ग्लोबल फाइनेंस में करियर बनाना है? Zell Education के साथ CFA, FRM, ACCA & CMA करें

Digital Desk

अगर आप फाइनेंस में करियर बनाने की सोच रहे हैं तो दो नाम आपने ज़रूर सुने होंगे: ACCA और US CMA। दोनों पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं, और दोनों ही क्वालिफिकेशन बड़ी कंपनियों में नौकरी पाने में मदद करती हैं और दोनों के लिए मेहनत भी खूब करनी पड़ती है। लेकिन सच यह है कि दोनों अलग-अलग करियर के लिए बने हैं। तो दोनों ही क्वालिफिकेशन के बारे में कुछ खास चीज़ें समझना आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

१) ACCA और US CMA में कौन सा ज़्यादा मुश्किल है?

वैसे तो दोनों ही कठिन हैं लेकिन दोनों बिल्कुल अलग-अलग चीज़ें परखते हैं। तो पहले ACCA से शुरू करते हैं।

ACCA उन लोगों के लिए बना है जो अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। इसमें कुल 13 पेपर होते हैं और यह दुनिया की सबसे बेहतरीन अकाउंटिंग क्वालिफिकेशन में से एक मानी जाती है।

ACCA की K- लेवल पर पास रेट 70-80% तक रहती है। Applied S- लेवल पर यह 45-55% के बीच आती है। और P - लेवल पर, जैसे APM और AAA जैसे सबसे कठिन पेपर्स में, पास रेट 40% तक गिर जाती है।

और अगर US CMA की बात करें तो US CMA का तरीका बिल्कुल अलग है। यह उन लोगों के लिए है जो कॉरपोरेट फाइनेंस, FP&A, बजटिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजिक डिसीज़न-मेकिंग में काम करना चाहते हैं। इसमें सिर्फ 2 पार्ट हैं लेकिन IMA के आंकड़ों के अनुसार US CMA का औसत पास रेट लगभग 45% प्रति पार्ट है।

तो कुल मिलाकर ACCA ज़्यादा विषयों को व्यापक रूप से कवर करता है इसी लिए यह समय भी ज़्यादा लेता है। US CMA कम विषयों पर ध्यान केंद्रित करता है लेकिन हर चीज़ को बिजनेस स्ट्रैटेजी के नज़रिए से बहुत गहराई से समझाता है।

२) ACCA और US CMA के लिए एलिजिबिलिटी क्या है?

यह जानना बेहद ज़रूरी है कि इन दोनों क्वालिफिकेशन को शुरू करने के लिए आपको क्या चाहिए।

ACCA की बात करें तो इसमें एंट्री के लिए आपको 12वीं में कम से कम 60% अंक होने चाहिए, तभी आप सीधे ACCA में दाखिला ले सकते हैं। और यह ध्यान रखें कि 12वीं के बाद ACCA में कोई छूट नहीं मिलती, सभी पेपर देने होंगे। लेकिन अगर आपके 12वीं में 60% से कम अंक हैं या आप 10वीं के बाद ही फाइनेंस की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं तो भी रास्ता बंद नहीं है। इसके लिए FIA यानी Foundation in Accountancy का रास्ता है। FIA आपको ACCA की तैयारी के लिए ज़रूरी बुनियाद देता है और इसे पूरा करने के बाद आप ACCA में आसानी से दाखिल हो सकते हैं।

US CMA की बात करें तो यह एक अहम बात है जो बहुत कम लोग जानते हैं। US CMA में IMA आपको 12वीं के बाद ही रजिस्टर करने और परीक्षा देने की अनुमति देता है। यानी आप ग्रेजुएशन के दौरान ही दोनों पार्ट की तैयारी करके परीक्षा दे सकते हैं। लेकिन पूरा CMA सर्टिफिकेट पाने के लिए तीन शर्तें पूरी करनी होती हैं: दोनों पार्ट पास करने होंगे, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर्स डिग्री पूरी करनी होगी, और मैनेजमेंट अकाउंटिंग या फाइनेंशियल मैनेजमेंट में 2 साल का काम का अनुभव भी होना चाहिए। और एक राहत की बात यह है कि परीक्षा पास करने के बाद आपके पास 7 साल का वक्त होता है कि आप डिग्री और अनुभव की ये शर्तें पूरी करें। डिग्री किसी भी विषय में हो सकती है, चाहे कॉमर्स हो, इंजीनियरिंग हो या कोई और।

