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फलता री-पोलिंग से पहले TMC उम्मीदवार जहांगीर खान को HC से बड़ी राहत, 25 मई तक गिरफ्तारी पर रोक
नेशनल डेस्क
फलता री-पोलिंग से पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत मिली। 25 मई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई।
पश्चिम बंगाल की चर्चित फलता विधानसभा सीट पर री-पोलिंग से पहले सियासी हलचल और बढ़ गई है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को कलकत्ता हाई कोर्ट से काफी राहत मिली है। अदालत ने ये साफ कर दिया है कि 25 मई तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। लेकिन कोर्ट ने ये भी बताया कि उन्हें जांच में पूरी मदद करनी होगी और चुनाव आयोग के सभी निर्देशों का पालन करना जरूरी रहेगा। फलता री-पोलिंग को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है, और अब हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद यहां चर्चा और तेज हो गई है। सोमवार दोपहर ये मामला सुर्खियों में आया, जब टीएमसी उम्मीदवार ने तत्काल सुनवाई की मांग की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जहांगीर खान ने अदालत में कहा कि उन पर लगातार राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ कई झूठे आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
बात ये है कि फलता सीट पर चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम दौर में है। इसी बीच, गिरफ्तारी की आशंका को लेकर जहांगीर खान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील किशोर दत्ता ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य के सामने अपना पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर कोई बहुत गंभीर मामला सामने आता है, तो जांच एजेंसियां अदालत को इसकी जानकारी दे सकती हैं। लेकिन फिलहाल, 25 मई तक गिरफ्तारी से राहत रहेगी।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि री-पोलिंग से ठीक पहले उम्मीदवार को राहत मिलना चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है। दूसरी तरफ, विपक्ष लगातार टीएमसी पर हमले कर रहा है, जबकि सत्ताधारी दल इसे राजनीतिक प्रताड़ना बता रहा है। सूत्रों के अनुसार, जहांगीर खान ने अपनी याचिका में कहा कि गिरफ्तारी का डर उनके चुनाव प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा था।
फलता विधानसभा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने पहले ही दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान कई बूथों पर ईवीएम गड़बड़ी और मतदान प्रक्रिया को लेकर मिली शिकायतों के बाद री-पोलिंग का आदेश दिया था। आयोग के निर्देश के मुताबिक, क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर सुबह सात से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। सहायक बूथ भी इसमें शामिल रहेंगे। प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए कहा गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस बार हर बूथ पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई विवाद न हो। मतगणना 24 मई को होगी। वहीं, जहांगीर खान पहले भी चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक आईपीएस अजय पाल शर्मा को लेकर दिए गए अपने बयानों की वजह से विवादों में रह चुके हैं।
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फलता री-पोलिंग से पहले TMC उम्मीदवार जहांगीर खान को HC से बड़ी राहत, 25 मई तक गिरफ्तारी पर रोक
नेशनल डेस्क
पश्चिम बंगाल की चर्चित फलता विधानसभा सीट पर री-पोलिंग से पहले सियासी हलचल और बढ़ गई है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को कलकत्ता हाई कोर्ट से काफी राहत मिली है। अदालत ने ये साफ कर दिया है कि 25 मई तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। लेकिन कोर्ट ने ये भी बताया कि उन्हें जांच में पूरी मदद करनी होगी और चुनाव आयोग के सभी निर्देशों का पालन करना जरूरी रहेगा। फलता री-पोलिंग को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है, और अब हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद यहां चर्चा और तेज हो गई है। सोमवार दोपहर ये मामला सुर्खियों में आया, जब टीएमसी उम्मीदवार ने तत्काल सुनवाई की मांग की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जहांगीर खान ने अदालत में कहा कि उन पर लगातार राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ कई झूठे आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
बात ये है कि फलता सीट पर चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम दौर में है। इसी बीच, गिरफ्तारी की आशंका को लेकर जहांगीर खान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील किशोर दत्ता ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य के सामने अपना पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर कोई बहुत गंभीर मामला सामने आता है, तो जांच एजेंसियां अदालत को इसकी जानकारी दे सकती हैं। लेकिन फिलहाल, 25 मई तक गिरफ्तारी से राहत रहेगी।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि री-पोलिंग से ठीक पहले उम्मीदवार को राहत मिलना चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है। दूसरी तरफ, विपक्ष लगातार टीएमसी पर हमले कर रहा है, जबकि सत्ताधारी दल इसे राजनीतिक प्रताड़ना बता रहा है। सूत्रों के अनुसार, जहांगीर खान ने अपनी याचिका में कहा कि गिरफ्तारी का डर उनके चुनाव प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा था।
फलता विधानसभा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने पहले ही दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान कई बूथों पर ईवीएम गड़बड़ी और मतदान प्रक्रिया को लेकर मिली शिकायतों के बाद री-पोलिंग का आदेश दिया था। आयोग के निर्देश के मुताबिक, क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर सुबह सात से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। सहायक बूथ भी इसमें शामिल रहेंगे। प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए कहा गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस बार हर बूथ पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई विवाद न हो। मतगणना 24 मई को होगी। वहीं, जहांगीर खान पहले भी चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक आईपीएस अजय पाल शर्मा को लेकर दिए गए अपने बयानों की वजह से विवादों में रह चुके हैं।
