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13 अगस्त का पंचांग: श्रावण शुक्ल प्रतिपदा आज, जानें शुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क
गुरुवार को आश्लेषा के बाद मघा नक्षत्र, दोपहर में अभिजीत मुहूर्त; राहुकाल दोपहर 2:03 से 3:42 बजे तक
13 अगस्त 2026, गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि रात करीब 8:41 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। श्रावण शुक्ल पक्ष की शुरुआत होने के कारण आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सावन में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। कई श्रद्धालु इस दौरान मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। आज चंद्रमा की स्थिति भी बदल रही है। सुबह करीब 6:06 बजे तक चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा, इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा। नक्षत्र की बात करें तो दिन की शुरुआत आश्लेषा नक्षत्र से होगी और सुबह करीब 6:06 बजे के बाद मघा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। मघा नक्षत्र का प्रभाव अगले दिन सुबह तक रहने की जानकारी पंचांग में दी गई है।
आज के पंचांग में वरियान योग दोपहर करीब 12:15 बजे तक रहेगा। इसके बाद परिघ योग शुरू होगा। करण की स्थिति देखें तो सुबह करीब 9:51 बजे तक किंस्तुघ्न करण रहेगा और उसके बाद बव करण लगेगा। रात में तिथि बदलने के साथ करण में भी बदलाव होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ काम के लिए मुहूर्त देखते समय तिथि, नक्षत्र, योग और करण के साथ राहुकाल का भी ध्यान रखा जाता है। आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक रहेगा। इस समय को सामान्य तौर पर शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। वहीं देर रात 2:23 बजे से 3:53 बजे तक अमृत काल रहेगा। जो लोग पूजा, धार्मिक अनुष्ठान या किसी खास काम के लिए शुभ समय देख रहे हैं, वे इन समयों को ध्यान में रख सकते हैं। हालांकि किसी विशेष संस्कार या धार्मिक आयोजन के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर माना जाता है।
आज का राहुकाल दोपहर 2:03 बजे से 3:42 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता के मुताबिक राहुकाल के दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत नहीं की जाती। इसके अलावा सुबह 5:53 से 7:31 बजे तक यमगंड और सुबह 9:09 से 10:47 बजे तक गुलिक काल रहेगा। इन समयों को भी पंचांग में महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्योदय की बात करें तो नई दिल्ली के अनुसार 13 अगस्त को सूर्य सुबह करीब 5:53 बजे उदय होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:58 बजे के आसपास होगा। चंद्रमा की स्थिति में बदलाव के कारण सुबह के बाद राशि और नक्षत्र दोनों में परिवर्तन देखने को मिलेगा। आज चंद्र दर्शन का भी उल्लेख पंचांग में है। श्रावण शुक्ल प्रतिपदा के दिन श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा के साथ अपने आराध्य देव की उपासना कर सकते हैं। सावन का महीना होने के कारण शिव मंदिरों में भी सुबह से भक्तों की आवाजाही रहने की उम्मीद है। खास तौर पर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा कई जगहों पर निभाई जाती है। पंचांग में दिए गए सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और शुभ मुहूर्त के समय शहर के हिसाब से कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। इसलिए किसी बड़े धार्मिक आयोजन, गृह प्रवेश या अन्य शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग से समय का मिलान करना जरूरी है।
आज गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा का भी धार्मिक महत्व माना जाता है। वहीं श्रावण मास होने से भगवान शिव की आराधना का महत्व अलग से जुड़ जाता है। कई श्रद्धालु गुरुवार और सावन दोनों के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए पूजा-पाठ करते हैं। सुबह स्नान के बाद मंदिर में दीपक जलाने, भगवान शिव को जल अर्पित करने और मंत्र जाप करने की परंपरा है। जिन लोगों ने सावन में व्रत रखा है, वे अपने नियमों के अनुसार पूजा कर सकते हैं। आज का दिन धार्मिक गतिविधियों के साथ पंचांग के लिहाज से भी कई बदलाव वाला है। सुबह आश्लेषा से मघा नक्षत्र में परिवर्तन, कर्क से सिंह राशि में चंद्रमा का प्रवेश और रात में प्रतिपदा से द्वितीया तिथि का बदलाव होने वाला है। ऐसे में 13 अगस्त का पंचांग पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए समय देखने वालों के लिए खास है।