सीधे शब्दों में कहें तो ACCA की तरह US CMA भी आप 12वीं के बाद शुरू कर सकते हैं। पर US CMA का सर्टिफिकेट पाने के लिए बैचलर्स डिग्री और काम का अनुभव दोनों पूरे करने होंगे।

३) ACCA या US CMA: ज़्यादा कमाई किसमें है?

यह सवाल इतना आसान नहीं है क्योंकि दोनों अलग-अलग तरह की नौकरियों की तरफ ले जाते हैं।

ACCA करने वाले ज़्यादातर ऑडिट करने वाली कंपनियां, अकाउंटिंग डिपार्टमेंट, टैक्स कंसल्टिंग, फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और कॉरपोरेट फाइनेंस में काम करते हैं। US CMA करने वाले ज़्यादातर कॉरपोरेट फाइनेंस, FP&A टीम्स, बजटिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट, इंटरनल ऑडिट और स्ट्रैटेजिक फाइनेंस में जाते हैं।

भारत में अभी ACCA की सैलरी शुरुआत में सालाना ₹5 से 10 लाख मिलती है, कुछ साल बाद उन्हें सालाना ₹10 से 25 लाख और सीनियर लेवल पर सालाना ₹25 लाख से ऊपर मिल सकती है। और US CMA में शुरुआत में सालाना ₹4 से 8 लाख मिलती है, मिड-करियर में ₹8 से 15 लाख और सीनियर लेवल पर ₹15 लाख से ऊपर मिल सकती है।

और एक बड़ी बात यह है कि IMA के ग्लोबल सैलरी सर्वे 2024 के अनुसार US CMA होल्डर्स अपने नॉन-सर्टिफाइड साथियों से औसतन 58% ज़्यादा कमाते हैं। दोनों क्वालिफिकेशन को दुनिया के 100 से ज़्यादा देशों में मान्यता है, यानी विदेश में भी काम करने का मौका मिल सकता है।

४) Big 4 कंपनियां किसे नौकरी देती हैं?

Deloitte, PwC, EY और KPMG ACCA और US CMA दोनों को अलग-अलग टीम्स के लिए चुनती हैं।

ACCA वाले खासतौर पर ऑडिट और एश्योरेंस टीम्स, टैक्स कंसल्टिंग और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग से जुड़े रोल्स में काम करते हैं। इसी लिए Big 4 कंपनियों में ACCA मेंबर्स को दुनिया में सबसे ज़्यादा नौकरी मिलती है। US CMA वालों की ज़रूरत ज़्यादातर फाइनेंशियल कंसल्टिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट, बिजनेस एडवाइजरी और इंटरनल ऑडिट टीम्स में होती है।

भारत में एक ज़रूरी बात यह है कि स्टेच्युटरी ऑडिट पर हस्ताक्षर करने का अधिकार सिर्फ ICAI के पास है। इसका मतलब यह है कि ACCA वाले भारत में अपने दम पर स्टेच्युटरी ऑडिट रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते। यह करने के लिए CA की डिग्री ज़रूरी है। लेकिन ACCA Big 4 कंपनियों में इंटरनल ऑडिट, अकाउंटिंग एडवाइजरी और दूसरे सपोर्ट रोल्स में काम कर सकते हैं।

५) ACCA के बाद US CMA करना चाहिए?

