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छत्तीसगढ़ पुलिस के 153 कर्मियों को पुलिस पदक, कई अफसर भी सूची में
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141 को वीरता सम्मान, 10 पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवा पदक; एमएल कोटवानी और राजेश कुमार पांडेय को राष्ट्रपति पदक
स्वतंत्रता दिवस से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से घोषित पुलिस पदकों की सूची में छत्तीसगढ़ पुलिस के 153 अधिकारी और जवानों के नाम शामिल किए गए हैं। राज्य के लिए इस बार सबसे बड़ी संख्या वीरता पदकों की है। कुल 141 पुलिसकर्मियों को गैलेंट्री मेडल के लिए चुना गया है, जबकि 10 अधिकारियों-कर्मचारियों को सराहनीय सेवा के लिए सम्मान मिलेगा। विशिष्ट सेवा के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एमएल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक दिए जाने की घोषणा हुई है। होमगार्ड और सिविल डिफेंस के अतिरिक्त कमांडेंट जनरल राजेश कुमार पांडेय का नाम भी राष्ट्रपति पदक पाने वालों में है। पदकों की घोषणा हर साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की जाती है और इसमें पुलिस, सुरक्षा तथा अन्य सेवाओं में उल्लेखनीय काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया जाता है।
छत्तीसगढ़ की इस बार की सूची में बड़ी संख्या उन पुलिसकर्मियों की है, जिन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में अभियान के दौरान काम किया। लंबे समय से चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन में जोखिम उठाकर ड्यूटी करने वाले जवानों और अधिकारियों को वीरता पदक के लिए चुना गया है। वरिष्ठ अधिकारियों में आईजी पी. सुंदरराज और आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। इनके अलावा एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिंसन गुड़िया को भी वीरता सम्मान दिया जाएगा। पुलिस विभाग में पदक की घोषणा के बाद संबंधित अधिकारियों और जवानों के बीच उत्साह का माहौल है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन के दौरान कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले बल के लिए यह सम्मान अहम माना जा रहा है। अलग-अलग अभियानों में नेतृत्व, जोखिम के बीच कार्रवाई और माओवादी नेटवर्क के खिलाफ ऑपरेशन में निभाई गई भूमिका को ध्यान में रखते हुए कई नामों का चयन किया गया है।
आईजी पी. सुंदरराज को नक्सल विरोधी अभियानों में नेतृत्व और ऑपरेशन की रणनीति से जुड़े काम के लिए गैलेंट्री मेडल मिलेगा। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और आसपास के नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय से सुरक्षा बलों के अभियान चल रहे हैं। इन अभियानों में पुलिस अधिकारियों को जंगलों और दुर्गम इलाकों में लगातार काम करना पड़ता है। आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला का नाम भी वीरता पदक पाने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान के दौरान नेतृत्व और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है। एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिंसन गुड़िया को भी विशेष अभियानों में भूमिका के लिए गैलेंट्री मेडल मिलेगा।
राज्य में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के बीच इन अधिकारियों की जिम्मेदारियां ऑपरेशन से लेकर फोर्स मैनेजमेंट तक रही हैं। पुलिस पदकों की सूची में 141 वीरता सम्मान का शामिल होना इस बात की ओर भी इशारा करता है कि इस साल छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में ऐसे पुलिसकर्मियों को चुना गया है, जिन्होंने ऑपरेशनल ड्यूटी में उल्लेखनीय साहस दिखाया। बस्तर और दूसरे संवेदनशील इलाकों में तैनात जवानों के लिए जंगल में अभियान चलाना कई बार बेहद जोखिम भरा होता है। गश्त, सर्च ऑपरेशन, मुठभेड़ और सुरक्षा अभियान के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों में पुलिस बल को लगातार सतर्क रहना पड़ता है। इसी तरह के अभियानों से जुड़े काम के आधार पर कई अधिकारियों और जवानों के नाम वीरता पदक की सूची में आए हैं। पदक पाने वाले 141 कर्मियों में अलग-अलग स्तर के अधिकारी और जवान शामिल हैं।
विशिष्ट सेवा की श्रेणी में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एमएल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा। लंबे पुलिस करियर के दौरान प्रशासनिक जिम्मेदारियों और सेवा में उनके योगदान को देखते हुए उनका चयन किया गया है। इसी श्रेणी में होमगार्ड और सिविल डिफेंस के अतिरिक्त कमांडेंट जनरल राजेश कुमार पांडेय को भी सम्मान मिलेगा। विशिष्ट सेवा पदक आम तौर पर लंबे समय तक जिम्मेदारी के साथ बेहतर काम करने और सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। वहीं सराहनीय सेवा पदक की सूची में 10 नाम हैं। इनमें कमांडेंट गायत्री सिंह, कमांडेंट ओम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त डीसीपी डॉ. अर्चना झा, एएसपी दीपमाला कश्यप, डिप्टी कमांडेंट रमा पटेल, इंस्पेक्टर पिनाकी, डीएसपी सविता सिंह परिहार, असिस्टेंट कमांडेंट बृजेश कुमार तिवारी, कंपनी कमांडर राकेश कुमार सिंह और प्लाटून कमांडर नेहरू लाल शामिल हैं।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए सराहनीय सेवा पदक दिया जाएगा। पुलिस पदकों की तीन अलग-अलग श्रेणियों में छत्तीसगढ़ के 153 कर्मियों का चयन हुआ है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा वीरता पुरस्कारों का है, जबकि विशिष्ट और सराहनीय सेवा की श्रेणी में भी राज्य के अधिकारियों को जगह मिली है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर होने वाले सम्मान समारोह में इन पदकों से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राज्य पुलिस महकमे में पदक पाने वाले अधिकारियों और जवानों की सूची सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस के 153 कर्मियों को पुलिस पदक, कई अफसर भी सूची में