13 अगस्त का पंचांग: श्रावण शुक्ल प्रतिपदा आज, जानें शुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क
13 अगस्त 2026, गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि रात करीब 8:41 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। श्रावण शुक्ल पक्ष की शुरुआत होने के कारण आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सावन में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। कई श्रद्धालु इस दौरान मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। आज चंद्रमा की स्थिति भी बदल रही है। सुबह करीब 6:06 बजे तक चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा, इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा। नक्षत्र की बात करें तो दिन की शुरुआत आश्लेषा नक्षत्र से होगी और सुबह करीब 6:06 बजे के बाद मघा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। मघा नक्षत्र का प्रभाव अगले दिन सुबह तक रहने की जानकारी पंचांग में दी गई है।
आज के पंचांग में वरियान योग दोपहर करीब 12:15 बजे तक रहेगा। इसके बाद परिघ योग शुरू होगा। करण की स्थिति देखें तो सुबह करीब 9:51 बजे तक किंस्तुघ्न करण रहेगा और उसके बाद बव करण लगेगा। रात में तिथि बदलने के साथ करण में भी बदलाव होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ काम के लिए मुहूर्त देखते समय तिथि, नक्षत्र, योग और करण के साथ राहुकाल का भी ध्यान रखा जाता है। आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक रहेगा। इस समय को सामान्य तौर पर शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। वहीं देर रात 2:23 बजे से 3:53 बजे तक अमृत काल रहेगा। जो लोग पूजा, धार्मिक अनुष्ठान या किसी खास काम के लिए शुभ समय देख रहे हैं, वे इन समयों को ध्यान में रख सकते हैं। हालांकि किसी विशेष संस्कार या धार्मिक आयोजन के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर माना जाता है।
आज का राहुकाल दोपहर 2:03 बजे से 3:42 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता के मुताबिक राहुकाल के दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत नहीं की जाती। इसके अलावा सुबह 5:53 से 7:31 बजे तक यमगंड और सुबह 9:09 से 10:47 बजे तक गुलिक काल रहेगा। इन समयों को भी पंचांग में महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्योदय की बात करें तो नई दिल्ली के अनुसार 13 अगस्त को सूर्य सुबह करीब 5:53 बजे उदय होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:58 बजे के आसपास होगा। चंद्रमा की स्थिति में बदलाव के कारण सुबह के बाद राशि और नक्षत्र दोनों में परिवर्तन देखने को मिलेगा। आज चंद्र दर्शन का भी उल्लेख पंचांग में है। श्रावण शुक्ल प्रतिपदा के दिन श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा के साथ अपने आराध्य देव की उपासना कर सकते हैं। सावन का महीना होने के कारण शिव मंदिरों में भी सुबह से भक्तों की आवाजाही रहने की उम्मीद है। खास तौर पर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा कई जगहों पर निभाई जाती है। पंचांग में दिए गए सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और शुभ मुहूर्त के समय शहर के हिसाब से कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। इसलिए किसी बड़े धार्मिक आयोजन, गृह प्रवेश या अन्य शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग से समय का मिलान करना जरूरी है।
आज गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा का भी धार्मिक महत्व माना जाता है। वहीं श्रावण मास होने से भगवान शिव की आराधना का महत्व अलग से जुड़ जाता है। कई श्रद्धालु गुरुवार और सावन दोनों के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए पूजा-पाठ करते हैं। सुबह स्नान के बाद मंदिर में दीपक जलाने, भगवान शिव को जल अर्पित करने और मंत्र जाप करने की परंपरा है। जिन लोगों ने सावन में व्रत रखा है, वे अपने नियमों के अनुसार पूजा कर सकते हैं। आज का दिन धार्मिक गतिविधियों के साथ पंचांग के लिहाज से भी कई बदलाव वाला है। सुबह आश्लेषा से मघा नक्षत्र में परिवर्तन, कर्क से सिंह राशि में चंद्रमा का प्रवेश और रात में प्रतिपदा से द्वितीया तिथि का बदलाव होने वाला है। ऐसे में 13 अगस्त का पंचांग पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए समय देखने वालों के लिए खास है।
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