठा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, एक स्वस्थ सदस्य द्वारा रक्तदान करने पर परिवार के बुजुर्गों और छोटे बच्चों को भी प्राथमिकता के साथ दर्शन की सुविधा मिलती है। इस व्यवस्था ने धार्मिक यात्रियों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का एक और सकारात्मक परिणाम यह हुआ है कि अब दुर्लभ रक्त समूहों का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने लगा है। एबी नेगेटिव, ओ नेगेटिव, ए नेगेटिव और बी नेगेटिव जैसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप पहले अक्सर कमी में रहते थे, लेकिन अब इनके पर्याप्त यूनिट सुरक्षित रखे जा रहे हैं। इससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में आसानी हो रही है। अधिक मास और धार्मिक आयोजनों के दौरान रक्तदान में विशेष बढ़ोतरी देखने को मिली है। हिंदू धर्म में दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है और इसी भावना के कारण श्रद्धालु बड़ी संख्या में रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं। जून महीने के पहले पखवाड़े में ही रिकॉर्ड स्तर पर रक्त संग्रह हुआ है। 14 जून तक ओंकारेश्वर शिविर से 497 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जबकि योजना की शुरुआत वाले फरवरी महीने में यह आंकड़ा 168 यूनिट था।
यह मॉडल देश के अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है। जहां एक ओर श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा मिलती है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता बढ़ती है। इससे समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों को लाभ होता है। स्थानीय मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद खंडवा जिले में हर महीने रक्त की मांग लगभग 1200 यूनिट तक पहुंच गई थी। पहले आयोजित रक्तदान शिविर इस आवश्यकता का केवल आधा हिस्सा ही पूरा कर पाते थे। लेकिन अब ओंकारेश्वर से जुड़ी इस योजना ने रक्त संग्रह की स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। बढ़ते भंडार को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में एक अलग और आधुनिक ब्लड बैंक स्थापित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
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रक्तदान के बदले VIP दर्शन योजना हिट, ओंकारेश्वर में बढ़ा उत्साह
Digital Desk
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शुरू की गई रक्तदान के बदले VIP दर्शन योजना को जबरदस्त सफलता मिल रही है। धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा को जोड़ने वाली इस पहल ने न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है, बल्कि जिले और आसपास के क्षेत्रों में रक्त की कमी की समस्या को भी काफी हद तक दूर कर दिया है। फरवरी 2026 में शुरू हुई इस योजना के बाद से रक्तदान करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब स्थिति यह है कि खंडवा जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में जरूरत से ज्यादा रक्त उपलब्ध है।
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के कारण जिले में रक्त संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हर सप्ताह औसतन 150 यूनिट रक्त एकत्र किया जा रहा है। लगातार बढ़ते संग्रह के चलते खंडवा ब्लड बैंक अब पड़ोसी जिलों की भी मदद कर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बुरहानपुर, धार और बैतूल जिलों को 150-150 यूनिट रक्त भेजा गया है, जबकि बड़वानी को 200 यूनिट और हरदा जिले को 80 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया गया है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि श्रद्धालुओं को एक छोटे से सामाजिक योगदान के बदले लंबी कतारों से राहत मिल रही है। आम दिनों में ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं रक्तदान करने वाले श्रद्धालु और उनके परिवार को VIP दर्शन की सुविधा दी जाती है, जिससे वे कम समय में मंदिर में प्रवेश कर दर्शन कर सकते हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग इस पहल से जुड़ रहे हैं।
खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता की पहल पर शुरू की गई इस योजना के तहत मंदिर परिसर के पास पांच बेड वाला विशेष रक्त संग्रह केंद्र स्थापित किया गया है। यहां 18 से 60 वर्ष तक की आयु के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन कम से कम 45 किलोग्राम हो, रक्तदान कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया लगभग 20 मिनट में पूरी हो जाती है। रक्तदान के बाद दाताओं को अल्पाहार, प्रमाण पत्र, प्रसाद और भगवान ओंकारेश्वर की तस्वीर भी भेंट की जाती है। प्रमाण पत्र मिलने के बाद रक्तदाता अपने परिवार के साथ VIP दर्शन का लाभ उठा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, एक स्वस्थ सदस्य द्वारा रक्तदान करने पर परिवार के बुजुर्गों और छोटे बच्चों को भी प्राथमिकता के साथ दर्शन की सुविधा मिलती है। इस व्यवस्था ने धार्मिक यात्रियों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का एक और सकारात्मक परिणाम यह हुआ है कि अब दुर्लभ रक्त समूहों का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने लगा है। एबी नेगेटिव, ओ नेगेटिव, ए नेगेटिव और बी नेगेटिव जैसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप पहले अक्सर कमी में रहते थे, लेकिन अब इनके पर्याप्त यूनिट सुरक्षित रखे जा रहे हैं। इससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में आसानी हो रही है। अधिक मास और धार्मिक आयोजनों के दौरान रक्तदान में विशेष बढ़ोतरी देखने को मिली है। हिंदू धर्म में दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है और इसी भावना के कारण श्रद्धालु बड़ी संख्या में रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं। जून महीने के पहले पखवाड़े में ही रिकॉर्ड स्तर पर रक्त संग्रह हुआ है। 14 जून तक ओंकारेश्वर शिविर से 497 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जबकि योजना की शुरुआत वाले फरवरी महीने में यह आंकड़ा 168 यूनिट था।
यह मॉडल देश के अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है। जहां एक ओर श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा मिलती है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता बढ़ती है। इससे समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों को लाभ होता है। स्थानीय मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद खंडवा जिले में हर महीने रक्त की मांग लगभग 1200 यूनिट तक पहुंच गई थी। पहले आयोजित रक्तदान शिविर इस आवश्यकता का केवल आधा हिस्सा ही पूरा कर पाते थे। लेकिन अब ओंकारेश्वर से जुड़ी इस योजना ने रक्त संग्रह की स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। बढ़ते भंडार को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में एक अलग और आधुनिक ब्लड बैंक स्थापित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