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स्वतंत्रता दिवस से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से घोषित पुलिस पदकों की सूची में छत्तीसगढ़ पुलिस के 153 अधिकारी और जवानों के नाम शामिल किए गए हैं। राज्य के लिए इस बार सबसे बड़ी संख्या वीरता पदकों की है। कुल 141 पुलिसकर्मियों को गैलेंट्री मेडल के लिए चुना गया है, जबकि 10 अधिकारियों-कर्मचारियों को सराहनीय सेवा के लिए सम्मान मिलेगा। विशिष्ट सेवा के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एमएल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक दिए जाने की घोषणा हुई है। होमगार्ड और सिविल डिफेंस के अतिरिक्त कमांडेंट जनरल राजेश कुमार पांडेय का नाम भी राष्ट्रपति पदक पाने वालों में है। पदकों की घोषणा हर साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की जाती है और इसमें पुलिस, सुरक्षा तथा अन्य सेवाओं में उल्लेखनीय काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया जाता है।
छत्तीसगढ़ की इस बार की सूची में बड़ी संख्या उन पुलिसकर्मियों की है, जिन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में अभियान के दौरान काम किया। लंबे समय से चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन में जोखिम उठाकर ड्यूटी करने वाले जवानों और अधिकारियों को वीरता पदक के लिए चुना गया है। वरिष्ठ अधिकारियों में आईजी पी. सुंदरराज और आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। इनके अलावा एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिंसन गुड़िया को भी वीरता सम्मान दिया जाएगा। पुलिस विभाग में पदक की घोषणा के बाद संबंधित अधिकारियों और जवानों के बीच उत्साह का माहौल है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन के दौरान कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले बल के लिए यह सम्मान अहम माना जा रहा है। अलग-अलग अभियानों में नेतृत्व, जोखिम के बीच कार्रवाई और माओवादी नेटवर्क के खिलाफ ऑपरेशन में निभाई गई भूमिका को ध्यान में रखते हुए कई नामों का चयन किया गया है।
आईजी पी. सुंदरराज को नक्सल विरोधी अभियानों में नेतृत्व और ऑपरेशन की रणनीति से जुड़े काम के लिए गैलेंट्री मेडल मिलेगा। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और आसपास के नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय से सुरक्षा बलों के अभियान चल रहे हैं। इन अभियानों में पुलिस अधिकारियों को जंगलों और दुर्गम इलाकों में लगातार काम करना पड़ता है। आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला का नाम भी वीरता पदक पाने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान के दौरान नेतृत्व और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है। एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिंसन गुड़िया को भी विशेष अभियानों में भूमिका के लिए गैलेंट्री मेडल मिलेगा।
राज्य में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के बीच इन अधिकारियों की जिम्मेदारियां ऑपरेशन से लेकर फोर्स मैनेजमेंट तक रही हैं। पुलिस पदकों की सूची में 141 वीरता सम्मान का शामिल होना इस बात की ओर भी इशारा करता है कि इस साल छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में ऐसे पुलिसकर्मियों को चुना गया है, जिन्होंने ऑपरेशनल ड्यूटी में उल्लेखनीय साहस दिखाया। बस्तर और दूसरे संवेदनशील इलाकों में तैनात जवानों के लिए जंगल में अभियान चलाना कई बार बेहद जोखिम भरा होता है। गश्त, सर्च ऑपरेशन, मुठभेड़ और सुरक्षा अभियान के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों में पुलिस बल को लगातार सतर्क रहना पड़ता है। इसी तरह के अभियानों से जुड़े काम के आधार पर कई अधिकारियों और जवानों के नाम वीरता पदक की सूची में आए हैं। पदक पाने वाले 141 कर्मियों में अलग-अलग स्तर के अधिकारी और जवान शामिल हैं।
विशिष्ट सेवा की श्रेणी में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एमएल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा। लंबे पुलिस करियर के दौरान प्रशासनिक जिम्मेदारियों और सेवा में उनके योगदान को देखते हुए उनका चयन किया गया है। इसी श्रेणी में होमगार्ड और सिविल डिफेंस के अतिरिक्त कमांडेंट जनरल राजेश कुमार पांडेय को भी सम्मान मिलेगा। विशिष्ट सेवा पदक आम तौर पर लंबे समय तक जिम्मेदारी के साथ बेहतर काम करने और सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। वहीं सराहनीय सेवा पदक की सूची में 10 नाम हैं। इनमें कमांडेंट गायत्री सिंह, कमांडेंट ओम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त डीसीपी डॉ. अर्चना झा, एएसपी दीपमाला कश्यप, डिप्टी कमांडेंट रमा पटेल, इंस्पेक्टर पिनाकी, डीएसपी सविता सिंह परिहार, असिस्टेंट कमांडेंट बृजेश कुमार तिवारी, कंपनी कमांडर राकेश कुमार सिंह और प्लाटून कमांडर नेहरू लाल शामिल हैं।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए सराहनीय सेवा पदक दिया जाएगा। पुलिस पदकों की तीन अलग-अलग श्रेणियों में छत्तीसगढ़ के 153 कर्मियों का चयन हुआ है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा वीरता पुरस्कारों का है, जबकि विशिष्ट और सराहनीय सेवा की श्रेणी में भी राज्य के अधिकारियों को जगह मिली है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर होने वाले सम्मान समारोह में इन पदकों से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राज्य पुलिस महकमे में पदक पाने वाले अधिकारियों और जवानों की सूची सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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