बहुत सारे फाइनेंस प्रोफेशनल्स दोनों करते हैं और इसके पीछे एक ठोस वजह है।

ACCA आपको अकाउंटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की मज़बूत नींव देता है। यह सिखाता है कि कोई भी बिजनेस अपना पैसा कैसे रिकॉर्ड करता है, कैसे मैनेज करता है और कैसे दुनिया के सामने रखता है।

और US CMA उस नींव के ऊपर एक बिल्कुल नई दुनिया बनाता है। यह आपको सिखाता है कि उस फाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल करके बिजनेस के लिए बड़े स्ट्रैटेजिक फैसले कैसे लिए जाते हैं। यह वो नज़रिया है जो ACCA में नहीं मिलता।

एंप्लॉयर्स की नज़र में ACCA और US CMA की यह कॉम्बिनेशन बहुत ही मूल्यवान होती जा रही है। यह कॉम्बिनेशन दिखाता है कि आप फाइनेंस के दोनों पहलू समझते हैं, अकाउंटिंग और स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट दोनों। यह कॉम्बिनेशन खासतौर पर उनके लिए फायदेमंद है जो कॉरपोरेट फाइनेंस, FP&A लीडरशिप, बिजनेस कंट्रोलर या CFO जैसी पोजीशन में जाना चाहते हैं।

६) कौन सा ज़्यादा वक्त लेता है?

ACCA में 13 परीक्षाएं यानी पेपर देने होते हैं और आमतौर पर 2.5 से 3.5 साल लग जाते हैं। पूरी मेंबरशिप मिलने के लिए परीक्षा के साथ-साथ 36 महीने का काम का असली अनुभव भी ज़रूरी है।

US CMA में सिर्फ 2 पार्ट होते हैं और ज़्यादातर उम्मीदवार इसे 6 से 12 महीनों में पूरा कर लेते हैं। US CMA का पूरा सर्टिफिकेट मिलने के लिए मैनेजमेंट अकाउंटिंग या फाइनेंशियल मैनेजमेंट में 2 साल का काम का अनुभव होना ज़रूरी है, जो परीक्षा देने से पहले, दौरान या बाद में पूरा किया जा सकता है।

यहाँ एक बड़ा फर्क यह है कि US CMA की परीक्षाएं ACCA की तुलना में बहुत तेजी से पूरी की जा सकती हैं। जो लोग करियर में जल्दी आगे बढ़ना चाहते हैं उनके लिए US CMA की यह छोटी समय-सीमा एक बड़ा फायदा है। दोनों के लिए सिर्फ परीक्षा पास करना काफी नहीं है, असली काम का अनुभव भी उतना ही ज़रूरी है।

आखिरी बात

ACCA और US CMA दोनों बेहतरीन क्वालिफिकेशन हैं लेकिन दोनों अलग-अलग करियर के लिए हैं।

अगर आप अकाउंटिंग, ऑडिट, टैक्स या फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में आगे बढ़ना चाहते हैं तो ACCA आपके लिए सबसे सही रास्ता है। अगर आपका दिल FP&A, कॉरपोरेट फाइनेंस, बजटिंग या स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट में लगता है तो US CMA आपकी मंज़िल है।

अगर आप फाइनेंस में करियर के बारे में सोच रहे हैं तो Zell Education में हम आपको पूरा करियर बनाने में मदद करते हैं। हम US CMA और ACCA के साथ-साथ CFA, CPA और FRM की भी तैयारी करवाते हैं, यानी फाइनेंस का कोई भी रास्ता हो, Zell आपके साथ है।

और यह वक्त बिल्कुल सही है। अगर आप 30 जून 2026 तक US CMA के लिए रजिस्टर करते हैं तो आपको एग्जाम फीस में 15% की छूट मिलती है। यह ऑफर सीमित समय के लिए है तो देर न करें।

और अगर आप CFA की तैयारी Zell के साथ करते हैं तो आपको सिर्फ CFA की पढ़ाई नहीं मिलती। लेवल 1 की पढ़ाई के दौरान आप 8 अलग-अलग सर्टिफिकेशन भी हासिल कर सकते हैं जो आपकी हायरिंग प्रोफाइल को बाकी लोगों से एकदम अलग और मज़बूत बनाती हैं।

 

 

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03 Apr 2026 By दैनिक जागरण

ग्लोबल फाइनेंस में करियर बनाना है? Zell Education के साथ CFA, FRM, ACCA & CMA करें

Digital Desk

१) ACCA और US CMA में कौन सा ज़्यादा मुश्किल है?

