- Hindi News
- देश विदेश
- पश्चिम बंगाल में सस्टेनेबिलिटी पर जोर, सरकारी दफ्तरों में खर्च कम करने के आदेश जारी
पश्चिम बंगाल में सस्टेनेबिलिटी पर जोर, सरकारी दफ्तरों में खर्च कम करने के आदेश जारी
नेशनल डेस्क
पश्चिम बंगाल सरकार ने सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए दफ्तरों में बिजली, कागज और संसाधनों की खपत कम करने के नए निर्देश जारी किए हैं।
पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने सस्टेनेबिलिटी को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब सरकारी दफ्तरों में बिजली, कागज, और अन्य संसाधनों के उपयोग पर बढ़ती सख्ती लागू होगी। हाल ही में दिए गए आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रशासनिक स्तर पर अनावश्यक खर्चों को कम करने और कार्य को ज्यादा प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर जोर दिया जाएगा। ये निर्देश कोलकाता समेत सभी विभागों तक पहुंचा दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ खर्चों में कटौती नहीं है, बल्कि सरकारी सिस्टम की दक्षता बढ़ाना भी है।
सूत्रों के मुताबिक, कई विभागों में लंबे समय से बिजली की खपत और कागज के अति उपयोग को लेकर चिंता जताई जा रही थी। अब इस आदेश के बाद दफ्तरों में प्रिंटिंग को सीमित करने, डिजिटल फाइलिंग को बढ़ावा देने और बेवजह लाइट-एसी चलाने जैसी आदतों पर रोक लगाने की बात की गई है। आज सुबह से ही दफ्तरों में इस पर हलचल देखने को मिली। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि यह बदलाव अचानक आया है, लेकिन वे मानते हैं कि धीरे-धीरे इसकी आदत पड़ जाएगी। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर इसे आवश्यक कदम माना जा रहा है ताकि सरकारी खर्चों पर नियंत्रण रखा जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम बंगाल सस्टेनेबिलिटी अभियान के तहत आने वाले महीनों में और भी कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं। खासकर बड़े सरकारी दफ्तरों में एनर्जी ऑडिट कराने की योजना भी बनाई जा रही है। यह भी बताया गया है कि जिन विभागों में संसाधनों की खपत अधिक मिलेगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। हालांकि, अभी यह सिर्फ एक दिशा-निर्देश के रूप में लागू किया गया है, लेकिन आगे इसे मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा सकता है। कुछ कर्मचारियों ने यह भी कहा कि डिजिटल सिस्टम के बढ़ने से काम करना आसान होगा, लेकिन इंटरनेट और तकनीकी संसाधनों पर निर्भरता भी बढ़ेगी, जिसे संभालना जरूरी होगा।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
पश्चिम बंगाल में सस्टेनेबिलिटी पर जोर, सरकारी दफ्तरों में खर्च कम करने के आदेश जारी
नेशनल डेस्क
पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने सस्टेनेबिलिटी को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब सरकारी दफ्तरों में बिजली, कागज, और अन्य संसाधनों के उपयोग पर बढ़ती सख्ती लागू होगी। हाल ही में दिए गए आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रशासनिक स्तर पर अनावश्यक खर्चों को कम करने और कार्य को ज्यादा प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर जोर दिया जाएगा। ये निर्देश कोलकाता समेत सभी विभागों तक पहुंचा दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ खर्चों में कटौती नहीं है, बल्कि सरकारी सिस्टम की दक्षता बढ़ाना भी है।
सूत्रों के मुताबिक, कई विभागों में लंबे समय से बिजली की खपत और कागज के अति उपयोग को लेकर चिंता जताई जा रही थी। अब इस आदेश के बाद दफ्तरों में प्रिंटिंग को सीमित करने, डिजिटल फाइलिंग को बढ़ावा देने और बेवजह लाइट-एसी चलाने जैसी आदतों पर रोक लगाने की बात की गई है। आज सुबह से ही दफ्तरों में इस पर हलचल देखने को मिली। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि यह बदलाव अचानक आया है, लेकिन वे मानते हैं कि धीरे-धीरे इसकी आदत पड़ जाएगी। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर इसे आवश्यक कदम माना जा रहा है ताकि सरकारी खर्चों पर नियंत्रण रखा जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम बंगाल सस्टेनेबिलिटी अभियान के तहत आने वाले महीनों में और भी कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं। खासकर बड़े सरकारी दफ्तरों में एनर्जी ऑडिट कराने की योजना भी बनाई जा रही है। यह भी बताया गया है कि जिन विभागों में संसाधनों की खपत अधिक मिलेगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। हालांकि, अभी यह सिर्फ एक दिशा-निर्देश के रूप में लागू किया गया है, लेकिन आगे इसे मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा सकता है। कुछ कर्मचारियों ने यह भी कहा कि डिजिटल सिस्टम के बढ़ने से काम करना आसान होगा, लेकिन इंटरनेट और तकनीकी संसाधनों पर निर्भरता भी बढ़ेगी, जिसे संभालना जरूरी होगा।
