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दिल्ली हाईकोर्ट और एयरपोर्ट को बम धमकी, जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला
भारत
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले कई सरकारी ठिकानों पर धमकी भरे ईमेल, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने की जांच
स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली में उस समय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं, जब दिल्ली हाईकोर्ट, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 और राजधानी के कई अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर बम धमकी से जुड़े ईमेल और संदेश मिले। धमकी मिलने के तुरंत बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता, दमकल विभाग और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित स्थानों पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया। दिल्ली हाईकोर्ट को भेजे गए ईमेल के सब्जेक्ट में दोपहर 2:11 बजे धमाके का जिक्र किया गया था। ईमेल में शनिवार को हाईकोर्ट के बाद जिला अदालतों को निशाना बनाए जाने का दावा भी किया गया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की तलाशी में अब तक किसी भी जगह से विस्फोटक या कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। बाद में पुलिस ने इन धमकियों को फर्जी यानी होक्स बताया।
धमकी की सूचना सामने आने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। अदालत के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई और बम डिस्पोजल टीम तथा स्निफर डॉग्स को परिसर में भेजा गया। अधिकारियों ने कोर्ट परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। इसी दौरान राजधानी के दूसरे स्थानों से भी धमकी मिलने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार दिल्ली कैंट स्थित एसडीएम कार्यालय को सुबह करीब 11:18 बजे ईमेल मिला। इसके बाद आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3, जामनगर हाउस, साकेत स्थित कार्यालय और जंडेवाला इलाके से भी धमकी की सूचनाएं मिलीं। इन सभी जगहों पर सुरक्षा टीमों ने तलाशी ली। दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। शुरुआती जांच में किसी स्थान पर विस्फोटक नहीं मिला। धमकी भरे संदेशों में खालिस्तान का नाम इस्तेमाल किया गया था और दिल्ली में कई जगहों पर धमाके किए जाने का दावा था। ऐसे संदेशों में किए गए दावों को सुरक्षा एजेंसियां जांच का हिस्सा मानकर देख रही हैं, लेकिन फिलहाल किसी वास्तविक हमले या विस्फोटक मिलने की सूचना नहीं है। इसी वजह से पुलिस ने सतर्कता बनाए रखते हुए जांच जारी रखी है। राजधानी में पहले से ही स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। लाल किले और दूसरे संवेदनशील इलाकों के आसपास अतिरिक्त जवान तैनात हैं, जबकि प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर भी जांच बढ़ाई गई है।
एक ही दिन में कई महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक स्थानों को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आपस में समन्वय बढ़ाया। दिल्ली हाईकोर्ट और एयरपोर्ट के अलावा जामनगर हाउस, जंडेवाला बिल्डिंग, साकेत स्थित कार्यालय और दिल्ली कैंट का एसडीएम कार्यालय भी जांच के दायरे में रहा। धमकी में दिल्ली मेट्रो और अंबाला की ओर जाने वाली ट्रेनों का भी उल्लेख किए जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी भेजने वाले का मकसद क्या था और संदेश कहां से भेजे गए। फिलहाल किसी भी स्थान पर वास्तविक खतरे की पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली हाईकोर्ट से जुड़े अधिकारियों ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है। एक अधिकारी के मुताबिक परिसर में सुरक्षा व्यवस्था नियंत्रण में है और जांच टीमें अपनी प्रक्रिया पूरी कर रही हैं। स्वतंत्रता दिवस से पहले इस तरह के संदेश सामने आने के कारण राजधानी में पहले से जारी सुरक्षा इंतजामों को और गंभीरता से लागू किया जा रहा है। पुलिस और अन्य एजेंसियां संवेदनशील जगहों पर लगातार जांच कर रही हैं, जबकि धमकी वाले ईमेल और संदेशों के स्रोत की पड़ताल की जा रही है।
दिल्ली हाईकोर्ट और एयरपोर्ट को बम धमकी, जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला
भारत
स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली में उस समय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं, जब दिल्ली हाईकोर्ट, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 और राजधानी के कई अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर बम धमकी से जुड़े ईमेल और संदेश मिले। धमकी मिलने के तुरंत बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता, दमकल विभाग और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित स्थानों पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया। दिल्ली हाईकोर्ट को भेजे गए ईमेल के सब्जेक्ट में दोपहर 2:11 बजे धमाके का जिक्र किया गया था। ईमेल में शनिवार को हाईकोर्ट के बाद जिला अदालतों को निशाना बनाए जाने का दावा भी किया गया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की तलाशी में अब तक किसी भी जगह से विस्फोटक या कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। बाद में पुलिस ने इन धमकियों को फर्जी यानी होक्स बताया।
धमकी की सूचना सामने आने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। अदालत के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई और बम डिस्पोजल टीम तथा स्निफर डॉग्स को परिसर में भेजा गया। अधिकारियों ने कोर्ट परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। इसी दौरान राजधानी के दूसरे स्थानों से भी धमकी मिलने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार दिल्ली कैंट स्थित एसडीएम कार्यालय को सुबह करीब 11:18 बजे ईमेल मिला। इसके बाद आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3, जामनगर हाउस, साकेत स्थित कार्यालय और जंडेवाला इलाके से भी धमकी की सूचनाएं मिलीं। इन सभी जगहों पर सुरक्षा टीमों ने तलाशी ली। दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। शुरुआती जांच में किसी स्थान पर विस्फोटक नहीं मिला। धमकी भरे संदेशों में खालिस्तान का नाम इस्तेमाल किया गया था और दिल्ली में कई जगहों पर धमाके किए जाने का दावा था। ऐसे संदेशों में किए गए दावों को सुरक्षा एजेंसियां जांच का हिस्सा मानकर देख रही हैं, लेकिन फिलहाल किसी वास्तविक हमले या विस्फोटक मिलने की सूचना नहीं है। इसी वजह से पुलिस ने सतर्कता बनाए रखते हुए जांच जारी रखी है। राजधानी में पहले से ही स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। लाल किले और दूसरे संवेदनशील इलाकों के आसपास अतिरिक्त जवान तैनात हैं, जबकि प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर भी जांच बढ़ाई गई है।
एक ही दिन में कई महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक स्थानों को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आपस में समन्वय बढ़ाया। दिल्ली हाईकोर्ट और एयरपोर्ट के अलावा जामनगर हाउस, जंडेवाला बिल्डिंग, साकेत स्थित कार्यालय और दिल्ली कैंट का एसडीएम कार्यालय भी जांच के दायरे में रहा। धमकी में दिल्ली मेट्रो और अंबाला की ओर जाने वाली ट्रेनों का भी उल्लेख किए जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी भेजने वाले का मकसद क्या था और संदेश कहां से भेजे गए। फिलहाल किसी भी स्थान पर वास्तविक खतरे की पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली हाईकोर्ट से जुड़े अधिकारियों ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है। एक अधिकारी के मुताबिक परिसर में सुरक्षा व्यवस्था नियंत्रण में है और जांच टीमें अपनी प्रक्रिया पूरी कर रही हैं। स्वतंत्रता दिवस से पहले इस तरह के संदेश सामने आने के कारण राजधानी में पहले से जारी सुरक्षा इंतजामों को और गंभीरता से लागू किया जा रहा है। पुलिस और अन्य एजेंसियां संवेदनशील जगहों पर लगातार जांच कर रही हैं, जबकि धमकी वाले ईमेल और संदेशों के स्रोत की पड़ताल की जा रही है।
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