वैसे तो दोनों ही कठिन हैं लेकिन दोनों बिल्कुल अलग-अलग चीज़ें परखते हैं। तो पहले ACCA से शुरू करते हैं।

ACCA उन लोगों के लिए बना है जो अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। इसमें कुल 13 पेपर होते हैं और यह दुनिया की सबसे बेहतरीन अकाउंटिंग क्वालिफिकेशन में से एक मानी जाती है।

ACCA की K- लेवल पर पास रेट 70-80% तक रहती है। Applied S- लेवल पर यह 45-55% के बीच आती है। और P - लेवल पर, जैसे APM और AAA जैसे सबसे कठिन पेपर्स में, पास रेट 40% तक गिर जाती है।

और अगर US CMA की बात करें तो US CMA का तरीका बिल्कुल अलग है। यह उन लोगों के लिए है जो कॉरपोरेट फाइनेंस, FP&A, बजटिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजिक डिसीज़न-मेकिंग में काम करना चाहते हैं। इसमें सिर्फ 2 पार्ट हैं लेकिन IMA के आंकड़ों के अनुसार US CMA का औसत पास रेट लगभग 45% प्रति पार्ट है।

तो कुल मिलाकर ACCA ज़्यादा विषयों को व्यापक रूप से कवर करता है इसी लिए यह समय भी ज़्यादा लेता है। US CMA कम विषयों पर ध्यान केंद्रित करता है लेकिन हर चीज़ को बिजनेस स्ट्रैटेजी के नज़रिए से बहुत गहराई से समझाता है।

२) ACCA और US CMA के लिए एलिजिबिलिटी क्या है?

यह जानना बेहद ज़रूरी है कि इन दोनों क्वालिफिकेशन को शुरू करने के लिए आपको क्या चाहिए।

ACCA की बात करें तो इसमें एंट्री के लिए आपको 12वीं में कम से कम 60% अंक होने चाहिए, तभी आप सीधे ACCA में दाखिला ले सकते हैं। और यह ध्यान रखें कि 12वीं के बाद ACCA में कोई छूट नहीं मिलती, सभी पेपर देने होंगे। लेकिन अगर आपके 12वीं में 60% से कम अंक हैं या आप 10वीं के बाद ही फाइनेंस की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं तो भी रास्ता बंद नहीं है। इसके लिए FIA यानी Foundation in Accountancy का रास्ता है। FIA आपको ACCA की तैयारी के लिए ज़रूरी बुनियाद देता है और इसे पूरा करने के बाद आप ACCA में आसानी से दाखिल हो सकते हैं।

US CMA की बात करें तो यह एक अहम बात है जो बहुत कम लोग जानते हैं। US CMA में IMA आपको 12वीं के बाद ही रजिस्टर करने और परीक्षा देने की अनुमति देता है। यानी आप ग्रेजुएशन के दौरान ही दोनों पार्ट की तैयारी करके परीक्षा दे सकते हैं। लेकिन पूरा CMA सर्टिफिकेट पाने के लिए तीन शर्तें पूरी करनी होती हैं: दोनों पार्ट पास करने होंगे, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर्स डिग्री पूरी करनी होगी, और मैनेजमेंट अकाउंटिंग या फाइनेंशियल मैनेजमेंट में 2 साल का काम का अनुभव भी होना चाहिए। और एक राहत की बात यह है कि परीक्षा पास करने के बाद आपके पास 7 साल का वक्त होता है कि आप डिग्री और अनुभव की ये शर्तें पूरी करें। डिग्री किसी भी विषय में हो सकती है, चाहे कॉमर्स हो, इंजीनियरिंग हो या कोई और।

