MP के 52 जिलों में बारिश का अलर्ट, पन्ना-सतना-रीवा में तेज बारिश के आसार

मध्य प्रदेश

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24 घंटे में कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना, पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी बरकरार; दतिया में जलभराव से बढ़ी परेशानी

मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटे के लिए कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पन्ना, सतना और रीवा समेत पूर्वी मध्यप्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ करीब 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। लगातार हो रही बारिश के बावजूद प्रदेश में अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 20 प्रतिशत पीछे बताया जा रहा है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक प्रदेश के करीब 52 जिलों में अगले एक दिन के दौरान बारिश देखने को मिल सकती है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है। मौसम में बदलाव का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।

अगले 24 घंटे में इन इलाकों पर नजर
  • पन्ना में तेज बारिश के आसार।
  • सतना में भारी बारिश की संभावना।
  • रीवा में भी बारिश का दौर बढ़ सकता है।
  • पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
  • कुछ स्थानों पर करीब 4 इंच तक बारिश का अनुमान।
  • कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

बारिश के इस दौर से उन जिलों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां लंबे समय से बारिश की कमी बनी हुई है। खासकर पूर्वी मध्यप्रदेश में मानसून का प्रदर्शन इस सीजन में अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। कई इलाकों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है।

पूर्वी MP में बारिश की कमी ज्यादा

रीवा, सतना समेत पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कुछ जिलों में बारिश की कमी करीब 5 से 48 प्रतिशत तक बताई जा रही है। जुलाई के बाद अगस्त में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच सका है। इससे किसानों और ग्रामीण इलाकों में बारिश को लेकर चिंता बनी हुई है।

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बारिश की कमी का असर खेती पर भी पड़ रहा है। मानसून की बारिश पर निर्भर रहने वाले क्षेत्रों में किसान लगातार अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। अब मौसम विभाग की ओर से तेज बारिश का अनुमान सामने आने के बाद ऐसे जिलों में कुछ राहत की उम्मीद जगी है।

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दूसरी तरफ प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। ग्वालियर, भिंड समेत करीब छह जिले ऐसे बताए गए हैं, जहां बारिश सामान्य आंकड़े से आगे निकल चुकी है। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर स्थानीय प्रशासन को जलभराव और अन्य समस्याओं पर नजर रखनी होगी।

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दतिया में बारिश के बाद जलभराव

दतिया में तेज बारिश के बाद हालात कुछ जगह बिगड़ गए हैं। निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है। कई जगह लोगों को पानी निकलने का इंतजार करना पड़ रहा है।

बारिश के दौरान शहरों में जलनिकासी व्यवस्था की भी परीक्षा हो रही है। निचले इलाकों में पानी जमा होने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। लगातार बारिश की स्थिति बनी रहने पर जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होगी।

प्रदेश में अब भी 20 प्रतिशत बारिश कम

मध्यप्रदेश में मानसून के अब तक के आंकड़े देखें तो प्रदेश में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि अलग-अलग जिलों में बारिश का अंतर काफी ज्यादा है। कुछ जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, तो कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य आंकड़े को पार कर चुकी है।

बारिश की यह कमी खासतौर पर पूर्वी हिस्से में ज्यादा चिंता का विषय बनी हुई है। रीवा और सतना जैसे जिलों में सामान्य से कम बारिश के कारण मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर सभी की नजर है। अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो बारिश के आंकड़े में सुधार हो सकता है।

आगे भी जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर बना रह सकता है। मानसून सिस्टम के प्रभाव से अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता में बदलाव देखने को मिल सकता है। कहीं हल्की बारिश होगी तो कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर खुले इलाकों में रहने वाले लोगों और वाहन चालकों को तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतनी होगी।

फिलहाल पन्ना, सतना और रीवा समेत पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों के लिए अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। तेज बारिश होने पर जहां बारिश की कमी कुछ हद तक दूर हो सकती है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत होगी।

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08 Aug 2026 By Vaishnavi.J

MP के 52 जिलों में बारिश का अलर्ट, पन्ना-सतना-रीवा में तेज बारिश के आसार

मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटे के लिए कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पन्ना, सतना और रीवा समेत पूर्वी मध्यप्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ करीब 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। लगातार हो रही बारिश के बावजूद प्रदेश में अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 20 प्रतिशत पीछे बताया जा रहा है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक प्रदेश के करीब 52 जिलों में अगले एक दिन के दौरान बारिश देखने को मिल सकती है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है। मौसम में बदलाव का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।

अगले 24 घंटे में इन इलाकों पर नजर
  • पन्ना में तेज बारिश के आसार।
  • सतना में भारी बारिश की संभावना।
  • रीवा में भी बारिश का दौर बढ़ सकता है।
  • पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
  • कुछ स्थानों पर करीब 4 इंच तक बारिश का अनुमान।
  • कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

बारिश के इस दौर से उन जिलों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां लंबे समय से बारिश की कमी बनी हुई है। खासकर पूर्वी मध्यप्रदेश में मानसून का प्रदर्शन इस सीजन में अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। कई इलाकों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है।

पूर्वी MP में बारिश की कमी ज्यादा

रीवा, सतना समेत पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कुछ जिलों में बारिश की कमी करीब 5 से 48 प्रतिशत तक बताई जा रही है। जुलाई के बाद अगस्त में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच सका है। इससे किसानों और ग्रामीण इलाकों में बारिश को लेकर चिंता बनी हुई है।

बारिश की कमी का असर खेती पर भी पड़ रहा है। मानसून की बारिश पर निर्भर रहने वाले क्षेत्रों में किसान लगातार अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। अब मौसम विभाग की ओर से तेज बारिश का अनुमान सामने आने के बाद ऐसे जिलों में कुछ राहत की उम्मीद जगी है।

दूसरी तरफ प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। ग्वालियर, भिंड समेत करीब छह जिले ऐसे बताए गए हैं, जहां बारिश सामान्य आंकड़े से आगे निकल चुकी है। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर स्थानीय प्रशासन को जलभराव और अन्य समस्याओं पर नजर रखनी होगी।

दतिया में बारिश के बाद जलभराव

दतिया में तेज बारिश के बाद हालात कुछ जगह बिगड़ गए हैं। निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है। कई जगह लोगों को पानी निकलने का इंतजार करना पड़ रहा है।

बारिश के दौरान शहरों में जलनिकासी व्यवस्था की भी परीक्षा हो रही है। निचले इलाकों में पानी जमा होने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। लगातार बारिश की स्थिति बनी रहने पर जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होगी।

प्रदेश में अब भी 20 प्रतिशत बारिश कम

मध्यप्रदेश में मानसून के अब तक के आंकड़े देखें तो प्रदेश में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि अलग-अलग जिलों में बारिश का अंतर काफी ज्यादा है। कुछ जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, तो कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य आंकड़े को पार कर चुकी है।

बारिश की यह कमी खासतौर पर पूर्वी हिस्से में ज्यादा चिंता का विषय बनी हुई है। रीवा और सतना जैसे जिलों में सामान्य से कम बारिश के कारण मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर सभी की नजर है। अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो बारिश के आंकड़े में सुधार हो सकता है।

आगे भी जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर बना रह सकता है। मानसून सिस्टम के प्रभाव से अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता में बदलाव देखने को मिल सकता है। कहीं हल्की बारिश होगी तो कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर खुले इलाकों में रहने वाले लोगों और वाहन चालकों को तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतनी होगी।

फिलहाल पन्ना, सतना और रीवा समेत पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों के लिए अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। तेज बारिश होने पर जहां बारिश की कमी कुछ हद तक दूर हो सकती है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत होगी।

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