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मानसून में त्वचा और बालों की समस्याएं: घर पर देखभाल के आसान तरीके
Digital Desk
बारिश और नमी त्वचा और बालों को प्रभावित कर सकती है। तैलीय त्वचा, फ्रिजी बाल, स्कैल्प हाइजीन और सन प्रोटेक्शन के लिए आसान मानसून केयर टिप्स जानें।
भारत में मानसून त्वचा और बालों के लिए चुनौतीपूर्ण मौसम हो सकता है।
नमी, पसीना और बारिश के संपर्क में आने से त्वचा अधिक तैलीय महसूस हो सकती है, जबकि बाल चिपचिपे, रूखे या बेजान लग सकते हैं। कुछ लोगों को डैंड्रफ, खुजली या सिर की त्वचा से जुड़ी अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
हालांकि हर मानसूनी समस्या के लिए लंबी और महंगी उत्पाद सूची की जरूरत नहीं होती।
त्वचा साफ रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा नहीं
पसीना और अतिरिक्त तेल असहजता बढ़ा सकते हैं।
एक हल्का क्लेंजर पसीना, गंदगी और सनस्क्रीन को हटाने में मदद कर सकता है, लेकिन त्वचा को जरूरत से ज्यादा रगड़ना या उसकी प्राकृतिक नमी पूरी तरह हटाना उचित नहीं है।
मौजूदा त्वचा विशेषज्ञ सलाह सामान्यतः साफ-सफाई, उचित मॉइस्चराइजिंग और सूर्य से सुरक्षा जैसी बुनियादी आदतों पर जोर देती है।
तैलीय त्वचा को भी मॉइस्चराइजर चाहिए
आर्द्र मौसम में तैलीय त्वचा वाले लोग मॉइस्चराइजर छोड़ देते हैं।
लेकिन त्वचा की सुरक्षा परत को बनाए रखने के लिए मॉइस्चराइजिंग उपयोगी हो सकती है।
यदि भारी क्रीम असहज लगती है तो त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्के टेक्सचर वाला उत्पाद चुना जा सकता है।
मानसून में भी सनस्क्रीन जरूरी
बादल होने का मतलब यह नहीं है कि पराबैंगनी किरणों का संपर्क पूरी तरह खत्म हो जाता है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी खुले हिस्सों के लिए SPF 30 या उससे अधिक वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम, पानी प्रतिरोधी सनस्क्रीन इस्तेमाल करने की सलाह देती है।
लंबे समय तक बाहर रहने या अधिक पसीना आने पर दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।
गीले बालों को लंबे समय तक न छोड़ें
बारिश और पसीने के कारण सिर की त्वचा लंबे समय तक नम रह सकती है।
बालों को जोर से रगड़ने के बजाय धीरे-धीरे सुखाना बेहतर है।
बारिश में भीगने के बाद सिर की सफाई और बालों को समय पर सुखाना मानसून के दौरान बालों की देखभाल का हिस्सा हो सकता है।
लगातार स्कैल्प समस्या को नजरअंदाज न करें
डैंड्रफ, खुजली या बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं।
लगातार या अत्यधिक बाल झड़ने को केवल मानसून के कारण मान लेना सही नहीं है।
इसी तरह बार-बार होने वाले रैश, तेज खुजली, दर्दनाक मुंहासे या संभावित फंगल संक्रमण में घरेलू उपायों के बजाय विशेषज्ञ की सलाह जरूरी हो सकती है।
DIY उपायों में सावधानी रखें
“प्राकृतिक” होने का मतलब अपने आप सुरक्षित होना नहीं है।
नींबू का रस, बिना पतला किया गया एसेंशियल ऑयल, कठोर स्क्रब और सोशल मीडिया पर वायरल कई उपाय त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं।
त्वचा के प्रकार के अनुसार सरल रूटीन रखना अक्सर बेहतर विकल्प है।
मानसून देखभाल में नियमितता महत्वपूर्ण
बारिश के मौसम के लिए पूरी ब्यूटी रूटीन बदलना जरूरी नहीं है।
सिर की त्वचा साफ रखना, बालों को ठीक से सुखाना, उपयुक्त स्किनकेयर उत्पाद इस्तेमाल करना और UV से सुरक्षा बनाए रखना एक अच्छा आधार हो सकता है।
यदि समस्या बनी रहती है, तो लगातार नए उत्पाद जोड़ने के बजाय उसके कारण का पता लगाना अधिक उपयोगी है।
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