सीधे शब्दों में कहें तो ACCA की तरह US CMA भी आप 12वीं के बाद शुरू कर सकते हैं। पर US CMA का सर्टिफिकेट पाने के लिए बैचलर्स डिग्री और काम का अनुभव दोनों पूरे करने होंगे।

३) ACCA या US CMA: ज़्यादा कमाई किसमें है?

यह सवाल इतना आसान नहीं है क्योंकि दोनों अलग-अलग तरह की नौकरियों की तरफ ले जाते हैं।

ACCA करने वाले ज़्यादातर ऑडिट करने वाली कंपनियां, अकाउंटिंग डिपार्टमेंट, टैक्स कंसल्टिंग, फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और कॉरपोरेट फाइनेंस में काम करते हैं। US CMA करने वाले ज़्यादातर कॉरपोरेट फाइनेंस, FP&A टीम्स, बजटिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट, इंटरनल ऑडिट और स्ट्रैटेजिक फाइनेंस में जाते हैं।

भारत में अभी ACCA की सैलरी शुरुआत में सालाना ₹5 से 10 लाख मिलती है, कुछ साल बाद उन्हें सालाना ₹10 से 25 लाख और सीनियर लेवल पर सालाना ₹25 लाख से ऊपर मिल सकती है। और US CMA में शुरुआत में सालाना ₹4 से 8 लाख मिलती है, मिड-करियर में ₹8 से 15 लाख और सीनियर लेवल पर ₹15 लाख से ऊपर मिल सकती है।

और एक बड़ी बात यह है कि IMA के ग्लोबल सैलरी सर्वे 2024 के अनुसार US CMA होल्डर्स अपने नॉन-सर्टिफाइड साथियों से औसतन 58% ज़्यादा कमाते हैं। दोनों क्वालिफिकेशन को दुनिया के 100 से ज़्यादा देशों में मान्यता है, यानी विदेश में भी काम करने का मौका मिल सकता है।

४) Big 4 कंपनियां किसे नौकरी देती हैं?

Deloitte, PwC, EY और KPMG ACCA और US CMA दोनों को अलग-अलग टीम्स के लिए चुनती हैं।

ACCA वाले खासतौर पर ऑडिट और एश्योरेंस टीम्स, टैक्स कंसल्टिंग और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग से जुड़े रोल्स में काम करते हैं। इसी लिए Big 4 कंपनियों में ACCA मेंबर्स को दुनिया में सबसे ज़्यादा नौकरी मिलती है। US CMA वालों की ज़रूरत ज़्यादातर फाइनेंशियल कंसल्टिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट, बिजनेस एडवाइजरी और इंटरनल ऑडिट टीम्स में होती है।

भारत में एक ज़रूरी बात यह है कि स्टेच्युटरी ऑडिट पर हस्ताक्षर करने का अधिकार सिर्फ ICAI के पास है। इसका मतलब यह है कि ACCA वाले भारत में अपने दम पर स्टेच्युटरी ऑडिट रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते। यह करने के लिए CA की डिग्री ज़रूरी है। लेकिन ACCA Big 4 कंपनियों में इंटरनल ऑडिट, अकाउंटिंग एडवाइजरी और दूसरे सपोर्ट रोल्स में काम कर सकते हैं।

५) ACCA के बाद US CMA करना चाहिए?

