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शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा; निफ्टी 23,900 के ऊपर
Digital Desk
चार कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी दिखी। IT शेयरों में मजबूती और वैश्विक संकेतों से सेंसेक्स-निफ्टी को सहारा मिला, हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें चिंता बनी हुई हैं।
लगातार चार कारोबारी सत्र तक दबाव में रहने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 4 सितंबर को मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 500 अंक चढ़कर 76,600 के ऊपर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,900 के स्तर को पार कर गया। सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स 515 अंक यानी 0.68% की बढ़त के साथ 76,668 के आसपास था। इसी समय निफ्टी 51 अंक यानी 0.22% ऊपर 23,925 पर कारोबार कर रहा था। Reuters के मुताबिक शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 0.75% और निफ्टी 0.35% तक मजबूत हुआ था।
चार दिन की गिरावट के बाद बाजार ने ली राहत
गुरुवार को बाजार लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ था। 3 सितंबर को सेंसेक्स 417.49 अंक यानी 0.55% टूटकर 76,152.86 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 41 अंक यानी 0.17% गिरकर 23,873.45 पर रहा। गुरुवार के कारोबार में उतार-चढ़ाव काफी तेज रहा था। सेंसेक्स एक समय करीब 2,100 अंक तक नीचे चला गया था, हालांकि अंतिम कारोबार में गिरावट सीमित रही।
IT शेयरों में खरीदारी से मिला सहारा
शुक्रवार की शुरुआती तेजी में IT शेयरों की भूमिका अहम रही। सुबह के कारोबार में Nifty IT करीब 0.65% ऊपर था। Realty index में भी लगभग 0.50% की मजबूती देखी गई, जबकि कुछ अन्य सेक्टोरल इंडेक्स मिश्रित रुख में कारोबार कर रहे थे। बाजार की तेजी में Trent, Reliance Industries, Adani Ports, Bajaj Finserv और BEL जैसे प्रमुख शेयरों का भी योगदान रहा।
एशियाई बाजारों से भी सकारात्मक संकेत
भारतीय बाजार को एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों से भी समर्थन मिला। जापान का Nikkei और दक्षिण कोरिया का Kospi शुरुआती कारोबार में बढ़त में रहे। वैश्विक बाजारों में मजबूती की एक वजह अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद भी रही। अमेरिका में 3 सितंबर को प्रमुख सूचकांकों में तेजी रही। Dow Jones 624.16 अंक यानी 1.18%, Nasdaq 1.40% और S&P 500 करीब 1.06% चढ़ा। यानी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अमेरिकी बाजारों में गिरावट नहीं, बल्कि मजबूती रही।
Fed के संकेत से बदला ग्लोबल सेंटीमेंट
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर की टिप्पणी के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर बाजार की चिंता कुछ कम हुई। Reuters के अनुसार, सितंबर बैठक में दर बढ़ने की संभावना करीब 50% मानी जा रही थी, जो पिछले सत्र में लगभग 63% थी। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने भी इक्विटी बाजारों के लिए माहौल बेहतर किया। इसका असर एशियाई बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार की शुरुआती धारणा पर भी दिखाई दिया।
FII ने बेचे, DII ने जमकर खरीदे शेयर
3 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में ₹2,345.87 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹4,977.46 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार के लिए अहम सपोर्ट बनी हुई है। पिछले कुछ सत्रों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने गिरावट को सीमित करने में भूमिका निभाई है।
कच्चे तेल की कीमत अभी भी चिंता
बाजार की तेजी के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें निवेशकों के लिए जोखिम बनी हुई हैं। Brent crude करीब 96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। ऊंचा तेल भाव भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकता है। रुपये में भी शुक्रवार को मजबूती देखी गई। Reuters के मुताबिक भारतीय मुद्रा दो महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंची है, लेकिन बढ़ता तेल भाव आगे बाजार और रुपये दोनों के लिए चुनौती बना हुआ है।
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