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ईरान पर कनाडा के बयान से भड़के बघाई, कहा- 'रणनीतिक भ्रम'
Digital Desk
ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कनाडा पर ईरान की अस्थिर करने वाली गतिविधियों के आरोप को लेकर हमला बोला। जानें कनाडा-ईरान विवाद और होर्मुज तनाव का पूरा मामला।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कनाडा द्वारा तेहरान पर मध्य पूर्व में “अस्थिर करने वाली गतिविधियों” का आरोप लगाए जाने के बाद कनाडा की कड़ी आलोचना की है। बघाई ने कनाडा के रुख को “रणनीतिक भ्रम” बताते हुए आरोप लगाया कि ओटावा अमेरिका को खुश करने के लिए ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और प्रतिबंधों का समर्थन कर रहा है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ा हुआ है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
कनाडा के बयान पर बघाई का हमला
बघाई ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कनाडा के रुख पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कनाडा पर अपने बड़े पड़ोसी अमेरिका को खुश करने और ईरान पर दबाव बढ़ाने का आरोप लगाया।
उनके अनुसार, कनाडा को तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की मांग करनी चाहिए थी, लेकिन उसने इसके बजाय अमेरिका और उसके सहयोगियों की नीतियों का समर्थन किया। बघाई ने कनाडा की नीति को “रणनीतिक भ्रम और डराने-धमकाने के आगे समर्पण” के रूप में पेश किया।
कनाडा ने ईरान पर लगाए आरोप
कनाडा के विदेश मंत्री अनीता आनंद और वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैंपेन ने 6 सितंबर को जारी संयुक्त बयान में ईरान की कथित “अस्थिर करने वाली गतिविधियों” की निंदा की थी।
कनाडा ने आरोप लगाया कि ईरान की गतिविधियों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को लगातार धमकाना, कथित अवैध परमाणु गतिविधियां और क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देना शामिल है। ओटावा के अनुसार, इन गतिविधियों से वैश्विक शांति और सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
कनाडा ने यह भी कहा कि वह जी7 सहित अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान पर दबाव बनाए रखेगा।
होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव
कनाडा और ईरान के बीच ताजा विवाद का एक प्रमुख केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कनाडा ने कहा है कि वह अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के नेतृत्व में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के प्रयासों का समर्थन करता है। साथ ही ओटावा ने ईरान के खिलाफ प्रतिबंध जारी रखने की बात कही है।
दूसरी ओर, ईरान ने होर्मुज में नए प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र और नए शिपिंग कॉरिडोर की योजना की बात कही है। इससे क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताएं बढ़ी हैं।
अमेरिका के समर्थन पर सवाल
बघाई ने कनाडा की विदेश नीति की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कनाडा एक ओर शांति, सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानून की बात करता है, जबकि दूसरी ओर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और क्षेत्र में उसकी नीतियों का समर्थन कर रहा है।
ईरानी प्रवक्ता ने कनाडा पर यह भी आरोप लगाया कि वह अमेरिका की सैन्य और आर्थिक नीति के साथ खड़ा होकर स्थिति को और जटिल बना रहा है।
हालांकि, कनाडा का कहना है कि उसके कदम क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय नौवहन अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से हैं।
प्रतिबंधों का दबाव जारी
कनाडा ने पिछले कुछ समय में ईरान के खिलाफ कई प्रतिबंध लगाए हैं। कनाडाई सरकार के अनुसार, 2010 से अब तक उसने विशेष आर्थिक उपाय कानून और विदेशी अधिकारियों के भ्रष्टाचार के पीड़ितों के लिए न्याय कानून के तहत 492 ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं।
अगस्त में भी कनाडा ने उन ईरानी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए थे जिनकी गतिविधियों को ओटावा ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौवहन अधिकारों में बाधा डालने से जोड़ा था।
कनाडा का कहना है कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान पर अतिरिक्त दबाव डालने के विकल्पों पर काम करता रहेगा।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर पहले ही वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही कम होने से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। रॉयटर्स के अनुसार, 7 सितंबर को इस मार्ग से केवल सात कमोडिटी जहाज गुजरे, जबकि एक दिन पहले यह संख्या आठ थी।
ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में क्षेत्रीय ऊर्जा प्रतिष्ठानों और समुद्री यातायात को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। इससे तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर आगे भी दबाव रहने की आशंका है।
आगे क्या होगा?
बघाई की टिप्पणी और कनाडा के बयान से साफ है कि ईरान और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक मतभेद और गहरे हो रहे हैं। कनाडा अमेरिका तथा अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान पर दबाव बनाए रखने की नीति पर कायम है, जबकि तेहरान इसे अमेरिकी दबाव और सैन्य कार्रवाई का समर्थन मान रहा है।
आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही, ईरान के खिलाफ प्रतिबंध, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और तेल आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रम इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल बघाई का बयान ईरान की उस व्यापक प्रतिक्रिया का हिस्सा है जिसमें तेहरान पश्चिमी देशों के आरोपों को खारिज करते हुए अमेरिका और उसके सहयोगियों की क्षेत्रीय नीतियों की आलोचना कर रहा है।
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