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पश्चिम बंगाल के 90,276 सरकारी कर्मचारी iGOT Karmayogi से जुड़े
भारत
मिशन कर्मयोगी के तहत राज्य ने अभी तक ट्रिपार्टी MoU साइन नहीं किया, कर्मचारियों ने प्लेटफॉर्म पर 10,493 कोर्स पूरे किए
पश्चिम बंगाल के 90,276 सरकारी कर्मचारी आईगॉट कर्मयोगी डिजिटल प्रशिक्षण मंच से जुड़ चुके हैं। हालांकि मिशन कर्मयोगी के तहत केंद्र और राज्य के बीच होने वाला त्रिपक्षीय समझौता अभी तक नहीं हुआ है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में दी जानकारी में बताया कि पश्चिम बंगाल के बड़ी संख्या में कर्मचारी इस ऑनलाइन मंच पर पंजीकृत हैं और अब तक 10,493 पाठ्यक्रम पूरे कर चुके हैं। सरकार के मुताबिक आईगॉट कर्मयोगी का इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारी और पद के हिसाब से जरूरी कौशल और प्रशिक्षण देने के लिए किया जा रहा है। इस मंच पर अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग विभागों से जुड़े विषयों की पढ़ाई ऑनलाइन करने की सुविधा मिलती है।
केंद्र के अनुसार आईगॉट कर्मयोगी पर फिलहाल 5,600 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इनमें प्रशासनिक कामकाज, विभागीय जिम्मेदारियों, तकनीकी दक्षता और व्यवहार से जुड़े प्रशिक्षण शामिल हैं। पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों की ओर से पूरे किए गए 10,493 पाठ्यक्रम इसी डिजिटल प्रशिक्षण व्यवस्था का हिस्सा हैं। केंद्र ने यह भी बताया कि राज्य सरकार के प्राथमिकता वाले आठ विभागों के लिए क्षमता निर्माण योजनाओं के मसौदे तैयार किए गए हैं। इन योजनाओं में विभागों के कर्मचारियों को किस तरह के प्रशिक्षण की जरूरत है, इसकी पहचान की जा रही है। इससे कर्मचारियों के पद और काम के मुताबिक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने में मदद मिलने की बात कही गई है। मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण देने और नई कार्यप्रणाली से परिचित कराने पर जोर दिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में इस काम के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अलावा क्षमता निर्माण आयोग और कर्मयोगी भारत भी सहयोग कर रहे हैं। राज्य में इन संस्थाओं की ओर से पंजीकरण, प्रशिक्षण और तकनीकी व्यवस्था को लेकर सहायता दी जा रही है। अधिकारियों को भूमिका आधारित दक्षता व्यवस्था अपनाने और आईगॉट मंच को राज्य में इस्तेमाल होने वाली मानव संसाधन प्रणालियों से जोड़ने के लिए भी सहयोग दिया जा रहा है।
केंद्र ने बताया कि पश्चिम बंगाल के लिए क्षमता निर्माण आयोग का एक कार्यक्रम समन्वयक और कर्मयोगी भारत का एक सहायक प्रबंधक नोडल स्तर पर सहयोग कर रहा है। इसके अलावा प्रशिक्षण सबके लिए पहल के जरिए भी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सरकारी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए आईगॉट पर हर साल कुछ निर्धारित पाठ्यक्रम पूरे करना जरूरी है। पश्चिम बंगाल में तैनात ऐसे अधिकारी भी इस व्यवस्था के दायरे में आते हैं। इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने का रिकॉर्ड संबंधित अवधि की वार्षिक कार्य निष्पादन रिपोर्ट यानी एपीएआर में दर्ज किया जाता है। वहीं राज्य के 90,276 कर्मचारियों का इस मंच से जुड़ना और हजारों पाठ्यक्रम पूरे किया जाना डिजिटल प्रशिक्षण व्यवस्था में भागीदारी को दिखाता है। दूसरी तरफ मिशन कर्मयोगी के तहत पश्चिम बंगाल सरकार का औपचारिक त्रिपक्षीय समझौता अभी लंबित है।