बहुत सारे फाइनेंस प्रोफेशनल्स दोनों करते हैं और इसके पीछे एक ठोस वजह है।

ACCA आपको अकाउंटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की मज़बूत नींव देता है। यह सिखाता है कि कोई भी बिजनेस अपना पैसा कैसे रिकॉर्ड करता है, कैसे मैनेज करता है और कैसे दुनिया के सामने रखता है।

और US CMA उस नींव के ऊपर एक बिल्कुल नई दुनिया बनाता है। यह आपको सिखाता है कि उस फाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल करके बिजनेस के लिए बड़े स्ट्रैटेजिक फैसले कैसे लिए जाते हैं। यह वो नज़रिया है जो ACCA में नहीं मिलता।

एंप्लॉयर्स की नज़र में ACCA और US CMA की यह कॉम्बिनेशन बहुत ही मूल्यवान होती जा रही है। यह कॉम्बिनेशन दिखाता है कि आप फाइनेंस के दोनों पहलू समझते हैं, अकाउंटिंग और स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट दोनों। यह कॉम्बिनेशन खासतौर पर उनके लिए फायदेमंद है जो कॉरपोरेट फाइनेंस, FP&A लीडरशिप, बिजनेस कंट्रोलर या CFO जैसी पोजीशन में जाना चाहते हैं।

६) कौन सा ज़्यादा वक्त लेता है?

ACCA में 13 परीक्षाएं यानी पेपर देने होते हैं और आमतौर पर 2.5 से 3.5 साल लग जाते हैं। पूरी मेंबरशिप मिलने के लिए परीक्षा के साथ-साथ 36 महीने का काम का असली अनुभव भी ज़रूरी है।

US CMA में सिर्फ 2 पार्ट होते हैं और ज़्यादातर उम्मीदवार इसे 6 से 12 महीनों में पूरा कर लेते हैं। US CMA का पूरा सर्टिफिकेट मिलने के लिए मैनेजमेंट अकाउंटिंग या फाइनेंशियल मैनेजमेंट में 2 साल का काम का अनुभव होना ज़रूरी है, जो परीक्षा देने से पहले, दौरान या बाद में पूरा किया जा सकता है।

यहाँ एक बड़ा फर्क यह है कि US CMA की परीक्षाएं ACCA की तुलना में बहुत तेजी से पूरी की जा सकती हैं। जो लोग करियर में जल्दी आगे बढ़ना चाहते हैं उनके लिए US CMA की यह छोटी समय-सीमा एक बड़ा फायदा है। दोनों के लिए सिर्फ परीक्षा पास करना काफी नहीं है, असली काम का अनुभव भी उतना ही ज़रूरी है।

आखिरी बात

ACCA और US CMA दोनों बेहतरीन क्वालिफिकेशन हैं लेकिन दोनों अलग-अलग करियर के लिए हैं।

अगर आप अकाउंटिंग, ऑडिट, टैक्स या फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में आगे बढ़ना चाहते हैं तो ACCA आपके लिए सबसे सही रास्ता है। अगर आपका दिल FP&A, कॉरपोरेट फाइनेंस, बजटिंग या स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट में लगता है तो US CMA आपकी मंज़िल है।

अगर आप फाइनेंस में करियर के बारे में सोच रहे हैं तो Zell Education में हम आपको पूरा करियर बनाने में मदद करते हैं। हम US CMA और ACCA के साथ-साथ CFA, CPA और FRM की भी तैयारी करवाते हैं, यानी फाइनेंस का कोई भी रास्ता हो, Zell आपके साथ है।

और यह वक्त बिल्कुल सही है। अगर आप 30 जून 2026 तक US CMA के लिए रजिस्टर करते हैं तो आपको एग्जाम फीस में 15% की छूट मिलती है। यह ऑफर सीमित समय के लिए है तो देर न करें।

और अगर आप CFA की तैयारी Zell के साथ करते हैं तो आपको सिर्फ CFA की पढ़ाई नहीं मिलती। लेवल 1 की पढ़ाई के दौरान आप 8 अलग-अलग सर्टिफिकेशन भी हासिल कर सकते हैं जो आपकी हायरिंग प्रोफाइल को बाकी लोगों से एकदम अलग और मज़बूत बनाती हैं।

 

 

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