भारत में एंट्री-लेवल कार्यों का 37% हिस्सा AI संभाल रहा है, नए कौशलों की मांग तेज: कॉग्निजेंट-पियर्सन अध्ययन

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कॉग्निजेंट और पियर्सन द्वारा जारी संयुक्त अध्ययन “The AI Workforce Pulse: The Adaptability Imperative” के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) भारत में एंट्री-लेवल नौकरियों को वैश्विक औसत की तुलना में अधिक तेजी से बदल रही है। अध्ययन में पाया गया कि भारत में एंट्री-लेवल कार्यों का 37% हिस्सा पहले से ही AI द्वारा किया जा रहा है, जबकि वैश्विक औसत 33% है। साथ ही, 18% एचआर नेताओं का कहना है कि AI अब इन भूमिकाओं के आधे या उससे अधिक कार्यों को संभाल रहा है।
 
अमेरिका, ब्रिटेन और भारत के 750 वरिष्ठ एचआर पेशेवरों पर आधारित इस अध्ययन के अनुसार, आने वाले वर्षों में एंट्री-लेवल कर्मचारियों की भूमिका केवल कार्य निष्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे AI प्रणालियों की निगरानी, सत्यापन और प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां निभाएंगे। सर्वेक्षण में शामिल 96% एचआर नेताओं का मानना है कि अगले पांच वर्षों में एंट्री-लेवल भूमिकाएं AI-संचालित कार्यों के पर्यवेक्षण की दिशा में विकसित होंगी, जबकि 94% का अनुमान है कि AI ऐसी नई नौकरियां भी पैदा करेगा 
 
अध्ययन में यह भी सामने आया कि AI के बढ़ते उपयोग के साथ मानवीय और बहु-विषयक कौशलों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। 97% एचआर पेशेवरों का कहना है कि संचार, आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान और अनुकूलनशीलता जैसे सॉफ्ट स्किल्स पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। वहीं, 69% उत्तरदाताओं का मानना है कि शुरुआती करियर के उम्मीदवारों के लिए व्यापक और बहु-विषयक शैक्षणिक पृष्ठभूमि, किसी एक क्षेत्र की गहरी विशेषज्ञता की तुलना में अधिक मूल्यवान साबित होगी।
 
कॉग्निजेंट के प्रबंध निदेशक और भारत संचालन प्रमुख राजेश वरियर ने कहा, “भारत एंट्री-लेवल कार्यों में AI के प्रभाव को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। हम कार्यस्थलों में भूमिकाओं के मूलभूत पुनर्गठन को देख रहे हैं, जहां शुरुआती करियर वाले कर्मचारियों से AI के साथ मिलकर अधिक मूल्यवर्धित परिणाम देने की अपेक्षा की जा रही है। ऐसे में व्यापक री-स्किलिंग और मजबूत प्रबंधकीय क्षमताएं अत्यंत आवश्यक हैं।”
 
पियर्सन की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी कैथी डियाज़ ने कहा, “AI प्रतिभा और सीखने के पारंपरिक मॉडलों की सीमाओं को उजागर कर रहा है। बदलती कौशल आवश्यकताओं के बीच संगठनों को भर्ती और प्रतिभा विकास की रणनीतियों पर नए सिरे से विचार करना होगा।”
 
91% एचआर पेशेवरों ने पिछले एक वर्ष में AI प्रशिक्षण की मांग बढ़ने की बात कही, जबकि 60% का मानना है कि उनके लर्निंग एवं डेवलपमेंट कार्यक्रम AI से हो रहे बदलावों की गति के अनुरूप नहीं हैं। भारत में यह आंकड़ा 63% तक पहुंच जाता है। इसके बावजूद, 63% भारतीय संगठनों ने कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण के लिए समर्पित समय उपलब्ध कराया है, जो अमेरिका के 49% के मुकाबले अधिक है।
 
अध्ययन के अनुसार, AI अपनाने और कर्मचारियों को इसके प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में मिडिल मैनेजरों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। 95% एचआर नेताओं ने माना कि AI रणनीतियों को व्यवहार में उतारने और कर्मचारियों को नई भूमिकाओं के लिए तैयार करने में मिडिल मैनेजर प्रमुख कड़ी बनेंगे।
वहीं, पियर्सन के वर्कफोर्स स्किल्स डिवीजन के अध्यक्ष अली बेबो ने कहा, “भविष्य उन संगठनों का होगा जो AI नवाचार को मानव सीखने, कौशल विकास और कार्यस्थल पर उसके प्रभावी उपयोग के साथ जोड़ पाएंगे। इसकी शुरुआत शुरुआती करियर वाले प्रतिभाशाली युवाओं में निवेश से होती है।”
 

