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आज का पंचांग, 8 अगस्त 2026: सावन शनिवार पर दशमी-एकादशी का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
धर्म डेस्क
श्रावण कृष्ण पक्ष में आज बन रहे हैं विशेष ग्रह योग, धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए दिन माना जा रहा है महत्वपूर्ण
श्रावण मास के पावन शनिवार, 8 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। आज सावन का शनिवार होने के साथ-साथ कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दोपहर तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा आज वृषभ राशि में गोचर कर रहा है और दिन के अधिकांश समय तक रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सावन शनिवार, रोहिणी नक्षत्र और ध्रुव योग का यह संयोग भगवान शिव, भगवान विष्णु और शनिदेव की आराधना के लिए शुभ माना जाता है।
पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय प्रातः लगभग 5:46 बजे और सूर्यास्त शाम 7:03 बजे के आसपास होगा। कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 1:59 बजे तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी, जो अगले दिन तक प्रभावी रहेगी। आज रोहिणी नक्षत्र शाम 4:51 बजे तक रहेगा, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा। दिन की शुरुआत ध्रुव योग में होगी, जो सुबह लगभग 9:01 बजे तक रहेगा। इसके बाद व्याघात योग प्रभावी होगा।
आज का राहुकाल सुबह 9:05 बजे से 10:45 बजे तक माना गया है। इस दौरान नए कार्य, निवेश या शुभ शुरुआत करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:20 बजे से 5:03 बजे तक रहेगा, जो जप, तप, ध्यान और पूजा के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन शनिवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पित करना, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और शनिदेव को तिल का तेल अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है। कई श्रद्धालु आज से ही एकादशी व्रत की तैयारी भी शुरू करेंगे, क्योंकि दोपहर बाद एकादशी तिथि का प्रवेश हो जाएगा। भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करना और सात्विक भोजन ग्रहण करना भी शुभ माना जाता है।
ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। बुधादित्य योग और अन्य शुभ ग्रह स्थितियों के कारण मेष, वृषभ, कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र, आर्थिक मामलों और पारिवारिक जीवन में अनुकूल परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं अन्य राशियों के लोगों को महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने और राहुकाल के समय नए कार्यों से बचने की सलाह दी गई है।
सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। ऐसे में शनिवार और एकादशी तिथि का यह दुर्लभ संयोग श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और शिव मंत्रों के जाप का क्रम जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर भक्त शनिदेव के मंदिरों में भी दर्शन कर तेल, काला तिल और उड़द का दान करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज किए गए दान-पुण्य और पूजा-पाठ का विशेष फल प्राप्त होता है।
आज का पंचांग (8 अगस्त 2026)
- वार: शनिवार
- माह: श्रावण
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: दशमी (दोपहर 1:59 बजे तक), इसके बाद एकादशी
- नक्षत्र: रोहिणी (शाम 4:51 बजे तक), फिर मृगशिरा
- योग: ध्रुव, इसके बाद व्याघात
- चंद्र राशि: वृषभ
- सूर्योदय: 5:46 बजे (लगभग)
- सूर्यास्त: 7:03 बजे (लगभग)
- राहुकाल: सुबह 9:05 बजे से 10:45 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: 11:58 बजे से 12:51 बजे तक
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आज का पंचांग, 8 अगस्त 2026: सावन शनिवार पर दशमी-एकादशी का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
धर्म डेस्क
श्रावण मास के पावन शनिवार, 8 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। आज सावन का शनिवार होने के साथ-साथ कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दोपहर तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा आज वृषभ राशि में गोचर कर रहा है और दिन के अधिकांश समय तक रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सावन शनिवार, रोहिणी नक्षत्र और ध्रुव योग का यह संयोग भगवान शिव, भगवान विष्णु और शनिदेव की आराधना के लिए शुभ माना जाता है।
पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय प्रातः लगभग 5:46 बजे और सूर्यास्त शाम 7:03 बजे के आसपास होगा। कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 1:59 बजे तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी, जो अगले दिन तक प्रभावी रहेगी। आज रोहिणी नक्षत्र शाम 4:51 बजे तक रहेगा, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा। दिन की शुरुआत ध्रुव योग में होगी, जो सुबह लगभग 9:01 बजे तक रहेगा। इसके बाद व्याघात योग प्रभावी होगा।
आज का राहुकाल सुबह 9:05 बजे से 10:45 बजे तक माना गया है। इस दौरान नए कार्य, निवेश या शुभ शुरुआत करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:20 बजे से 5:03 बजे तक रहेगा, जो जप, तप, ध्यान और पूजा के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन शनिवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पित करना, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और शनिदेव को तिल का तेल अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है। कई श्रद्धालु आज से ही एकादशी व्रत की तैयारी भी शुरू करेंगे, क्योंकि दोपहर बाद एकादशी तिथि का प्रवेश हो जाएगा। भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करना और सात्विक भोजन ग्रहण करना भी शुभ माना जाता है।
ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। बुधादित्य योग और अन्य शुभ ग्रह स्थितियों के कारण मेष, वृषभ, कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र, आर्थिक मामलों और पारिवारिक जीवन में अनुकूल परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं अन्य राशियों के लोगों को महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने और राहुकाल के समय नए कार्यों से बचने की सलाह दी गई है।
सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। ऐसे में शनिवार और एकादशी तिथि का यह दुर्लभ संयोग श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और शिव मंत्रों के जाप का क्रम जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर भक्त शनिदेव के मंदिरों में भी दर्शन कर तेल, काला तिल और उड़द का दान करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज किए गए दान-पुण्य और पूजा-पाठ का विशेष फल प्राप्त होता है।
आज का पंचांग (8 अगस्त 2026)
- वार: शनिवार
- माह: श्रावण
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: दशमी (दोपहर 1:59 बजे तक), इसके बाद एकादशी
- नक्षत्र: रोहिणी (शाम 4:51 बजे तक), फिर मृगशिरा
- योग: ध्रुव, इसके बाद व्याघात
- चंद्र राशि: वृषभ
- सूर्योदय: 5:46 बजे (लगभग)
- सूर्यास्त: 7:03 बजे (लगभग)
- राहुकाल: सुबह 9:05 बजे से 10:45 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: 11:58 बजे से 12:51 बजे तक
