त्योहारों का तनाव वास्तविक है: व्यस्त मौसम में शांत रहने के आसान तरीके

Digital Desk

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खरीदारी, यात्रा, पारिवारिक जिम्मेदारियां और अनियमित नींद त्योहारों के दौरान तनाव बढ़ा सकती हैं। जानें व्यस्त त्योहारी मौसम को बेहतर तरीके से संभालने के व्यावहारिक तरीके।

त्योहार परिवार, मिलना-जुलना, भोजन, यात्रा और खुशियों से जुड़े होते हैं। लेकिन इसी दौरान खरीदारी, सफाई, यात्रा की तैयारी, आर्थिक जिम्मेदारियां, सामाजिक कार्यक्रम, अनियमित नींद और पारिवारिक अपेक्षाएं भी बढ़ सकती हैं।

त्योहार अपने आप में तनाव का कारण नहीं हैं। समस्या तब पैदा हो सकती है जब एक ही समय में बहुत सारी जिम्मेदारियां जमा हो जाएं।

खरीदारी का दबाव

त्योहारी विज्ञापन अक्सर यह एहसास करा सकते हैं कि हर उत्सव के लिए नए कपड़े, उपहार, सजावट और विशेष भोजन जरूरी है।

खरीारी से पहले सूची बनाना और यह तय करना कि वास्तव में क्या जरूरी है, आखिरी समय की खरीदारी और आर्थिक दबाव को कम कर सकता है।

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यात्रा से दिनचर्या बदल सकती है

भारतीय त्योहारों के दौरान लंबी दूरी की यात्राएं आम हैं।

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देरी, भीड़, परिवहन में बदलाव और अलग जगह सोने से सामान्य दिनचर्या प्रभावित हो सकती है।

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जहां संभव हो, पर्याप्त नींद, नियमित भोजन, पानी और कुछ शारीरिक गतिविधि जैसी बुनियादी आदतें बनाए रखना मददगार हो सकता है।

पारिवारिक समय कभी-कभी भारी पड़ सकता है

परिवार के साथ समय सुखद हो सकता है, लेकिन करियर, शादी, पैसे, बच्चों और निजी फैसलों से जुड़े सवाल असहज भी कर सकते हैं।

हर सवाल का उसी समय जवाब देना जरूरी नहीं है।

विषय बदलना, कुछ समय के लिए वहां से हट जाना या शांत तरीके से यह कहना कि यह निजी विषय है, बहस को बढ़ने से रोक सकता है।

नींद को नजरअंदाज न करें

देर रात तक उत्सव और सुबह जल्दी उठना लगातार कई दिनों तक थकान बढ़ा सकता है।

CDC के अनुसार वयस्कों को आमतौर पर कम से कम सात घंटे की नींद की जरूरत होती है और नियमित सोने-जागने का समय बेहतर नींद की आदतों में मदद करता है।

त्योहारों में आदर्श नींद हमेशा संभव नहीं हो सकती, लेकिन जहां संभव हो वहां पर्याप्त आराम को प्राथमिकता देना उपयोगी है।

दिन में छोटे विराम लें

तनाव कम करने के लिए हर दिन एक घंटे ध्यान करना जरूरी नहीं है।

पांच मिनट शांत बैठना, धीमी सांस लेना, स्ट्रेचिंग करना, बाहर थोड़ी देर टहलना या भीड़ से कुछ समय दूर रहना मानसिक विराम दे सकता है।

CDC गहरी सांस लेने, स्ट्रेचिंग, ध्यान, बाहर समय बिताने और लोगों से जुड़ने जैसी गतिविधियों को तनाव संभालने के उपयोगी तरीकों में शामिल करता है।

कब तनाव बड़ी समस्या बन सकता है

व्यस्त त्योहारों के दौरान कुछ तनाव सामान्य हो सकता है।

लेकिन लगातार नींद की समस्या, गंभीर चिंता, सामान्य काम करने में कठिनाई या त्योहारों के बाद भी लंबे समय तक बना रहने वाला मानसिक दबाव नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

ऐसी स्थिति में योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना उचित हो सकता है।

उद्देश्य त्योहारों को पूरी तरह तनाव-मुक्त बनाना नहीं है। लक्ष्य यह है कि उत्सव खुद थकान और दबाव का दूसरा नाम न बन जाए।

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