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18 Jun 2026 By Priyanka

भारत में एंट्री-लेवल कार्यों का 37% हिस्सा AI संभाल रहा है, नए कौशलों की मांग तेज: कॉग्निजेंट-पियर्सन अध्ययन

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कॉग्निजेंट और पियर्सन द्वारा जारी संयुक्त अध्ययन “The AI Workforce Pulse: The Adaptability Imperative” के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) भारत में एंट्री-लेवल नौकरियों को वैश्विक औसत की तुलना में अधिक तेजी से बदल रही है। अध्ययन में पाया गया कि भारत में एंट्री-लेवल कार्यों का 37% हिस्सा पहले से ही AI द्वारा किया जा रहा है, जबकि वैश्विक औसत 33% है। साथ ही, 18% एचआर नेताओं का कहना है कि AI अब इन भूमिकाओं के आधे या उससे अधिक कार्यों को संभाल रहा है।
 
अमेरिका, ब्रिटेन और भारत के 750 वरिष्ठ एचआर पेशेवरों पर आधारित इस अध्ययन के अनुसार, आने वाले वर्षों में एंट्री-लेवल कर्मचारियों की भूमिका केवल कार्य निष्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे AI प्रणालियों की निगरानी, सत्यापन और प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां निभाएंगे। सर्वेक्षण में शामिल 96% एचआर नेताओं का मानना है कि अगले पांच वर्षों में एंट्री-लेवल भूमिकाएं AI-संचालित कार्यों के पर्यवेक्षण की दिशा में विकसित होंगी, जबकि 94% का अनुमान है कि AI ऐसी नई नौकरियां भी पैदा करेगा 
 
अध्ययन में यह भी सामने आया कि AI के बढ़ते उपयोग के साथ मानवीय और बहु-विषयक कौशलों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। 97% एचआर पेशेवरों का कहना है कि संचार, आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान और अनुकूलनशीलता जैसे सॉफ्ट स्किल्स पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। वहीं, 69% उत्तरदाताओं का मानना है कि शुरुआती करियर के उम्मीदवारों के लिए व्यापक और बहु-विषयक शैक्षणिक पृष्ठभूमि, किसी एक क्षेत्र की गहरी विशेषज्ञता की तुलना में अधिक मूल्यवान साबित होगी।
 
कॉग्निजेंट के प्रबंध निदेशक और भारत संचालन प्रमुख राजेश वरियर ने कहा, “भारत एंट्री-लेवल कार्यों में AI के प्रभाव को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। हम कार्यस्थलों में भूमिकाओं के मूलभूत पुनर्गठन को देख रहे हैं, जहां शुरुआती करियर वाले कर्मचारियों से AI के साथ मिलकर अधिक मूल्यवर्धित परिणाम देने की अपेक्षा की जा रही है। ऐसे में व्यापक री-स्किलिंग और मजबूत प्रबंधकीय क्षमताएं अत्यंत आवश्यक हैं।”
 
पियर्सन की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी कैथी डियाज़ ने कहा, “AI प्रतिभा और सीखने के पारंपरिक मॉडलों की सीमाओं को उजागर कर रहा है। बदलती कौशल आवश्यकताओं के बीच संगठनों को भर्ती और प्रतिभा विकास की रणनीतियों पर नए सिरे से विचार करना होगा।”
 
91% एचआर पेशेवरों ने पिछले एक वर्ष में AI प्रशिक्षण की मांग बढ़ने की बात कही, जबकि 60% का मानना है कि उनके लर्निंग एवं डेवलपमेंट कार्यक्रम AI से हो रहे बदलावों की गति के अनुरूप नहीं हैं। भारत में यह आंकड़ा 63% तक पहुंच जाता है। इसके बावजूद, 63% भारतीय संगठनों ने कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण के लिए समर्पित समय उपलब्ध कराया है, जो अमेरिका के 49% के मुकाबले अधिक है।
 
अध्ययन के अनुसार, AI अपनाने और कर्मचारियों को इसके प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में मिडिल मैनेजरों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। 95% एचआर नेताओं ने माना कि AI रणनीतियों को व्यवहार में उतारने और कर्मचारियों को नई भूमिकाओं के लिए तैयार करने में मिडिल मैनेजर प्रमुख कड़ी बनेंगे।
वहीं, पियर्सन के वर्कफोर्स स्किल्स डिवीजन के अध्यक्ष अली बेबो ने कहा, “भविष्य उन संगठनों का होगा जो AI नवाचार को मानव सीखने, कौशल विकास और कार्यस्थल पर उसके प्रभावी उपयोग के साथ जोड़ पाएंगे। इसकी शुरुआत शुरुआती करियर वाले प्रतिभाशाली युवाओं में निवेश से होती है।”
 
https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/ai-taking-over-37-of-entry-level-jobs-in-india-demand/article-56352

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