पश्चिम बंगाल के 90,276 सरकारी कर्मचारी iGOT Karmayogi से जुड़े
भारत
पश्चिम बंगाल के 90,276 सरकारी कर्मचारी आईगॉट कर्मयोगी डिजिटल प्रशिक्षण मंच से जुड़ चुके हैं। हालांकि मिशन कर्मयोगी के तहत केंद्र और राज्य के बीच होने वाला त्रिपक्षीय समझौता अभी तक नहीं हुआ है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में दी जानकारी में बताया कि पश्चिम बंगाल के बड़ी संख्या में कर्मचारी इस ऑनलाइन मंच पर पंजीकृत हैं और अब तक 10,493 पाठ्यक्रम पूरे कर चुके हैं। सरकार के मुताबिक आईगॉट कर्मयोगी का इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारी और पद के हिसाब से जरूरी कौशल और प्रशिक्षण देने के लिए किया जा रहा है। इस मंच पर अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग विभागों से जुड़े विषयों की पढ़ाई ऑनलाइन करने की सुविधा मिलती है।
केंद्र के अनुसार आईगॉट कर्मयोगी पर फिलहाल 5,600 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इनमें प्रशासनिक कामकाज, विभागीय जिम्मेदारियों, तकनीकी दक्षता और व्यवहार से जुड़े प्रशिक्षण शामिल हैं। पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों की ओर से पूरे किए गए 10,493 पाठ्यक्रम इसी डिजिटल प्रशिक्षण व्यवस्था का हिस्सा हैं। केंद्र ने यह भी बताया कि राज्य सरकार के प्राथमिकता वाले आठ विभागों के लिए क्षमता निर्माण योजनाओं के मसौदे तैयार किए गए हैं। इन योजनाओं में विभागों के कर्मचारियों को किस तरह के प्रशिक्षण की जरूरत है, इसकी पहचान की जा रही है। इससे कर्मचारियों के पद और काम के मुताबिक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने में मदद मिलने की बात कही गई है। मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण देने और नई कार्यप्रणाली से परिचित कराने पर जोर दिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में इस काम के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अलावा क्षमता निर्माण आयोग और कर्मयोगी भारत भी सहयोग कर रहे हैं। राज्य में इन संस्थाओं की ओर से पंजीकरण, प्रशिक्षण और तकनीकी व्यवस्था को लेकर सहायता दी जा रही है। अधिकारियों को भूमिका आधारित दक्षता व्यवस्था अपनाने और आईगॉट मंच को राज्य में इस्तेमाल होने वाली मानव संसाधन प्रणालियों से जोड़ने के लिए भी सहयोग दिया जा रहा है।
केंद्र ने बताया कि पश्चिम बंगाल के लिए क्षमता निर्माण आयोग का एक कार्यक्रम समन्वयक और कर्मयोगी भारत का एक सहायक प्रबंधक नोडल स्तर पर सहयोग कर रहा है। इसके अलावा प्रशिक्षण सबके लिए पहल के जरिए भी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सरकारी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए आईगॉट पर हर साल कुछ निर्धारित पाठ्यक्रम पूरे करना जरूरी है। पश्चिम बंगाल में तैनात ऐसे अधिकारी भी इस व्यवस्था के दायरे में आते हैं। इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने का रिकॉर्ड संबंधित अवधि की वार्षिक कार्य निष्पादन रिपोर्ट यानी एपीएआर में दर्ज किया जाता है। वहीं राज्य के 90,276 कर्मचारियों का इस मंच से जुड़ना और हजारों पाठ्यक्रम पूरे किया जाना डिजिटल प्रशिक्षण व्यवस्था में भागीदारी को दिखाता है। दूसरी तरफ मिशन कर्मयोगी के तहत पश्चिम बंगाल सरकार का औपचारिक त्रिपक्षीय समझौता अभी लंबित है।
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